गुरुवार को चतरा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कुल 851 झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान किया गया, जिनमें 122 जिला स्तर के और 729 प्रखंड स्तर के आंदोलनकारी शामिल थे। समारोह का शुभारंभ सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, जिप अध्यक्ष ममता कुमारी और डीसी रवि आनंद ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आंदोलनकारियों को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष के अनुभव भी साझा किए। डीसी रवि आनंद ने बताया कि चतरा जिला 29 मई 1991 को हजारीबाग से अलग होकर बना था। उन्होंने आंदोलनकारियों के त्याग और समर्पण को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और महिला-बाल विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। सांसद और विधायक ने भी आंदोलनकारियों के संघर्ष को राज्य की अमूल्य धरोहर बताया। इस मौके पर एसपी अनिमेष नैथानी, एडीएम अरविंद कुमार, एसडीओ जहूर आलम समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।
गुरुवार को चतरा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कुल 851 झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान किया गया, जिनमें 122 जिला स्तर के और 729 प्रखंड स्तर के आंदोलनकारी शामिल थे। समारोह का शुभारंभ सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, जिप अध्यक्ष ममता कुमारी और डीसी रवि आनंद ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आंदोलनकारियों को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष के अनुभव भी साझा किए। डीसी रवि आनंद ने बताया कि चतरा जिला 29 मई 1991 को हजारीबाग से अलग होकर बना था। उन्होंने आंदोलनकारियों के त्याग और समर्पण को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और महिला-बाल विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। सांसद और विधायक ने भी आंदोलनकारियों के संघर्ष को राज्य की अमूल्य धरोहर बताया। इस मौके पर एसपी अनिमेष नैथानी, एडीएम अरविंद कुमार, एसडीओ जहूर आलम समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।
- गुरुवार को चतरा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कुल 851 झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान किया गया, जिनमें 122 जिला स्तर के और 729 प्रखंड स्तर के आंदोलनकारी शामिल थे। समारोह का शुभारंभ सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, जिप अध्यक्ष ममता कुमारी और डीसी रवि आनंद ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आंदोलनकारियों को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष के अनुभव भी साझा किए। डीसी रवि आनंद ने बताया कि चतरा जिला 29 मई 1991 को हजारीबाग से अलग होकर बना था। उन्होंने आंदोलनकारियों के त्याग और समर्पण को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और महिला-बाल विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। सांसद और विधायक ने भी आंदोलनकारियों के संघर्ष को राज्य की अमूल्य धरोहर बताया। इस मौके पर एसपी अनिमेष नैथानी, एडीएम अरविंद कुमार, एसडीओ जहूर आलम समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।1
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- चतरा के हंटरगंज स्थित वन क्षेत्र प्रांगण में "निरंजना फल्गु रिवर रिचार्ज मिशन" के तत्वावधान में लीलाजन-निरंजना फल्गु नदी के संरक्षण, जलसंचयन और पर्यावरण संतुलन पर एक कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नदी संरक्षण, जलवायु संतुलन और अविरल जलधारा बनाए रखने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा स्थापित पूर्ति सिंचन कल्याणकारी संस्थान, वर्धा नागपुर के प्रतिनिधि सचिन कुलकर्णी और फल्गु निरंजना रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षक सह समाजसेवी रविंद्र कुमार रवि ने कार्यक्रम का संचालन किया। परिचर्चा की शुरुआत लीलाजन नदी के उद्गम स्थल सिमरिया, बेलगड्डा, सुहावन और लावालौंग क्षेत्र के संदर्भ से हुई, जहाँ वक्ताओं ने नदी के घटते जलस्तर, अवैध बालू उठाव और पर्यावरणीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान मुख्य रूप से फल्गु नदी और उसकी सहायक नदियों पर 5 से 7 फीट ऊंचे चेक डैम, विभिन्न स्थानों पर बैराज एवं बियर बांध बनाने, नदी किनारे व्यापक वृक्षारोपण करने और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने नदी में निरंतर जलधारा बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया। जय हिंद पासवान ने निरंजना नदी को बचाने पर जोर दिया, जबकि मुखिया ब्रिज किशोर सिंह ने नदी के मेढ़ों पर वृक्षारोपण का सुझाव दिया। मुखिया बसंती पन्ना ने महुलानिया डैम निर्माण की जरूरत बताई, और समाजसेवी राजू कुमार दास ने सहायक नदियों पर बांध तथा फल्गु नदी में बैराज निर्माण की मांग की। विधायक प्रतिनिधि रोशन कुमार सिंह ने नदी में हो रहे अवैध बालू उठाव और निक्षेपण पर चिंता जताते हुए नदी घाटों की नीलामी पर पुनर्विचार की मांग की। सरदार तखत सिंह और सरदार नंदकिशोर सिंह ने नदी संरक्षण और डैम निर्माण पर अपने विचार साझा किए। सांसद प्रतिनिधि प्रेम किशोर उर्फ पंतु सिंह ने कहा कि पंडरी और कोलवा जैसे क्षेत्रों में डैम निर्माण से नदी में जल संचयन बढ़ेगा, और जगन्नाथ पासवान ने अमझर नदी पर भी चेकडैम बनाने की मांग उठाई। फल्गु निरंजना रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही फल्गु नदी में अविरल एवं निर्मल जलधारा का सपना साकार होगा। सचिन कुलकर्णी ने बताया कि माननीय मंत्री के समक्ष फल्गु नदी के जीर्णोद्धार, नदी किनारे हाईवे निर्माण और जल संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही, जल शक्ति मंत्रालय को भी अनुशंसा भेजी जाएगी ताकि नदी में पूरे साल जलधारा बनी रहे। कार्यक्रम के अंत में, शिक्षक रविंद्र कुमार रवि ने रेखांकित किया कि प्राचीन सभ्यताओं का विकास नदी घाटियों में हुआ है, और नदी न केवल मानव जीवन बल्कि जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों के अस्तित्व के लिए भी अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि “यदि नदी बचेगी तभी मानव सभ्यता और प्रकृति का संतुलन सुरक्षित रहेगा।” इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और मीडिया कर्मी उपस्थित थे।1
- झारखंड के पांकी में बालू माफियाओं की जबरदस्त दबंगई देखने को मिली है। अंचलाधिकारी राजीव कुमार द्वारा अवैध बालू के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें आरोप है कि अवैध बालू से लदे जब्त किए गए ट्रैक्टरों को माफिया बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- एक भावुक अपील में, सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि संविधान से एक विशेष 'चीज' को तत्काल हटा दिया जाए। अपीलकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि यह 'चीज' नहीं हटाई गई, तो आने वाले समय में भीषण बर्बादी होगी और लोग बीमारियों से मरेंगे, जिसमें सब कुछ नष्ट हो जाएगा। इस भयावह स्थिति का जिम्मेदार हमारे माननीय श्री सम्राट चौधरी जी को बताते हुए, उनसे विनम्रतापूर्वक आग्रह किया गया है कि वे इस गंभीर विषय पर गंभीरता से विचार करें।1
- पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।2
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र के नावाडीह पनारी गांव में शुक्रवार सुबह अचानक हुई तेज आंधी और बारिश के साथ गिरे ठनके से एक दुधारू भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नावाडीह पनारी स्थित देवी स्थान के समीप पंचायत सचिवालय के पास हुई, जहाँ मुंशी यादव की भैंस सहित 4-5 मवेशी एक पीपल के पेड़ के नीचे बंधे थे। वज्रपात इतना तीव्र था कि अन्य चार पशु डरकर अपनी खूंटा और रस्सी तोड़कर भाग निकले। इसी दौरान प्रखंड क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ भी उखड़ गए। पीड़ित किसान मुंशी यादव ने बताया कि वज्रपात के समय उनका पूरा परिवार सहम गया था और जब तक वे कुछ समझ पाते, उनकी दुधारू भैंस जमीन पर गिर चुकी थी। इस घटना से उनके परिवार को लगभग 40 हजार रुपये की भारी आर्थिक क्षति हुई है, क्योंकि यह भैंस उनकी आय का प्रमुख स्रोत थी। मुंशी यादव ने प्रखंड प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत इस क्षतिपूर्ति के लिए तत्काल मुआवज़े की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि ऐसे आपदा पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे अपने जीवनयापन के साधन दोबारा स्थापित कर सकें।1