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झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में धूल और प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं किया गया है, और जो पेड़ पहले हरे-भरे थे, वे भी धूल की मोटी परत से काले पड़ चुके हैं। यह सब 'जनहित विकास' के नाम पर हो रहे प्रदूषण और कोयला खदानों के कारण बिगड़ते पर्यावरण की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।
Yuva team jharkhand
झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में धूल और प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं किया गया है, और जो पेड़ पहले हरे-भरे थे, वे भी धूल की मोटी परत से काले पड़ चुके हैं। यह सब 'जनहित विकास' के नाम पर हो रहे प्रदूषण और कोयला खदानों के कारण बिगड़ते पर्यावरण की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।
More news from झारखंड and nearby areas
- पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।2
- झारखंड के पांकी में बालू माफियाओं की जबरदस्त दबंगई देखने को मिली है। अंचलाधिकारी राजीव कुमार द्वारा अवैध बालू के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें आरोप है कि अवैध बालू से लदे जब्त किए गए ट्रैक्टरों को माफिया बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- गढ़वा जिले के चिनियां थाना क्षेत्र के मसरा जंगल में मिले मानव कंकाल मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक जयमंगल कुमार सिंह को प्रेम प्रसंग के जाल में फंसाकर इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। दिनांक 27 मई 2026 को मसरा जंगल में मानव कंकाल मिलने की सूचना पर, गढ़वा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंका रोहित कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इस टीम में पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम और चिनिया थाना प्रभारी बिक्कु कुमार रजक सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। घटनास्थल की घेराबंदी कर पुलिस ने वहां से कपड़े, मोबाइल, चप्पल और बेल्ट बरामद किए। आसपास के ग्रामीणों से पहचान कराने पर मृतक की शिनाख्त जयमंगल कुमार सिंह के रूप में हुई, जिसके बाद कंकाल को पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए रिम्स रांची भेजा गया। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इस मामले में सुदामा सिंह और चुरामनी देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रसंग में फंसाकर चुरामनी देवी और उसके पति ने मिलकर जयमंगल कुमार सिंह की हत्या की साजिश रची थी। इस संबंध में चिनिया थाना कांड संख्या 18/26 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पूरे इलाके में इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सनसनी फैल गई है, जिससे प्रेम जाल में बुलाकर मौत की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।4
- गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण आक्रोशित होकर समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर सड़क की बदहाल स्थिति के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और आसपास के कई गांवों के लोगों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि पिंटू रजक ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की।1
- पलामू जिले में खनन की भारी गाड़ियों ने सड़कों को पूरी तरह से तोड़ दिया है, और हालिया बरसात ने इस स्थिति को और भी बदतर बनाते हुए रास्तों को दलदल में बदल दिया है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि अब सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि लोगों को गड्ढों में ही रास्ता खोजना पड़ता है। खनन वाहनों के लगातार आवागमन और बारिश के कारण सड़कों की यह बदहाली राहगीरों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में गरीबों के हक का सरकारी चना सड़क किनारे सड़ा हुआ पाया गया है। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के नीलकंठपुर गांव का है, जहां नीलकंठपुर मोड़ के पास भारी मात्रा में अनाज फेंका गया था। वितरण न होने के कारण यह अनाज खराब हो गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और राशन दुकान संचालकों पर लापरवाही छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में दोषियों पर FIR दर्ज की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- चतरा पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, इसी कड़ी में सिमरिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर लगभग 6 लाख रुपये मूल्य की 1 किलो 113 ग्राम अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को बगरा-लावालौंग रोड स्थित गोठाई गांव के जंगल में अफीम की खरीद-बिक्री होने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर एक विशेष टीम का गठन कर गोठाई जंगल में घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने पीछा कर लावालौंग थाना क्षेत्र के जलमा गांव निवासी राजू गंझु और रामदेव गंझु को पकड़ लिया। मौके से फरार होने वाले आरोपी की पहचान सरफराज खान के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, गिरफ्तार तस्करों के पास से 1 किलो 113 ग्राम अफीम और तस्करी में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। सिमरिया थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसडीपीओ ने सभी तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और उन्हें या तो यह धंधा छोड़ने या जेल जाने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि नशे से संबंधित कोई भी सूचना पुलिस को दें। इस सफल छापेमारी में सिमरिया सीओ गौरव, थाना प्रभारी सूर्यप्रताप और सशस्त्र बल शामिल थे।1