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किसानों के संघर्ष के सामने झुका जिला प्रशासन,वसुधा खरीदी केंद्र रहेगा यथावत जिला प्रशासन के द्वारा हाल ही में आदेश जारी कर नागौद व उंचेहरा ब्लॉक के खरीदी केंद्रों को सेलों मौहारी में सिफ्ट किया गया था।जिस बात से नाराज वसुधा गाव के किसान रूपेश बागरी की अंगुआई में खरीदी केंद्र में ही धंरने पर बैठे थे।यह आंदोलन 3 दिनों तक निरंतर चला था।जिसके आगे जिला प्रशासन झुका और वसुधा खरीदी केंद्र को रखा गया यथावत,लेकिन उंचेहरा के किसान सो रहे कुम्भकर्णीयनींद।
रूप कुमार हरबोल
किसानों के संघर्ष के सामने झुका जिला प्रशासन,वसुधा खरीदी केंद्र रहेगा यथावत जिला प्रशासन के द्वारा हाल ही में आदेश जारी कर नागौद व उंचेहरा ब्लॉक के खरीदी केंद्रों को सेलों मौहारी में सिफ्ट किया गया था।जिस बात से नाराज वसुधा गाव के किसान रूपेश बागरी की अंगुआई में खरीदी केंद्र में ही धंरने पर बैठे थे।यह आंदोलन 3 दिनों तक निरंतर चला था।जिसके आगे जिला प्रशासन झुका और वसुधा खरीदी केंद्र को रखा गया यथावत,लेकिन उंचेहरा के किसान सो रहे कुम्भकर्णीयनींद।
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- *शादी समारोह के दौरान चाकू से हमला कर युवक की हत्या* *खाने पीने को ले कर आरोपी हलवाई से हुआ था विवाद* सतना। जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत रनेहीं गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान रोहित डोहर (24 वर्ष) पिता रामलाल डोहर निवासी गौरा मेदनीपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शादी समारोह में शामिल होने रनेही गांव गया हुआ था। इसी दौरान खाने पीने को लेकर हलवाई सतीश डोहर से विवाद शुरू हो गया। वहीं जब युवक अपने गांव लौट रहा था तभी आरोपी सतीश ने अपने साथियों के साथ मिलकर सब्जी काटने वाले चाकू से हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में छोड़ आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले में रोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौजूद लोगों ने उसे तत्काल उपचार के लिए कोठी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और शादी का माहौल शोक में बदल गया। सूचना मिलते ही कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखवा दिया। शुक्रवार की सुबह फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। थाना प्रभारी संतोष तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी और मृतक एक ही गांव के रहने वाले हैं। मृतक वकालत की प्रैक्टिस कर रहा था जबकि आरोपी हलवाई का काम करता है।फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।1
- Post by Unchehra news1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मैहर वार्ड क्रमांक 19 में झोपड़ी में लगी आग, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से पाया गया काबू मैहर के वार्ड क्रमांक 19 में एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं दमकल विभाग की टीम भी समय पर पहुंच गई, जिसके संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। आगजनी की इस घटना में झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।2
- जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। अब तक का अपडेट: कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- सर्व मंगल मांगल्ये, शिवेसर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते।। प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी !! जय माई की!! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !!जय हो माई शारदा की!! !!जय हो माई शारदा की!!2
- किसानों के संघर्ष के सामने झुका जिला प्रशासन,वसुधा खरीदी केंद्र रहेगा यथावत जिला प्रशासन के द्वारा हाल ही में आदेश जारी कर नागौद व उंचेहरा ब्लॉक के खरीदी केंद्रों को सेलों मौहारी में सिफ्ट किया गया था।जिस बात से नाराज वसुधा गाव के किसान रूपेश बागरी की अंगुआई में खरीदी केंद्र में ही धंरने पर बैठे थे।यह आंदोलन 3 दिनों तक निरंतर चला था।जिसके आगे जिला प्रशासन झुका और वसुधा खरीदी केंद्र को रखा गया यथावत,लेकिन उंचेहरा के किसान सो रहे कुम्भकर्णीयनींद।1