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हिमाचल प्रदेश में एक गरीब परिवार चुनावी वादों और जमीनी सच्चाई के बीच फंसा हुआ है।
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हिमाचल प्रदेश में एक गरीब परिवार चुनावी वादों और जमीनी सच्चाई के बीच फंसा हुआ है।
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- हिमाचल प्रदेश में एक गरीब परिवार चुनावी वादों और जमीनी सच्चाई के बीच फंसा हुआ है।1
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर सरगल चौक में सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस पहल के तहत, 4 हजार लीटर मीठे पानी की छबील लगाकर उसका वितरण किया गया, साथ ही 50 किलो चने का भी वितरण किया गया।1
- तु है कहाँ तुझे ढूंढे मेरी नज़र, सिर्फ एक मुलाकात की तमन्ना है दिल को समझा सकु इस जमाने मे मेरा भी कोई है l1
- पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने हाल ही में नशे और चोरियों से संबंधित विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का खुलासा किया है। उन्होंने पुलिस के उन कदमों और प्रयासों की जानकारी साझा की है जो इन आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए उठाए गए हैं।1
- आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शिमला में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने दावा किया कि कांग्रेस को संविधान और लोकतंत्र की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि देश के इतिहास में लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाया गया आपातकाल था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए पूरे देश को एक तरह से जेल में बदल दिया था। भाजपा ने ऐलान किया है कि 25 जून को पूरे देश में 'संविधान हत्या दिवस' मनाया जाएगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में देश का विभाजन, 1975 का आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगे, इन तीन घटनाओं ने देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने बताया कि 25 जून 1975 की रात देशभर में आपातकाल लागू कर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने के बजाय आपातकाल का रास्ता चुना। उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस, चंद्रशेखर सहित हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मीसा कानून के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहाँ लोगों के पास दलील, वकील या अपील का कोई अधिकार नहीं था। भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान 39वें और 42वें संविधान संशोधन के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। इसमें न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित करना, संसद और विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाना और शीर्ष पदों के चुनावों को न्यायिक समीक्षा से बाहर करने की कोशिश करना शामिल था। उन्होंने कहा कि जबरन नसबंदी अभियान और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग ने उस दौर को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बना दिया। भारद्वाज ने इस बात पर जोर दिया कि उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ और लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया और हजारों कार्यकर्ताओं ने जेल यात्राएं कीं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज वही कांग्रेस संविधान बचाने की बात कर रही है जिसने सबसे अधिक बार संविधान में संशोधन किए और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। भाजपा नेता ने जानकारी दी कि 25 जून को शिमला में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल मुख्य वक्ता होंगे। इसके अतिरिक्त, 27 जून को पालमपुर में होने वाले एक अन्य कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान आपातकाल से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी और लोकतंत्र सेनानियों तथा उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।1
- जिन लोगों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं, उन्होंने पीने के पानी की व्यवस्था करने की मार्मिक अपील की है। अपनी बदहाली के बीच इन लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें कम से कम पीने का पानी तो उपलब्ध कराया जाए।1
- पंचकूला के रामगढ़ में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच समाजसेवी दुकानदारों ने राहगीरों और वाहन चालकों की सेवा के लिए मीठे ठंडे पानी की छबील का आयोजन किया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर ठंडा मीठा पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस की और इस सामाजिक प्रयास की जमकर सराहना की। इस छबील सेवा में समाजसेवी एवं व्यापारियों के साथ-साथ बहादुर सैनी, सुशील सैनी, हरीश शर्मा और गाँव की महिलाओं व बच्चों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। सभी ने विशेष तौर पर राहगीरों और वाहन चालकों को रोककर उन्हें ठंडा मीठा पानी पिलाया, जिससे तपती गर्मी में उन्हें काफी आराम मिला। स्थानीय लोगों ने ऐसे सामाजिक और सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये समाज में भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।1
- बिलासपुर जिले के तुगड़ी में पैराफिट न होने के कारण सड़क पर लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने लोकनिर्माण विभाग से सड़क पर सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने और आवश्यक पैराफिट लगाने की गुहार लगाई है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1