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पंचकूला के रामगढ़ में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच समाजसेवी दुकानदारों ने राहगीरों और वाहन चालकों की सेवा के लिए मीठे ठंडे पानी की छबील का आयोजन किया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर ठंडा मीठा पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस की और इस सामाजिक प्रयास की जमकर सराहना की। इस छबील सेवा में समाजसेवी एवं व्यापारियों के साथ-साथ बहादुर सैनी, सुशील सैनी, हरीश शर्मा और गाँव की महिलाओं व बच्चों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। सभी ने विशेष तौर पर राहगीरों और वाहन चालकों को रोककर उन्हें ठंडा मीठा पानी पिलाया, जिससे तपती गर्मी में उन्हें काफी आराम मिला। स्थानीय लोगों ने ऐसे सामाजिक और सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये समाज में भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
DEV DARSHAN SHARMA PRESS
पंचकूला के रामगढ़ में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच समाजसेवी दुकानदारों ने राहगीरों और वाहन चालकों की सेवा के लिए मीठे ठंडे पानी की छबील का आयोजन किया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर ठंडा मीठा पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस की और इस सामाजिक प्रयास की जमकर सराहना की। इस छबील सेवा में समाजसेवी एवं व्यापारियों के साथ-साथ बहादुर सैनी, सुशील सैनी, हरीश शर्मा और गाँव की महिलाओं व बच्चों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। सभी ने विशेष तौर पर राहगीरों और वाहन चालकों को रोककर उन्हें ठंडा मीठा पानी पिलाया, जिससे तपती गर्मी में उन्हें काफी आराम मिला। स्थानीय लोगों ने ऐसे सामाजिक और सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये समाज में भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
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- जिन लोगों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं, उन्होंने पीने के पानी की व्यवस्था करने की मार्मिक अपील की है। अपनी बदहाली के बीच इन लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें कम से कम पीने का पानी तो उपलब्ध कराया जाए।1
- पंचकूला के रामगढ़ में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच समाजसेवी दुकानदारों ने राहगीरों और वाहन चालकों की सेवा के लिए मीठे ठंडे पानी की छबील का आयोजन किया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर ठंडा मीठा पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस की और इस सामाजिक प्रयास की जमकर सराहना की। इस छबील सेवा में समाजसेवी एवं व्यापारियों के साथ-साथ बहादुर सैनी, सुशील सैनी, हरीश शर्मा और गाँव की महिलाओं व बच्चों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। सभी ने विशेष तौर पर राहगीरों और वाहन चालकों को रोककर उन्हें ठंडा मीठा पानी पिलाया, जिससे तपती गर्मी में उन्हें काफी आराम मिला। स्थानीय लोगों ने ऐसे सामाजिक और सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये समाज में भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।1
- लिव-इन संबंध का विरोध करने पर एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने माता-पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात में बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।1
- हरियाणा के शाहाबाद स्थित वार्ड नंबर 15 में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण वार्ड के निवासी नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। यह गंभीर स्थिति तब है जब वार्ड में दो-दो पार्षद होने के बावजूद गंदगी से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।3
- आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शिमला में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने दावा किया कि कांग्रेस को संविधान और लोकतंत्र की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि देश के इतिहास में लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाया गया आपातकाल था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए पूरे देश को एक तरह से जेल में बदल दिया था। भाजपा ने ऐलान किया है कि 25 जून को पूरे देश में 'संविधान हत्या दिवस' मनाया जाएगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में देश का विभाजन, 1975 का आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगे, इन तीन घटनाओं ने देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने बताया कि 25 जून 1975 की रात देशभर में आपातकाल लागू कर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने के बजाय आपातकाल का रास्ता चुना। उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस, चंद्रशेखर सहित हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मीसा कानून के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहाँ लोगों के पास दलील, वकील या अपील का कोई अधिकार नहीं था। भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान 39वें और 42वें संविधान संशोधन के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। इसमें न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित करना, संसद और विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाना और शीर्ष पदों के चुनावों को न्यायिक समीक्षा से बाहर करने की कोशिश करना शामिल था। उन्होंने कहा कि जबरन नसबंदी अभियान और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग ने उस दौर को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बना दिया। भारद्वाज ने इस बात पर जोर दिया कि उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ और लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया और हजारों कार्यकर्ताओं ने जेल यात्राएं कीं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज वही कांग्रेस संविधान बचाने की बात कर रही है जिसने सबसे अधिक बार संविधान में संशोधन किए और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। भाजपा नेता ने जानकारी दी कि 25 जून को शिमला में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल मुख्य वक्ता होंगे। इसके अतिरिक्त, 27 जून को पालमपुर में होने वाले एक अन्य कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान आपातकाल से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी और लोकतंत्र सेनानियों तथा उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।1
- हिमाचल प्रदेश में एक गरीब परिवार चुनावी वादों और जमीनी सच्चाई के बीच फंसा हुआ है।1
- पंचकूला पुलिस ने अपने 'भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान' के तहत बीते एक सप्ताह में 110 बच्चों को भीख मांगने के दलदल से बाहर निकाला है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि इनमें से अधिकतर बच्चे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के निवासी हैं, जिन्हें सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके मूल निवास स्थानों पर वापस भेजा गया है। ये बच्चे गुब्बारे, पेन और अन्य छोटे-मोटे सामान बेचने के बहाने लोगों से भीख मांगते पाए गए थे। पुलिस ने बच्चों के परिजनों को थाने बुलाकर सख्त चेतावनी दी है और उन्हें समझाया है कि बच्चों का भविष्य शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर जीवन जीने में है, साथ ही भविष्य में बच्चों से भीख मंगवाने की स्थिति पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन द्वारा पंचकूला को सुरक्षित, व्यवस्थित और अपराध मुक्त शहर बनाने की दिशा में शुरू किया गया यह विशेष अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसका उद्देश्य सड़क किनारे भीख मांगने वाले लोगों, विशेषकर मासूम बच्चों को इस दलदल से निकालकर सम्मानजनक जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। अभियान को सफल बनाने के लिए इंस्पेक्टर राजेश कुमारी की अगुवाई में छह सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमें भी सहयोग कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर स्वयं प्रतिदिन इसकी प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा बस स्टैंडों, प्रमुख बाजारों, ट्रैफिक सिग्नलों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर इन बच्चों की पहचान की गई है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नलों और रेड लाइटों पर भीख मांगने वालों के अचानक सामने आने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, साथ ही ऐसी गतिविधियों की आड़ में आपराधिक तत्वों के छिपे होने की आशंका भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती है। इसी कारण यह अभियान सामाजिक सरोकार के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने आमजन से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है और भिक्षावृत्ति से संबंधित कोई भी जानकारी देने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 8146630022 जारी किया है। पंचकूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान तब तक लगातार जारी रहेगा, जब तक शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त नहीं बना दिया जाता।1
- यमुनानगर जिले के सढौरा स्थित नई सब्जी मंडी में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प पड़ी है, जिससे वहां के किसानों, आढ़तियों और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है। आरती संघ के प्रधान मंजीत सिंह ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1