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मनोज मरकाम
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- धमतरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय हेरोइन (चिट्टा) सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। थाना अर्जुनी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर श्याम तराई फॉरेस्ट नाका के पास घेराबंदी कर एक कार में हेरोइन की बिक्री करते हुए बालोद शहर के तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 11 लाख रुपए के 56 ग्राम हेरोइन, एक मारूति स्विफ्ट कार, दो मोबाइल फोन और नगद 4 हजार 240 रुपये सहित कुल 16 लाख 24 हजार 240 रुपये की सामग्री जब्त की गई है। बुधवार शाम 5 बजे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी बालोद शहर के मुसलमानपारा के निवासी हैं, जिनमें 34 वर्षीय मोहम्मद इस्लामुद्दीन कुरैशी और उनकी पत्नी 37 वर्षीय अनिता नेताम और इस्लामुद्दीन का छोटा भाई 28 वर्षीय निजामुद्दीन कुरैशी शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद इस्लामुद्दीन कुरैशी पिछले करीब डेढ़ से दो वर्षों से पंजाब जाकर ट्रेन के माध्यम से हेरोइन लाता था और रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद व धमतरी समेत कई जिलों में इसकी सप्लाई करता था। वह पिछले 8 महीनों से पुलिस की रडार पर था और लगातार मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के चलते आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इससे पहले सिटी कोतवाली थाना में हुई हेरोइन कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क का सुराग मिला था, जिसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर निगरानी बढ़ाई और पुख्ता सूचना पर यह कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई को धमतरी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन जब्ती माना जा रहा है, जिससे अंतर्राज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने थाना अर्जुनी में धारा 21(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।1
- विधायक ने राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान को हटाने कलेक्टर को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, समर्थकों ने लगाए नारे बलरामपुर/राजपुर। शासकीय महाविद्यालय राजपुर में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक विवाद सामने आ गया। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा कार्यक्रम में उस समय नाराज़ हो गईं जब उनके अनुसार आमंत्रण के बावजूद एसडीएम कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान विधायक ने इस बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा को फोन कर 24 घंटे के भीतर एसडीएम देवेंद्र प्रधान को राजपुर से हटाने का अल्टीमेटम दे दिया। विधायक ने यह भी कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्यकर्ताओं और कुछ पत्रकारों के साथ तहसील एवं एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देंगी।कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब कुछ कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक और सवाल खड़ा हो रहा है कि विधायक द्वारा “पत्रकारों के साथ धरना” देने की बात कही गई—जिससे पत्रकारों की निष्पक्षता पर भी चर्चा शुरू हो गई है।1
- राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटागहना में अटल चौक से जलाशय मार्ग पर कन्हाई घर के पास डीएमएफ मद से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बन रही पुलिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच अनिल तिवारी ने इस निर्माण कार्य में व्यापक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उपसरपंच का कहना है कि जिस स्थान पर नई पुलिया का निर्माण किया जा रहा है, वहां पहले से ही पंचायत द्वारा पुलिया बनाई जा चुकी थी और उस स्थान पर नई पुलिया की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जरूरत के पुरानी पुलिया को तोड़कर नई पुलिया का निर्माण केवल शासकीय राशि के दुरुपयोग और बंदरबांट के उद्देश्य से कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने भी इस मामले में उपसरपंच के आरोपों का समर्थन करते हुए बताया कि उक्त स्थल पर पानी की निकासी की कोई गंभीर समस्या नहीं थी। बरसात के दिनों में भी खेतों में पानी का भराव नहीं होता था और किसान ट्यूबवेल के माध्यम से धान की रोपाई करते थे। ऐसे में वहां पुलिया निर्माण को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे स्थान हैं जहां पुलिया की वास्तविक आवश्यकता है, लेकिन वहां कार्य स्वीकृत नहीं किया गया। ग्राम पंचायत कोटागहना के उपसरपंच अनिल तिवारी ने प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उचित जांच के इस तरह के कार्यों को स्वीकृति देना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ठेकेदारों की मिलीभगत से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है और इसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता की आशंका है। उपसरपंच ने स्पष्ट कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य की तत्काल जांच कराई जाए और जहां वास्तव में आवश्यकता है, वहां विकास कार्य कराए जाएं। इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संजय दुबे , सिईओ जनपद पंचायत राजपुर। कोटागहना पंचायत में जो पुलिया निर्माण के स्वीकृति मिली है, एसडीओ और इंजीनियर के द्वारा मौके पर जाकर विजिट कर सत्यापन किया गया। इसके बाद ही स्वीकृति मिलती है अगर गलत किया गया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।4
- तिल्दा-नेवरा में सेवा का अनोखा उदाहरण, महिला मंडल ने बांटा शरबत-छाछ1
- भीम जयंती में आयोजित कव्वाली में सैकड़ो की संख्या में लोगों ने उठाया आनंद।1
- Post by सत्य के अंजोर न्यूज1
- परमात्मा साकार है प्रमाण के साथ 💥🥹#santrampaljimaharaj #motivation #viral #live1
- बालोद शहर के कलाकेंद्र भवन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) मातृशक्ति संगठन की जिला स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें 7 मई से 10 मई तक होने वाले प्रांत स्तरीय मातृशक्ति प्रशिक्षण वर्ग की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका, प्रशिक्षण की आवश्यकता और समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर विचार साझा किए गए। वक्ताओं ने प्रशिक्षण वर्ग में अधिक से अधिक महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बुधवार शाम 6 बजे मिली जानकारी के अनुसार बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित प्रशिक्षण वर्ग महिलाओं के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें संस्कार, अनुशासन और संगठनात्मक कार्यों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में प्रभावी योगदान दे सकें। जिला स्तर से अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। इस दौरान संगठन की सेवा गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेशभर में बाल संस्कार केंद्रों के माध्यम से बच्चों को नैतिक और धार्मिक शिक्षा दी जा रही है। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निःशुल्क सिलाई केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनके जरिए उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि जिले की महिलाएं संगठन से जुड़कर सेवा, सुरक्षा और संस्कार के मूलमंत्र पर कार्य कर रही हैं, जिससे सामाजिक गतिविधियों में तेजी आई है। प्रशिक्षण वर्ग में भागीदारी से उनकी कार्यक्षमता और अधिक सशक्त होगी। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण वर्ग को सफल बनाने के लिए समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। संगठन का उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना बताया गया।1