लोक सभा में सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसानों की कर्ज माफी, ओपीएस लागू करने व किसानों के लिए राहत पैकेज देने की मांग उठाई नागौर/नई दिल्ली,,मंगलवार को लोक सभा में वित्त विधेयक 2026 की चर्चा में भाग लेते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी , एमएसपी पर खरीद का गारंटी कानून बनाने, अर्द्ध सैनिक बलों सहित केंद्रीय कार्मिकों के लिए पुन: ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने ,ड्यूटी पर वीरगति प्राप्त करने वाले पैरा मिल्ट्री के जवानों को शहीद का दर्जा देने ,अग्निवीर जैसी योजनाओं के स्थान पर पूर्व की भांति नियमित सेना भर्ती प्रारम्भ करने ,बेरोजगारी का ठोस समाधान निकालने तथा महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय करते हुए पेट्रोल,डीजल व एलपीजी की कीमतों को कम करने की मांग सदन में रखी व राजस्थान सहित कई राज्यों में प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों के कारण किसानों के नुकसान की भरपाई हेतु विशेष राहत पैकेज देने की मांग केंद्र सरकार से की | सांसद हनुमान बेनीवाल ने वित्त विधेयक 2026 पर बोलते हुए कहा कि यह विधेयक केवल करों और प्रावधानों का संकलन नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ होता है मगर दुर्भाग्य से, यह विधेयक देश की जनता—विशेषकर गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग—की उम्मीदों पर खरा उतरता हुआ दिखाई नहीं देता । उन्होंने सरकार से पूछा कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। अगर अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो फिर आम आदमी की जेब क्यों खाली होती जा रही है ? बेनीवाल ने लोक सभा में कहा कि महंगाई आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन तक, हर चीज़ की कीमतें बढ़ रही हैं। गरीब की थाली से दाल, सब्जी और पोषण गायब होता जा रहा है लेकिन इस वित्त विधेयक में महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस और त्वरित उपाय नहीं दिखता। सांसद ने कहा कि सिलेंडरो की कालाबाजारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, आज दिल्ली की होटलों में हालत देखो की बिल में होटल वाले जीएसटी के साथ क्राईसेज चार्ज जोड़ रहे है ,इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता | सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में झुकी हुई हैं। टैक्स में रियायतें और नीतिगत लाभ उन्हें दिए जा रहे हैं, जबकि आम जनता पर अप्रत्यक्ष करों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इससे आर्थिक असमानता और गहराती जा रही है। संघीय ढांचे की बात करें, तो राज्यों के साथ वित्तीय न्याय नहीं हो रहा है। राज्यों को उनका उचित हिस्सा समय पर नहीं मिल रहा, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस वित्त विधेयक में सामाजिक क्षेत्र,शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण—के लिए अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है। *यह मांगे भी उठाई* सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर जिला मुख्यालय पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का आरबीओ कार्यालय पुन: प्रारम्भ करने, नागौर जिले में कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कम्पनियों का क्लेम हब कार्यालय नागौर में ही शुरू करने,नागौर व डीडवाना – कुचामन जिले सहित पश्चिमी राजस्थान के लिए विशेष जल योजना बनाने,एक निश्चित आय तक आईटीआर दाखिल करने वाले किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने, ,पीएम किसान सम्मान निधि बढाकर एक लाख रूपये करने व सांसद कोष वार्षिक न्यूनतम बीस करोड़ रूपये करने व केसीसी में संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS) में शर्तो में शिथिलिता देते हुए टाइम लिमिट की शर्त हटाने तथा नागौर लोक सभा क्षेत्र के नागौर व डीडवाना – कुचामन जिले में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गाँव जहाँ कोई राष्ट्रियकृत बैंक की शाखा नहीं है, वहां कोई न कोई राष्ट्रियकृत बैंक की शाखाएं खोलने की मांग की |
लोक सभा में सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसानों की कर्ज माफी, ओपीएस लागू करने व किसानों के लिए राहत पैकेज देने की मांग उठाई नागौर/नई दिल्ली,,मंगलवार को लोक सभा में वित्त विधेयक 2026 की चर्चा में भाग लेते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी , एमएसपी पर खरीद का गारंटी कानून बनाने, अर्द्ध सैनिक बलों सहित केंद्रीय कार्मिकों के लिए पुन: ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने ,ड्यूटी पर वीरगति प्राप्त करने वाले पैरा मिल्ट्री के जवानों को शहीद का दर्जा देने ,अग्निवीर जैसी योजनाओं के स्थान पर पूर्व की भांति नियमित सेना भर्ती प्रारम्भ करने ,बेरोजगारी का ठोस समाधान निकालने तथा महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय करते हुए पेट्रोल,डीजल व एलपीजी की कीमतों को कम करने की मांग सदन में रखी व राजस्थान सहित कई राज्यों में प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों के कारण किसानों के नुकसान की भरपाई हेतु विशेष राहत पैकेज देने की मांग केंद्र सरकार से की | सांसद हनुमान बेनीवाल ने वित्त विधेयक 2026 पर बोलते हुए कहा कि यह विधेयक केवल करों और प्रावधानों का संकलन नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ होता है मगर दुर्भाग्य से, यह विधेयक देश की जनता—विशेषकर गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग—की उम्मीदों पर खरा उतरता हुआ दिखाई नहीं देता । उन्होंने सरकार से पूछा कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। अगर अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो फिर आम आदमी की जेब क्यों खाली होती जा रही है ? बेनीवाल ने लोक सभा में कहा कि महंगाई आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन तक, हर चीज़ की कीमतें बढ़ रही हैं। गरीब की थाली से दाल, सब्जी और पोषण गायब होता जा रहा है लेकिन इस वित्त विधेयक में महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस और त्वरित उपाय नहीं दिखता। सांसद ने कहा कि सिलेंडरो की कालाबाजारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, आज दिल्ली की होटलों में हालत देखो की बिल में होटल वाले जीएसटी के साथ क्राईसेज चार्ज जोड़ रहे है ,इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता | सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में झुकी हुई हैं। टैक्स में रियायतें और नीतिगत लाभ उन्हें दिए जा रहे हैं, जबकि आम जनता पर अप्रत्यक्ष करों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इससे आर्थिक असमानता और गहराती जा रही है। संघीय ढांचे की बात करें, तो राज्यों के साथ वित्तीय न्याय नहीं हो रहा है। राज्यों को उनका उचित हिस्सा समय पर नहीं मिल रहा, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस वित्त विधेयक में सामाजिक क्षेत्र,शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण—के लिए अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है। *यह मांगे भी उठाई* सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर जिला मुख्यालय पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का आरबीओ कार्यालय पुन: प्रारम्भ करने, नागौर जिले में कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कम्पनियों का क्लेम हब कार्यालय नागौर में ही शुरू करने,नागौर व डीडवाना – कुचामन जिले सहित पश्चिमी राजस्थान के लिए विशेष जल योजना बनाने,एक निश्चित आय तक आईटीआर दाखिल करने वाले किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने, ,पीएम किसान सम्मान निधि बढाकर एक लाख रूपये करने व सांसद कोष वार्षिक न्यूनतम बीस करोड़ रूपये करने व केसीसी में संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS) में शर्तो में शिथिलिता देते हुए टाइम लिमिट की शर्त हटाने तथा नागौर लोक सभा क्षेत्र के नागौर व डीडवाना – कुचामन जिले में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गाँव जहाँ कोई राष्ट्रियकृत बैंक की शाखा नहीं है, वहां कोई न कोई राष्ट्रियकृत बैंक की शाखाएं खोलने की मांग की |
- नागौर,,नगर परिषद आयुक्तश्री गोविंद सिंह भीचर द्वारा आज नागौर शहर में व्यावसायिक क्षेत्र में दुकानदारों को हाथ ठेला विक्रेताओं को सड़क पर कचरा न डालने हेतु समझाइस की l मौके पर ही35 दुकानदारों पर चालान की कार्रवाई करते हुए कल 8800 /- जुर्माना किया दो दुकानदार द्वारा राशि न जमा करने परउनके विरुद्ध नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत कार्रवाईकरने के निर्देश दिए ।4
- Post by Nanuram Jangid1
- Post by Breaking Live News1
- रिया बड़ी के समीप स्थित भंवाल माता मंदिर परिसर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार द्वारा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान माता रानी को छप्पन भोग अर्पित किया गया तथा 51 मीटर लंबी विशाल चुनरी ओढ़ाई गई।1
- बीकानेर, 24 मार्च। राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमीनार मंगलवार को संपन्न हुई। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में 'अभिलेखीय दस्तावेजः उनका प्रबंधन और इतिहास लेखन में भूमिका' विषय पर आयोजित सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों एवं विश्वविद्यालयों से विषय विशेषज्ञों ने अभिलेखागारों के अधिकारी और शोधार्थियों ने सेमीनार में अभिलेखीय दस्तावेजों के प्रबन्धन और इनकी इतिहास लेखन में महती भूमिका पर चितंन और मनन किया। भविष्य के अभिलेखागार को ई-अभिलेखागार कर तकनीक डाटा स्टोरेज की समस्या, अभिलेखों में एआई का प्रयोग आदि विषयों सहित अभिलेखों के प्रमाणिक व वास्तविकता के आधार पर इतिहास लेखन पर चर्चा की गई। यह विमर्श भी हुआ कि इतिहास को समय-समय पर ऐतिहासिक स्त्रातों के आधार पर अद्यतन करते रहना चाहिए।शोधार्थियों को भाषा की पकड़ और ज्ञान के लिये प्रशिक्षित करना चाहिए। समापन सत्र में मुख्य अतिथि खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल थे। राष्ट्रीय अभिलेखागार नई दिल्ली के पूर्व निदेशक श्री सैयद फरीद अहमद, राज्य कर्मचारी चयन आयोग की सदस्य और इतिहासकार श्रीमती सज्जन पोसवाल, राजस्थान राज्य अभिलेखागार निदेशक श्री चन्द्रसेन सिंह शेखावत एवं सहायक निदेशक, अभिलेखागार डॉ बसंत सिंह सोलंकी विशिष्ट अतिथि रहे। विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने अभिलेखागार को भारत का एक अद्भुत संग्रह बताया और कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर अभिलेखागार के विकास के लिए आवश्यक बजट आवंटित करती है। अभिलेखों के डिजिटाईजेेशन के लिये बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि अभिलेखागार के विकास के लिये राज्य सरकार से किसी प्रकार की आवश्यकता होगी तो वह पैरवी करेंगे। श्रीमती पोसवाल ने अभिलेखागार में उपलब्ध अभिलेखों के बारे बताया और अभिलेखागार की विभिन्न शाखाओं द्वारा संग्रहित अभिलेखों व उनकी स्थिति को भी रेखांकित किया। इनमें परिवर्तन लाने का सुझाव दिया है। श्री सैयद अहमद ने अभिलेख संग्रहालय लिखित अभिलेखागार और ई-अभिलेखागार सहित अभिलेखों के डिजिटल, परिरक्षण, अभिलेख प्रबन्धन और प्रशिक्षण के बारे में बताया और कहा कि भविष्य में तकनीकी को देखते हुए ई-अभिलेखागार के लिये हमें अभी से तैयार रहना चाहिये। श्री शेखावत द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया और प्रस्तुत विषयों की क्रियान्विति पर बल दिया। श्री सोलंकी द्वारा दो दिवसीय समारोह का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। हिन्दी विश्व भारती द्वारा शोध पत्रिका विश्वम्भरा का विमोचन किया गया। पत्रिका के प्रधान सम्पादक डा. गिरजाशंकर शर्मा राजस्थान राज्य अभिलेखागार के निदेशक रहे हैं। कार्यक्रम में चार तकनीकी सत्र हुए। जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा 26 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। इस दौरान अभिलेख व्यवस्था, डिजिटाईजेशन, परीरक्षण, अभिलेख प्रबन्धन एवं अभिलेखो का मूल्यांकन और ई-अभिलेखागार आदि विषयों पर विस्तृत शोध पत्र डा हरिमोहन मीना, सह समन्वयक, सेमीनार, इति बहादुर, डा राजेन्द्र कुमार, श्री राजशेखर पुरोहित इत्यादि ने प्रस्तुत कियेे। कार्यक्रम में डा चन्द्रशेखर कच्छावा, श्री सुखाराम, श्री ऋषिराज थानवी, श्री नितिन गोयल, श्री राजेन्द्र कुमार, श्री कुमार रामकृष्णा, डा फारूख चौहान, श्री पंकज थानवी, श्री राजशेखर, श्री मोहर सिंह सलावद, श्री राजेन्द्र जोशी, श्री महावीर सिंह सहित विभाग कर्मचारीगण उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित विभाग के सहायक निदेशक श्री रामेश्वर बैरवा द्वारा किया गया।1
- श्रीडूंगरगढ़ के नेशनल हाईवे 11 पर कितासर गांव के पास कार व कोरियर वैन के बीच भिड़ंत होने से 7 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कार में आग लग गई और जलकर पूरी तरह से राख हो गई वहीं सभी घायलों को बीकानेर ट्रामा सेंटर भेजा गया है1
- Post by सैय्यद अख्तर (पत्रकार), बीकानेर1
- रियांबड़ी(नागौर)उपखंड रियांबड़ी नगर पालिका क्षेत्र में व्याप्त विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा को 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं,व आमजन को हो रही परेशानियों से उपखंड अधिकारी को अवगत कराया सड़कों की खराब स्थिति, जगह-जगह गड्ढे, नालियों की सफाई और मरम्मत का अभाव तथा गंदगी के कारण आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। सफाई व्यवस्था में ढिलाई के चलते बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।ज्ञापन सौंपते समय प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी को क्षेत्र की जमीनी हकीकत से भी अवगत कराया और जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की। इस पर उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रस्तुत सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश देकर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे।इस अवसर पर बजरंगगढ़ सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद राठी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामनिवास भाटी, नगर पालिका अध्यक्ष गिरधारी लाल माली, व प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।2