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गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Mr Bablu kumar soni
गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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- गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- मोकामा रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए सतर्कता का एक महत्वपूर्ण सबक सामने आया है, जहाँ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मोकामा की टीम ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को यात्रियों का ट्रॉली बैग चुराते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह आरोपी भीड़भाड़ और यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर उनके ट्रॉली बैग लेकर फरार हो जाता था। आरपीएफ की लगातार निगरानी और सतर्कता के चलते उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपने चोरी के तरीके और अपनी वारदातों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना के बाद, रेलवे सुरक्षा बल ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान अपने सामान पर लगातार नजर रखें, किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को इसकी सूचना दें। रेलवे प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और चोरी जैसी घटनाओं पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर समय-समय पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सामान को कभी भी लावारिस न छोड़ें, स्टेशन और ट्रेन में सतर्क रहें, संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत RPF या GRP को दें और अपने कीमती सामान को हमेशा सुरक्षित अपने पास रखें। सुरक्षित रेल यात्रा के लिए जागरूकता और सतर्कता को ही सबसे बड़ा बचाव बताया गया है।1
- झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हो खुर्द गांव के रहने वाले 45 वर्षीय पारा शिक्षक उदय सिंह की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। उदय सिंह गांव के स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ इलाके के लोगों का छोटा-मोटा इलाज भी करते थे। उनकी लाश बीती रात नगदारा गांव के पास पाटन जाने वाले रास्ते पर बरामद हुई, जिससे परिवार और गांव में गहरा मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार, बीते शाम उदय सिंह के मोबाइल पर किसी का फोन आया था जिसके बाद वे घर से निकल गए। जब देर रात तक वे घर नहीं लौटे तो परिवार चिंतित हो गया। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश के बाद, परिवार के लोग खुद उनकी खोज में निकले। खोजबीन के दौरान, नगदारा गांव के पास सड़क किनारे उनकी मोटरसाइकिल खड़ी मिली और कुछ ही दूरी पर झाड़ियों के बीच उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला। इस दिल दहला देने वाले दृश्य को देखकर परिजनों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद हुई हैं। इसी आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या से पहले वहां एक शराब पार्टी हुई थी। पुलिस का मानना है कि उदय सिंह को किसी जान-पहचान वाले ने ही फोन कर बुलाया था। शुरुआती जांच में पुलिस का शक उनके करीबी या परिचित लोगों पर ही है। अधिकारी अब उदय सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिरी बार उनकी किन-किन लोगों से बात हुई थी। इलाके में एक मिलनसार शिक्षक और मददगार व्यक्ति के रूप में जाने जाने वाले उदय सिंह की हत्या की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण बताते हैं कि वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और पुलिस से जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि मोबाइल कॉल डिटेल, घटनास्थल से मिले सुराग और पूछताछ के आधार पर हत्यारों तक जल्द ही पहुंच बना ली जाएगी और मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।2
- गुरुवार को चतरा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कुल 851 झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान किया गया, जिनमें 122 जिला स्तर के और 729 प्रखंड स्तर के आंदोलनकारी शामिल थे। समारोह का शुभारंभ सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, जिप अध्यक्ष ममता कुमारी और डीसी रवि आनंद ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आंदोलनकारियों को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष के अनुभव भी साझा किए। डीसी रवि आनंद ने बताया कि चतरा जिला 29 मई 1991 को हजारीबाग से अलग होकर बना था। उन्होंने आंदोलनकारियों के त्याग और समर्पण को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और महिला-बाल विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। सांसद और विधायक ने भी आंदोलनकारियों के संघर्ष को राज्य की अमूल्य धरोहर बताया। इस मौके पर एसपी अनिमेष नैथानी, एडीएम अरविंद कुमार, एसडीओ जहूर आलम समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।1
- एक भावुक अपील में, सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि संविधान से एक विशेष 'चीज' को तत्काल हटा दिया जाए। अपीलकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि यह 'चीज' नहीं हटाई गई, तो आने वाले समय में भीषण बर्बादी होगी और लोग बीमारियों से मरेंगे, जिसमें सब कुछ नष्ट हो जाएगा। इस भयावह स्थिति का जिम्मेदार हमारे माननीय श्री सम्राट चौधरी जी को बताते हुए, उनसे विनम्रतापूर्वक आग्रह किया गया है कि वे इस गंभीर विषय पर गंभीरता से विचार करें।1
- झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर पितांबरपुर स्थित चौहरमल पार्क में पतंजलि योगपीठ द्वारा पिछले लगभग 20 सालों से लगातार योग क्लास का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस योग क्लास के माध्यम से सभी लोगों को स्वस्थ और मस्त रहने का आह्वान किया गया है, जिसमें 'करें योग रहें निरोग' के मंत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों ने प्रतिदिन योगा करके शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रेरणा दी है।2
- पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।2