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जयपुर में आम आदमी पार्टी की मीटिंग में और धीरे-धीरे करके रेलिया निकारी *E20 पेट्रोल - नए भारत की ओर एक कदम।* E20 के उपयोग से पहले व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दी गई। बाजार में #E20 के आने के बाद भी इंजन फेल होने की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। परीक्षण से प्रमाण | प्रमाण से भरोसा | भरोसे से भविष्य *E20 पेट्रोल - नए भारत की ओर एक कदम।* E20 के उपयोग से पहले व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दी गई। बाजार में #E20 के आने के बाद भी इंजन फेल होने की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। परीक्षण से प्रमाण | प्रमाण से भरोसा | भरोसे से भविष्य
भरत सिंह मीणा सरमथुरा
जयपुर में आम आदमी पार्टी की मीटिंग में और धीरे-धीरे करके रेलिया निकारी *E20 पेट्रोल - नए भारत की ओर एक कदम।* E20 के उपयोग से पहले व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दी गई। बाजार में #E20 के आने के बाद भी इंजन फेल होने की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। परीक्षण से प्रमाण | प्रमाण से भरोसा | भरोसे से भविष्य *E20 पेट्रोल - नए भारत की ओर एक कदम।* E20 के उपयोग से पहले व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दी गई। बाजार में #E20 के आने के बाद भी इंजन फेल होने की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। परीक्षण से प्रमाण | प्रमाण से भरोसा | भरोसे से भविष्य
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- बाड़ी में A-श्रेणी की नाकाबंदी, 20 वाहनों के काटे चालान, अवैध खनन पर भी कार्रवाई बाड़ी में A-श्रेणी की नाकाबंदी, 20 वाहनों के काटे चालान, अवैध खनन पर भी कार्रवाई SP विकास सांगवान के निर्देश पर जिलेभर में A-श्रेणी की नाकाबंदी और विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। बाड़ी थानाप्रभारी महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में सुबह 5 बजे से 9 बजे तक सघन नाकाबंदी की गई। इस दौरान पुलिस ने वाहनों की जांच करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले 20 वाहनों के चालान किए। साथ ही अवैध खनन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए रखी। अभियान का उद्देश्य आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। कार्रवाई के दौरान थानाप्रभारी महेंद्र शर्मा, राजकुमार मीणा एएसआई सहित हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश, कांस्टेबल अमीर सिंह, राजेन्द्र सिंह, सूबेसिंह एवं पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।1
- हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* *शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय* *हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- Gangapur city jila Sawai Madhopur नाम ही काफी है क्यूंकि यहां के नेता (गंगापुर ) के नेताओं ने गंगापुर बालों के लिए स्विमिंग पूल की व्यवस्था कर रखी है जो उदई मोड से सालोदा मोड का मोड तक है। या यूं कहे मोदी जी का हर घर जल की कमी को पुरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते है। Gangapur city jila Sawai Madhopur नाम ही काफी है क्यूंकि यहां के नेता (गंगापुर ) के नेताओं ने गंगापुर बालों के लिए स्विमिंग पूल की व्यवस्था कर रखी है जो उदई मोड से सालोदा मोड का मोड तक है। या यूं कहे मोदी जी का हर घर जल की कमी को पुरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते है। क्या इन नेताओं को शर्म नहीं आती है या गंगापुर सिटी वालों को। अब मैं यह नहीं बोलूंगा कि थोड़ा बहुत चंदा इसी में भी लगा देते तो अच्छा रहता है क्योंकि अंधभक्त बुरा मान जाएंगे यह गंगापुर सिटी का हाल है इससे अच्छा तो करौली है।1
- विश्व आदिवासी दिवस पर विधानसभा सपोटरा के करणपुर क्षेत्र के युवाओं ने उठाई ये मांग, सरकार के बहिष्कार की दी चेतावनी करणपुर क्षेत्र के युवाओं ने विश्व आदिवासी दिवस पर विधानसभा सपोटरा के करणपुर क्षेत्र में स्थित भकुला नाले के निर्माण की मांग को उठाया है और अपनी परेशानी को बताते हुए शीघ्र नाला निर्माण करवाने की मांग उठाई है1
- ब्रैकिग कैलारस *शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय* *हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पुरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
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