जनता जवाब मांग रही है। क्या जिम्मेदारी तय होगी या फिर बयानबाजी में ही मामला दब जाएगा... हरिपुरधार में हुए दर्दनाक बस सड़क हादसे को लेकर अब सियासत गरमा गई है। स्थानीय विधायक विनय कुमार के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। विधायक का कहना है कि यह दुर्घटना सड़क की खराबी के कारण नहीं, बल्कि सड़क पर जमी बर्फ के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि उस स्थान की सड़कें बेहतर स्थिति में हैं। वाइट : विनय कुमार अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मौके से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क कच्ची और जर्जर हालत में थी। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। नालियां बंद पड़ी थीं, जिसके कारण पानी सड़क पर जमा हो गया और ठंड में वही पानी बर्फ में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई थी। यदि समय रहते गड्ढे भरे जाते और नालियों की सफाई की जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। वाइट : विनय छींटा स्थानीय निवासी अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ बर्फ का मामला था, या फिर लापरवाही और खराब सड़क व्यवस्था ने इस हादसे को न्योता दिया
जनता जवाब मांग रही है। क्या जिम्मेदारी तय होगी या फिर बयानबाजी में ही मामला दब जाएगा... हरिपुरधार में हुए दर्दनाक बस सड़क हादसे को लेकर अब सियासत गरमा गई है। स्थानीय विधायक विनय कुमार के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। विधायक का कहना है कि यह दुर्घटना सड़क की खराबी के कारण नहीं, बल्कि सड़क पर जमी बर्फ के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि उस स्थान की सड़कें बेहतर स्थिति में हैं। वाइट : विनय कुमार अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मौके से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिखाई
दे रहा है कि सड़क कच्ची और जर्जर हालत में थी। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। नालियां बंद पड़ी थीं, जिसके कारण पानी सड़क पर जमा हो गया और ठंड में वही पानी बर्फ में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई थी। यदि समय रहते गड्ढे भरे जाते और नालियों की सफाई की जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। वाइट : विनय छींटा स्थानीय निवासी अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ बर्फ का मामला था, या फिर लापरवाही और खराब सड़क व्यवस्था ने इस हादसे को न्योता दिया
- एनएमएमएस परीक्षा में अक्षित कुमार ने 98 अंक प्राप्त कर राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय चंडी की प्रतिष्ठा बढ़ाई1
- बिलासपुर में मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम के प्रावधानों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन1
- झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के आधार स्तंभ भी हैं। विकसित भारत का रास्ता गांवों और खेतों से होकर ही जाता है। जाहिर है कि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए किसानों की समृद्धि और खुशहाली बेहद जरूरी है। इसी के मद्देनजर मोेदी सरकार ने वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के माध्यम से देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों को हर साल 6-6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी करने के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में आयोजित जिला स्तरीय किसान गोष्ठी कोे बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जीतराम कटवाल ने कहा कि यह योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत सभी पात्र किसानों को सालाना 6-6 हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने 22वीं किश्त के रूप में 18,650 करोड़ रुपये की राशि किसानों को जारी की है। अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों को जारी की जा चुकी है। जीतराम कटवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं भी शुरू की हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से जहां किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई का सुरक्षा क्वच मिला है, वहीं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से ‘हर खेत को पानी’ के लक्ष्य के साथ सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को अपनी भूमि की उर्वरकता की सही जानकारी मिल रही है, जिससे वे बेहतर पैदावार हासिल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत छोटे किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था की गई है। इसकेे अलावा आधुनिक तकनीकों, ड्रोन, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर खेती को लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हांेने किसानों का आह्वान किया कि वे खेतीबाड़ी की नई तकनीकों से उत्पादन बढ़ाएं। उनके बाजार से जुड़ने से देश तेजी के साथ विकास की नई बुलंदियां हासिल करेगा। इस मौके पर भाजपा शाहतलाई मंडल अध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज लक्खा, डाॅ. सीमा व सुदर्शन चंदेल समेत लगभग 120 किसान मौजूद थे।1
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- हिमाचल की आवाज़ हिल ऑन व्हील्स – साइकिलिंग ग्रुप रामपुर बुशहर रामपुर बुशहर | 14 मार्च 2026 हिल ऑन व्हील्स साइकिलिंग ग्रुप रामपुर बुशहर द्वारा लगभग 15 किलोमीटर का साइकिलिंग ट्रेक आयोजित किया गया। यह ट्रेक रामपुर से एवरी पट्टी और एवरी पट्टी से वापस रामपुर तक पूरा किया गया। इस दौरान साइकिलिस्टों ने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी दिया। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों के बीच किया गया यह ट्रेक प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा। ग्रुप की ओर से बताया गया कि जो भी साइकिलिंग के शौकीन युवा और लोग इस मुहिम से जुड़ना चाहते हैं, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क: 62308 423981
- राज्यसभा चुनाव से पहले हरियाणा कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल के रिजॉर्ट ले जाने की तैयारी चंडीगढ़/शिमला: हरियाणा में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश के एक रिजॉर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है। यह कदम संभावित क्रॉस-वोटिंग के खतरे को देखते हुए उठाया जा रहा है।  सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने हरियाणा के सभी 37 विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें कुछ दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश के सुरक्षित स्थान पर ठहराने की योजना बनाई है। बताया जा रहा है कि विधायकों को ले जाने के लिए दो लग्जरी बसों की बुकिंग भी की गई है और वहां पहुंचने पर पुलिस सुरक्षा भी दी जाएगी।  दरअसल, हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। बीजेपी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने दलित नेता कर्मवीर बौद्ध को मैदान में उतारा है। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के चुनाव लड़ने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।  राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 31 वोटों की जरूरत होती है। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, इसलिए गणित के अनुसार पार्टी अपने उम्मीदवार को जिता सकती है। हालांकि, पिछले चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था, इसलिए इस बार पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।  राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधायकों को रिजॉर्ट में रखने की रणनीति को आम तौर पर “रिजॉर्ट पॉलिटिक्स” कहा जाता है, जिसका उद्देश्य चुनाव से पहले विधायकों को विपक्ष के संपर्क से दूर रखना और पार्टी एकजुटता बनाए रखना होता है।1
- विजिलेंस ब्यूरो को आरटीआई से बाहर करना असंवैधानिक और तानाशाही निर्णय : रणधीर शर्मा1
- Post by Dev Raj Thakur1
- हिमाचल की आवाज संवाददाता/मोहन सिंह ठाकुर रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रत्तनपुर से शरशाफ्ट तक की सड़क, जो कि SJVNL के अधीन आती है, पिछले लगभग एक साल से बेहद खराब स्थिति में पड़ी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, टूटे हुए किनारे और मलबा पड़ा हुआ है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि पहले भी एक व्यक्ति इस रास्ते पर गिरकर घायल हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। यह सड़क पहाड़ी और संकरी होने के कारण जोखिम और भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों ने SJVNL और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1