नगर पालिका के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठा स्वतंत्रता सेनानी के परिजन लक्सर के महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह जी के पौत्र को आज नगर पालिका लक्सर के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठना पड़ गया है भूख हड़ताल पर बेठे जितेंद्र कुमार के अनुसार 2006 - 2007 में एक जमीन पर महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह जी के पार्क का प्रस्ताव पास कर दिया गया था जिसका सौंदर्य करण भी उस समय नगर पालिका द्वारा कराया गया था लेकिन बीते 6 माह पहले नगर पालिका लक्सर ने उस जगह को उत्तराखंड स्वर्ण जयंती पार्क में तब्दील कर उस पर निर्माण कार्य शुरू दिया जब मामले का पता महान स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों को चला तो उन्होंने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया आरटीआई में मिले दस्तावेजों से साफ हो गया कि नगर पालिका लक्सर ने विगत प्रस्ताव को बिना खारिज किये ही नया प्रस्ताव बनाकर स्वतंत्रता सेनानी पार्क की उस जगह पर उत्तराखंड स्वर्ण जयंती पार्क बना दिया है गुस्साए परिजन नगर पालिका पहुंचे तो उन्हें कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया आज महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह के पौत्र जितेंद्र कुमार ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है वह भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं उनका कहना है कि जब तक उनके दादाजी महान स्वतंत्रता सेनानी के पार्क की जमीन को खुर्द बुर्द करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे उन्होंने कहा कि नगर पालिका ने सरकार व हमें अंधेरे में रखकर बाबू रतन सिंह जी के पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन को खुर्द बुर्द करने का काम किया है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अगर नगर पालिका महान स्वतंत्रता सेनानी को लेकर इस तरह का दुष्कृत्य कर सकती है तो वह आम आदमी के साथ किस प्रकार का व्यवहार कर रही होगी उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि जब तक निष्पक्ष जांच होकर ऐसे लोगो के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी वह भूख हड़ताल पर बने रहेंगे Byet--- जितेंद्र कुमार उर्फ पप्पी
नगर पालिका के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठा स्वतंत्रता सेनानी के परिजन लक्सर के महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह जी के पौत्र को आज नगर पालिका लक्सर के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठना पड़ गया है भूख हड़ताल पर बेठे जितेंद्र कुमार के अनुसार 2006 - 2007 में एक जमीन पर महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह जी के पार्क का प्रस्ताव पास कर दिया गया था जिसका सौंदर्य करण भी उस समय नगर पालिका द्वारा कराया गया था लेकिन बीते 6 माह पहले
नगर पालिका लक्सर ने उस जगह को उत्तराखंड स्वर्ण जयंती पार्क में तब्दील कर उस पर निर्माण कार्य शुरू दिया जब मामले का पता महान स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों को चला तो उन्होंने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया आरटीआई में मिले दस्तावेजों से साफ हो गया कि नगर पालिका लक्सर ने विगत प्रस्ताव को बिना खारिज किये ही नया प्रस्ताव बनाकर स्वतंत्रता सेनानी पार्क की उस जगह पर उत्तराखंड स्वर्ण जयंती पार्क बना दिया है गुस्साए परिजन नगर पालिका पहुंचे तो उन्हें कोई
संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया आज महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह के पौत्र जितेंद्र कुमार ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है वह भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं उनका कहना है कि जब तक उनके दादाजी महान स्वतंत्रता सेनानी के पार्क की जमीन को खुर्द बुर्द करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे उन्होंने कहा कि नगर पालिका ने सरकार व हमें अंधेरे में रखकर बाबू रतन सिंह जी के पार्क
के लिए प्रस्तावित जमीन को खुर्द बुर्द करने का काम किया है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अगर नगर पालिका महान स्वतंत्रता सेनानी को लेकर इस तरह का दुष्कृत्य कर सकती है तो वह आम आदमी के साथ किस प्रकार का व्यवहार कर रही होगी उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि जब तक निष्पक्ष जांच होकर ऐसे लोगो के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी वह भूख हड़ताल पर बने रहेंगे Byet--- जितेंद्र कुमार उर्फ पप्पी
- लक्सर के महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह जी के पौत्र को आज नगर पालिका लक्सर के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठना पड़ गया है भूख हड़ताल पर बेठे जितेंद्र कुमार के अनुसार 2006 - 2007 में एक जमीन पर महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह जी के पार्क का प्रस्ताव पास कर दिया गया था जिसका सौंदर्य करण भी उस समय नगर पालिका द्वारा कराया गया था लेकिन बीते 6 माह पहले नगर पालिका लक्सर ने उस जगह को उत्तराखंड स्वर्ण जयंती पार्क में तब्दील कर उस पर निर्माण कार्य शुरू दिया जब मामले का पता महान स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों को चला तो उन्होंने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया आरटीआई में मिले दस्तावेजों से साफ हो गया कि नगर पालिका लक्सर ने विगत प्रस्ताव को बिना खारिज किये ही नया प्रस्ताव बनाकर स्वतंत्रता सेनानी पार्क की उस जगह पर उत्तराखंड स्वर्ण जयंती पार्क बना दिया है गुस्साए परिजन नगर पालिका पहुंचे तो उन्हें कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया आज महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रतन सिंह के पौत्र जितेंद्र कुमार ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है वह भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं उनका कहना है कि जब तक उनके दादाजी महान स्वतंत्रता सेनानी के पार्क की जमीन को खुर्द बुर्द करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे उन्होंने कहा कि नगर पालिका ने सरकार व हमें अंधेरे में रखकर बाबू रतन सिंह जी के पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन को खुर्द बुर्द करने का काम किया है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अगर नगर पालिका महान स्वतंत्रता सेनानी को लेकर इस तरह का दुष्कृत्य कर सकती है तो वह आम आदमी के साथ किस प्रकार का व्यवहार कर रही होगी उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि जब तक निष्पक्ष जांच होकर ऐसे लोगो के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी वह भूख हड़ताल पर बने रहेंगे Byet--- जितेंद्र कुमार उर्फ पप्पी4
- एक बहुत बड़ी खबर अनोखी खबर क्या कोई महिला पेट में भी सोना जेवर छुपा कर ले जा सकती है1
- हरिद्वार जनपद में हर्षोल्लास से मनाई जा रही है ईद। पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था । संवेदनशील क्षेत्रों में द्रोण से की जा रही है निगरानी।1
- 📰 बढेड़ी राजपुतान में विकास ठप, जल निकासी की समस्या से जनता बेहाल हरिद्वार। जनपद के बढेड़ी राजपुतान गांव में विकास कार्य पूरी तरह ठप नजर आ रहे हैं। गांव में ना तो बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और ना ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था की गई है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख—सभी जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या से पूरी तरह नदारद हैं। जनता का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव के लोगों के अनुसार, जलभराव के कारण सड़कों की हालत खराब हो चुकी है और जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं क्षेत्र के विधायक पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब विकास के नाम पर सिर्फ झुनझुना थमाया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग: गांव में तत्काल जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए टूटी सड़कों का निर्माण कराया जाए जनप्रतिनिधि मौके पर आकर समस्याओं का समाधान करें यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।1
- *ब्रेकिंग न्यूज़....* भूमानंद के पास भयंकर सड़क हादसा! दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर भूमानंद के पास एक सड़क दुर्घटना हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क पर घूम रहे जानवर को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो गई। गाड़ी सड़क से फिसलकर भूमानंद के पास बने पुल के डिवाइडर से टकरा गई। गाड़ी में सवार यात्री बाल बाल बचे। मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यात्री बाधादराबाद से हरिद्वार की ओर जा रहे थे और गाड़ी एक महिला चला रही थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।1
- हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार रोशनाबाद में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन हरिद्वार, संवाददाता | स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस बार हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐसा आध्यात्मिक आयोजन हुआ जिसने कारागार की कठोर दीवारों के भीतर भी भक्ति, आत्मचिंतन और सुधार की नई रोशनी जगा दी। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के तत्वावधान में जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार में सर्वजन कल्याण की भावना से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कैदियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत की अमृतमयी कथा का श्रवण कराया। राजा परीक्षित और कलयुग की कथा से दिया धर्म का संदेश कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा का आयोजन शुक्रताल में हुआ था, जहां सुखदेव मुनि ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया था। उन्होंने विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि पृथ्वी पर कलयुग का आगमन हो चुका है, तब वे स्वयं कलयुग को खोजते हुए गंगा तट तक पहुंचे। वहां उनकी भेंट कलयुग से हुई। राजा परीक्षित ने उसे पृथ्वी से चले जाने का आदेश दिया, लेकिन कलयुग ने निवेदन किया कि जैसे सतयुग, त्रेता और द्वापर को स्थान मिला, वैसे ही उसे भी रहने के लिए स्थान दिया जाए। तब राजा परीक्षित ने चार स्थानों— जहां जुआ खेला जाता हो, जहां निर्दोष पशुओं की हत्या होती हो, जहां मद्यपान होता हो, और जहां पराई स्त्री के साथ दुर्व्यवहार होता हो— वहीं कलयुग को निवास करने की अनुमति दी। परंतु कलयुग ने पुनः निवेदन किया कि राजा के भय से उनके राज्य में ये चारों अधर्म नहीं होते। तब राजा परीक्षित ने उसे स्वर्ण में वास करने की अनुमति दी। कथा के अनुसार, अधर्म से बने जरासंध के स्वर्ण मुकुट को धारण करते ही उसी मुकुट में कलयुग का प्रवेश हो गया और वहीं से अधर्म का प्रभाव आरंभ हुआ। श्राप, पश्चाताप और भागवत कथा का महात्म्य कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि एक बार शिकार के दौरान प्यास और थकान से व्याकुल राजा परीक्षित ने ऋषि समिक मुनि के गले में मृत सर्प डाल दिया। यह अपमान देखकर उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने क्रोधित होकर राजा परीक्षित को श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी। जब राजा परीक्षित को इस श्राप का ज्ञान हुआ तो उन्होंने अपने पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप दी और गंगा तट स्थित शुक्रताल पहुंचकर जीवन के अंतिम सात दिनों में आत्मकल्याण का मार्ग चुना। वहीं वेदव्यास जी के पुत्र सुखदेव जी का आगमन हुआ और उन्होंने सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का अमृत सुनाया। कथा श्रवण के पश्चात राजा परीक्षित को परम पद की प्राप्ति हुई और वे भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम के अधिकारी बन गए। भागवत कथा: आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग कथा व्यास ने कहा कि तभी से अपने जीवन का कल्याण चाहने वाले भक्त भागवत सप्ताह का आयोजन करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, वैराग्य और परमात्मा से जुड़ने का दिव्य माध्यम है, जो मनुष्य को अंततः भगवत धाम का अधिकारी बनाता है। कैदियों के जीवन में सुधार की पहल इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि समाज के प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को संकल्प लेकर समय-समय पर कारागारों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। इससे बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वे अपने जीवन की गलतियों को सुधारने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कैदियों के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत हो जाए तो वे समाज में लौटकर एक नया और बेहतर जीवन जी सकते हैं। जेल प्रशासन ने जताया आभार जिला कारागार के अधीक्षक मनोज आर्य ने श्री अखंड परशुराम अखाड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़े द्वारा समय-समय पर कारागार में इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे। भागवत पूजन के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जलज कौशिक द्वारा विधिवत श्रीमद् भागवत का पूजन किया गया। इस अवसर पर पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भागवत पूजन सम्पन्न कराया। कारागार में भक्ति का संदेश कारागार जैसी जगह, जहां आमतौर पर अपराध और दंड की कहानियां लिखी जाती हैं, वहीं श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से पश्चाताप, आत्मशुद्धि और मोक्ष की नई कहानी लिखी जा रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब धर्म का दीपक जलता है तो उसकी रोशनी सबसे अंधेरी जगहों तक भी पहुंच जाती है। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़3
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सहारनपुर के दूधली गांव में ग्राम प्रधान पर सरकारी जमीन पर आम के पेड़ काटने का गंभीर आरोप सहारनपुर, 20 मार्च 2026 ग्राम पंचायत दूधली, तहसील देवबंद के ग्राम प्रधान द्वारा शिव मंदिर परिसर (खसरा नं. 670, सरकारी कृषि योग्य भूमि) में हरे-भरे आम के पेड़ों को बिना अनुमति काटने और अनधिकृत टंकी निर्माण का मामला सामने आया है। ग्रामवासियों ने @X के माध्यम से जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर FIR, हानि आंकलन, टंकी विध्वंस और सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की मुख्य कड़ियां 2011-2023: Google Earth इमेजरी से साबित हरा-भरा आम बाग मौजूद था। 2024-25: ग्राम प्रधान ने आधे से अधिक पेड़ कटवाए, जेसीबी से सबूत मिटाए। 2026: शेष पेड़ काटे गए, पूर्व शिकायत के बावजूद SDM स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं। अनधिकृत निर्माण: कटे पेड़ों की जगह सरकारी भूमि पर टंकी बनाई गई। यह वन संरक्षण अधिनियम 1980, उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है, जो सत्ता दुरुपयोग का प्रतीक है। ग्रामवासियों की मांगें । वन अधिनियम के तहत FIR दर्ज हो। कटे पेड़ों की हानि का मूल्यांकन और क्षतिपूर्ति वसूली।टंकी का तत्काल विध्वंस और भूमि बहाली। पंचायत पर भविष्य में नियंत्रण। संलग्न प्रमाणGPS वीडियो, Google Earth हिस्टोरिकल इमेज2
- जोश जोश में होश खो बैठे उत्तराखंड पुलिस ने दिलाई होश की नए-नए लड़के आजकल रेल बनाने के चक्कर में यह भूल गए की क्या गलत है क्या सही1