*ईवी स्कूटर बना 'कचरा गाड़ी': सतना के बिरसिंहपुर में अनोखा विरोध, *ईवी स्कूटर बना 'कचरा गाड़ी': सतना के बिरसिंहपुर में अनोखा विरोध, वीडियो वायरल* बिरसिंहपुर (सतना): कहते हैं कि जब कोई कंपनी ग्राहक की सुनवाई नहीं करती, तो ग्राहक का गुस्सा किसी भी हद तक जा सकता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सतना जिले के बिरसिंहपुर बाजार से सामने आया है, जहाँ एक शख्स ने अपनी लाखों रुपये की बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV) को कचरा गाड़ी बना दिया। *बाजार में निकाली 'कचरा रैली* वाहन मालिक अपनी बजाज चेतक ईवी की तकनीकी समस्याओं और शायद कंपनी की खराब सर्विस से इस कदर परेशान हुआ कि उसने विरोध का एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। मालिक ने स्कूटर को एक लोडिंग ऑटो पर लादा और उस पर बड़े-बड़े अक्षरों में एक पोस्टर चिपका दिया। *पोस्टर पर लिखा था* "कृपया आप सब BAJAJ CHETAK नहीं खरीदें" हैरानी की बात तो यह रही कि मालिक ने सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि पूरे बिरसिंहपुर बाजार में उस स्कूटर को घुमाकर लोगों से उसमें कचरा डालने की अपील की। देखते ही देखते सड़क पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। *कंपनियों के लिए कड़ी चेतावनी* यह घटना उन सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो गाड़ियाँ तो बेच देती हैं, लेकिन ग्राहकों को सर्विस के नाम पर परेशान करती हैं। विशेषकर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में जहाँ ग्राहक भारी निवेश कर रहे हैं, ऐसी घटनाएं ब्रांड की विश्वसनीयता पर गहरा दाग लगाती हैं। बाजार में चर्चा है कि यदि कंपनियां समय रहते ग्राहकों की समस्याओं का समाधान नहीं करतीं, तो 'डिजिटल इंडिया' के इस दौर में एक ग्राहक कंपनी की ब्रांड वैल्यू को 'कचरा' करने की ताकत रखता है।
*ईवी स्कूटर बना 'कचरा गाड़ी': सतना के बिरसिंहपुर में अनोखा विरोध, *ईवी स्कूटर बना 'कचरा गाड़ी': सतना के बिरसिंहपुर में अनोखा विरोध, वीडियो वायरल* बिरसिंहपुर (सतना): कहते हैं कि जब कोई कंपनी ग्राहक की सुनवाई नहीं करती, तो ग्राहक का गुस्सा किसी भी हद तक जा सकता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सतना जिले के बिरसिंहपुर बाजार से सामने आया है, जहाँ एक शख्स ने अपनी लाखों रुपये की बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV) को कचरा गाड़ी बना दिया। *बाजार में निकाली 'कचरा रैली* वाहन मालिक अपनी बजाज चेतक ईवी की तकनीकी समस्याओं और शायद कंपनी की खराब सर्विस से इस कदर परेशान हुआ कि उसने विरोध का एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। मालिक ने स्कूटर को एक लोडिंग ऑटो पर लादा और उस पर बड़े-बड़े अक्षरों में एक पोस्टर चिपका दिया। *पोस्टर पर लिखा था* "कृपया आप सब BAJAJ CHETAK नहीं खरीदें" हैरानी की बात तो यह रही कि मालिक ने सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि पूरे बिरसिंहपुर बाजार में उस स्कूटर को घुमाकर लोगों से उसमें कचरा डालने की अपील की। देखते ही देखते सड़क पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। *कंपनियों के लिए कड़ी चेतावनी* यह घटना उन सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो गाड़ियाँ तो बेच देती हैं, लेकिन ग्राहकों को सर्विस के नाम पर परेशान करती हैं। विशेषकर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में जहाँ ग्राहक भारी निवेश कर रहे हैं, ऐसी घटनाएं ब्रांड की विश्वसनीयता पर गहरा दाग लगाती हैं। बाजार में चर्चा है कि यदि कंपनियां समय रहते ग्राहकों की समस्याओं का समाधान नहीं करतीं, तो 'डिजिटल इंडिया' के इस दौर में एक ग्राहक कंपनी की ब्रांड वैल्यू को 'कचरा' करने की ताकत रखता है।
- किसानों के संघर्ष के सामने झुका जिला प्रशासन,वसुधा खरीदी केंद्र रहेगा यथावत जिला प्रशासन के द्वारा हाल ही में आदेश जारी कर नागौद व उंचेहरा ब्लॉक के खरीदी केंद्रों को सेलों मौहारी में सिफ्ट किया गया था।जिस बात से नाराज वसुधा गाव के किसान रूपेश बागरी की अंगुआई में खरीदी केंद्र में ही धंरने पर बैठे थे।यह आंदोलन 3 दिनों तक निरंतर चला था।जिसके आगे जिला प्रशासन झुका और वसुधा खरीदी केंद्र को रखा गया यथावत,लेकिन उंचेहरा के किसान सो रहे कुम्भकर्णीयनींद।1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मैहर वार्ड क्रमांक 19 में झोपड़ी में लगी आग, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से पाया गया काबू मैहर के वार्ड क्रमांक 19 में एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं दमकल विभाग की टीम भी समय पर पहुंच गई, जिसके संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। आगजनी की इस घटना में झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।2
- जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। अब तक का अपडेट: कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- सतना। में एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को महिला के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में ग्रामीणों ने पकड़ा। शिक्षक की हुई जमकर कुटाई। वीडियो शोशल मीडिया पर वायरल। मामला जिले के नागौद का...*सूत्र*1
- *गोवराव कला में व्याप्त जल संकट को लेकर जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू जिला प्रशासन पर साधा निशाना।* नागौद विधान सभा क्षेत्र का गोवराव कला एकलौता ऐसा गाव है,जहा की जनता आज के इस आधुनिक युग मे भी भीषण जल संकट से जूझने को मजबूर है।जिस मुद्दे को जिला पंचायत सदस्य व शभा पति ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के द्वारा उठाया गया।लेकिन समस्या जस की तश बनी हुई है।जिस बात से नाराज जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने समान्यय शभा की बैठक में जिला प्रशासन पर जम कर साधा निशाना।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- *आज दि. 01.05.2026 के "संध्या कालीन आरती" पूजन दर्शन "श्रीलक्ष्मीजगदीशजी" भगवान मंदिर श्री गोनेर धाम जयपुर राजस्थान 🙏*1