पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।
पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,
खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर पितांबरपुर स्थित चौहरमल पार्क में पतंजलि योगपीठ द्वारा पिछले लगभग 20 सालों से लगातार योग क्लास का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस योग क्लास के माध्यम से सभी लोगों को स्वस्थ और मस्त रहने का आह्वान किया गया है, जिसमें 'करें योग रहें निरोग' के मंत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों ने प्रतिदिन योगा करके शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रेरणा दी है।2
- झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हो खुर्द गांव के रहने वाले 45 वर्षीय पारा शिक्षक उदय सिंह की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। उदय सिंह गांव के स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ इलाके के लोगों का छोटा-मोटा इलाज भी करते थे। उनकी लाश बीती रात नगदारा गांव के पास पाटन जाने वाले रास्ते पर बरामद हुई, जिससे परिवार और गांव में गहरा मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार, बीते शाम उदय सिंह के मोबाइल पर किसी का फोन आया था जिसके बाद वे घर से निकल गए। जब देर रात तक वे घर नहीं लौटे तो परिवार चिंतित हो गया। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश के बाद, परिवार के लोग खुद उनकी खोज में निकले। खोजबीन के दौरान, नगदारा गांव के पास सड़क किनारे उनकी मोटरसाइकिल खड़ी मिली और कुछ ही दूरी पर झाड़ियों के बीच उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला। इस दिल दहला देने वाले दृश्य को देखकर परिजनों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद हुई हैं। इसी आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या से पहले वहां एक शराब पार्टी हुई थी। पुलिस का मानना है कि उदय सिंह को किसी जान-पहचान वाले ने ही फोन कर बुलाया था। शुरुआती जांच में पुलिस का शक उनके करीबी या परिचित लोगों पर ही है। अधिकारी अब उदय सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिरी बार उनकी किन-किन लोगों से बात हुई थी। इलाके में एक मिलनसार शिक्षक और मददगार व्यक्ति के रूप में जाने जाने वाले उदय सिंह की हत्या की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण बताते हैं कि वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और पुलिस से जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि मोबाइल कॉल डिटेल, घटनास्थल से मिले सुराग और पूछताछ के आधार पर हत्यारों तक जल्द ही पहुंच बना ली जाएगी और मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।2
- झारखंड के पांकी में बालू माफियाओं की जबरदस्त दबंगई देखने को मिली है। अंचलाधिकारी राजीव कुमार द्वारा अवैध बालू के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें आरोप है कि अवैध बालू से लदे जब्त किए गए ट्रैक्टरों को माफिया बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- गुरुवार को चतरा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कुल 851 झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान किया गया, जिनमें 122 जिला स्तर के और 729 प्रखंड स्तर के आंदोलनकारी शामिल थे। समारोह का शुभारंभ सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, जिप अध्यक्ष ममता कुमारी और डीसी रवि आनंद ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आंदोलनकारियों को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष के अनुभव भी साझा किए। डीसी रवि आनंद ने बताया कि चतरा जिला 29 मई 1991 को हजारीबाग से अलग होकर बना था। उन्होंने आंदोलनकारियों के त्याग और समर्पण को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और महिला-बाल विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। सांसद और विधायक ने भी आंदोलनकारियों के संघर्ष को राज्य की अमूल्य धरोहर बताया। इस मौके पर एसपी अनिमेष नैथानी, एडीएम अरविंद कुमार, एसडीओ जहूर आलम समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।1
- झारखंड के लातेहार स्थित टुबेड कोल माइंस को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बारिश के दिनों में यहाँ की सड़कों की हालत इतनी दयनीय हो जाती है कि बाइक और गाड़ियों से गिरने के कारण लोग अक्सर घायल हो जाते हैं। इसके साथ ही, धूल का प्रकोप इस हद तक बढ़ गया है कि पेड़ों की हरी-भरी पत्तियाँ भी काली पड़ गई हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या विकास का अर्थ केवल कोयला निकालना भर है, या इसमें ग्रामीणों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी शामिल है। यह प्रश्न मौजूदा खनन गतिविधियों के प्रभावों और स्थानीय समुदाय के जीवन पर पड़ने वाले असर को रेखांकित करता है।1
- पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।2