पत्नी की मौत के बाद घायल पति ने भी तोड़ा दम, तेज रफ्तार कार ने साइकिल में मारी थी टक्कर। एक न्यूज़ थंभमेल बनाकर दो दारापुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में साइकिल सवार दंपती की जान चली गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। आरोपी चालक को पकड़ लिया गया है। दारापुर मार्ग पर रविवार को हुए हादसे में पत्नी की मौके पर मौत के बाद सोमवार को घायल पति ने भी दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद दंपती के शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। गांव रतूपुरा निवासी चंद्रमोहन उर्फ बबलू रविवार की शाम करीब चार बजे पत्नी सुनीता के साथ साइकिल से खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान दारापुर मार्ग पर नई बस्ती के पास पीछे से आए तेज रफ्तार कार चालक ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी थी। हादसे में सुनीता की कार से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चंद्रमोहन उर्फ बबलू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए काशीपुर के अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव सोमवार को परिजनों को सौंप दिए। ग्रामीणों ने दौड़कर पकड़ा था आरोपी चालक कार गांव तरफ दलपत निवासी दिनेश चला रहा था, जबकि तीन अन्य लोग सवार थे। हादसे के बाद आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने कार चालक को दौड़कर पकड़ लिया था, जबकि उसके तीन साथी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने सोमवार को मृतक दंपती के बेटे अनिकेत की तहरीर पर आरोपी कार चालक दिनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पत्नी की मौत के बाद घायल पति ने भी तोड़ा दम, तेज रफ्तार कार ने साइकिल में मारी थी टक्कर। एक न्यूज़ थंभमेल बनाकर दो दारापुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में साइकिल सवार दंपती की जान चली गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। आरोपी चालक को पकड़ लिया गया है। दारापुर मार्ग पर रविवार को हुए हादसे में पत्नी की मौके पर मौत के बाद सोमवार को घायल पति ने भी दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद दंपती के शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। गांव रतूपुरा निवासी चंद्रमोहन उर्फ बबलू रविवार की शाम करीब चार बजे पत्नी सुनीता के साथ साइकिल से खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान दारापुर मार्ग पर नई बस्ती के पास पीछे से आए तेज रफ्तार कार चालक ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी थी। हादसे में सुनीता की कार से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चंद्रमोहन उर्फ बबलू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए काशीपुर के अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव सोमवार को परिजनों को सौंप दिए। ग्रामीणों ने दौड़कर पकड़ा था आरोपी चालक कार गांव तरफ दलपत निवासी दिनेश चला रहा था, जबकि तीन अन्य लोग सवार थे। हादसे के बाद आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने कार चालक को दौड़कर पकड़ लिया था, जबकि उसके तीन साथी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने सोमवार को मृतक दंपती के बेटे अनिकेत की तहरीर पर आरोपी कार चालक दिनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1
- भाई सौरभ शुक्ला इतना सच नही बोलना था..आप को हिन्दू विरोधी और देशद्रोही घोषित कर दिये जाओगे..🙄1
- कांठ विक्रम और ऑटो की टक्कर में दो मजदूर घायल अज्ञात चालक पर एफआईआर दर्ज1
- मुरादाबाद के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया। एक कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि पत्नी पिछले तीन महीनों से मायके में रह रही थी। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।1
- मुसलमान नॉनवेज खाते हैं खाने दीजिए ना तुम्हारे पेट में क्यों दर्द होता है तुमसे पैसे लेकर थोड़ी ना खाते हैं1
- अमरोहा के नेशनल हाईवे-9 पर गांव नारंगपुर के पास सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। करीब डेढ़ बजे एक सफेद स्विफ्ट कार और अपाचे बाइक की जोरदार टक्कर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक कार के पिछले हिस्से से साइड में टकराई, जिससे वह अनियंत्रित होकर दूर जा गिरी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और तुरंत 1033 पर सूचना दी गई। एंबुलेंस से घायल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। हाइवे पेट्रोल टीम और क्रेन ने क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात सुचारु कराया। फिलहाल हादसे के कारणों और घायल की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।1
- Post by Jpn7 News1
- सिद्धार्थ नगर उत्तर प्रदेश इटवा कस्बे के ITI नहर क्षेत्र में कपड़े में लिपटा ज़िंदा नवजात मिलने से हड़कंप मच गया। रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने बच्ची को देखा, जिसे जन्म के तुरंत बाद ही यहां छोड़ दिया गया था—यहां तक कि उसका नाड़ा भी नहीं कटा था। इटवा निवासी बब्लू पेट्रोल भराने जा रहे थे, तभी उन्होंने बच्ची की आवाज सुनी और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। उनके साथ इरशाद ने भी मदद की। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को तुरंत CHC इटवा पहुंचाया गया, जहां उसे NICU में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और निगरानी में रखी गई है। समय रहते मदद मिलने से उसकी जान बच सकी। स्थानीय युवकों और पुलिस की तत्परता ने इंसानियत की मिसाल पेश की। अब बड़ा सवाल—आखिर किसने इस मासूम को इस हालत में नहर किनारे छोड़ दिया? पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1