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गुमला में बिजली दुकान में भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका
Shivam Singh
गुमला में बिजली दुकान में भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका
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- आरोग्य ग्राम संगठन का भव्य कार्यक्रम..🙏🏻 #shorts #shortvideo #short #shortsfeed #viralvideo #road1
- ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बताया की गठबंधन की छात्रों के साथ है ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बताया की गठबंधन की छात्रों के साथ है1
- राँची/जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार 19 वें दिन जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच सहित अन्य मुद्दों की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है।1
- विधायक विकास सिंह मुंडा की पहल पर तिनतिला पंचायत के तीन गांवों में 25-25 केवीए के ने टास्फर्मर का उद्घाटन। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। अड़की प्रखंड के तिनतिला पंचायत अंतर्गत बगड़ी, पोसबेड़ा और टोरांगडीह गांव के ग्रामीणों को बिजली की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। तीनों गांवों में 25-25 केवीए क्षमता के नए ट्रांसफार्मरों का विधिवत उद्घाटन किया गया। ट्रांसफार्मर लगने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। उद्घाटन कार्यक्रम में झामुमो जिला प्रवक्ता सह विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान झामुमो जिला प्रवक्ता सह विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल, तिनतिला पंचायत के मुखिया लक्ष्मण मुंडा, बगड़ी ग्राम प्रधान सिंगा मुंडा, मैन्युअल तोपनो, बिरसा होरो, लखन समद, जंगला हजाम, बसंत हीरो, लेंबो देवी और रानी होरो ने संयुक्त रूप से नए ट्रांसफार्मरों का उद्घाटन किया। बताया गया कि गांवों में बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को विधायक को ट्रांसफार्मर की आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी थी। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक विकास सिंह मुंडा ने त्वरित पहल की और ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की। इसके बाद ट्रांसफार्मर लगाए गए और बुधवार को उनका विधिवत उद्घाटन किया गया।ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई के लिए विधायक विकास सिंह मुंडा के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि नए ट्रांसफार्मर लगने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा और रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने क्षेत्र की अन्य बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग रखी। वहीं अड़की प्रखंड के चलकद गांव में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां नृत्य मंडली से जुड़ी महिलाओं के बीच झामुमो जिला प्रवक्ता सह विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल ने साड़ी का वितरण किया। इस दौरान महिलाओं को साड़ी प्रदान करते हुए उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान की सराहना की गई। मौके पर चलकद के ग्राम प्रधान अब्राहम सोए, निर्मल सोए सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से भी मनोज मंडल को अवगत कराया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित स्तर पर रखने और समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही।1
- सबको पता है कि दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत की चोटी है माउंट एवरेस्ट. लेकिन क्या आपको पता है कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को सबसे पहले किसने कैलकुलेट किया था? जी... वह थे भारतीय Mathematician राधानाथ सिकदर. राधानाथ जी कलकत्ता में पैदा हुए.... प्रेजिडेंसी कॉलेज से ग्रेजुएट हुए..... उनकी Maths हमेशा से अद्भुत थी....उनकी इन्ही क्षमता के कारण उन्हें जॉर्ज एवरेस्ट के नेतृत्व में हो रहे Great Trigonometric Survey में काम मिला. सिकदर कभी एवरेस्ट नहीं गए.... वह Trigonometric तरीको से पहाड़ो की ऊंचाई नापते थे. उस ज़माने में कंचनजँगा को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माना जाता था..... सिकदर ने हमेशा माना कि इससे ऊंची चोटी भी है. एवरेस्ट के पूर्वोत्तर दिशाओं से की गयी Trigonometric गणना के दौरान राधानाथ सिकदर ने पीक XV (उस समय इसका नाम माउंट एवरेस्ट नहीं था) की ऊँचाई ठीक 29,000 फीट (8,839 मीटर) निर्धारित की थी। 1856 में आधिकारिक रूप से माउंट एवरेस्ट कि खोज की घोषणा की गयी और इसका नाम जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया. इसके बाद 1955 तक माउंट एवरेस्ट की आधिकारिक ऊंचाई वही मानी गयी, जो सिकदर ने बताई थी. 1955 में भारतीय सर्वेक्षण द्वारा दोबारा माप किए जाने पर इसकी ऊँचाई 29,029 फीट (8,848 मीटर) निर्धारित की गई। सोचिये सिकदर साहब की गणितीय क्षमता कितनी शानदार होगी.... कि जो ऊंचाई उन्होंने उस ज़माने में बिना किसी बड़े Scientific Equipment के बता दी.... वह असली ऊंचाई के कितना करीब थी.1
- लोध फॉल से सरना धाम 51 किलोमीटर सावन कावर यात्रा का आयोजन बुधवार की सुबह 9:00 किया गया। जहां सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु लोध फॉल से कावर में जल कलश लेकर पैदल 51 किलोमीटर का यात्रा करते हुए मानस मणि दीप सेवा संस्थान सरना धाम मायापुर पहुंचे और शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक अर्पण किया। यह आयोजन मानस मणि दीप सेवा संस्थान हिंदू महासभा एवं बजरंग दल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया था। आयोजन के दौरान महुआडार एवं बारेसार थाना पुलिस के द्वारा सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम रखे गए थे।1
- भारत का दूसरा केदारनाथ इस अद्भुत धाम की झलक.? #shorts #kedarnath #jai #dham #puja #mandir #news1
- बड़ी खबर झारखंड की मिट्टी में जो प्यार और अपनापन है वो और कहीं नहीं। आई चेक वैन ले कर जब हमलोग गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने इस तरह अपना आभार प्रकट किया जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सेवा का इससे बड़ा इनाम कुछ भी नहीं हो सकता झारखंड की मिट्टी में जो प्यार और अपनापन है वो और कहीं नहीं। आई चेक वैन ले कर जब हमलोग गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने इस तरह अपना आभार प्रकट किया जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सेवा का इससे बड़ा इनाम कुछ भी नहीं हो सकता1
- कम नामांकन विले विद्यालय प्रभारी के साथ कर्रा वीडियो ने किया समिक्षा बैठक। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड के वैसे विद्यालय जहां छात्रों का नामांकन बहुत कम है जिसका नजदीक के विद्यालय में मर्ज करने से संबंधित वैसे कुल 12 विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी स्मिता नगेशिया ने बैठक किया। बैठक में एक - एक कर सभी विद्यालयों के पोषक क्षेत्र में पांच प्लस से 11 आयु वर्ष के छात्रों की संख्या एवं कक्षावार नामांकन की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में देखा गया कि राजकीय मध्य विद्यालय बाला एवं उत्क्र प्राथमिक विद्यालय आमझरिया में शिक्षकों की लापरवाही एवं पठन पाठन में रुचि नहीं लेने के कारण बच्चे दूसरे विद्यालय में नामांकन लें रहें हैं वहीं उत्क्र प्राथमिक विद्यालय आमझरिया के शिक्षक सुमन होरो को कक्षा 1 के पाठ्य पुस्तक का सिलेवस भी नहीं मालूम था इस कारण वीडीयो ने कडी़ फटकार लगाई। उत्क्र प्राथमिक विद्यालय हिसरी एवं स्वांसी टोली के शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण विद्यालय में नामांकन कम हो रहा है, वहीं राजपुत टोली गुमडूं के शिक्षक ने कहा कि विद्यालय के नजदीक नीजि विद्यालय खुलने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को वहीं नामांकन करा रहें हैं जिसके चलते विद्यालय में नामांकन कम होने की बात कहीं। बैठक के उपरांत प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा सभी शिक्षकों को 15 दिन का समय दिया गया इस बीच अपने - अपने पोषक क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर, प्रभात फेरी निकाल कर एवं ग्राम सभा के बैठक में जाकर लोगों को जागरूक करते हुए अपने विद्यालय में नामांकन बढ़ाने का निर्देश दिया गया जिसकी शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को मॉनेटरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई। मौके पर सभी शिक्षकों ने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए पुरा प्रयास करने की बात कही।1