उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के जाना बाजार में स्थित पौराणिक विशुही नदी, जिसे कभी आस्था और जीवनदायिनी माना जाता था, आज अपने अस्तित्व की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है। मानसूनी मौसम के जुलाई महीने में भी यह नदी पूरी तरह सूखी और जलविहीन पड़ी है। पानी की बूंदों के बजाय, नदी का किनारा जंगली घास-फूस और जलकुंभी से ढका हुआ है, जिससे इसका वजूद खतरे में आ गया है। पौराणिक इतिहास के अनुसार, प्राचीन काल में इसे 'वेदवती' के नाम से जाना जाता था, और यह क्षेत्र के लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र थी। विशेषकर लोक आस्था के महापर्व 'छठ' पर सैकड़ों महिलाएं इसी नदी में स्नान कर अपना व्रत पूर्ण करती थीं। हालांकि, नदी की वर्तमान दुर्दशा को देखकर स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में गहरी निराशा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुलाई का महीना आधा बीत चुका है, लेकिन नदी में पानी का कोई नामोनिशान नहीं है। उनकी मानें तो समय रहते नदी की खोदाई और घास-फूस की सफाई न होने के कारण इसका प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की बेरुखी पर चिंता व्यक्त की है, चेतावनी दी है कि यदि इस पौराणिक नदी के जीर्णोद्धार के लिए जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह ऐतिहासिक सरिता केवल किताबों के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के जाना बाजार में स्थित पौराणिक विशुही नदी, जिसे कभी आस्था और जीवनदायिनी माना जाता था, आज अपने अस्तित्व की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है। मानसूनी मौसम के जुलाई महीने में भी यह नदी पूरी तरह सूखी और जलविहीन पड़ी है। पानी की बूंदों के बजाय, नदी का किनारा जंगली घास-फूस और जलकुंभी से ढका हुआ है, जिससे इसका वजूद खतरे में आ गया है। पौराणिक इतिहास के अनुसार, प्राचीन काल में इसे 'वेदवती' के नाम से जाना जाता था, और यह क्षेत्र के लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र थी। विशेषकर लोक आस्था के महापर्व 'छठ' पर सैकड़ों महिलाएं इसी नदी में स्नान कर अपना व्रत पूर्ण करती थीं। हालांकि, नदी की वर्तमान दुर्दशा को देखकर स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में गहरी निराशा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुलाई का महीना आधा बीत चुका है, लेकिन नदी में पानी का कोई नामोनिशान नहीं है। उनकी मानें तो समय रहते नदी की खोदाई और घास-फूस की सफाई न होने के कारण इसका प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की बेरुखी पर चिंता व्यक्त की है, चेतावनी दी है कि यदि इस पौराणिक नदी के जीर्णोद्धार के लिए जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह ऐतिहासिक सरिता केवल किताबों के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी।
- अयोध्या में मानसून सत्र शुरू होने से पहले जिला प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला बाढ़ कार्यालय खंड के अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन वर्तमान में बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिले में बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सात परियोजनाएं संचालित थीं, जिनमें से अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्यों को भी सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया गया है। सरयू नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी हेतु नया घाट पर केंद्रीय जल आयोग (CWC) का गेज स्टेशन कार्यरत है, जहाँ से प्रत्येक दो-दो घंटे पर जलस्तर का डेटा एकत्र किया जाता है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसके माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति, जैसे अचानक बाढ़ या कटाव, से निपटने के लिए प्रशासन के पास पर्याप्त मात्रा में रिजर्व स्टॉक मौजूद है, और संवेदनशील क्षेत्रों में कटाव की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के लिए बंबू क्रेट और परक्यूपाइन का उपयोग कर बचाव कार्य किए जाने की तैयारी है। इस वर्ष बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए पहली बार आधुनिक तकनीकी मशीनरी और पीवीसी वायर क्रेट का उपयोग किया गया है, जिससे कार्यों की स्थिरता और स्थायित्व में वृद्धि होगी। अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें, अपने पशुओं को नदी क्षेत्र में न भेजें और न ही स्वयं स्नान करें। उन्होंने किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या कटाव की सूचना तुरंत बाढ़ नियंत्रण कक्ष को देने का आग्रह किया। आपातकालीन सूचना के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर 05278-298051 और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 9470707972 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन किसी भी संभावित जन-धन की हानि को रोकने के लिए सदैव तत्पर है।2
- सुल्तानपुर की अमहट मंडी इन दिनों गंदगी के अंबार से जूझ रही है, जहाँ पिछले चार महीनों से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी सफाई का ठेका नहीं हो पाया है। इस स्थिति के चलते मंडी परिसर में हर तरफ कूड़े-करकट का ढेर लगा हुआ है। इस गंभीर लापरवाही के कारण व्यापारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अपनी समस्याओं को लेकर व्यापारियों ने हाल ही में एक बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने व्यवस्था पर एक बड़ा आरोप भी लगाया है।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज में गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इस शिविर में 60 गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व (एएनसी) जांच की गई, जबकि 46 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड भी कराया गया। गर्भवतियों को पोषण के प्रति जागरूक करते हुए फल वितरित किए गए और उन्हें संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई। शिविर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिंस मौर्य ने गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की पहचान कर उन्हें समय पर दवा लेने, आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम युक्त पौष्टिक भोजन करने के साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई। डॉ. मौर्य ने इस बात पर जोर दिया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, संतुलित आहार और चिकित्सकीय परामर्श का पालन सुरक्षित मातृत्व के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में काउंसलर सुशीला, कंचन, सरिता, प्रतिमा, अनीता, आरती एवं कांति ने गर्भवती महिलाओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और आवश्यक सावधानियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही सभी लाभार्थियों को फल वितरित कर पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया। इस दौरान संगीता, नीतू, रेखा, पूजा, रानी, सीमा, ज्योति, कविता और ममता सहित बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं मौजूद रहीं। इनमें संगीता, कविता और ममता सहित कुल चार महिलाओं को हाई रिस्क गर्भवती के रूप में चिन्हित किया गया, जिनकी नियमित निगरानी और फॉलोअप की व्यवस्था भी की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मातृत्व दिवस का आयोजन प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को किया जाता है। विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी नियमित जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह का पालन करें।1
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।1
- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले के बाद चर्चा और आरोपों के घेरे में आए व्यक्ति गोपाल राव को ट्रस्ट की व्यवस्था से हटा दिया गया है। ट्रस्ट की बीते दिन हुई बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि उन्हें ट्रस्ट के प्रबंधन से अलग कर दिया गया है। करीब चार साल पहले गोपाल राव को कर्नाटक से राम मंदिर परिसर में व्यवस्था देखने के लिए भेजा गया था, और आरोप है कि तभी से ट्रस्ट और उसकी व्यवस्था जाहिरा तौर पर छिन्न-भिन्न हुई है। ट्रस्ट से हटाए जाने के बावजूद, गोपाल राव अभी भी अयोध्या और राम मंदिर से मिलने वाली 'मलाई' का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। आरोप है कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष और कार्यवाहक महासचिव अब भी गोपाल को कुछ ज्यादा और अनावश्यक तरजीह दे रहे हैं, जिसके कारण संघ और विहिप की भरपूर 'थू-थू' हो रही है।1
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद से चर्चा और आरोपों के घेरे में आए व्यक्ति गोपाल राव को राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था से आधिकारिक तौर पर हटा दिया गया है। यह घोषणा ट्रस्ट की बीते दिन हुई बैठक के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, करीब चार साल पहले जब उन्हें कर्नाटक से राम मंदिर परिसर में व्यवस्था देखने के लिए भेजा गया था, तभी से ट्रस्ट और उसकी व्यवस्था कथित तौर पर छिन्न-भिन्न हुई है। हटाए जाने के बाद भी, गोपाल राव अयोध्या और राम मंदिर की 'मलाई का मोह' नहीं छोड़ पा रहे हैं। आरोप है कि ट्रस्ट कोषाध्यक्ष और कार्यवाहक महासचिव अभी भी उन्हें 'कुछ ज्यादा व अनावश्यक तरजीह' दे रहे हैं, जिसके चलते संघ और विहिप की भरपूर 'थू-थू' हो रही है। लोग इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद गोपाल राव मीडिया से दूर भागते भी नजर आए थे।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर स्थित हैरिंग्टनगंज बाजार में हल्की बारिश होते ही मुख्य सड़क तालाब में बदल जाती है। लंबे समय से नालों की सफाई न होने और उनमें गाद तथा कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी अवरुद्ध हो जाती है, जिससे जगह-जगह जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। इस समस्या का खामियाजा बाजार के दुकानदारों, राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे पैदल चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के गुजरने पर गंदे पानी के छींटे दुकानों तक पहुंच जाते हैं, जिसके कारण दुकानदारों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि उन्हें भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। स्थानीय व्यापारी वीरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि हल्की बारिश में भी पूरी सड़क पर पानी भर जाता है और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है; जब कोई वाहन गुजरता है तो गंदा पानी दुकानों तक आ जाता है, जिससे ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी होती है। बाजार के निवासी सुध्धू सेठ, तौफिक, दुर्गेश अग्रहरि, जगन्नाथ चौरसिया, हौसला प्रसाद यादव, अंशु यादव, लाल मणि तिवारी और रामचंद्र प्रजापति ने प्रशासन से बाजार के नालों की तत्काल सफाई कराने और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन नालों की सफाई नहीं कराई गई तो बरसात के दिनों में स्थिति और भी अधिक गंभीर हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस समस्या पर शीघ्र कार्रवाई कर बाजारवासियों को जलभराव से राहत दिलाने की अपील की है।1
- अयोध्या के राम जन्मभूमि क्षेत्र में, श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण भारी मात्रा में पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर लगातार बह रहे पानी के कारण अत्यधिक फिसलन हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है। यह मार्ग राम जन्मभूमि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोग यात्रा करते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से पुरजोर मांग की है कि नाले की तत्काल मरम्मत कराई जाए और सड़क पर बह रहे पानी की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से लोगों को राहत मिलेगी और संभावित दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।1