बुढ़मू प्रखंड के ठाकुरगांव खिजुर टोली में 10 वर्षीय छात्रा मुनिता कुमारी की सोमवार को डढ़िया पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। मुनिता कुमारी कक्षा 5 की छात्रा थी और उसके पिता एक गरीब किसान हैं। सूचना मिलने पर रविवार को समाजसेवी विमल पटेल मृतका के घर डंड़ीयां पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और ₹5000 नकद के साथ 50 किलो अनाज सहयोग स्वरूप प्रदान किया। समाजसेवी पटेल ने बताया कि वे घटना की जानकारी मिलते ही परिवार की मदद के लिए पहुंचे और आगे भी जरूरतमंद परिवारों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करते रहेंगे। इस दुखद अवसर पर बालेश्वर साहू, महादेव पाहन, फुलेंद्र महतो, राखी कुमारी, रवि मुंडा, ललित मुंडा, छोटन मुंडा, मुकेश पाहन, अशोक मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
बुढ़मू प्रखंड के ठाकुरगांव खिजुर टोली में 10 वर्षीय छात्रा मुनिता कुमारी की सोमवार को डढ़िया पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। मुनिता कुमारी कक्षा 5 की छात्रा थी और उसके पिता एक गरीब किसान हैं। सूचना मिलने पर रविवार को समाजसेवी विमल पटेल मृतका के घर डंड़ीयां पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और ₹5000 नकद के साथ 50 किलो अनाज सहयोग स्वरूप प्रदान किया। समाजसेवी पटेल ने बताया कि वे घटना की जानकारी मिलते ही परिवार की मदद के लिए पहुंचे और आगे भी जरूरतमंद परिवारों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करते रहेंगे। इस दुखद अवसर पर बालेश्वर साहू, महादेव पाहन, फुलेंद्र महतो, राखी कुमारी, रवि मुंडा, ललित मुंडा, छोटन मुंडा, मुकेश पाहन, अशोक मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देशों के बाद, रांची नगर निगम ने शहर के जलस्रोतों, नदी-नालों, तालाबों और डैम से अतिक्रमण व अवैध कब्जे हटाने के अभियान में तेजी लाई है। इसी क्रम में, सोमवार को नगर निगम की टीम ने पंडरा-पंचशील नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान, टीम ने अवैध निर्माण और कब्जा स्थलों की गहन जांच की, जिसके उपरांत वार्ड 23 में 23 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई शहर के जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में निगम के प्रयासों का हिस्सा है।1
- भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने डॉ. इरफ़ान अंसारी पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस को भी खरी-खरी सुनाई।1
- अजय तिर्की ने गृहमंत्री के पद की भूमिका पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पद देश को एकजुट करने के लिए होता है, न कि समाज को बांटने के लिए।1
- झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज के राजनीतिक अधिकारों और उनकी आरक्षित सीटों में किसी भी तरह की कटौती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह बात रांची में आयोजित आदिवासी समाज की राज्यस्तरीय संगोष्ठी के दौरान कही। बंधु तिर्की ने संविधान के अनुच्छेद 330, 332 और पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। इसी संदर्भ में, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी 2 अगस्त को आदिवासी एकता महजुटान रैली का आयोजन किया जाएगा, जो आदिवासी समाज के अधिकारों के संरक्षण के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।1
- बोकारो जिले के दुग्दा में स्थित आर्या भट्ट एकेडमी में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।1
- टंडवा प्रखंड के टाउन हॉल में टंडवा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता मीना कुमारी ने की, जबकि आंदोलनकारी नेता संतोष नायक ने मंच का संचालन किया। बैठक में विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह और विशिष्ट अतिथि जिला सचिव सुगन साव उपस्थित रहे, और टंडवा प्रखंड के सभी आंदोलनकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। चतरा जिला आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड राज्य के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करके जल्द निर्णय लेना चाहिए। बैठक में पारित प्रस्तावों में सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिले के सभी आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिया जाए और जिला प्रशासन के माध्यम से चतरा जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। आंदोलनकारियों को जिले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी। संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस बैठक में गोपाल पासवान, सुरेश साव, सुरेश महतो, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, लक्ष्मी उरांव, रामनरेश राणा, अवध किशोर नायक, संजय देवी, आशा देवी, सुमित्रा देवी, रामविलास सोनी, बिहार नायक, अनिल सोनी, रामेश्वर कुमार महतो, सुखलाल नायक, राजेश राम, प्रभु यादव, आदित्य नायक, श्याम सुंदर प्रसाद, राजेंद्र राम, आनंद कुमार महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। अंत में, चतरा जिले से 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव और धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने पर विशेष बल दिया गया।1
- बुढ़मू प्रखंड के ठाकुरगांव खिजुर टोली में 10 वर्षीय छात्रा मुनिता कुमारी की सोमवार को डढ़िया पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। मुनिता कुमारी कक्षा 5 की छात्रा थी और उसके पिता एक गरीब किसान हैं। सूचना मिलने पर रविवार को समाजसेवी विमल पटेल मृतका के घर डंड़ीयां पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और ₹5000 नकद के साथ 50 किलो अनाज सहयोग स्वरूप प्रदान किया। समाजसेवी पटेल ने बताया कि वे घटना की जानकारी मिलते ही परिवार की मदद के लिए पहुंचे और आगे भी जरूरतमंद परिवारों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करते रहेंगे। इस दुखद अवसर पर बालेश्वर साहू, महादेव पाहन, फुलेंद्र महतो, राखी कुमारी, रवि मुंडा, ललित मुंडा, छोटन मुंडा, मुकेश पाहन, अशोक मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।1
- रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।1