DYFI अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाद्य सुरक्षा का नहीं, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी है। प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 19 फरवरी 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात शीर्षक: सूरत और बड़ौदा जैसी जगहों में नकली दूध का अवैध कारोबार जारी; DYFI अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने बीजेपी पर लगाया भ्रष्टाचार और उच्च स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप अहमदाबाद: डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने गुजरात में नकली दूध के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सूरत, बड़ौदा (वडोदरा) और आसपास के इलाकों में नकली दूध का अवैध व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है, जो आम जनता की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए श्री सिद्दीकी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा आरोप लगाया कि पार्टी उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कामों को बढ़ावा दे रही है। श्री सिद्दीकी ने कहा, "गुजरात में नकली दूध का यह कारोबार वर्षों से चल रहा है, जिसमें डिटर्जेंट, यूरिया, कैस्टिक सोडा और अन्य खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करके नकली दूध और छाछ तैयार की जा रही है। हाल ही में सबरकांठा जिले में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां पांच साल से अधिक समय से विषाक्त दूध की आपूर्ति की जा रही थी। लेकिन यह सिर्फ एक उदाहरण है; सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में भी यह समस्या गंभीर रूप से फैली हुई है। बीजेपी सरकार उच्च स्तर पर इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है, जिससे आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।" DYFI अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाद्य सुरक्षा का नहीं, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी है। उन्होंने बीजेपी को "करप्ट और गैरकानूनी कामों की सरपरस्त" बताते हुए कहा कि पार्टी के उच्च पदाधिकारी इस तरह के अवैध कारोबारों को बढ़ावा देकर जनता को धोखा दे रहे हैं। श्री सिद्दीकी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं और सरकार को जवाबदेह बनाएं। DYFI इस मुद्दे पर जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है और जरूरत पड़ने पर विरोध प्रदर्शन भी करेगी। अधिक जानकारी के लिए फैसल अली सिद्दीकी, अध्यक्ष, DYFI
DYFI अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाद्य सुरक्षा का नहीं, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी है। प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 19 फरवरी 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात शीर्षक: सूरत और बड़ौदा जैसी जगहों में नकली दूध का अवैध कारोबार जारी; DYFI अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने बीजेपी पर लगाया भ्रष्टाचार और उच्च स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप अहमदाबाद: डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने गुजरात में नकली दूध के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सूरत, बड़ौदा (वडोदरा) और आसपास के इलाकों में नकली दूध का अवैध व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है, जो आम जनता की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए श्री सिद्दीकी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा आरोप लगाया कि पार्टी उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कामों को बढ़ावा दे रही है। श्री सिद्दीकी ने कहा, "गुजरात में नकली दूध का यह कारोबार वर्षों से चल रहा है, जिसमें डिटर्जेंट, यूरिया, कैस्टिक सोडा और अन्य खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करके नकली दूध और छाछ तैयार की जा रही है। हाल ही में सबरकांठा जिले में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां पांच साल से अधिक समय से विषाक्त दूध की आपूर्ति की जा रही थी। लेकिन यह सिर्फ एक उदाहरण है; सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में भी यह समस्या गंभीर रूप से फैली हुई है। बीजेपी सरकार उच्च स्तर पर इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है, जिससे आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।" DYFI अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाद्य सुरक्षा का नहीं, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी है। उन्होंने बीजेपी को "करप्ट और गैरकानूनी कामों की सरपरस्त" बताते हुए कहा कि पार्टी के उच्च पदाधिकारी इस तरह के अवैध कारोबारों को बढ़ावा देकर जनता को धोखा दे रहे हैं। श्री सिद्दीकी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं और सरकार को जवाबदेह बनाएं। DYFI इस मुद्दे पर जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है और जरूरत पड़ने पर विरोध प्रदर्शन भी करेगी। अधिक जानकारी के लिए फैसल अली सिद्दीकी, अध्यक्ष, DYFI
- संघवी भेरू तारक धाम तीर्थ 25 वर्ष पूर्ण हुए इस उपलक्ष् में 3 दिन का बहुत ही सुंदर आयोजन किया गया रजत महोत्सव का कार्यक्रम संघवी भेरमलजी हुकमीचंद जी परिवार मालगांव के द्वारा भारत न्यूज नटवर कुवेरा1
- અમદાવાદ જિલ્લાના ધંધુકા શહેરના સર મુબારક પાસે રહેતા ડફેર સમાજના લોકોને ત્યાંથી સરકારી જમીને ખાલી કરાવ્યા બાદ ખરડ રોડ માયાતળાવ રહે ડફેર સમાજની ન્યાયની પુકાર. ડફેર સમાજ દ્વારા પ્રાંત અધિકારી ધંધુકાને રજુઆત કરવામાં આવી ક અમે જ્યાં રહીએ છીએ ત્યાં થોડી લાઈટ પાણીની વ્યવસ્થા કરવામાં આવે જેથી તેમને પડી રહેલી અગવડતા દુર કરી શકાય. લાઈટ ના હોવાના કારણે રાત્રે ઝેરી જનાવરની બીક સતાવે રહે છે. વધુમાં ડફેર સમાજે રજુઆત કરી હતી કે અમારી પાસે આધાર કાર્ડ તેમજ ચૂંટણી કાર્ડ છીએ ને અમે પણ ભારત દેશના નાગરિક.1
- તારીખ: 19/02/2026 *ગરવી ગુજરાતની વરવી વાસ્તવિકતા ઉજાગર કરતા AAP ધારાસભ્ય ચૈતર વસાવા* *ભણશે ગુજરાતના ઢોલ પીટતા ભાજપના રાજમાં નર્મદા જિલ્લામાં 549 શિક્ષકો અને દાહોદ જિલ્લામાં 1284 શિક્ષકોની ઘટનો સરકારે ગૃહમાં સ્વીકાર કર્યો : ચૈતર વસાવા* *નર્મદા જિલ્લામાં એક શિક્ષકથી ચાલતી શાળાઓની સંખ્યા 145 હોવાની શિક્ષણ મંત્રીએ ગૃહમાં જવાબ આપ્યો : ચૈતર વસાવા* *શાળાઓમાં ગુરુ નથી અને વિશ્વગુરુ બનવાની વાતો થાય છે : ચૈતર વસાવા* *એક શિક્ષકથી ચાલતી શાળાના શિક્ષક SIR ની કામગીરી, સરકારી મીટીંગો વગેરેમાં જાય તો તે દિવસે શાળાના વિધાર્થીઓ શિક્ષણથી વંચિત : ચૈતર વસાવા* *11 માસના કરાર આધારિત જ્ઞાન સહાયકોને કાયમી શિક્ષક તરીકે નિમણૂક આપવી જોઈએ: ચૈતર વસાવા* *આદિવાસી વિસ્તારોમાં આજે પણ દરેક જિલ્લાઓમાં આ જ પ્રકારે શિક્ષકો અને ઓરડાની ઘટ છે, શું આવી રીતે ભણશે ગુજરાત..? : ચૈતર વસાવા* *અમદાવાદ/ભરૂચ/નર્મદા/દાહોદ/પંચમહાલ/છોટાઉદેપુર/અરવલ્લી/વડોદરા/ગાંધીનગર/ગુજરાત* આમ આદમી પાર્ટીના ડેડીયાપાડાના ધારાસભ્ય ચૈતર વસાવાએ આજે વિધાનસભામાં પત્રકાર પરિષદ યોજી જણાવ્યું હતું કે, આજે મેં શિક્ષણ મંત્રીને કેટલાક ગંભીર સવાલો કર્યા હતા અને સરકાર તરફથી તેમના જવાબો મળ્યા હતા. નર્મદા અને દાહોદ જિલ્લો દેશના અતિ પછાત જિલ્લાઓમાંના એક જિલ્લામાંથી છે. આ જિલ્લાઓમાં શિક્ષણનું સ્તર ખરાબ હોવાથી આ જિલ્લાઓ પછાત રહી ગયા છે. તો મેં શિક્ષકો મુદ્દે સવાલ કર્યો હતો અને તેના જવાબમાં સરકાર તરફથી જોવા મળ્યો હતો કે નર્મદામાં 549 શિક્ષકોની ઘટ છે અને દાહોદમાં 1284 શિક્ષકોની ઘટ છે. ત્યારબાદ પેટા પ્રશ્નમાં અમે પૂછ્યું કે કેટલી શાળાઓ એક શિક્ષકથી ચાલે છે તો જવાબ મળ્યો કે નર્મદા જિલ્લામાં 145 શાળાઓ એક શિક્ષકથી ચાલે છે. વિચાર કરો કે એક શાળામાં 1-5 ધોરણ હોય કે 1-8 ધોરણ હોય તો એ એક શિક્ષક કઈ રીતે બધાને ભણાવશે? અને એ શિક્ષક તો સરકારી મીટીંગોમાં જશે કે SIRની કામગીરી કરવા જશે તો એવા સમયે બાળકોને કોણ ભણાવશે? ગરવી ગુજરાતની આ વરવી વાસ્તવિકતા છે કે નર્મદા હોય, દાહોદ હોય, છોટાઉદેપુર હોય, પંચમહાલ હોય ભરૂચ હોય કે ડાંગ હોય આ દરેક જગ્યાએ આદિવાસી વિસ્તારોમાં શિક્ષકોની ઘટ છે અને સરકારે આજે આ સ્વીકાર્યું. એની વૈકલ્પિક વ્યવસ્થાઓ મુદ્દે સરકાર જણાવે છે કે હજુ એ કામ વિચાર હેઠળ છે. આના પરથી દેખાઈ રહ્યું છે કે સરકારમાં ગંભીરતા નથી. વધુમાં ધારાસભ્ય ચૈતર વસાવાએ જણાવ્યું હતું કે, શાળાઓમાં વિદ્યાર્થીઓ માટે ઓરડાઓ પણ નથી ઘણા બાળકો ભાડાના મકાનમાં ભણે છે, ઝાડ નીચે બેસીને ભણે છે, ઓટલા પર બેસીને ભણે છે અને ઘણી શાળાઓમાં એક ક્લાસમાં ચાર-ચાર ધોરણના બાળકો બેસીને ભણતા હોય છે. દર વર્ષે બજેટોમાં હજારો કરોડોની જોગવાઈ કરવામાં આવે છે તો પછી આદિવાસી વિસ્તારોમાં શાળાઓના ઓરડાઓ કેમ બનાવવામાં આવતા નથી? આદિવાસી વિસ્તારોમાં શિક્ષકોની ભરતી કેમ કરવામાં આવતી નથી? આજે મંત્રીએ જણાવ્યું કે જ્ઞાન સહાયકો દ્વારા ભરતી કરીશું, હકીકત એ છે કે જ્ઞાન સહાયકએ 11 માસના શિક્ષકની ભરતીની યોજના છે. જો શિક્ષક પોતે કરાર પર હશે અને કાયમી નહીં હોય અને એ શિક્ષકને પોતાના કેરિયરની ચિંતા હશે તો પછી એ બાળકોને સારી રીતે કઈ રીતે પણ આવશે? આ સવાલ અમે ગુજરાતની સરકારને પૂછીએ છીએ. 30 વર્ષની ભાજપની સરકાર આદિવાસી વિસ્તારોમાં સરકારી શાળાઓના ઓરડા પૂરા પાડવામાં અને શિક્ષકો પૂરા પાડવામાં સરકાર સદંતર નિષ્ફળ ગઈ છે માટે હવે જનતાએ જાગવું પડશે અને સરકાર પાસે જવાબ માંગવો પડશે.1
- प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 19 फरवरी 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात शीर्षक: सूरत और बड़ौदा जैसी जगहों में नकली दूध का अवैध कारोबार जारी; DYFI अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने बीजेपी पर लगाया भ्रष्टाचार और उच्च स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप अहमदाबाद: डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने गुजरात में नकली दूध के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सूरत, बड़ौदा (वडोदरा) और आसपास के इलाकों में नकली दूध का अवैध व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है, जो आम जनता की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए श्री सिद्दीकी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा आरोप लगाया कि पार्टी उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कामों को बढ़ावा दे रही है। श्री सिद्दीकी ने कहा, "गुजरात में नकली दूध का यह कारोबार वर्षों से चल रहा है, जिसमें डिटर्जेंट, यूरिया, कैस्टिक सोडा और अन्य खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करके नकली दूध और छाछ तैयार की जा रही है। हाल ही में सबरकांठा जिले में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां पांच साल से अधिक समय से विषाक्त दूध की आपूर्ति की जा रही थी। लेकिन यह सिर्फ एक उदाहरण है; सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में भी यह समस्या गंभीर रूप से फैली हुई है। बीजेपी सरकार उच्च स्तर पर इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है, जिससे आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।" DYFI अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाद्य सुरक्षा का नहीं, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी है। उन्होंने बीजेपी को "करप्ट और गैरकानूनी कामों की सरपरस्त" बताते हुए कहा कि पार्टी के उच्च पदाधिकारी इस तरह के अवैध कारोबारों को बढ़ावा देकर जनता को धोखा दे रहे हैं। श्री सिद्दीकी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं और सरकार को जवाबदेह बनाएं। DYFI इस मुद्दे पर जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है और जरूरत पड़ने पर विरोध प्रदर्शन भी करेगी। अधिक जानकारी के लिए फैसल अली सिद्दीकी, अध्यक्ष, DYFI1
- प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 19 फरवरी 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात शीर्षक: सूरत और बड़ौदा जैसी जगहों में नकली दूध का अवैध कारोबार जारी; DYFI अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने बीजेपी पर लगाया भ्रष्टाचार और उच्च स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप अहमदाबाद: डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के अध्यक्ष फैसल अली सिद्दीकी ने गुजरात में नकली दूध के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सूरत, बड़ौदा (वडोदरा) और आसपास के इलाकों में नकली दूध का अवैध व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है, जो आम जनता की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए श्री सिद्दीकी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा आरोप लगाया कि पार्टी उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कामों को बढ़ावा दे रही है। श्री सिद्दीकी ने कहा, "गुजरात में नकली दूध का यह कारोबार वर्षों से चल रहा है, जिसमें डिटर्जेंट, यूरिया, कैस्टिक सोडा और अन्य खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करके नकली दूध और छाछ तैयार की जा रही है। हाल ही में सबरकांठा जिले में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां पांच साल से अधिक समय से विषाक्त दूध की आपूर्ति की जा रही थी। लेकिन यह सिर्फ एक उदाहरण है; सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में भी यह समस्या गंभीर रूप से फैली हुई है। बीजेपी सरकार उच्च स्तर पर इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है, जिससे आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।" DYFI अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाद्य सुरक्षा का नहीं, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी है। उन्होंने बीजेपी को "करप्ट और गैरकानूनी कामों की सरपरस्त" बताते हुए कहा कि पार्टी के उच्च पदाधिकारी इस तरह के अवैध कारोबारों को बढ़ावा देकर जनता को धोखा दे रहे हैं। श्री सिद्दीकी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं और सरकार को जवाबदेह बनाएं। DYFI इस मुद्दे पर जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है और जरूरत पड़ने पर विरोध प्रदर्शन भी करेगी। अधिक जानकारी के लिए फैसल अली सिद्दीकी, अध्यक्ष, DYFI1
- Post by સરદાર સંદેશ ન્યુઝ1
- Post by ARUN KUMAR VERMA1
- मोहम्मदी खीरी, 19 फरवरी। Youth in Action India द्वारा निकाली जा रही 1500 किमी लंबी “गोमती जीवन यात्रा” चौथे दिन मोहम्मदी तहसील पहुंची। यात्रा का उद्देश्य नदी संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक प्रवाह को लेकर जनजागरूकता फैलाना है। 15 फरवरी से शुरू यह अभियान 13 मार्च तक चलेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष शतरुद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में यात्रा शाहजहांपुर के बंडा-पुवायां क्षेत्रों से होकर मोहम्मदी पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस दौरान गांवों, नगरों व स्कूल-कॉलेजों में नदी जागरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। करीब 1000 किमी लंबी गोमती नदी प्रदेश की राजधानी Lucknow समेत कई जिलों की जीवनरेखा मानी जाती है। प्रदूषण व अवैज्ञानिक हस्तक्षेप से बढ़ते खतरे के बीच आयोजकों ने नदी को स्वच्छ, सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से अविरल बनाए रखने का संकल्प दोहराया। विशेष खबर दिनेश सिंह सोमवंशी लखीमपुर खीरी1