India Live News अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद का कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न चहनिया, चन्दौली।क्षेत्र के डेरवा-बलुआ गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर 11 बजे अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के आह्वान पर कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने राम मंदिर आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1979 में राम मंदिर को लेकर हुंकार उठी, परंतु मांगें तत्काल स्वीकार नहीं की गईं। इसके बाद 1990 में संगठित प्रयासों के तहत शिलान्यास की दिशा में निर्णायक कदम उठे। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच से स्थल से संबंधित तथ्य सामने आए, जिसके बाद दीर्घ संघर्ष के पश्चात मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार से धन नहीं लिया गया, बल्कि राम मंदिर न्यास समिति के माध्यम से करोड़ों परिवारों के छोटे-छोटे योगदान से संसाधन जुटाए गए और तैयार पत्थरों को अंततः मंदिर निर्माण में समर्पित किया गया। कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के दौरान साहस दिखाने वाले कारसेवकों—रणजीत यादव, राजेंद्र पाण्डेय एवं परशुराम सिंह—को सम्मानित किया गया। डॉ. तोगड़िया ने उन्हें आंदोलन का वास्तविक नायक बताते हुए माला पहनाकर और मुंह मीठा कराकर सम्मानित किया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समाज में नैतिकता, अनुशासन और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने परिवारों से प्रतिदिन सायंकाल हनुमान चालीसा पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को सामूहिक पाठ करने का आह्वान किया, जिससे समाज सुरक्षित, संगठित और स्वस्थ रह सके। इस अवसर पर सूर्यमुनी तिवारी, राजेंद्र पाण्डेय, दीनानाथ पाण्डेय, रणजीत यादव, बृक्ष बंधु परशुराम सिंह, रामप्यारे पाण्डेय, कलेश्वर पाण्डेय, चंदन पाण्डेय, वेदप्रकाश तिवारी, सौरभ पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
India Live News अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद का कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न चहनिया, चन्दौली।क्षेत्र के डेरवा-बलुआ गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर 11 बजे अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के आह्वान पर कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने राम मंदिर आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1979 में राम मंदिर को लेकर हुंकार उठी, परंतु मांगें तत्काल स्वीकार नहीं की गईं। इसके बाद 1990 में संगठित प्रयासों के तहत शिलान्यास की दिशा में निर्णायक कदम उठे। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच से स्थल से संबंधित तथ्य सामने आए, जिसके बाद दीर्घ संघर्ष के पश्चात मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार से धन नहीं लिया गया, बल्कि राम मंदिर न्यास समिति के माध्यम से करोड़ों परिवारों के छोटे-छोटे योगदान से संसाधन जुटाए गए और तैयार पत्थरों को अंततः मंदिर निर्माण में समर्पित किया गया। कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के दौरान साहस दिखाने वाले कारसेवकों—रणजीत यादव, राजेंद्र पाण्डेय एवं परशुराम सिंह—को सम्मानित किया गया। डॉ. तोगड़िया ने उन्हें आंदोलन का वास्तविक नायक बताते हुए माला पहनाकर और मुंह मीठा कराकर सम्मानित किया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समाज में नैतिकता, अनुशासन और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने परिवारों से प्रतिदिन सायंकाल हनुमान चालीसा पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को सामूहिक पाठ करने का आह्वान किया, जिससे समाज सुरक्षित, संगठित और स्वस्थ रह सके। इस अवसर पर सूर्यमुनी तिवारी, राजेंद्र पाण्डेय, दीनानाथ पाण्डेय, रणजीत यादव, बृक्ष बंधु परशुराम सिंह, रामप्यारे पाण्डेय, कलेश्वर पाण्डेय, चंदन पाण्डेय, वेदप्रकाश तिवारी, सौरभ पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
- चहनिया, चन्दौली।क्षेत्र के डेरवा-बलुआ गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर 11 बजे अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के आह्वान पर कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने राम मंदिर आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1979 में राम मंदिर को लेकर हुंकार उठी, परंतु मांगें तत्काल स्वीकार नहीं की गईं। इसके बाद 1990 में संगठित प्रयासों के तहत शिलान्यास की दिशा में निर्णायक कदम उठे। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच से स्थल से संबंधित तथ्य सामने आए, जिसके बाद दीर्घ संघर्ष के पश्चात मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार से धन नहीं लिया गया, बल्कि राम मंदिर न्यास समिति के माध्यम से करोड़ों परिवारों के छोटे-छोटे योगदान से संसाधन जुटाए गए और तैयार पत्थरों को अंततः मंदिर निर्माण में समर्पित किया गया। कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के दौरान साहस दिखाने वाले कारसेवकों—रणजीत यादव, राजेंद्र पाण्डेय एवं परशुराम सिंह—को सम्मानित किया गया। डॉ. तोगड़िया ने उन्हें आंदोलन का वास्तविक नायक बताते हुए माला पहनाकर और मुंह मीठा कराकर सम्मानित किया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समाज में नैतिकता, अनुशासन और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने परिवारों से प्रतिदिन सायंकाल हनुमान चालीसा पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को सामूहिक पाठ करने का आह्वान किया, जिससे समाज सुरक्षित, संगठित और स्वस्थ रह सके। इस अवसर पर सूर्यमुनी तिवारी, राजेंद्र पाण्डेय, दीनानाथ पाण्डेय, रणजीत यादव, बृक्ष बंधु परशुराम सिंह, रामप्यारे पाण्डेय, कलेश्वर पाण्डेय, चंदन पाण्डेय, वेदप्रकाश तिवारी, सौरभ पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।1
- Post by Sonu kumar1
- मुख्य अतिथि बीरेंद्र बिन्द ने धानापुर कमेटी को फुटबाल प्रतियोगिता हेतु पचीस हजार की सम्माँन राशि दिया1
- [1/3, 1:00 PM] null: *लखीमपुर*- साथी की मौत से भड़के बिजली कर्मचारियों ने सदर कोतवाली घेर ली है अधीक्षण अभियंता की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े बिजली कर्मी [1/5, 11:19 AM] null: *यूपी में अब बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार, नई कॉस्ट डाटा बुक में आयोग ने किया साफ* *लखनऊ।* बुधवार को नियामक आयोग की ओर से जारी नई कास्ट डाटा बुक ने स्पष्ट किया गया है कि बिजली उपभोक्ताओं को पोस्टपेड अथवा प्रीपेड स्मार्ट मीटर चुनने का अधिकार है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं के पास यह अधिकार प्राप्त है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत अधिनियम-2003 के तहत उपभोक्ताओं को पोस्टपेड अथवा प्रीपेड मीटर चुनने का अधिकार मिला है। अब तक राज्य में इसका पालन नहीं किया जा रहा था। नई कास्ट डाटा बुक ने स्पष्ट कर दिया है कि पोस्टपेड कनेक्शन पर सिक्योरिटी राशि जमाकर उपभोक्ता पोस्टपेड कनेक्शन रख सकता है। *सहमति के बिना कनेक्शन देना विद्युत अधिनियम के खिलाफ* उपभोक्ता की सहमति के बिना जबरिया प्रीपेड मोड में कनेक्शन देना विद्युत अधिनियम के खिलाफ है। आयोग ने बिजली कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं, लेकिन उनका मोड (प्रीपेड या पोस्टपेड) उपभोक्ता की सहमति पर निर्भर करेगा। *वर्मा ने गुरुवार ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर नई कास्ट डाटा बुक के लिए आभार व्यक्त किया।*1
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- Post by User39971
- आसनसोल मंडल के अंतर्गत जसीडीह–मधुपुर रेलखंड पर कुमराबाद–रोहिणी के खुले रेलवे गेट पर एक बड़ा हादसा हो गया। रेलवे गेट से एक ट्रक गुजर रही थी, उसी दौरान गाड़ी संख्या 13510 गोड्डा–आसनसोल एक्सप्रेस आ गई और ट्रक से टकरा गई, जिससे भीषण दुर्घटना हो गई। #TrainAccident #news #NewsUpdate #BiharNews #bihar #railway #railsvideo #indianrailways1
- “चन्दौली में गौ रक्षा परिषद की सक्रियता, पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू रहे मौजूद | India Live News”1