कोरबा/पोंडी उपरोड़ा:-आंगनबाड़ी के सामने पानी टंकी बनी खतरा, बाउंड्रीवाल की मांग। कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है… जहां विकास के नाम पर बनी नल-जल योजना अब मासूम बच्चों के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। ग्राम पंचायत पुटुवा के आमाभाटा में आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक सामने बनी पानी की टंकी बिना बाउंड्रीवाल के खड़ी है और इसकी खुली सीढ़ियां कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टंकी निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक दी लेकिन इसके बावजूद पीएचई विभाग और ठेकेदार ने सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम करना जरूरी नहीं समझा। बाउंड्रीवाल के अभाव में आंगनबाड़ी आने वाले छोटे-छोटे बच्चे हर दिन इस खतरे के साए में खेलते और गुजरते हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे,क्या किसी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और शासन से जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की है… ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कोरबा/पोंडी उपरोड़ा:-आंगनबाड़ी के सामने पानी टंकी बनी खतरा, बाउंड्रीवाल की मांग। कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है… जहां विकास के नाम पर बनी नल-जल योजना अब मासूम बच्चों के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। ग्राम पंचायत पुटुवा के आमाभाटा में आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक सामने बनी पानी की टंकी बिना बाउंड्रीवाल के खड़ी है और इसकी खुली सीढ़ियां कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टंकी निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक दी लेकिन इसके बावजूद पीएचई विभाग और ठेकेदार ने सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम करना जरूरी नहीं समझा। बाउंड्रीवाल के अभाव में आंगनबाड़ी आने वाले छोटे-छोटे बच्चे हर दिन इस खतरे के साए में खेलते और गुजरते हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे,क्या किसी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और शासन से जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की है… ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है… जहां विकास के नाम पर बनी नल-जल योजना अब मासूम बच्चों के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। ग्राम पंचायत पुटुवा के आमाभाटा में आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक सामने बनी पानी की टंकी बिना बाउंड्रीवाल के खड़ी है और इसकी खुली सीढ़ियां कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टंकी निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक दी लेकिन इसके बावजूद पीएचई विभाग और ठेकेदार ने सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम करना जरूरी नहीं समझा। बाउंड्रीवाल के अभाव में आंगनबाड़ी आने वाले छोटे-छोटे बच्चे हर दिन इस खतरे के साए में खेलते और गुजरते हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे,क्या किसी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और शासन से जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की है… ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- भीषण गर्मी से सभी का जीना हराम ,1
- बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्राम पंचायत पाड़ाहरदी के लोग....भीषण गर्मी में एक किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी....भूजल स्तर गिरा 5 सौ से 700 फिट में निकल रहा पानी....करोड़ो रूपये की लगात से बनाया गया पानी टंकी बना सफेद हाथी।1
- धरमजयगढ़ - शनिवार शाम लगभग 4 बजे धरमजयगढ़ के सरिया नाला के पास उस समय आवागमन थम गया, जब हाथियों का एक बड़ा झुण्ड सड़क पर आ पहुंचा। झुण्ड में छोटे-छोटे शावक भी शामिल थे, जिससे स्थिति को देखते हुए लोगों ने दूरी बनाकर ही दृश्य का आनंद लिया। करीब कुछ समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध रहा। इस दौरान राहगीर और स्थानीय लोग सुरक्षित दूरी पर रुककर हाथियों के शांतिपूर्वक गुजरने का इंतजार करते रहे। मौके पर मौजूद वन अमला और हाथी मित्र दल पूरी तरह सक्रिय रहा और लगातार लोगों को सतर्क रहने व पास न जाने की हिदायत देता रहा। हाथियों के झुण्ड के सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर बढ़ जाने के बाद ही मार्ग पर यातायात दोबारा सुचारु हो सका। उल्लेखनीय है कि धरमजयगढ़ वन मण्डल में इन दिनों बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। इसे देखते हुए वन विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है और हाथी मित्र दल के सहयोग से ग्रामीणों को सतर्कता एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक परामर्श भी दे रहा है।1
- Post by Vandana News1
- केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने 26 अप्रैल, 2026 को बिलासपुर के कोनी स्थित सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आधुनिक रक्त केंद्र और एआई-आधारित माइक्रोस्कोपी सहित उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया।एनटीपीसी द्वारा समर्थित 7.19 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ आयुर्वेद संस्थान (सीआईएमएस) को 26 नई मशीनों से सुसज्जित किया गया है।1
- भगवान सोमनाथ का प्रतीक शिवलिंग कोरबा पहुंचा है। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रवर्तक श्री श्री रविशंकर जी की कृपा से कोरबा वासियों को भी उसे शिवलिंग का दर्शन प्राप्त हो रहा है जिसे विदेशी आक्रांता गजनी ने तोड़ दिया था. कोरबा के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में सनातनी परंपरा के अनुसार पूरे विधि विधान से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का पूजन किया गया तत्पश्चात नजदीक से दर्शन करने का सबको अवसर प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन महापौर संजू देवी राजपूत समेत कोरबा के तमाम आम और खास लोग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने पहुंचे.1