उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कुदरहा ब्लॉक के राजपुर गांव में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना की वास्तविकता सामने आ गई है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित एक पानी की टंकी पहली बार पानी भरते ही भरभरा कर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई ग्रामीण आसपास मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। टंकी के ढहने का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। लोगों का आरोप है कि यह विकास नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की सीधी लूट है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि जल जीवन मिशन के तहत बन रही अधिकांश टंकियों में भ्रष्टाचार हुआ है और अधिकारी अपनी जेबें भरने में व्यस्त थे। इस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बड़े ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, और बलि का बकरा बनाकर केवल एक ऑपरेटर पर कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुए इस 'खेल' को छिपाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती और किसी निष्पक्ष एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई जाती, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कुदरहा ब्लॉक के राजपुर गांव में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना की वास्तविकता सामने आ गई है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित एक पानी की टंकी पहली बार पानी भरते ही भरभरा कर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई ग्रामीण आसपास मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। टंकी के ढहने का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। लोगों का आरोप है कि यह विकास नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की सीधी लूट है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि जल जीवन मिशन के तहत बन रही अधिकांश टंकियों में भ्रष्टाचार हुआ है और अधिकारी अपनी जेबें भरने में व्यस्त थे। इस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बड़े ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, और बलि का बकरा बनाकर केवल एक ऑपरेटर पर कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुए इस 'खेल' को छिपाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती और किसी निष्पक्ष एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई जाती, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कुदरहा ब्लॉक के राजपुर गांव में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना की वास्तविकता सामने आ गई है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित एक पानी की टंकी पहली बार पानी भरते ही भरभरा कर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई ग्रामीण आसपास मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। टंकी के ढहने का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। लोगों का आरोप है कि यह विकास नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की सीधी लूट है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि जल जीवन मिशन के तहत बन रही अधिकांश टंकियों में भ्रष्टाचार हुआ है और अधिकारी अपनी जेबें भरने में व्यस्त थे। इस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बड़े ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, और बलि का बकरा बनाकर केवल एक ऑपरेटर पर कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुए इस 'खेल' को छिपाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती और किसी निष्पक्ष एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई जाती, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।1
- **थाना महुली पुलिस द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म के मुकदमे में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार*** पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना महुली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में थाना महुली पुलिस टीम द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म एवं अपहरण से संबंधित मुकदमे में वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के दौरान दिनांक 18.06.2026 को मुकदमा अपराध संख्या 252/2026, धारा 87/137(2)/65(1) बीएनएस एवं धारा 5(एल)/6 पोक्सो अधिनियम से संबंधित वांछित अभियुक्त दीपक चौधरी पुत्र स्वर्गीय राम सहाय चौधरी, निवासी ग्राम तिघरा, थाना बखिरा, जनपद संतकबीरनगर, उम्र लगभग 25 वर्ष को नाथनगर कस्बा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण दीपक चौधरी पुत्र स्वर्गीय राम सहाय चौधरी निवासी ग्राम तिघरा, थाना बखिरा, जनपद संतकबीरनगर उम्र लगभग 25 वर्ष गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम दिलीप कुमार सिंह कांस्टेबल सूर्यनारायण गुप्ता कांस्टेबल विकास साहनी संतकबीरनगर पुलिस3
- प्रतिभाएं किसी के एहसान की मुहताज नहीं होती है,एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर को बेशक जिला प्रशासन ने अवैध रूप से सील कर दिया लेकिन पढ़ने वाले बच्चे अलग-अलग बैच बनाकर आज भी घर पर अभय कुमार प्रजापति से शिक्षा ग्रहण करने के लिए आतुर हैं। अतः कितना जुल्मों सितम ढाहोगे परिवर्तन की आग तो लग चुकी है जबाब वक्त देगा कि कैसे स्कूल का अवैध ताला टूटता है। #100officerssuspend #bsa_dm_sdm_exposed #AtiPichhdaEkikaran #ipc166a #cmyogiaction #yogiagainstcorruption #sknaction #mission2027 #SCSTAct #CorruptionCrackdown1
- रात्रि जनचौपाल में पहुंचे विधायक सरकार के महत्वाकांक्षी परियोजना पर डाला प्रकाश *बेलवा ठाकुरई में रात्रि चौपाल का हुआ आयोजन विधायक अनिल त्रिपाठी ने किया सम्बोधित* *जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी,ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर समाधान का दिया आश्वासन अनिल त्रिपाठी* बेलहर/,संतकबीरनगर बेलहर व्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलवा ठाकुरई में बुधवार को स्थित सार्वजनिक स्थाल पर रात्रि चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुधवार को सार्वजनिक स्थाल पर केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में संचालित संमेकित जनकल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया कार्यक्रम का संचलन मण्डल अध्यक्ष लालबहादुर चौहान ने किया इस दौरान लोकप्रिय मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनकी समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देशति किया शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जानकारी दी वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीओ पंचायत पंकज सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए गांव-गांव चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं को पारदर्शी ढंग से संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा,जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसी क्रम में प्रभारी बीडीओ अवधेश कुमार सामाज कल्याण ने कहा कि पेशन सम्बन्धित कोई समस्या है तो अवगत कराए इसी क्रम में क़ृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि आधार के अनुसार केवाईसी करा लें एवं सुधार करवा लें,समय रहते हुए वरासत करा ले। वहीं प्रधान विंध्यवासनी देवी एवं प्रतिनिधि राधेश्याम यादव ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि रात्रि चौपाल के माध्यम से अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों की समस्याएं सुनी हैं। इससे लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा और गांव के विकास को नई गति मिलेगी। इस दौरान सहायक विकास पंकज सिंह प्रभारी बीडीओ अवधेश कुमार सामाज कल्याण अधिकारी मु से कुसलवती देवी बोरिंग टेक्नीशियन राजेन्द्र वर्मा सचिव सर्वेश कुमार सिंह अजित लक्ष्मण प्रसाद यादव सिंह कुणाल सिंह सीएम एम रामेन्द्र प्रताप नदीम अख़्तर बेलहर थाना अध्यक्ष हरिकेश भारती पाशु चिकित्सा अधिकारी दिनकर प्रा आ विरेन्द्र गुप्त रामबृक्ष आंगनबाड़ी शारदा देवी कान्हा यादव सफाई कर्मचारी विवेक कुमार ब्लाक समन्वयक सुनील कुमार पाण्डेय अशोक कुमार धर्मेन्द्र यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे2
- संतकबीरनगर जिले के मगहर स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने दुर्गा मंदिर चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर एनएचएआई और यातायात पुलिस द्वारा खड़ी की गई ईंट की अवैध दीवार के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय महासचिव रणजीत सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस दीवार को तुरंत हटाने की मांग की है। भाकियू नेता रणजीत सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और एनएचएआई ने इस अवरोध को हटाकर मार्ग को पहले की तरह सुचारू नहीं किया, तो संगठन किसानों, मजदूरों और स्थानीय व्यापारियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन में कहा गया है कि 11 मई को बैरियर और 9 जून को पक्की दीवार लगाकर इस मुख्य मार्ग को बंद करना गैर-कानूनी और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। इस रुकावट के कारण स्थानीय किसानों, दुग्ध उत्पादकों, व्यापारियों और पारंपरिक निषाद समाज को आजीविका और गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को 5 से 6 किलोमीटर का खतरनाक चक्कर काटकर रसूलाबाद हनुमान मंदिर और पुलिस चौकी के पास खतरनाक यू-टर्न (ब्लैक स्पॉट) से गुजरना पड़ रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि दीवार हटाने के साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क को बंद करने के बजाय आई.आर.सी. मानकों के अनुरूप रंबल स्ट्रिप्स, ब्लिंकर्स और चेतावनी बोर्ड जैसे वैज्ञानिक सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष जयपाल मौर्य, राम प्रित चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष विश्वभर निषाद, हरिओम चौहान, विजय बहादुर चौहान, राजेश यादव और जुगुनु राजवली चौहान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- संतकबीरनगर के खलीलाबाद स्थित हनुमान मंदिर चौराहे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय महासचिव रणजीत सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चौराहे को 'ब्लैक स्पॉट' घोषित करने की बात कही है। ज्ञापन में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर स्थित यह हनुमान मंदिर चौराहा दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन चुका है। यहां पर अवैध यू-टर्न, अतिक्रमण और यातायात सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों की कमी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिससे आम जनता, किसान, छात्र और व्यापारी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि चौराहे पर बने अवैध यू-टर्न को तुरंत बंद किया जाए, सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं, चेतावनी संकेतक बोर्ड स्थापित किए जाएं और हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, संगठन ने सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की भी मांग की है। राष्ट्रीय महासचिव रणजीत सिंह ने चेतावनी दी है कि यह केवल किसानों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता की सुरक्षा का मामला है। यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो संगठन जनहित में बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।1
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद क्षेत्र में एक घटना सामने आई है जहाँ एक लड़की को प्यार के झांसे में फंसाकर धोखा दिया गया है। इस घटना से संबंधित जानकारी सामने आई है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें डायल-112 पर तैनात एक पुलिस आरक्षी एक नागरिक को जमीन पर गिराकर बूटों से पीटता दिख रहा है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी आरक्षी को तत्काल निलंबित कर दिया है। यह घटना सिर्फ एक सिपाही के निलंबन या एक युवक की पिटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, नागरिकों के व्यवहार और पुलिस के संकट प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़ित युवक ने अपनी पत्नी से विवाद के बाद खुद पुलिस को मदद के लिए बुलाया था। आरोप है कि जब पुलिस पहुंची, तो युवक कथित तौर पर नशे की हालत में था और उसने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस घटना के दो पहलू सामने आते हैं: पहला, नागरिक का दायित्व और कानून का सम्मान — नशे की हालत में कानून के रखवालों के साथ गाली-गलौज करना और उनके कॉलर पर हाथ डालना निंदनीय और गैर-कानूनी है। दूसरा, पुलिस का संयम और मर्यादा — पुलिस को विपरीत परिस्थितियों में भी संयम बरतने का प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि नागरिक कानून हाथ में ले रहा था, तो पुलिस के पास उसे हिरासत में लेने और कानूनी मुकदमा दर्ज करने के अधिकार थे, लेकिन युवक को जमीन पर गिराकर बूटों से कुचलना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता। यह घटना पुलिस और जनता के बीच विश्वास के रिश्ते को तोड़ती है। जब एक सिपाही गुस्से में बर्बरता पर उतर आता है, तो वह पूरी 'खाकी' की साख को रौंदता है। अपराधियों से निपटने के लिए एक तय कानूनी प्रक्रिया है, और अगर रक्षक ही 'ऑन द स्पॉट' फैसला करने लगेंगे, तो न्यायपालिका और कानून-व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं रहेगा। कहा गया है कि "क्रोध में लिया गया निर्णय कभी न्याय नहीं हो सकता। पुलिस का काम डराना नहीं, बल्कि कानून का भय पैदा करना और आम जन को सुरक्षा का अहसास कराना है।" इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों स्तरों पर आत्ममंथन की आवश्यकता है। पुलिसकर्मियों के लिए नियमित अंतराल पर तनाव प्रबंधन और जनता से व्यवहार के विशेष सत्र आयोजित होने चाहिए। डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवाओं पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास 'बॉडी वॉर्न कैमरे' का अनिवार्य उपयोग होना चाहिए, जिससे विवाद की शुरुआत और मौके पर हुई वास्तविक घटना स्पष्ट हो सके। नागरिकों को भी यह समझना होगा कि पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा के लिए हैं, न कि गाली सुनने के लिए, और पुलिस का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। बस्ती के पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी सिपाही को निलंबित करना एक तात्कालिक उपाय है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए समाज को अपनी मर्यादा और पुलिस को अपना संयम नहीं खोना चाहिए। जब तक दोनों पक्ष एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव नहीं रखेंगे, तब तक 'मित्र पुलिस' की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी।1