जनपद संभल की कैला देवी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से आ रहे एक कंटेनर को संभल की तरफ उतरते समय खिरनी के नजदीक जिओ पेट्रोल पंप पर रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर से 6 कुंटल 28 किलोग्राम (628 किलो) मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1.68 करोड़ बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नखासा थाना क्षेत्र के लखोरी गांव निवासी मदनपाल पुत्र हरिश्चंद्र, नखासा के ही कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र अब्दुल रशीद, बरेली के फतेहगंज थाना अंतर्गत बिटौली गांव निवासी राजपाल पुत्र तोताराम और बदायूं के सहसवान थाना अंतर्गत शोएब पुत्र शफीक चौधरी के रूप में हुई है। बंद बॉडी कंटेनर में ट्रांसपोर्ट के सामान के बीच एसिडिक एनहाइड्राइड नामक मादक पदार्थ छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने कंटेनर ट्रक के साथ ही 9 प्लास्टिक के नीले रंग के छोटे ड्रम, एक सफेद ड्रम जिसमें मादक पदार्थ भरा था, 200 बॉक्स और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस मादक पदार्थ का उपयोग स्मैक और हेरोइन बनाने में करते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे सस्ते दामों में संयुक्त रूप से पैसा लगाकर इसे खरीदते हैं और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ट्रकों में छिपाकर लाते हैं। कैला देवी थाना पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
जनपद संभल की कैला देवी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से आ रहे एक कंटेनर को संभल की तरफ उतरते समय खिरनी के नजदीक जिओ पेट्रोल पंप पर रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर से 6 कुंटल 28 किलोग्राम (628 किलो) मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1.68 करोड़ बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नखासा थाना क्षेत्र के लखोरी गांव निवासी मदनपाल पुत्र हरिश्चंद्र, नखासा के ही कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र अब्दुल रशीद, बरेली के फतेहगंज थाना अंतर्गत बिटौली गांव निवासी राजपाल पुत्र तोताराम और बदायूं के सहसवान थाना अंतर्गत शोएब पुत्र शफीक चौधरी के
रूप में हुई है। बंद बॉडी कंटेनर में ट्रांसपोर्ट के सामान के बीच एसिडिक एनहाइड्राइड नामक मादक पदार्थ छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने कंटेनर ट्रक के साथ ही 9 प्लास्टिक के नीले रंग के छोटे ड्रम, एक सफेद ड्रम जिसमें मादक पदार्थ भरा था, 200 बॉक्स और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस मादक पदार्थ का उपयोग स्मैक और हेरोइन बनाने में करते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे सस्ते दामों में संयुक्त रूप से पैसा लगाकर इसे खरीदते हैं और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ट्रकों में छिपाकर लाते हैं। कैला देवी थाना पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
- जनपद संभल की कैला देवी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से आ रहे एक कंटेनर को संभल की तरफ उतरते समय खिरनी के नजदीक जिओ पेट्रोल पंप पर रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर से 6 कुंटल 28 किलोग्राम (628 किलो) मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1.68 करोड़ बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नखासा थाना क्षेत्र के लखोरी गांव निवासी मदनपाल पुत्र हरिश्चंद्र, नखासा के ही कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र अब्दुल रशीद, बरेली के फतेहगंज थाना अंतर्गत बिटौली गांव निवासी राजपाल पुत्र तोताराम और बदायूं के सहसवान थाना अंतर्गत शोएब पुत्र शफीक चौधरी के रूप में हुई है। बंद बॉडी कंटेनर में ट्रांसपोर्ट के सामान के बीच एसिडिक एनहाइड्राइड नामक मादक पदार्थ छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने कंटेनर ट्रक के साथ ही 9 प्लास्टिक के नीले रंग के छोटे ड्रम, एक सफेद ड्रम जिसमें मादक पदार्थ भरा था, 200 बॉक्स और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस मादक पदार्थ का उपयोग स्मैक और हेरोइन बनाने में करते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे सस्ते दामों में संयुक्त रूप से पैसा लगाकर इसे खरीदते हैं और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ट्रकों में छिपाकर लाते हैं। कैला देवी थाना पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।2
- पानी के महत्व को समझने की अपील की गई है, क्योंकि जहाँ एक ओर कुछ स्थानों पर लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी को बेवजह बहाया जा रहा है। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, पानी की बर्बादी को तुरंत रोकने और इसके संरक्षण पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है।1
- संभल जिले के नकासा थाना क्षेत्र के कशेरुआ गांव में एक करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किए जाने का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर DM को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिरोज खान ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि कशेरुआ गांव की यह मस्जिद लगभग 100 वर्ष पुरानी है और सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस और गहन जांच के, इस मस्जिद को अतिक्रमण करार देकर ढहा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है और 100 साल से मौजूद है, तो इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है, तथा प्रशासन को ध्वस्तीकरण से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी। पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस कार्रवाई में कोई गलती पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और मस्जिद के पुनर्निर्माण पर भी विचार किया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी निर्णय लेते समय सभी पक्षों को सुना जाए ताकि जिले का सांप्रदायिक माहौल खराब न हो। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान फिरोज खान के साथ अन्य समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की बिसौली तहसील में स्थित खाटू श्याम कॉलोनी में दिनदहाड़े चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। चोरों ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच विपिन कुमार शर्मा के घर को निशाना बनाया और लाखों रुपये के जेवरात, नकदी तथा अन्य कीमती सामान चुरा लिए। पीड़ित विपिन कुमार शर्मा ने लगभग 25 लाख रुपये की चोरी होने का दावा किया है। यह वारदात उस समय हुई जब आसपास निर्माण कार्य चल रहा था और लोगों की आवाजाही थी, जो चोरों की हिम्मत को दर्शाता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।3
- बदायूँ जिले के धरैरा गांव में पानी की आपूर्ति को लेकर एक समस्या सामने आई है। गांव के कुछ हिस्सों में तो पानी की सप्लाई ठीक से हो रही है, लेकिन अन्य हिस्सों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे आपूर्ति में असमानता बनी हुई है।1
- Mumbai ka pul. Dr igtuu.gujfruj.tuj.tivduvduhf.yjxyj.yj.1
- बरेली में पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाकर बेनामी धनराशि को हवाला नेटवर्क के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में इस्तेमाल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। थाना बारादरी पुलिस ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने लाखों रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और कंपनी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं, जिससे इस हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।1
- संभल जिले के नकासा थाना क्षेत्र के गांव कशेरुआ में एक सौ साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने इस मामले में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर DM से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। फिरोज खान ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कशेरुआ गांव की यह मस्जिद करीब 100 वर्ष पुरानी है और सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, बावजूद इसके इसे बिना किसी ठोस जांच के अतिक्रमण बताकर ढहा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है और 100 साल से मौजूद है, तो इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है। खान ने प्रशासन से ध्वस्तीकरण से पहले सभी दस्तावेजों की गहन जांच करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। फिरोज खान ने यह भी कहा कि यदि कोई गलती पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और मस्जिद के पुनर्निर्माण पर भी विचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी कदम उठाने से पहले सभी पक्षों को सुना जाए ताकि जिले का माहौल खराब न हो। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान फिरोज खान के साथ अन्य सपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।1