प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में लगभग ₹2400 करोड़ की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। यह राशि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से आयोजित एक कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी गई। भीलवाड़ा विधायक श्री अशोक कोठारी ने इस अवसर पर सभी किसान भाइयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पहल को किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह सिंधू की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र के सी. एम. यादव एवं उनकी टीम ने सभी अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। विधायक अशोक कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण एवं कृषि विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की यह राशि जारी होने को किसानों के लिए एक बड़ी सौगात बताया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में लगभग ₹2400 करोड़ की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। यह राशि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से आयोजित एक कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी गई। भीलवाड़ा विधायक श्री अशोक कोठारी ने इस अवसर पर सभी किसान भाइयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पहल को किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण
कदम बताया। इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह सिंधू की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र के सी. एम. यादव एवं उनकी टीम ने सभी अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। विधायक अशोक कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण एवं कृषि विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की यह राशि जारी होने को किसानों के लिए एक बड़ी सौगात बताया।
- भीलवाड़ा जिले में संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने सुवाणा स्थित एक फार्म हाउस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जुए के एक बड़े अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से ₹62,900 नकद राशि, ताश के पत्ते और 11 वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन और पुलिस उप अधीक्षक नेमीचंद चौधरी के सुपरविजन में, सदर थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, उप निरीक्षक भरत कुमार शर्मा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुवाणा कोर्ट के पीछे स्थित रॉयल फार्म हाउस में एक बंद कमरे में ताश के पत्तों पर रुपए का दांव लगाकर जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही, पुलिस टीम सर्च वारंट लेकर फार्म हाउस पर पहुंची और दबिश दी। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 14 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा। मौके से ₹62,900 नकद राशि और ताश के पत्ते बरामद करने के साथ ही, परिसर में खड़ी 8 मोटरसाइकिल, 2 स्कूटी और एक आई-20 कार भी जब्त की गईं। पुलिस ने बताया कि आरोपी अक्सर सुनसान स्थानों पर एकत्रित होकर संगठित तरीके से जुआ खेलते थे। इस संबंध में सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह जानकारी सदर पुलिस ने सोमवार शाम करीब 4:30 बजे जारी की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद हुसैन पुत्र मोहम्मद शरीफ (गुलमंडी), शरफुदीन पुत्र फकरूदीन नीलगर (न्यू पटेल नगर), साजिद हुसैन पुत्र गुलाम रसूल (गुलमंडी), मोहम्मद अकरम पुत्र फतेह मोहम्मद (गुलमंडी), अशफाक पुत्र मोहम्मद असलम (गुलमंडी), ताहिर हुसैन पुत्र अब्दुल कदीर (गुलमंडी), नौशाद अली पुत्र अख्तर हुसैन (मोहम्मदी कॉलोनी), मोहम्मद रमजान पुत्र रूस्तम अली शेख (पुरानी धानमंडी), वसीम अंसारी पुत्र अब्दुल गफूर अंसारी (गुलअली नगरी), मोहम्मद उमर पुत्र मोहम्मद मुख्तार (मोहम्मदी कॉलोनी), मोहम्मद हुसैन पुत्र गुलाम मोहम्मद (गुलमंडी), कयूम मोहम्मद लुहार पुत्र सिराजुद्दीन लुहार (गुलमंडी), मोहम्मद आरिफ पुत्र मोहम्मद सलीम (गुलमंडी), और दिनेश कुमार पुत्र रोडूलाल जीनगर (न्यू कोटा रोड, ईरास) शामिल हैं।1
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 22 जून, सोमवार को एक संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें जल संसाधन विभाग, नगर निगम, नगर विकास न्यास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। विधायक कोठारी ने अधिकारियों से शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि बारिश से पूर्व सभी विकास एवं सफाई कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। बैठक में शहर की प्रमुख जल निकासी व्यवस्थाओं, मेजा बांध से निकलने वाली नहरों की मरम्मत और निर्माण कार्यों, मानसरोवर झील, गांधी सागर तालाब एवं नेहरू तलाई सहित विभिन्न छोटे-बड़े नालों एवं नालियों की स्थिति की समीक्षा की गई। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बारिश से पहले सभी नालों और नालियों की उचित सफाई की जाए, तथा गंदे पानी के निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखा जाए। उन्होंने जलभराव संभावित क्षेत्रों में चल रहे सफाई कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लंबित सड़कों, नालियों और नई कॉलोनियों में स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। विधायक ने संबंधित विभागों को सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ भी नालों की सफाई, निर्माण कार्य या क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के रखरखाव की आवश्यकता हो, वहाँ संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विधायक ने सभी अधिकारियों को बारिश से पूर्व आवश्यक कार्यों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कुमार मेघवाल और सहायक अभियंता जगदीश डांगी, नगर विकास न्यास के अधिशासी अभियंता रामप्रसाद जाट, राजू बढ़ेरिया और कनिष्ठ अभियंता रोहन जैन, नगर निगम के अधिशासी अभियंता अखेराम बगडोदिया, पवन नुवाल और शंभूलाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता किशन खोईवाल तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहिल शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेन्द्र सिंह राठौड़, संजय राठी, सुभाष बाहेती, भगवान सिंह चौहान एवं बाबूलाल टाक भी मौजूद थे।3
- बनेड़ा तहसील के कुंडिया कला गांव में स्थित सरकारी तालाब पर 2 साल पहले बनाई गई नहर के गेट को तोड़ने का प्रयास किया गया। यह कोशिश कथित तौर पर चोरी के इरादे से की गई थी।2
- मांडल में योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक उदयलाल भड़ाना, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।1
- भीलवाड़ा जिले के मांडल स्थित मलगानी गांव में रविवार देर रात सरकारी चरागाह भूमि से कथित अवैध मिट्टी दोहन को लेकर भारी हंगामा हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन और डंपरों की मदद से चरागाह भूमि से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही थी। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर खनन कार्य में लगे वाहनों को घेर लिया, जिसमें डंपर संख्या RJ 09 GC 4001 सहित अन्य वाहन शामिल थे। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि उनके विरोध के दौरान खनन कार्य से जुड़े लोग दबाव बनाकर वाहनों को मौके से छुड़ाकर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार, चरागाह भूमि से मिट्टी दोहन का यह “खेल” काफी समय से चल रहा है। ग्रामीणों, जिनमें ओमप्रकाश, बालूराम, राहुल, रतनलाल जाट, हनुमान जाट, बालूलाल जाट, सूरजमल और जगदीश शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को की जा चुकी है। इसके बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद कुछ समय के लिए काम रुक जाता है, लेकिन फिर से मिट्टी निकालने का कार्य शुरू हो जाता है, जिससे उनमें गहरा रोष है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग स्थानीय ईंट भट्ठे पर किया जा रहा है, और उन्होंने भट्ठे के आसपास मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर होने का दावा किया है। उन्होंने चिंता जताई कि चरागाह भूमि, जो पशुओं के लिए चारागाह का मुख्य स्रोत है, पर लगातार मिट्टी खनन से गहरे गड्ढे बन रहे हैं, जिससे भविष्य में पशुपालकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मिट्टी के स्रोत की पुष्टि करने, खनन में प्रयुक्त जेसीबी और डंपरों को जब्त करने, भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, और मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। यह समस्त जानकारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है।2
- आयुष हॉस्पिटल अपनी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के माध्यम से बेहतरीन परिणाम दे रहा है। इन शानदार परिणामों की कहानी मरीजों की जुबानी सुनने को मिल रही है, जो उनके अनुभवों पर आधारित है।1
- चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक द्वारा डंप किए गए औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ जेरोफिक्स को हटाने की मांग को लेकर 'जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति' का आंदोलन सोमवार को 28वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव धीरज गुर्जर ने आंदोलनकारियों को समर्थन देते हुए सरकार और प्रशासन से मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। धीरज गुर्जर ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता ही सर्वोपरि होती है, और जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को जनता समय आने पर जवाब देती है। उन्होंने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से जेरोफिक्स मामले का जल्द समाधान निकालने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाने और अनशन जैसे कदम उठाने के लिए वे मजबूर होंगे। गुर्जर ने यह भी कहा कि जेरोफिक्स के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी सादड़ी की जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, और मंत्री गौतम दक मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि जेरोफिक्स को लेकर स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता है, लेकिन जिले के कई पक्ष और विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ नेता केवल धरना स्थल पर आकर ठेकेदारों को निशाना बनाते हैं, जबकि मुख्य जिम्मेदारी हिंदुस्तान जिंक की भूमिका पर चर्चा नहीं करते। पूर्व में कांग्रेस से विधायक प्रत्याशी रहे बद्रीलाल जाट ने इस अपशिष्ट पदार्थ के लंबे समय तक क्षेत्र में रहने से आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर की आशंका जताई थी। आंदोलनकारियों का कहना है कि जेरोफिक्स अभी तक पूरी तरह नहीं हटाया गया है और क्षेत्र में स्वास्थ्य, जल स्रोतों तथा पर्यावरण को लेकर खतरे की आशंका बनी हुई है। धीरज गुर्जर के स्थानीय नेताओं पर निशाना साधने और राजनीतिक नुकसान के डर से जनता के पक्ष में आवाज न उठाने के आरोप के बाद चित्तौड़गढ़ जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, और स्थानीय नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में जेरोफिक्स को क्षेत्र से पूरी तरह हटाना, पर्यावरणीय प्रभावों की जांच कराना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- शाहपुरा स्थित जाट छात्रावास के निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में राजकुमार खीखड़ेल को चुना गया है। जाट छात्रावास अध्यक्ष चुनाव संचालन समिति ने एक लंबे सदस्यता अभियान के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस चुनाव को संपन्न कराया। जाट छात्रावास के विधिक सलाहकार और प्रवक्ता एडवोकेट रामप्रसाद जाट के अनुसार, अध्यक्ष पद को लेकर वरिष्ठ और युवा दोनों वर्गों में अत्यधिक उत्साह देखा गया। नामांकन प्रक्रिया से पहले, सर्वसम्मति से चुनाव कराने का प्रयास किया गया था। हालांकि, निर्विरोध निर्वाचन की मांग उठने के बाद इच्छुक व्यक्तियों से विधिवत नामांकन पत्र जमा कराए गए। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष रामधन थरोदा, एडवोकेट रामलाल जाट, एडवोकेट रामेश्वर लाल जाट और पूर्व सरपंच ठिठोडी राजकुमार जाट ने अपना नामांकन दाखिल किया था। बाद में, रामधन जाट, रामेश्वर जाट और रामलाल जाट ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव संचालन समिति ने राजकुमार जाट को दो साल के कार्यकाल के लिए जाट छात्रावास का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। निर्वाचन के बाद की योजना के अनुसार, आगामी 28 जून को राजकुमार जाट समाज के वरिष्ठ जनों से राय-मशविरा करने के बाद अपनी कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। इसके बाद, 5 जुलाई 2026 को वे नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के साथ औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे। राजकुमार जाट के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर जाट समाज के सभी लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त की है। इस अवसर पर चुनाव संचालन समिति के जगदीश जाट, रतनलाल जाट, ओम प्रकाश जाट, सुवालाल जाट, बेनाथ जाट, चांदमल जाट और मोती जाट सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। उपस्थित वरिष्ठ जनों में जहाजपुर से रतनलाल जाट, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामनिवास जाट, शिवराज जाट, शोकरण जाट, रामप्रसाद गोरा, जिला परिषद सदस्य सीताराम जाट, विवाह सम्मेलन के महामंत्री शंकर लाल कुड़ी और शोभाराम तोगड़ा शामिल रहे। वहीं, युवा समाज जनों में प्रधान चड्ढा राजाराम जाट, कैलाश गोरा, अर्जुन गोरा, अनिल गोरा, सरपंच सत्यनारायण जाट, सांवरलाल गोरा, रामदयाल जाट, गजराज जाट, शंकर लाल जाट, नारायण जाट, सुखपाल जाट और शंकर लाल नागा सहित सैकड़ों वरिष्ठ और युवा समाज के सदस्य मौजूद रहे।3