*राम मंदिर से सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, बाबा धाम के लिए हुए रवाना* उमरिया।// सावन माह के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ के भक्त कांवड़ियों द्वारा गुरुवार 6 अगस्त को दोपहर 2 बजे भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए डीजे पर नाचते गाते हुए कावड़िये भोले बाबा की भक्ति में अति उत्साहित नजर आए। यह यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक पहुँची। कांवड़ यात्री सुखदेव गुप्ता ने बताया कि आज उमरिया से एक दर्जन से अधिक कावड़िये उमरिया से बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। उमरिया से कटनी होते हुए ट्रैन से सुल्तानगंज जायेगे जहाँ से पवित्र गंगा जल लेकर कावड़िये पैदल ही 110 किलोमीटर की यात्रा कर देवघर बाबा धाम पहुँचेगे और भोले बाबा को गंगा जल चढ़ायेंगे। *यात्रा का महत्व* हिन्दू धर्म में सावन के महीने में की जाने वाली कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा, तपस्या और समर्पण का सबसे बड़ा प्रतीक है। इस यात्रा में भक्त हरिद्वार या अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लाकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, जिससे पापों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। *धार्मिक एवं पौराणिक महत्व* शिव का जलाभिषेक: समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने विष पिया था। उनके गले की जलन को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल अर्पित किया था। सावन मास में जल चढ़ाना उसी का प्रतीक है। कठोर तप के साथ गंगाजल लाकर शिव को चढ़ाने से मन और आत्मा शुद्ध होते हैं। *नियम* भक्त नंगे पैर चलते हैं और कांवड़ को कभी सीधे जमीन पर नहीं रखते।शुद्धता: यात्रा के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य, शाकाहारी भोजन और सात्विक आचरण का पालन करना अनिवार्य है।समानता: इस यात्रा में जात-पात का भेद मिट जाता है और सभी भक्त एक-दूसरे को 'भोले' कहकर पुकारते हैं।
*राम मंदिर से सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, बाबा धाम के लिए हुए रवाना* उमरिया।// सावन माह के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ के भक्त कांवड़ियों द्वारा गुरुवार 6 अगस्त को दोपहर 2 बजे भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए डीजे पर नाचते गाते हुए कावड़िये भोले बाबा की भक्ति में अति उत्साहित नजर आए। यह यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक पहुँची। कांवड़ यात्री सुखदेव गुप्ता ने बताया कि आज उमरिया से एक दर्जन से अधिक कावड़िये उमरिया से बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। उमरिया से कटनी होते हुए ट्रैन से सुल्तानगंज जायेगे जहाँ से पवित्र गंगा जल लेकर कावड़िये पैदल ही 110 किलोमीटर की यात्रा कर देवघर बाबा धाम पहुँचेगे और भोले बाबा को गंगा जल चढ़ायेंगे। *यात्रा का महत्व* हिन्दू धर्म में सावन के महीने में की जाने वाली कांवड़
यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा, तपस्या और समर्पण का सबसे बड़ा प्रतीक है। इस यात्रा में भक्त हरिद्वार या अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लाकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, जिससे पापों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। *धार्मिक एवं पौराणिक महत्व* शिव का जलाभिषेक: समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने विष पिया था। उनके गले की जलन को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल अर्पित किया था। सावन मास में जल चढ़ाना उसी का प्रतीक है। कठोर तप के साथ गंगाजल लाकर शिव को चढ़ाने से मन और आत्मा शुद्ध होते हैं। *नियम* भक्त नंगे पैर चलते हैं और कांवड़ को कभी सीधे जमीन पर नहीं रखते।शुद्धता: यात्रा के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य, शाकाहारी भोजन और सात्विक आचरण का पालन करना अनिवार्य है।समानता: इस यात्रा में जात-पात का भेद मिट जाता है और सभी भक्त एक-दूसरे को 'भोले' कहकर पुकारते हैं।
- *राम मंदिर से सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, बाबा धाम के लिए हुए रवाना* उमरिया।// सावन माह के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ के भक्त कांवड़ियों द्वारा गुरुवार 6 अगस्त को दोपहर 2 बजे भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए डीजे पर नाचते गाते हुए कावड़िये भोले बाबा की भक्ति में अति उत्साहित नजर आए। यह यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक पहुँची। कांवड़ यात्री सुखदेव गुप्ता ने बताया कि आज उमरिया से एक दर्जन से अधिक कावड़िये उमरिया से बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। उमरिया से कटनी होते हुए ट्रैन से सुल्तानगंज जायेगे जहाँ से पवित्र गंगा जल लेकर कावड़िये पैदल ही 110 किलोमीटर की यात्रा कर देवघर बाबा धाम पहुँचेगे और भोले बाबा को गंगा जल चढ़ायेंगे। *यात्रा का महत्व* हिन्दू धर्म में सावन के महीने में की जाने वाली कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा, तपस्या और समर्पण का सबसे बड़ा प्रतीक है। इस यात्रा में भक्त हरिद्वार या अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लाकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, जिससे पापों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। *धार्मिक एवं पौराणिक महत्व* शिव का जलाभिषेक: समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने विष पिया था। उनके गले की जलन को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल अर्पित किया था। सावन मास में जल चढ़ाना उसी का प्रतीक है। कठोर तप के साथ गंगाजल लाकर शिव को चढ़ाने से मन और आत्मा शुद्ध होते हैं। *नियम* भक्त नंगे पैर चलते हैं और कांवड़ को कभी सीधे जमीन पर नहीं रखते।शुद्धता: यात्रा के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य, शाकाहारी भोजन और सात्विक आचरण का पालन करना अनिवार्य है।समानता: इस यात्रा में जात-पात का भेद मिट जाता है और सभी भक्त एक-दूसरे को 'भोले' कहकर पुकारते हैं।2
- राम मंदिर से सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, बाबा धाम के लिए श्रद्धालु रवाना राम मंदिर से सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, बाबा धाम के लिए श्रद्धालु रवाना उमरिया, 6 अगस्त। सावन माह के पावन अवसर पर गुरुवार को शहर में भगवान शिव के भक्तों द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। दोपहर करीब 2 बजे राम मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सागरेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान डीजे की धुन पर शिवभक्ति के गीतों के बीच श्रद्धालु "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष लगाते हुए उत्साहपूर्वक आगे बढ़े। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु सुखदेव गुप्ता ने बताया कि उमरिया से एक दर्जन से अधिक कांवड़िये बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए रवाना हो रहे हैं। सभी श्रद्धालु उमरिया से कटनी होते हुए ट्रेन के माध्यम से सुल्तानगंज पहुंचेंगे। वहां से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 110 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। सावन मास में निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, आस्था, तपस्या और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव द्वारा विषपान करने के बाद देवताओं ने उनके कंठ की जलन शांत करने के लिए गंगाजल अर्पित किया था। उसी परंपरा के निर्वहन के रूप में सावन माह में शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा आज भी जारी है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु नंगे पैर चलते हैं तथा कांवड़ को सीधे भूमि पर नहीं रखते। कांवड़ यात्रा में शुद्धता, सात्विक भोजन, ब्रह्मचर्य और अनुशासित जीवन का विशेष महत्व होता है। साथ ही यह यात्रा सामाजिक समरसता का भी संदेश देती है, जहां सभी श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे को "भोले" कहकर संबोधित करते हैं।2
- डिस्को लाइट में तब्दील नगर परिषद मानपुर की स्ट्रीट लाइटें करोड़ों की खरीदी पर उठे सवाल, टिमटिमाती लाइटों ने खोली व्यवस्था की पोल रवि सेन | दैनिक अग्निवर्षा मानपुर। नगर परिषद मानपुर डिस्को लाइट में तब्दील नगर परिषद मानपुर की स्ट्रीट लाइटें करोड़ों की खरीदी पर उठे सवाल, टिमटिमाती लाइटों ने खोली व्यवस्था की पोल रवि सेन | दैनिक अग्निवर्षा मानपुर। नगर परिषद मानपुर द्वारा जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से करोड़ों रुपये की लागत से कराई गई स्ट्रीट लाइट खरीदी अब गंभीर सवालों के घेरे में है। नगर के मुख्य मार्गों सहित विभिन्न वार्डों में लगी बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से डिस्को लाइट की तरह जल-बुझ रही हैं और टिमटिमा रही हैं। इससे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नगरवासियों को गुणवत्तापूर्ण प्रकाश व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें लगने के कुछ समय बाद से ही उनमें खराबियां आने लगी थीं। कई स्थानों पर लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जबकि कई जगह लगातार आंख-मिचौली कर रही हैं। शिकायतों के बावजूद नगर परिषद द्वारा आज तक व्यापक स्तर पर सुधार कार्य नहीं कराया गया। हैरानी की बात यह है कि जिन मुख्य मार्गों और वार्डों में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब हैं, उन्हीं मार्गों से नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आम जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जा रहा। जानकारी के अनुसार स्ट्रीट लाइटों की खरीदी जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई थी। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खरीदी गई सामग्री निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप थी? क्या सप्लाई के समय गुणवत्ता परीक्षण कराया गया था? यदि कराया गया था तो उसकी रिपोर्ट क्या कहती है? और यदि सामग्री वारंटी अवधि में थी तो दोषपूर्ण स्ट्रीट लाइटों को बदलने अथवा सुधारने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई? इस पूरे मामले में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत खरीदी, भुगतान, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण, वारंटी एवं अन्य अभिलेखों की जानकारी मांगी गई। नगर परिषद कार्यालय ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि मांगी गई समस्त जानकारी एक साथ उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इस जवाब के बाद खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से कराए गए कार्यों की जानकारी समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अब नगरवासियों ने पूरे स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट की स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में खरीदी प्रक्रिया, सामग्री की गुणवत्ता या भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य दोषी पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही नगर की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का तत्काल सुधार कर सुरक्षित और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।2
- खराब एंबुलेंस मामले में स्वास्थ्य विभाग सख्त, ,,,,,,,,,,, उमरिया जिले में 108 और जननी एम्बुलेंस पांच गाड़ियां एक साथ खराब मिलने और उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को समय पर नहीं मिलने पर मामला सामने आया। तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। इस मामले को गंभीरता से ले हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ, व्ही एस चंदेल ने एंबुलेंस संचालन करने वाली जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस को नोटिस जारी किया गया। हालांकि जिले एक साथ पांच एंबुलेंस खराब होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बाद मामले की जानकारी सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी से जवाब मांगा है। पांच एंबुलेंस में एक एंबुलेंस एक हफ्ते से मंसूरी पेट्रोलियम टंकी पास nH 43 के बाजू से खड़ी थी। कंपनी ने उमरिया जिले के लिए पांच नए एम्बुलेंस वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।4
- 24 वर्षों की परंपरा निभाते हुए साईं कांवड़िया जत्था बाबा धाम के लिए रवाना लोकेशन : उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर : श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित साईं बाबा मंदिर से विगत 24 वर्षों से लगातार बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए रवाना होने वाला साईं कांवड़िया जत्था इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना हुआ। रवानगी से पूर्व साईं बाबा मंदिर परिसर में सभी कांवड़ियों का तिलक लगाकर, गमछा एवं लंच बॉक्स भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों के मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की। इसके पश्चात साईं कांवड़िया जत्था शिवशक्ति कुटिया धाम स्थित शिव मंदिर पहुंचा, जहां भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद नगर भ्रमण करते हुए मां बिरासनी माता मंदिर पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना की तथा यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया। सभी धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत साईं कांवड़िया जत्था बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन से बाबा धाम के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने जय भोलेनाथ और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कांवड़ियों को भावभीनी विदाई दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।4
- जन विश्वास अभियान में लोगों की समस्याओं का होगा समाधान-कलेक्टर ... मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में आमजन बनें सहभागी- श्री पार्थ जायसवाल ... सोहागपुर जनपद अंतर्गत 7 अगस्त को आयोजित होगा जन कल्याण शिविर ... शहडोल 6 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने बताया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गशन में शहडोल जिले में जन समस्याओं के त्वरित समाधान, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओ के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियानांतर्गत क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद एवं उद्यम संवाद के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण एवं केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओ का लाभ पात्र हितग्राहियो को यथासंभव प्रदान किया जाएगा। साथ ही जाति प्रमाण पत्र, अपार आईडी, आयुष्मान कार्ड आदि निर्धारित शिविर स्थल पर बनाएं जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत 7 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत अमरहा, करकटी, खैरहा, धुरवार, छतवई, पंचगांव, बंडीखुर्द, बरतरा, मझगंवा, मैकी, लालपुर एवं सिंहपुर में संबंधित पंचायत भवनों में शिविर का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जिले के नागरिको से अपील करते हुए कहा है कि अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत चलने वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में बढ़ चढकर सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अपने लंबित प्रकरणो का निराकरण कराएं एवं केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओ का पात्रतानुसार लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान अविवादित नामांतरण, बंटवारा, खसरे में सुधार, फार्मर आईडी, आधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदनों पर भी कार्यवाही की जाएगी। अभियान के दौरान खाद-बीज के गोदाम, गैस गोदाम तथा पेट्रोल पंपों का भी निरीक्षण किया जाएगा।1
- *प्रेस विज्ञप्ति* वतन प्रताप सिंह चौहान को अखिल भारतीय हिंदू युवा मंच का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं मध्यप्रदेश का प्रदेश प्रभारी बनाया गया। शहडोल।सामाजिक, राष्ट्रवादी एवं युवा नेतृत्व के क्षेत्र में सक्रिय युवा उद्यमी वतन प्रताप सिंह चौहान को अखिल भारतीय हिंदू युवा मंच द्वारा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं मध्यप्रदेश प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संगठन की कोर कमेटी के अनुमोदन एवं राष्ट्रीय प्रभारी प्रतीक शर्मा की अनुशंसा पर राष्ट्रीय महामंत्री एवं कार्यालय प्रभारी राहुल गौतम द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के माध्यम से की गई है। वतन प्रताप सिंह चौहान लंबे समय से सामाजिक सरोकारों, युवा नेतृत्व और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे अपने सकारात्मक विचारों, दूरदर्शी सोच और संगठनात्मक क्षमता के कारण युवाओं के बीच एक अलग पहचान रखते हैं। सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ वतन प्रताप सिंह चौहान एक सफल युवा उद्यमी (बिजनेसमैन) भी हैं। वे निरंतर नए व्यावसायिक अवसरों एवं नवाचारों पर कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल अपना व्यवसाय बढ़ाना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक युवाओं को अपने साथ जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना है। उनका मानना है कि सशक्त युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव हैं। वतन प्रताप सिंह चौहान को समाजसेवा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा अपने परिवार से मिली है। उनके पिता श्री महेंद्र सिंह चौहान पुलिस विभाग में अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाजहित के कार्यों में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। वहीं उनकी माता डॉ नूतन सिंह चौहान सामाजिक सरोकारों से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। वे विराट नारी शक्ति सेवा संस्थान राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक , अखिल भारतीय हिन्दू युवा मंच की राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में महिलाओं एवं युवाओं के उत्थान, सामाजिक जागरूकता, सेवा कार्यों एवं महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। समय-समय पर उनके द्वारा आयोजित सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं। परिवार की यही सेवा भावना वतन प्रताप सिंह चौहान के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति समर्पण में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। नियुक्ति के बाद वतन प्रताप सिंह चौहान ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में संगठन को मजबूत एवं विस्तार देने के लिए वे पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे। उनकी इस नियुक्ति पर सामाजिक, व्यावसायिक एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी। साथ ही युवाओं को संगठित कर सामाजिक चेतना, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को नई दिशा मिलेगी।1
- उमरिया में दो कारों की भयानक भिड़ंत! चमत्कारिक रूप से बची कई लोगों की जान | NH-43 Accident #reels #virel #breakingnews #umaria #news उमरिया में दो कारों की भयानक भिड़ंत! चमत्कारिक रूप से बची कई लोगों की जान | NH-43 Accident #reels #virel #breakingnews #umaria #news1