टैक्स की मार, निवेशकों की मारामारी, सुक्खू सरकार ने हिमाचल की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारा: राणा प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने वित्तीय कुप्रबंधन, निवेश पलायन और बढ़ते कर्ज पर उठाए गंभीर सवाल सुजानपुर हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।
टैक्स की मार, निवेशकों की मारामारी, सुक्खू सरकार ने हिमाचल की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारा: राणा प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने वित्तीय कुप्रबंधन, निवेश पलायन और बढ़ते कर्ज पर उठाए गंभीर सवाल सुजानपुर हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।
- उपमंडल बंगाणा के ऊना बिलासपुर सीमा पर प्रकृति की गोद ओर गोबिंद सागर झील के समीप स्थित डोहकेश्वर_धाम मंदिर अपनी विशाल 54 फीट ऊंची "हनुमान जी" की प्रतिमा और शांत प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। जिसे अक्सर 'हिमाचल का स्वर्ग' कहा जाता है। इस मंदिर का प्रबंधन 'डोहकेश्वर धाम मैनेजमेंट ट्रस्ट' द्वारा किया जाता है। मंदिर परिसर में हनुमान जी, मनसा देवी, लखदाता पीर, बाबा बालक नाथ जी, नयना देवी, गणेश जी आदि अनेक देवी देवताओं की सुंदर मूर्तियां हैं। साथ ही शिवलिंग भी स्थापित किया गया है। इसके अलावा अखंड धूना, शनि मंदिर और नवग्रह मंदिर भी बनाए गए हैं। यहां "मनोकामना स्तंभ" भी हैं, जिसपर श्रद्धालु मोली बांधकर , ईश्वर से मनोकामना मांगते हैं। मंदिर में सभी प्रमुख त्यौहार और पर्व मनाए जाते हैं। यहां अखंड रामायण पाठ, जागरणों का भी आयोजन किया जाता है। समय समय पर मेलों /खेलों का आयोजन किया जाता है विशेषकर कुश्तियों, वॉलीबॉल और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं करवाई जाती हैं जिसमें राज्य के बाहर के खिलाड़ी भी भाग लेते हैं।1
- उपायुक्त जतिन लाल ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिले में चयनित गांवों में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। वे बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उन गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है, जहां अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। योजना के तहत सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम विकास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिले के 23 गांव इस योजना के तहत चयनित किए जा चुके हैं, जिनमें विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही तीसरे चरण में जिले के 11 नए गांव - बह, धनोबाल, फतेहपुर, धेवट-बेहड़, ज्वाल, ज्वार, जबेहड़, किन्नू, लमलेहड़ा, लमलेहड़ी उपरली तथा नैहरी खालसा, का चयन किया गया है। उन्होंने इन गांवों की ग्राम विकास योजनाएं शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों को तेजी से आरंभ किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि ग्राम विकास योजना में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिन पर किसी प्रकार का विवाद न हो, ताकि विकास की गति प्रभावित न हो। उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों का विवरण फोटो सहित पीएमएजीवाई पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) नरेंद्र कुमार, प्रबंधक लीड बैंक संजीव कुमार सक्सेना, तहसील कल्याण अधिकारी जितेंद्र शर्मा, खंड विकास अधिकारी अंब, ऊना व गगरेट सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। --0--1
- गौ सेवा रक्षक दल कुल्लू अध्यक्ष शेरा नेगी बीमार नंदी महाराज के सेवा में 24/7 तैयार दीवार वाले दिन भी गौ धन की सेवा करना है Himachal Update 24 News Himachal update Bhajan Bhakti #कुल्लू #kullu #mandishivratri1
- सदर विधायक त्रिलोक जंबाल ने कहा है कि तालाबंदी की शौकीन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर को एक और अनचाहा तोहफा दिया है। जनहित में खोले गए कई संस्थानों को बंद करने की कड़ी में बिलासपुर गर्ल्स आईटीआई के बाद अब पिछले करीब 75 वर्षों से जिला मुख्यालय में चल रहे सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल को बंद करने का फरमान जारी कर दिया गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ नया देने के बजाए आए दिन कुछ न कुछ बंद करना इस जनविरोधी सरकार की आदत बन गई है। यदि यह तुगलकी फैसला रद नहीं किया गया तो भाजपा कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर होगी।1
- रिपोर्ट 19 फरवरी बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज घाटी (कुल्लू): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शेंशर में 'वीरवार क़ो सड़क सुरक्षा दिवस' का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। खास आकर्षण: कार्यक्रम के दौरान एक नन्ही छात्रा द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों पर दिया गया ओजस्वी भाषण आकर्षण का केंद्र रहा। छात्र ने अपने वक्तव्य में न केवल नियमों की जानकारी दी, बल्कि समाज में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुधार के उपाय भी सुझाए। छात्र के इस शानदार भाषण की पूरे स्कूल और उपस्थित अतिथियों के बीच खूब चर्चा हो रही है। मुख्य संदेश: बिना हेलमेट और लाइसेंस के वाहन न चलाएं। सड़क संकेतों का पालन करना जीवन बचाने के लिए अनिवार्य है। युवा पीढ़ी ही समाज में यातायात जागरूकता की नई मिसाल पेश कर सकती है।1
- Post by Ram chand1
- सुजानपुर सुजानपुर के वार्ड नंबर 2 निवासी प्रियांश पुत्र स्वरूप कुमार ने जेईई मेंस की परीक्षा के प्रथम अटेम्प्ट में 93% अंक प्राप्त करके अपना अपने परिजनों सहित शहर का नाम रोशन किया है छात्र के शानदार परिणाम पर उपायुक्त हमीरपुर गंधर्व राठौर में उन्हें फूलों का हार पहनाकर सम्मानित किया है अपनी इस कामयाबी पर प्रियांशु ने इसका शेयर एस्पायर हमीरपुर की टीम उनके प्राध्यापक सहित अपने परिजनों को दिया है उसने कहा कि मेहनत और परिश्रम करके हर पायदान को हासिल किया जा सकता है यह उसी का परिणाम हैं।1
- बोले कुटलैहड़ की जनता मेरा परिवार,हर समय हम जरूरत मंद परिवारों की मदद के लिए है तैयार1
- प्रदेश में भाजपा और विपक्ष रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर एक्सपोज़ हो चुका है, यह कहना है प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान का। उन्होंने कहा कि बीते कल जिस तरह से विधानसभा में रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर (सरकारी संकल्प) प्रस्ताव पारित किया गया उसने विपक्ष का व्यवहार हिमाचल की जनता के प्रतिकूल था। संदीप सांख्यान ने कहा कि प्रदेश को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का बंद किया जाना और प्रदेश में भाजपा और विपक्ष का उस ग्रांट को बंद किए जाने के पक्ष में खड़े होना साबित करता है प्रदेश भाजपा और विपक्ष को प्रदेश की जनता से कुछ लेना देना नहीं है, सिर्फ जनता को वोट लेने तक सीमित कर दो। संदीप सांख्यान ने कहा आज तक हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर बताने वाले प्रधानमंत्री ने अपने ही घर की ग्रांट बंद कर दी इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है, उन्होंने कहा कि शर्मनाक तो यह हो गया कि प्रदेश भाजपा और विपक्ष इस ग्रांट को बंद करने का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह भी साबित होता है कि प्रदेश भाजपा और विपक्षी नेताओं को हिमाचल के लोगों के हित से ज्यादा अपने केंद्र में बैठे आकाओं को खुश करने में दिलचस्पी है। संदीप सांख्यान ने कहा कि रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने पर भाजपा खुशी मना रही है जबकि यह हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ सीधे तौर पर धोखा है और हिमाचल प्रदेश की जनता का हक मारा गया है तो इस बात पर भाजपा और विपक्षी नेताओं की भूमिका हिमाचल की जनता के सामने नग्न ही चुकी है। संदीप सांख्यान ने कहा कि प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के सत्ताधारी दल जो रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर प्रस्ताव (सरकारी संकल्प) पारित किया है वह एक सराहनीय कार्य और प्रदेश की जनता और विकासात्मक योजनाओं को आगे बढाने के लिए प्रदेश की जनता के प्रति न्यायोचित कदम है। संदीप सांख्यान ने भाजपा नेताओं पर यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प भाजपा और विपक्षी नेताओं को हजम नहीं हुआ तो ऐसे में प्रदेश का अधिकार और प्रदेश को मिलने वाली रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट ही बंद करवा दी, जिसके कारण प्रदेश को करीब 40 से 50 हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है और भाजपा बजाए इस ग्रांट को दिलाने में मदद करने की बजाए केंद्र सरकार की तारीफ कर रही है, जबकि यह सर्वविदित है इससे प्रदेश की जनता को अत्यधिक नुकसान हुआ है, ओर सच्चाई यह भी इस मसले पर भाजपा पूरी तरह एक्सपोज़ भी हुई है।1