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700 किमी का सफर तय कर पति को ढूंढने सतना पहुंची पत्नी, बीच सड़क पर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा ​ ​सतना | मध्य भारत न्यूज़ सतना जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत नजीराबाद इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपने पति को ढूंढते हुए करीब 700 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से यहाँ पहुँच गई। बीच सड़क पर पति-पत्नी के बीच हुई इस तीखी झड़प और मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ​क्या है पूरा मामला? ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अमरीन खान महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली है। अमरीन का आरोप है कि उसका पति आदिल खान उसे छोड़कर सतना आ गया था। अपने पति की तलाश में अमरीन 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर नजीराबाद पहुंची। जैसे ही उसने आदिल को देखा, दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। ​बीच सड़क पर मारपीट और हंगामा ​देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच सड़क पर ही बहस और हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद होता दिख रहा है। ​पुलिस की दखल ​हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला का कहना है कि वह इंसाफ के लिए इतनी दूर आई है और अपने हक की लड़ाई जारी रखेगी। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़

3 hrs ago
user_MADHYA BHARAT NEWS
MADHYA BHARAT NEWS
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

700 किमी का सफर तय कर पति को ढूंढने सतना पहुंची पत्नी, बीच सड़क पर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा ​ ​सतना | मध्य भारत न्यूज़ सतना जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत नजीराबाद इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपने पति को ढूंढते हुए करीब 700 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से यहाँ पहुँच गई। बीच सड़क पर पति-पत्नी के बीच हुई इस तीखी झड़प और मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ​क्या है पूरा मामला? ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अमरीन खान महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली है। अमरीन का आरोप है कि उसका पति आदिल खान उसे छोड़कर सतना आ गया था। अपने पति की तलाश में अमरीन 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर नजीराबाद पहुंची। जैसे ही उसने आदिल को देखा, दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। ​बीच सड़क पर मारपीट और हंगामा ​देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच सड़क पर ही बहस और हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद होता दिख रहा है। ​पुलिस की दखल ​हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला का कहना है कि वह इंसाफ के लिए इतनी दूर आई है और अपने हक की लड़ाई जारी रखेगी। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़

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  • नागपुर से सतना ससुराल पहुंची महिला को पति ने धक्के मारकर घर से निकाला बाहर सतना । नागपुर से सतना नजीराबाद पहुंची महिला से ससुराल वालों किया विवाद, पति ने मारपीट कर महिला को धक्के देकर घर से निकाल बाहर, महिला का आरोप ससुराल वाले पति का करना चाहते है दूसरी शादी, 7 साल पहले दोनों ने की थी लव मैरिज, मामला पहुंचा थाने, सिटी कोतवाली पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला किया दर्ज।
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    नागपुर से सतना ससुराल पहुंची महिला को पति ने धक्के मारकर घर से निकाला बाहर
सतना । नागपुर से सतना नजीराबाद पहुंची महिला से ससुराल वालों किया विवाद, पति ने मारपीट कर महिला को धक्के देकर घर से निकाल बाहर, महिला का आरोप ससुराल वाले पति का करना चाहते है दूसरी शादी, 7 साल पहले दोनों ने की थी लव मैरिज, मामला पहुंचा थाने, सिटी कोतवाली पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला किया दर्ज।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ​ ​सतना | मध्य भारत न्यूज़ सतना जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत नजीराबाद इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपने पति को ढूंढते हुए करीब 700 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से यहाँ पहुँच गई। बीच सड़क पर पति-पत्नी के बीच हुई इस तीखी झड़प और मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ​क्या है पूरा मामला? ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अमरीन खान महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली है। अमरीन का आरोप है कि उसका पति आदिल खान उसे छोड़कर सतना आ गया था। अपने पति की तलाश में अमरीन 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर नजीराबाद पहुंची। जैसे ही उसने आदिल को देखा, दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। ​बीच सड़क पर मारपीट और हंगामा ​देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच सड़क पर ही बहस और हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद होता दिख रहा है। ​पुलिस की दखल ​हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला का कहना है कि वह इंसाफ के लिए इतनी दूर आई है और अपने हक की लड़ाई जारी रखेगी। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
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​सतना | मध्य भारत न्यूज़ सतना जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत नजीराबाद इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपने पति को ढूंढते हुए करीब 700 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से यहाँ पहुँच गई। बीच सड़क पर पति-पत्नी के बीच हुई इस तीखी झड़प और मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
​क्या है पूरा मामला?
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अमरीन खान महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली है। अमरीन का आरोप है कि उसका पति आदिल खान उसे छोड़कर सतना आ गया था। अपने पति की तलाश में अमरीन 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर नजीराबाद पहुंची। जैसे ही उसने आदिल को देखा, दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
​बीच सड़क पर मारपीट और हंगामा
​देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच सड़क पर ही बहस और हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद होता दिख रहा है।
​पुलिस की दखल
​हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला का कहना है कि वह इंसाफ के लिए इतनी दूर आई है और अपने हक की लड़ाई जारी रखेगी।
​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कोलगवा थाना क्षेत्र के बैंक कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 11 वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या कर शव को ड्रम में छिपा दिया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
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    कोलगवा थाना क्षेत्र के बैंक कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 11 वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या कर शव को ड्रम में छिपा दिया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है।
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Neeraj Ravi
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    Post by Neeraj Ravi
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व विधायक मैहर
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    महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व  विधायक मैहर
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
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    Post by AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    user_AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    Internet shop नागौद, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Anil thakur
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    Post by Anil thakur
    user_Anil thakur
    Anil thakur
    बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?” यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है। जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं। भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है। यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की। यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता। थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें। यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है। जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
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    थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?”
यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है।
जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं।
भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है।
यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की।
यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता।
थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है।
जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
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