NH-43 पर फिल्मी स्टाइल वारदात: ट्रक चालक को बंधक बनाकर लूट... अनूपपुर | कोतवाली थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 43 पर बटुरा गांव के पास देर रात सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। कार सवार आधा दर्जन बदमाशों ने फिल्मी अंदाज़ में ट्रक को ओवरटेक कर चालक को निशाना बनाया। बदमाशों ने ट्रक रुकवाकर चालक को बंधक बना लिया और डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी ट्रक से करीब 250 लीटर डीजल और चालक के पास रखे 7 हजार रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल चालक किसी तरह जान बचाकर कोतमा पहुंचा, जहां उसने इलाज करवाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 🔎 पुलिस अलर्ट मोड पर: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। 👉 सवाल बड़ा: आखिर NH-43 जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
NH-43 पर फिल्मी स्टाइल वारदात: ट्रक चालक को बंधक बनाकर लूट... अनूपपुर | कोतवाली थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 43 पर बटुरा गांव के पास देर रात सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। कार सवार आधा दर्जन बदमाशों ने फिल्मी अंदाज़ में ट्रक को ओवरटेक कर चालक को निशाना बनाया। बदमाशों ने ट्रक रुकवाकर चालक को बंधक बना लिया और डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी ट्रक से करीब 250 लीटर डीजल और चालक के पास रखे 7 हजार रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल चालक किसी तरह जान बचाकर कोतमा पहुंचा, जहां उसने इलाज करवाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 🔎 पुलिस अलर्ट मोड पर: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। 👉 सवाल बड़ा: आखिर NH-43 जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- उमरिया जिले में केंद्रीय विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में कलेक्टर राखी सहाय ने डबरोहा क्षेत्र में आवंटित भूमि का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद टीम के साथ भूमि की स्थिति, पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई, ताकि भविष्य में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।1
- शहडोल में भगवान परशुराम जयंती पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई शहडोल। अत्यंत हर्ष के साथ सूचित किया गया है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह शोभा यात्रा आज 20 अप्रैल 2026, सोमवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (अक्षय तृतीया) के पावन अवसर पर निकाली जाएगी। आयोजकों के अनुसार शोभा यात्रा शाम को जय स्तंभ चौक, शहडोल से प्रारंभ होगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मोहनराम मंदिर, शहडोल में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और शहर में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
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- मानपुर नगर में लगने वाले जानलेवा जाम से बेहाल है आवाम-बेकाम साबित हो रहा 4 साल बीतने के बाद भी नप. प्रशासन। *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।3
- Post by Anil thakur4
- डिंडौरी जिला चिकित्सालय में उपचार जारी3
- थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?” यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है। जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं। भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है। यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की। यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता। थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें। यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है। जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।1
- अनूपपुर | कोतवाली थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 43 पर बटुरा गांव के पास देर रात सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। कार सवार आधा दर्जन बदमाशों ने फिल्मी अंदाज़ में ट्रक को ओवरटेक कर चालक को निशाना बनाया। बदमाशों ने ट्रक रुकवाकर चालक को बंधक बना लिया और डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी ट्रक से करीब 250 लीटर डीजल और चालक के पास रखे 7 हजार रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल चालक किसी तरह जान बचाकर कोतमा पहुंचा, जहां उसने इलाज करवाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 🔎 पुलिस अलर्ट मोड पर: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। 👉 सवाल बड़ा: आखिर NH-43 जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1