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Mere gaon nali ki samasya
Rabindra Raj
Mere gaon nali ki samasya
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Rabindra Raj1
- एबीवीपी ने मनाया राष्ट्रीय बालिका दिवस, बालिकाओं की भूमिका पर विशेषज्ञों ने रखे विचार... More1
- सभी को शुभरात्रि1
- दिल्ली दरवाजा स्थित राजराजेश्वर मंदिर से भगवान श्री देवनारायण की शोभायात्रा निकाली गई यह यात्रा राजराजेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर नई सड़क पुराना बस स्टैंड और गणेश मंदिर जल महलों के सामने से होकर लक्ष्मण मंदिर से निकलकर घंटाघर होते हुए राजराजेश्वर मंदिर पर इसका समापन हुआ और सभी भक्तों के लिए भंडारा हुआ जिसमें भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की गई रास्ते में नई सड़क पर मुकुल चंदेल द्वारा जेसीबी से पुष्प वर्षा की गई और जगह-जगह लोगों ने यात्रा का पुष्प वर्षा और भव्य तरीकों से स्वागत किया इस अवसर पर डीग गुर्जर समाज अध्यक्ष एडवोकेट आनंद प्रकाश पटेल द्वारा इसकी अध्यक्षता की गई और इसमें दिल्ली दरवाजे के गुर्जर समाज के लोगों ने भंडारे में प्रसादी की व्यवस्था की गई इस मौके पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के पुत्र मनु सिंह बेढम भी मौजूद रहे और समाज के लोग अन्य गांव से भी आए और शोभायात्रा को भव्य बनाया इस मौके पर दिल्ली दरवाजे से रघुवीर मेंबर छत्रपाल गुर्जर गोविंद गुर्जर अर्जुन सिंह फौजदार राजशेखर फौजदार चंद्रशेखर फौजदार जितेंद्र सिंह सूरजभान सिंह राज सिंह ठेकेदार श्रीभान सिंह हवलदार डॉ अजय सिंह माधव सिंह सतीश फौजदार मुकेश फौजदार देवी सिंह निहाल सिंह मेंबर राजेंद्र पहलवान गजेंद्र सिंह निर्भय बच्चू सिंह भुल्ली गुर्जर पहलाद गुर्जर कान्हा गुर्जर फौजदार दिलीप सिंह फौजदार पप्पन सिंह निरपट फौजदार हरिओम गुर्जर लोकेश जाट पटवारी सौरव सरपंच अशोक और अन्य गांव के लोग उपस्थित रहे और साथ ही पुरुष जाता भी मुस्तैद रहा शोभायात्रा के बाद रागिनी प्रोग्राम भी रजरेश्वर मंदिर पर किया गया बबली बैसला ने बताया की हमारे ईस्ट भगवान श्री देवनारायण कि यह तीसरी बार रैली निकाली गई है और अपने ईस्ट के बारे में बताया अध्यक्ष आनंद प्रकाश पटेल द्वारा भी समाज के बारे में बताया गया4
- डीग गुर्जर समाज के आराध्य देव देवनारायण भगवान श्री देवनारायण जी के 1114 वे जन्मोत्सव पर गुर्जर समाज द्वारा शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के सुपुत्र मनु बेढम द्वारा शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जो की राज राजेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकरदिल्ली दरवाजा पुरानी डीग नई सड़क बस स्टैंड लक्ष्मण मंदिर में बाजार होते हुए गुर्जर मोहल्ला से वापस राज राजेश्वर पर संपन्न हुई शोभा यात्रा में भगवान श्री देवनारायण सहित साडू माता वेद माता गायत्री देवी राधा जी की आकर्षक झांकियां सजाई गई गुर्जर समाज की महिलाएं अपने परंपरागत पोशाक लुगडा में आकर्षण का केंद्र थी जो भगवान श्री देवनारायण के भजन गाते हुए चल रही थी गुर्जर समाज के युवा भगवान श्री देवनारायण के जय घोष कर रहे थे शोभायात्रा का शहर में जगह-जगह विभिन्न समाजों विभिन्न संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा का अभिनंदन किया गया स्वागत किया गया एवं पूर्व चेयरमैन अमरनाथ गुप्ता गोपी परखम द्वारा यात्रा में शामिल लोगों को अल्पाहार कराया गया यात्रा की समाप्ति पर मंदिर पर जगमोहन सिराधना द्वारा भगवान श्री देवनारायण की जन्म कथाएं और बगड़ावत इतिहास गुर्जर इतिहास कर्नल बैंसला और गुर्जर आरक्षण आंदोलन के बारे में श्रेष्ठ प्रस्तुति दी गई मंदिर पर 3000 लोगों की भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई इस अवसर पर राजराजेश्वर मंदिर पर गिर्राज मंदिरके निर्माण हेतु पूर्व पार्षद देवराज गुर्जर द्वारा एक लाख रुपए एवं भंवरी गुर्जर द्वारा 50000 की राशि की घोषणा की गई आज सभा में भक्तों ने भारतीय धर्म संस्कृति के निर्माण में गुर्जर समाज की उल्लेखनीय भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा श्री देवनारायण ने तत्कालीन अत्याचारी शासन का अंत का जन्म क्रांति पैदा की और लोक कल्याण और समाज को जोड़ने का कार्य किया और मानवता का संदेश दिया आज गुर्जर समाज को भगवान श्री देवनारायण के बताए हुए मार्ग इतिहास का संवर्धन संरक्षण करने समाज से दहेज मृत्यु भोज खुला भोज शराब गांजा कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना डीजे भातमे साफे कुरीतिय फिजूल खर्ची बंद कर उत्तम स्वास्थ्य उत्तम शिक्षा पढ़ी-लिखी नारी कर्ज मुक्त समाज के मार्ग पर चलकर राजनीतिक सामाजिक प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी भागीदारी को बढ़ाना चाहिएअध्यक्ष आनंद प्रकाश पटेल जिला अध्यक्ष सरपंच र राजशेखर फौजदार बुगल सिंह रघुवीर पहलवान डॉक्टर अजय सिंह पूर्व पार्षद देवराज गुर्जर शिवराम सिंह प्रिंसिपल छतर सिंह बाबूजी रामगोपाल गुर्जर रोहतास पहलवान मुकुल चंदेल यदुवीर सिंह बच्चू पहलवान लक्ष्मण पटवारी बरौली बलरा शिब्बा पान होरी उदय सिंह फौजदार पूर्व पार्षद निहाल सिंह देवी सिंह पहलवान रतन सिंह ड्राइवर जीत सिंह राज सिंह ठेकेदार गोविंद महेश पटेल सुरेंद्र सिंह विशाल बैंसला कैलाश पटवारी राज सिंह अध्यापक समय सिंह एडवोकेट छोटू फौजदार पदम फौजदार लक्ष्मण इकलेरा प्रहलाद सिंह गिरवर सम्बो रवि बच्चू जग्गी वरई सहित सर्वसमाज के लोग उपस्थित रहे4
- सरमथुरा धौलपुर की न्यूज़ रिपोर्टर सर मथुरा में मासलपुरिया दुकान से वारी रोड जाम आने जाने में समस्या पब्लिक हो रही है पुलिस प्रशासन कुछ ध्यान नहीं दे रही है1
- बांदीकुई में अखिल भारतीय किन्नर महा सम्मेलन का आयोजन किन्नर समाज के स्वागत में शहरवासियों ने बिछाए पलक पांवड़े शहर में हर जगह जाम , सड़कों पर नजर आए शहर वासी , पुलिस ने सम्भाली शहर की ट्रैफिक सहित अन्य व्यवस्थाएं1
- करोड़ों की चरागाह भूमि पर 'अपनों' का डाका: रसूख के साए में सिमट रहे कोलाना के मैदान प्रशासन की 'चुप्पी' ने खड़े किए सवाल, चरागाह की जमीन पर रातों-रात गाड़ दिए पोल और तारबंदी बसवा/कोलाना। कहते हैं कि अगर बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो फसल को कौन बचाएगा? बसवा तहसील के कोलाना ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है। अलवर-सिकंदरा हाईवे किनारे स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती चरागाह भूमि पर भू-माफियाओं और जनप्रतिनिधियों की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर पोल गाड़कर और तारबंदी कर अवैध कब्जा जमा लिया गया है, लेकिन तहसील प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। छात्रावास के पास की जमीन पर 'सियासी' घेराबंदी पूरा मामला कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित छात्रावास के पास का है। हाईवे किनारे होने के कारण इस जमीन की कीमत आसमान छू रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदार जनप्रतिनिधियों ने अपनी सत्ता की हनक दिखाते हुए इस सार्वजनिक चरागाह भूमि को निजी जागीर बना लिया है। खुलेआम हुए इस अतिक्रमण ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश: "मूकदर्शक बना प्रशासन" स्थानीय लोगों का गुस्सा अब फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि: "अगर जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही चरागाह भूमियों को निगलने लगेंगे, तो बेजुबान मवेशी कहां जाएंगे? प्रशासन की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं ऊपर से दबाव है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है।" प्रमुख सवाल जो जवाब मांग रहे हैं: क्या हाईवे किनारे की करोड़ों की जमीन की सुरक्षा के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है? अवैध तारबंदी और पोल गाड़ने की हिम्मत रसूखदारों को कहां से मिली? क्या बसवा तहसील प्रशासन केवल बड़े हादसे या जनांदोलन का इंतजार कर रहा है? निष्कर्ष: कोलाना की यह चरागाह भूमि भविष्य में सार्वजनिक विकास कार्यों के काम आ सकती थी, लेकिन फिलहाल यह 'सिस्टम' की लाचारी और 'सत्ता' के लालच की भेंट चढ़ती दिख रही है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर यह फाइल भी 'ठंडे बस्ते' में डाल दी जाएगी।2