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बेतला नेशनल पार्क में पर्यटको को दिखा बाघ. लातेहार:जिले के बेतला पार्क मे पलामू टाइगर रिज़र्व (पीटीआर) के अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बेतला नेशनल पार्क से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। सोमवार की सुबह लातेहार टूरिज्म (रजि.) के टूर पैकेज के तहत बेतला भ्रमण पर आए पर्यटकों ने जंगल सफारी के दौरान बाघ देखे जाने का पुष्टि किया है। खास बात यह रही कि पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया, जो फिलहाल क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों कारोबारीयो होटल संचालकों में खुशी का माहौल है,यह घटना न केवल पर्यटकों के लिए जीवनभर की याद बन गई, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं। लंबे समय से बाघों की वापसी को लेकर प्रतीक्षारत पलामू टाइगर रिज़र्व के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्यटकों के अनुसार, बेतला नेशनल पार्क के निर्धारित सफारी रूट पर भ्रमण के लिए निकले थे। इसी दौरान पार्क के एक घने वन क्षेत्र में झाड़ियों के बीच उन्हें एक बाघ धूप सेंकते हुए दिखाई दिया। अचानक सामने आए इस दृश्य ने कुछ पलों के लिए सभी को स्तब्ध कर दिया। सफारी वाहन में सवार बच्चे, महिलाएं और पुरुष रोमांच और आश्चर्य से भर उठे। इसके बाद पर्यटकों ने मोबाइल कैमरों से इस दुर्लभ पल को रिकॉर्ड करना शुरू किया।रांची (इरबा) से आए पर्यटकों ने साझा किया अनुभव बाघ देखे जाने का दावा करने वाले पर्यटकों में रांची के इरबा क्षेत्र से आए पर्यटक मेहताब अहमद, जैनब फलक, फहद हुसैन, अलीना फातिमा, कहकसा और अर्श अहमद शामिल हैं। पर्यटकों ने बताया कि बाघ पूरी तरह शांत अवस्था में था और कुछ देर तक झाड़ियों के पास ही मौजूद रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे जंगल की गहराई में ओझल हो गया। लेकिन बेतला के खुले और प्राकृतिक जंगल में इस तरह बाघ को देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। कई पर्यटकों ने इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्रा बताया।इधर वन विभाग भी अलर्ट मोड़ मे हो गया है।बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। पलामू टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना, बेतला वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश दुबे तथा महिला टूरिस्ट गाइड सोनम कुमारी द्वारा बाघ देखे जाने की पुष्टि की है । हालांकि, वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है बेतला के रेंजर उमेश दुबे ने बताया कि पर्यटकों और टूरिस्ट गाइड को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाघ और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहां कि वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।वन विभाग के अनुसार, बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही पार्क क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। संवेदनशील और संभावित इलाकों में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। जंगल के भीतर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो फुटेज, पगमार्क (पदचिह्न), कैमरा ट्रैप, स्कैट एनालिसिस (मल परीक्षण) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाघ की मौजूदगी की तथ्यात्मक पुष्टि किया गया और साक्ष्य स्पष्ट वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होते हैं, तो इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया. गौरतलब है कि बेतला नेशनल पार्क और पूरे पीटीआर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर पहले भी कई बार दावे सामने आते रहे हैं। बाइट :-जानब फरहत-पर्यटक

12 hrs ago
user_Vikash Tiwary
Vikash Tiwary
Journalist लातेहार, लातेहार, झारखंड•
12 hrs ago

बेतला नेशनल पार्क में पर्यटको को दिखा बाघ. लातेहार:जिले के बेतला पार्क मे पलामू टाइगर रिज़र्व (पीटीआर) के अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बेतला नेशनल पार्क से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। सोमवार की सुबह लातेहार टूरिज्म (रजि.) के टूर पैकेज के तहत बेतला भ्रमण पर आए पर्यटकों ने जंगल सफारी के दौरान बाघ देखे जाने का पुष्टि किया है। खास बात यह रही कि पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया, जो फिलहाल क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों कारोबारीयो होटल संचालकों में खुशी का माहौल है,यह घटना न केवल पर्यटकों के लिए जीवनभर की याद बन गई, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं। लंबे समय से बाघों की वापसी को लेकर प्रतीक्षारत पलामू टाइगर रिज़र्व के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्यटकों के अनुसार, बेतला नेशनल पार्क के निर्धारित सफारी रूट पर भ्रमण के लिए निकले थे। इसी दौरान पार्क के एक घने वन क्षेत्र में झाड़ियों के बीच उन्हें एक बाघ धूप सेंकते हुए दिखाई दिया। अचानक सामने आए इस दृश्य ने कुछ पलों के लिए सभी को स्तब्ध कर दिया। सफारी वाहन में सवार बच्चे, महिलाएं और पुरुष रोमांच और आश्चर्य से भर उठे। इसके बाद पर्यटकों ने मोबाइल कैमरों से इस दुर्लभ पल को रिकॉर्ड करना शुरू किया।रांची (इरबा) से आए पर्यटकों ने साझा किया अनुभव बाघ देखे जाने का दावा करने वाले पर्यटकों में रांची के इरबा क्षेत्र से आए पर्यटक मेहताब अहमद, जैनब फलक, फहद हुसैन, अलीना फातिमा, कहकसा और अर्श अहमद शामिल हैं। पर्यटकों ने बताया कि बाघ

पूरी तरह शांत अवस्था में था और कुछ देर तक झाड़ियों के पास ही मौजूद रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे जंगल की गहराई में ओझल हो गया। लेकिन बेतला के खुले और प्राकृतिक जंगल में इस तरह बाघ को देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। कई पर्यटकों ने इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्रा बताया।इधर वन विभाग भी अलर्ट मोड़ मे हो गया है।बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। पलामू टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना, बेतला वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश दुबे तथा महिला टूरिस्ट गाइड सोनम कुमारी द्वारा बाघ देखे जाने की पुष्टि की है । हालांकि, वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है बेतला के रेंजर उमेश दुबे ने बताया कि पर्यटकों और टूरिस्ट गाइड को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाघ और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहां कि वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।वन विभाग के अनुसार, बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही पार्क क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। संवेदनशील और संभावित इलाकों में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। जंगल के भीतर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो फुटेज, पगमार्क (पदचिह्न), कैमरा ट्रैप, स्कैट एनालिसिस (मल परीक्षण) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाघ की मौजूदगी की तथ्यात्मक पुष्टि किया गया और साक्ष्य स्पष्ट वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होते हैं, तो इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया. गौरतलब है कि बेतला नेशनल पार्क और पूरे पीटीआर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर पहले भी कई बार दावे सामने आते रहे हैं। बाइट :-जानब फरहत-पर्यटक

More news from झारखंड and nearby areas
  • लातेहार :लातेहार जिले में छत्तीसगढ़ से आ रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. जिसमें 5 लोगों की मौत बताई जा रही है. वहीं 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. घटना जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में रविवार को हुई. ग्रामीणों के अनुसार, पांच लोगों की मौत हुई है. हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं सभी घायलों का महुआडांड़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है, इनमें कई की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है.दरअसल, लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में छत्तीसगढ़ से आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. जानकारी के अनुसार, बस को रिजर्व कर लोग मेहमानी में जा रहे थे. इसी दौरान घाटी में बस का नियंत्रण बिगड़ गया और बस घाटी में पलट गई. दुर्घटना में बस पर सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. जिनमें पांच लोगों की मौत की बात भी बताई जा रही है.इधर, घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया. एसडीएम के आदेश पर महुआडांड़, गारू और नेतरहाट की पूरी स्वास्थ्य टीम एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. इस मामले में स्थानीय लोगों ने भी मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहनों से भी घायलों को अस्पताल पहुंचाया.महुआडांड़ एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीम को एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर भेजा गया. घायलों को तत्काल अस्पताल लाया गया. लगभग 25 से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सकों के द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है. चिकित्सकों की जांच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है.
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    लातेहार :लातेहार जिले में छत्तीसगढ़ से आ रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. जिसमें 5 लोगों की मौत बताई जा रही है. वहीं 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. घटना जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में रविवार को हुई. ग्रामीणों के अनुसार, पांच लोगों की मौत हुई है. हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं सभी घायलों का महुआडांड़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है, इनमें कई की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है.दरअसल, लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में छत्तीसगढ़ से आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. जानकारी के अनुसार, बस को रिजर्व कर लोग मेहमानी में जा रहे थे. इसी दौरान घाटी में बस का नियंत्रण बिगड़ गया और बस घाटी में पलट गई. दुर्घटना में बस पर सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. जिनमें पांच लोगों की मौत की बात भी बताई जा रही है.इधर, घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया. एसडीएम के आदेश पर महुआडांड़, गारू और नेतरहाट की पूरी स्वास्थ्य टीम एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. इस मामले में स्थानीय लोगों ने भी मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहनों से भी घायलों को अस्पताल पहुंचाया.महुआडांड़ एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीम को एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर भेजा गया. घायलों को तत्काल अस्पताल लाया गया. लगभग 25 से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सकों के द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है. चिकित्सकों की जांच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है.
    user_Vikash Tiwary
    Vikash Tiwary
    Journalist लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    5 hrs ago
  • समाजिक सद्भाव के बैनर तले आयोजित हुआ हिन्दू समाज को एकजुट को लेकर बैठक विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक हुई चर्चा
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    समाजिक सद्भाव के बैनर तले आयोजित हुआ हिन्दू समाज को एकजुट को लेकर बैठक विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक हुई चर्चा
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    Journalist लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • लोहरदगा के नदी में जमीन फाड़ कर निकला शिवलिंग को तोड़फोड़ किया ? #shivling #nadi #bholenath #news
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    लोहरदगा के नदी में जमीन फाड़ कर निकला शिवलिंग को तोड़फोड़ किया ? #shivling #nadi #bholenath #news
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    Journalist लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • बरियातु में अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से टकराई, एक की मौत, तीन घायल
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    बरियातु में अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से टकराई, एक की मौत, तीन घायल
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Journalist Pratappur, Chatra•
    3 hrs ago
  • सिसई : *विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आरएन सिंह सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर में "सप्तशक्ति संगम" का हुआ आयोजन* सिसई (गुमला)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्षय में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से रविवार को रंजीत नारायण सिंह सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर कुदरा में "सप्तशक्ति संगम" नामक यज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा की अगुवाई में संपन्न कराया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर गुमला की आचार्या उमा कुमारी व आचार्या संगीता कुमारी शामिल हुई। विधालय प्रबंधन समिति के सचिव रविंद्र नाथ अधिकारी के गरिमामय उपस्थिति में मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। क्षेत्र के सभी माताओं को भारतीय संस्कृति तथा विद्यालय की परंपराओं से अवगत कराते हुए नारी शक्ति का कराया गया। कार्यक्रम प्रमुख कौशल्या कुमारी की नेतृत्व में पारंपरिक रूप से सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुरुआत किया गया। अतिथि परिचय सुप्रिया रानी ने कराया। वहीं मंच संचालन का कार्य मोनी वर्मा ने अपने सहज और आकर्षक अंदाज़ में किया । कार्यक्रम के उद्देश्य की व्याख्या करते हुए सरिता मुखर्जी ने आह्वान किया कि "स्त्रियां जब जागती हैं तो सृष्टि परिवर्तन की क्षमता रखतीं हैं" । कक्षा नवम की बहनों ने "नया उत्साह ले मन में कदम आगे बढ़ाएं हम " गीत से सभी माताओं का मन मोह लिया। मुख्य वक्ता उमा जी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए परिवार के लिए नारियों के त्याग और बलिदान की एक उत्कृष्ट व्याख्या की तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान की विवेचना की। इसके बाद कक्षा नवम की बहनों ने मातृशक्ति पर एक मधुर गीत प्रस्तुत कर पुनः माताओं को उत्साहित किया । वहीं कक्षा सप्तम की बहन दिव्या कुमारी ने देश की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले, बहन माही कुमारी ने अहिल्याबाई होल्कर, श्रृष्टि कुमारी ने भगिनी निवेदिता एवं कक्षा अष्टम की बहन कुमकुम ने वंदनी लक्ष्मीबाई केल्कर की वेश को चरितार्थ कर उपस्थित अतिथियों एवं महिलाओं को मंत्रमुग्ध किया। तत्पश्चात विश्व के महापुरुषों के निर्माण में माताओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए अतिथि संगीता जी ने बताया कि माताएं प्रसव पीड़ा से अपनी संपत्तियों के जीवन निर्माण में अकेले गुजरती हैं । पुरूष घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में व्यस्त रहते है तो बच्चों के मानसिक विकास और उनके सपनों को सच करने का पूरा कार्यभार महिलाओं पर होता है और वो अपने इस कार्य में कभी असफल नहीं होती हैं । नारी दुर्गा की शक्ति और मां की ममता होने के साथ साथ उनकी जीवन निर्मात्री भी हैं। उन्होंने मोबाइल उपयोग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। इसके लिए इन्होंने सभी महिलाओं से सप्ताह में एक दिन मोबाइल उपवास की सलाह दी । इस दौरान विद्यालय के नाम रौशन करने वाले कुछ भैया - बहनों की माताओं को सम्मानित भी किया गया जिसमें भैया विपिन कुमार साहू, बहन सरस्वती व बहन शिवानी तथा भैया अंकित की माताएं शामिल थी। कार्यक्रम पर बोलते हुए विद्यालय कार्यकारिणी समिति की अभिभाविका किरण देवी जी ने बताया कि हमें महान वक्ताओं के द्वारा बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए । उन्होंने एक नारा दिया कि "नारी शक्ति को रोकेगा कौन"। अगर हम नारियां अपनी शक्ति को पहचान लें तो हमारे देश और समाज का विकास स्वत: रूप से होने लगेगा। विद्यालय की पूर्व आचार्या ममता कुमारी ने सरकारी शिक्षिका होने के बावजूद इस विद्यालय से अपने लगाव का जिक्र किया और उन्होंने विद्यालय समिति को धन्यवाद दिया कि नारियों का सम्मान ही देश का सम्मान है। उन्होंने बेटियों को पढ़ाने के साथ साथ बेटों को भी उसी दृढ़तापूर्वक पढ़ाने और संस्कारित करने पर जोर दिया । अध्यक्षीय भाषण के लिए बरगांव दक्षिणी पंचायत की मुखिया शोभा देवी ने भी महान वक्ताओं की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज निर्माण की रीढ़ हैं। उनका ये कहना कि बच्चों को मोबाइल नहीं चलाना चाहिए का विश्लेषण करते हुए कहा कि माताओं को भी मोबाइल से दूर रहना सीखना चाहिए। यह उनके संक्षिप्त भाषण का मूलमंत्र था । आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय की आचार्या कौशल्या कुमारी ने ईश्वर को धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम में भाग लेने आईं सभी माताओं बहनों एवं विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं व सभी आचार्य - आचार्या का आभार जताया। मैं सृजनकर्ता हूं । मैं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव का भाव रखूंगी । भारत के नागरिक कर्तव्यों का पालन करूंगी , मैं अपने सप्तशक्ति का प्रयोग करने के लिए जाग्रत हूं ' इन्हीं संकल्पों के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इसके बाद सभी माताओं बहनों को व्यवस्थित रूप से भोजन भी कराया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य बदरी नारायण सिंह, कमल सिंह, मृत्युंजय मिश्रा, सुखनाथ सिंह, नाथु भगत, सौरव वर्मा, आचार्या शिल्पा कुमारी, आशिका कुमारी, मेघा कुमारी, हेमावती कुमारी, सुप्रिया कुमारी, सरिता मुखर्जी, मोनी कुमारी सहित विद्यालय कर्मी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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    सिसई : *विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आरएन सिंह सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर में "सप्तशक्ति संगम" का हुआ आयोजन*
सिसई (गुमला)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्षय में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से रविवार को रंजीत नारायण सिंह सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर कुदरा में "सप्तशक्ति संगम" नामक यज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा की अगुवाई में संपन्न कराया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर गुमला की आचार्या उमा कुमारी व आचार्या संगीता कुमारी शामिल हुई। विधालय प्रबंधन समिति के सचिव रविंद्र नाथ अधिकारी के गरिमामय उपस्थिति में मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 
क्षेत्र के सभी माताओं को भारतीय संस्कृति तथा विद्यालय की परंपराओं से अवगत कराते हुए नारी शक्ति का कराया गया। कार्यक्रम प्रमुख  कौशल्या कुमारी की नेतृत्व में पारंपरिक रूप से सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुरुआत किया गया।
अतिथि परिचय सुप्रिया रानी ने कराया। वहीं मंच संचालन का कार्य मोनी वर्मा ने अपने सहज और आकर्षक अंदाज़ में किया । 
कार्यक्रम के उद्देश्य की व्याख्या करते हुए सरिता मुखर्जी ने आह्वान किया कि "स्त्रियां जब जागती हैं तो सृष्टि परिवर्तन की क्षमता रखतीं हैं" । कक्षा नवम की बहनों ने "नया उत्साह ले मन में कदम आगे बढ़ाएं हम " गीत से सभी माताओं का मन मोह लिया। 
मुख्य वक्ता उमा जी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए परिवार के लिए नारियों के त्याग और बलिदान की एक उत्कृष्ट व्याख्या की तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान की विवेचना की। इसके बाद कक्षा नवम की बहनों ने मातृशक्ति पर एक मधुर गीत प्रस्तुत कर पुनः माताओं को उत्साहित किया ।
वहीं कक्षा सप्तम की बहन दिव्या कुमारी ने देश की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले, बहन माही कुमारी ने अहिल्याबाई होल्कर, श्रृष्टि कुमारी ने भगिनी निवेदिता एवं कक्षा अष्टम की बहन कुमकुम ने वंदनी लक्ष्मीबाई केल्कर की वेश को चरितार्थ कर उपस्थित अतिथियों एवं महिलाओं को मंत्रमुग्ध किया। 
तत्पश्चात विश्व के महापुरुषों के निर्माण में माताओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए अतिथि संगीता जी ने बताया कि माताएं प्रसव पीड़ा से अपनी संपत्तियों के जीवन निर्माण में अकेले गुजरती हैं । पुरूष घर की
आवश्यकताओं को पूरा करने में व्यस्त रहते है तो बच्चों के मानसिक विकास और उनके सपनों को सच करने का पूरा कार्यभार महिलाओं पर होता है और वो अपने इस कार्य में कभी असफल नहीं होती हैं । नारी दुर्गा की शक्ति और मां की ममता होने के साथ साथ उनकी जीवन निर्मात्री भी हैं। उन्होंने मोबाइल उपयोग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। इसके लिए इन्होंने सभी महिलाओं से सप्ताह में एक दिन मोबाइल उपवास की सलाह दी ।
इस दौरान विद्यालय के नाम रौशन करने वाले कुछ भैया - बहनों की माताओं को सम्मानित भी किया गया जिसमें भैया विपिन कुमार साहू, बहन सरस्वती व बहन शिवानी तथा भैया अंकित की माताएं शामिल थी।
कार्यक्रम पर बोलते हुए विद्यालय कार्यकारिणी समिति की अभिभाविका किरण देवी जी ने बताया कि हमें महान वक्ताओं के द्वारा बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए । 
उन्होंने एक नारा दिया कि "नारी शक्ति को रोकेगा कौन"। अगर हम नारियां अपनी शक्ति को पहचान लें तो हमारे देश और समाज का विकास स्वत: रूप से होने लगेगा। विद्यालय की पूर्व आचार्या ममता कुमारी ने सरकारी शिक्षिका होने के बावजूद इस विद्यालय से अपने लगाव का जिक्र किया और उन्होंने विद्यालय समिति को धन्यवाद दिया कि नारियों का सम्मान ही देश का सम्मान है। उन्होंने बेटियों को पढ़ाने के साथ साथ बेटों को भी उसी दृढ़तापूर्वक पढ़ाने और संस्कारित करने पर जोर दिया ।
अध्यक्षीय भाषण के लिए बरगांव दक्षिणी पंचायत की मुखिया शोभा देवी ने भी महान वक्ताओं की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज निर्माण की रीढ़ हैं। उनका ये कहना कि बच्चों को मोबाइल नहीं चलाना चाहिए का विश्लेषण करते हुए कहा कि माताओं को भी मोबाइल से दूर रहना सीखना चाहिए। यह उनके संक्षिप्त भाषण का मूलमंत्र था ।
आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय की आचार्या कौशल्या कुमारी ने ईश्वर को धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम में भाग लेने आईं सभी माताओं बहनों एवं विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं व सभी आचार्य - आचार्या का आभार जताया। 
मैं सृजनकर्ता हूं । मैं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव का भाव रखूंगी । भारत के नागरिक कर्तव्यों का पालन करूंगी , मैं अपने सप्तशक्ति का प्रयोग करने के लिए जाग्रत हूं '  इन्हीं संकल्पों के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इसके बाद सभी माताओं बहनों को व्यवस्थित रूप से भोजन भी कराया गया। 
कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य बदरी नारायण सिंह, कमल सिंह, मृत्युंजय मिश्रा, सुखनाथ सिंह, नाथु भगत, सौरव वर्मा, आचार्या शिल्पा कुमारी, आशिका कुमारी, मेघा कुमारी, हेमावती कुमारी, सुप्रिया कुमारी, सरिता मुखर्जी, मोनी कुमारी सहित विद्यालय कर्मी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Journalist सिसई, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • जारी, डुमरी और चैनपुर क्षेत्र में सरस्वती पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 23 जनवरी को होने वाली सरस्वती पूजा के मद्देनज़र मूर्तिकार दिन-रात माता सरस्वती की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हुए हैं। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कारीगर मां शारदे की मूर्तियों को अंतिम रूप देते हुए नजर आ रहे हैं। जानकारी देते हुए मूर्तिकारों ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि इस वर्ष सरस्वती पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और विभिन्न पूजा समितियों द्वारा मूर्तियों की अग्रिम बुकिंग पहले ही की जा चुकी है। इस बार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से बनी और पर्यावरण के अनुकूल प्रतिमाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं पूजा को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। पूजा सामग्री, सजावटी सामान और फूलों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन और पूजा समितियां शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर तैयारियों में जुटी हुई हैं। सरस्वती पूजा के दिन श्रद्धालु विधि-विधान के साथ विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना करेंगे।
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    जारी, डुमरी और चैनपुर क्षेत्र में सरस्वती पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 23 जनवरी को होने वाली सरस्वती पूजा के मद्देनज़र मूर्तिकार दिन-रात माता सरस्वती की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हुए हैं। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कारीगर मां शारदे की मूर्तियों को अंतिम रूप देते हुए नजर आ रहे हैं।
जानकारी देते हुए मूर्तिकारों ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि इस वर्ष सरस्वती पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और विभिन्न पूजा समितियों द्वारा मूर्तियों की अग्रिम बुकिंग पहले ही की जा चुकी है। इस बार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से बनी और पर्यावरण के अनुकूल प्रतिमाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं पूजा को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। पूजा सामग्री, सजावटी सामान और फूलों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन और पूजा समितियां शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर तैयारियों में जुटी हुई हैं। सरस्वती पूजा के दिन श्रद्धालु विधि-विधान के साथ विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना करेंगे।
    user_Shiwam Kumar
    Shiwam Kumar
    Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के महुआडाड थाना क्षेत्र में बस पलट जाने से दर्जनों यात्री घायल पांच लोग की मृत्यु अभी तक हो चुकी है सूत्रों के मुताबिक मृत्यु दर और भी बढ़ सकती है जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ से महुआ डाड बस आ रही थी जिसमें सभी लोग की पहचान की जा रही है सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है
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    झारखंड के लातेहार जिले के महुआडाड थाना क्षेत्र में बस पलट जाने से दर्जनों यात्री घायल पांच लोग की मृत्यु अभी तक हो चुकी है सूत्रों के मुताबिक मृत्यु दर और भी बढ़ सकती है जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ से महुआ डाड बस आ रही थी जिसमें सभी लोग की पहचान की जा रही है सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    Journalist गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • बेतला नेशनल पार्क में पर्यटको को दिखा बाघ. लातेहार:जिले के बेतला पार्क मे पलामू टाइगर रिज़र्व (पीटीआर) के अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बेतला नेशनल पार्क से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। सोमवार की सुबह लातेहार टूरिज्म (रजि.) के टूर पैकेज के तहत बेतला भ्रमण पर आए पर्यटकों ने जंगल सफारी के दौरान बाघ देखे जाने का पुष्टि किया है। खास बात यह रही कि पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया, जो फिलहाल क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों कारोबारीयो होटल संचालकों में खुशी का माहौल है,यह घटना न केवल पर्यटकों के लिए जीवनभर की याद बन गई, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं। लंबे समय से बाघों की वापसी को लेकर प्रतीक्षारत पलामू टाइगर रिज़र्व के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्यटकों के अनुसार, बेतला नेशनल पार्क के निर्धारित सफारी रूट पर भ्रमण के लिए निकले थे। इसी दौरान पार्क के एक घने वन क्षेत्र में झाड़ियों के बीच उन्हें एक बाघ धूप सेंकते हुए दिखाई दिया। अचानक सामने आए इस दृश्य ने कुछ पलों के लिए सभी को स्तब्ध कर दिया। सफारी वाहन में सवार बच्चे, महिलाएं और पुरुष रोमांच और आश्चर्य से भर उठे। इसके बाद पर्यटकों ने मोबाइल कैमरों से इस दुर्लभ पल को रिकॉर्ड करना शुरू किया।रांची (इरबा) से आए पर्यटकों ने साझा किया अनुभव बाघ देखे जाने का दावा करने वाले पर्यटकों में रांची के इरबा क्षेत्र से आए पर्यटक मेहताब अहमद, जैनब फलक, फहद हुसैन, अलीना फातिमा, कहकसा और अर्श अहमद शामिल हैं। पर्यटकों ने बताया कि बाघ पूरी तरह शांत अवस्था में था और कुछ देर तक झाड़ियों के पास ही मौजूद रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे जंगल की गहराई में ओझल हो गया। लेकिन बेतला के खुले और प्राकृतिक जंगल में इस तरह बाघ को देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। कई पर्यटकों ने इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्रा बताया।इधर वन विभाग भी अलर्ट मोड़ मे हो गया है।बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। पलामू टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना, बेतला वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश दुबे तथा महिला टूरिस्ट गाइड सोनम कुमारी द्वारा बाघ देखे जाने की पुष्टि की है । हालांकि, वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है बेतला के रेंजर उमेश दुबे ने बताया कि पर्यटकों और टूरिस्ट गाइड को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाघ और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहां कि वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।वन विभाग के अनुसार, बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही पार्क क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। संवेदनशील और संभावित इलाकों में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। जंगल के भीतर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो फुटेज, पगमार्क (पदचिह्न), कैमरा ट्रैप, स्कैट एनालिसिस (मल परीक्षण) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाघ की मौजूदगी की तथ्यात्मक पुष्टि किया गया और साक्ष्य स्पष्ट वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होते हैं, तो इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया. गौरतलब है कि बेतला नेशनल पार्क और पूरे पीटीआर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर पहले भी कई बार दावे सामने आते रहे हैं। बाइट :-जानब फरहत-पर्यटक
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    बेतला नेशनल पार्क में पर्यटको को दिखा बाघ.
लातेहार:जिले के बेतला पार्क मे पलामू टाइगर रिज़र्व (पीटीआर) के अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बेतला नेशनल पार्क से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। सोमवार की सुबह लातेहार टूरिज्म (रजि.) के टूर पैकेज के तहत बेतला भ्रमण पर आए पर्यटकों ने जंगल सफारी के दौरान बाघ देखे जाने का पुष्टि किया है। खास बात यह रही कि पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया, जो फिलहाल क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों कारोबारीयो होटल संचालकों में खुशी का माहौल है,यह घटना न केवल पर्यटकों के लिए जीवनभर की याद बन गई, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं। लंबे समय से बाघों की वापसी को लेकर प्रतीक्षारत पलामू टाइगर रिज़र्व के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्यटकों के अनुसार, बेतला नेशनल पार्क के निर्धारित सफारी रूट पर भ्रमण के लिए निकले थे। इसी दौरान पार्क के एक घने वन क्षेत्र में झाड़ियों के बीच उन्हें एक बाघ धूप सेंकते हुए दिखाई दिया। अचानक सामने आए इस दृश्य ने कुछ पलों के लिए सभी को स्तब्ध कर दिया।
सफारी वाहन में सवार बच्चे, महिलाएं और पुरुष रोमांच और आश्चर्य से भर उठे। इसके बाद पर्यटकों ने मोबाइल कैमरों से इस दुर्लभ पल को रिकॉर्ड करना शुरू किया।रांची (इरबा) से आए पर्यटकों ने साझा किया अनुभव बाघ देखे जाने का दावा करने वाले पर्यटकों में रांची के इरबा क्षेत्र से आए पर्यटक मेहताब अहमद, जैनब फलक, फहद हुसैन, अलीना फातिमा, कहकसा और अर्श अहमद शामिल हैं। पर्यटकों ने बताया कि बाघ पूरी तरह शांत अवस्था में था और कुछ देर तक झाड़ियों के पास ही मौजूद रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे जंगल की गहराई में ओझल हो गया। लेकिन बेतला के खुले और प्राकृतिक जंगल में इस तरह बाघ को देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। कई पर्यटकों ने इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्रा बताया।इधर वन विभाग भी अलर्ट मोड़ मे हो गया है।बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। पलामू टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना, बेतला वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश दुबे तथा महिला टूरिस्ट गाइड सोनम कुमारी द्वारा बाघ देखे जाने की पुष्टि की है । हालांकि, वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है बेतला के रेंजर उमेश दुबे ने बताया कि पर्यटकों और टूरिस्ट गाइड को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाघ और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहां कि वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।वन विभाग के अनुसार, बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही पार्क क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। संवेदनशील और संभावित इलाकों में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। जंगल के भीतर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो फुटेज, पगमार्क (पदचिह्न), कैमरा ट्रैप, स्कैट एनालिसिस (मल परीक्षण) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाघ की मौजूदगी की तथ्यात्मक पुष्टि किया गया और  साक्ष्य स्पष्ट  वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होते हैं, तो इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया.
गौरतलब है कि बेतला नेशनल पार्क और पूरे पीटीआर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर पहले भी कई बार दावे सामने आते रहे हैं। 
बाइट :-जानब फरहत-पर्यटक
    user_Vikash Tiwary
    Vikash Tiwary
    Journalist लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    12 hrs ago
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