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जोगिंदर नगर में बाइक की चपेट में आई स्कूली छात्रा, टांडा रेफर जोगिंदर नगर में बाइक की चपेट में आई स्कूली छात्रा, प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर।

2 hrs ago
user_Ankit Kumar
Ankit Kumar
Local News Reporter जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

जोगिंदर नगर में बाइक की चपेट में आई स्कूली छात्रा, टांडा रेफर जोगिंदर नगर में बाइक की चपेट में आई स्कूली छात्रा, प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर।

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  • सुजानपुर एक डॉक्टर के लिए उसका पेशेंट कितना जरूरी होता है डॉक्टर अपने कार्य के प्रति कितना वफादार है इस बात का उदाहरण सुजानपुर सिविल अस्पताल में तैनात खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार ने दिया है शनिवार को खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार जब सचिवालय परिसर में एक मीटिंग में भाग लेने के लिए आए थे इस दौरान जब मीटिंग संपन्न हुई और वह जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें वही रोक लिया और अपना स्वास्थ्य निरीक्षक करने की मांग की उक्त डाक्टर ने किसी भी रोगी को मना ना करते हुए वहीं पर ओपीडी लगा दी और करीब तीन लोगों का वहां स्वास्थ्य निरीक्षक किया बाकायदा उनसे बातचीत की उन्हें डायग्नोज किया और उसके बाद अपने स्वास्थ्य केंद्र चले गए बताते चले कि खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार सिविल हॉस्पिटल सुजानपुर में तैनात हैं और अपने कार्य के प्रति उनकी कई बातें लगातार चर्चा में रहती हैं पेशेंट के साथ मधुर व्यवहार और अपने कार्य के प्रति सच्ची ईमानदारी कई बार देखने को मिली है लेकिन इस बार उन्होंने सचिवालय परिसर में उनसे मिलने आए रोगियों का वहीं पर स्वास्थ्य निरीक्षक करके एक बार फिर बता दिया है कि वह अपने कार्य के प्रति कितने वफादार हैं। संबंधित विषय पर डॉ राजकुमार ने कहा कि मीटिंग के लिए सचिवालय परिसर में आए थे इस दौरान उन्हें कुछ लोगों ने रोक लिया उन्होंने उनका वही निरीक्षण करके दवाई लिखी है और कहा है कि उसके बाद कभी भी निरीक्षण के लिए सिविल हॉस्पिटल आ सकते हैं
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    सुजानपुर
एक डॉक्टर के लिए उसका पेशेंट कितना जरूरी होता है डॉक्टर अपने कार्य के प्रति कितना वफादार है इस बात का उदाहरण सुजानपुर सिविल अस्पताल में तैनात खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार ने दिया है शनिवार को खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार जब सचिवालय परिसर में एक मीटिंग में भाग लेने के लिए आए थे इस दौरान जब मीटिंग संपन्न हुई और वह जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें वही रोक लिया और अपना स्वास्थ्य निरीक्षक करने की मांग की उक्त डाक्टर ने किसी भी रोगी को मना ना करते हुए वहीं पर ओपीडी लगा दी और करीब तीन लोगों का वहां स्वास्थ्य निरीक्षक किया बाकायदा उनसे बातचीत की उन्हें डायग्नोज किया और उसके बाद अपने स्वास्थ्य केंद्र चले गए बताते चले कि खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार सिविल हॉस्पिटल सुजानपुर में तैनात हैं और अपने कार्य के प्रति उनकी कई बातें लगातार चर्चा में रहती हैं पेशेंट के साथ मधुर व्यवहार और अपने कार्य के प्रति सच्ची ईमानदारी कई बार देखने को मिली है लेकिन इस बार उन्होंने सचिवालय परिसर में उनसे मिलने आए रोगियों का वहीं पर स्वास्थ्य निरीक्षक करके एक बार फिर बता दिया है कि वह अपने कार्य के प्रति कितने वफादार हैं।
संबंधित विषय पर डॉ राजकुमार ने कहा कि मीटिंग के लिए सचिवालय परिसर में आए थे इस दौरान उन्हें कुछ लोगों ने रोक लिया उन्होंने उनका वही निरीक्षण करके दवाई लिखी है और कहा है कि उसके बाद कभी भी निरीक्षण के लिए सिविल हॉस्पिटल आ सकते हैं
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • हमीरपुर। हमीरपुर के डुढाणा गांव में एक व्यक्ति की शादी करवाकर उसे लाखों का चूना लगाया गया है। यह शादी अगस्त 2025 में हुई थी। शादी के उपरांत दुल्हन महज पांच दिन ही ससुराल में रही और छठे दिन बहाना बनाकर चली गई। उसके बाद दुल्हन लौटकर वापस नहीं आई। पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी पर पांच लाख से अधिक का खर्च हो चुका है। पुलिस के पास पहुंचकर परिवार ने खर्च हो चुके रुपए दिलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन्हें अब दुल्हन नहीं चाहिए, लेकिन जो पैसा शादी के लिए खर्च हुआ है उसे दिलवाया जाए। पीड़ित संजय कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 को उसकी शादी करवाई गई थी। लुधियाना मछीवाड़ा में शादी करवाई गई थी। उसके उपरांत महिला चार से पांच दिन इसके साथ रही और बाद में इसे छोड़कर चली गई। महिला ने कहा कि वह एक दो दिन में वापस लौट आएगी, लेकिन आज तक नहीं आई। जिस बिचौलिए को डेढ़ लाख रुपए दिया गया था, वह अब और लड़की से शादी करवाने की बात कह रहा है। बिचौलिए ने कहा कि मछीवाड़ा को चलो। आरोप लगाया कि पांच बार मछीवाड़ा गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छह बार मछीवाड़ा जाने पर भी 60 हजार रुपए खर्च हुआ है। मानवाधिकार महिला विंग की महासचिव पूनम देवी ने बताया कि इस पीड़ित परिवार का मामला इनके पास आया है। मामले को लेकर पुलिस को अवगत करवाया गया है। पुलिस विभाग से मांग है कि मामले की सही ढंग से जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
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    हमीरपुर। 
हमीरपुर के डुढाणा गांव में एक व्यक्ति की शादी करवाकर उसे लाखों का चूना लगाया गया है। यह शादी अगस्त 2025 में हुई थी। शादी के उपरांत दुल्हन महज पांच दिन ही ससुराल में रही और छठे दिन बहाना बनाकर चली गई। उसके बाद दुल्हन लौटकर वापस नहीं आई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी पर पांच लाख से अधिक का खर्च हो चुका है। पुलिस के पास पहुंचकर परिवार ने खर्च हो चुके रुपए दिलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन्हें अब दुल्हन नहीं चाहिए, लेकिन जो पैसा शादी के लिए खर्च हुआ है उसे दिलवाया जाए।
पीड़ित संजय कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 को उसकी शादी करवाई गई थी। लुधियाना मछीवाड़ा में शादी करवाई गई थी। उसके उपरांत महिला चार से पांच दिन इसके साथ रही और बाद में इसे छोड़कर चली गई। महिला ने कहा कि वह एक दो दिन में वापस लौट आएगी, लेकिन आज तक नहीं आई।
जिस बिचौलिए को डेढ़ लाख रुपए दिया गया था, वह अब और लड़की से शादी करवाने की बात कह रहा है। बिचौलिए ने कहा कि मछीवाड़ा को चलो। आरोप लगाया कि पांच बार मछीवाड़ा गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छह बार मछीवाड़ा जाने पर भी 60 हजार रुपए खर्च हुआ है।
मानवाधिकार महिला विंग की महासचिव पूनम देवी ने बताया कि इस पीड़ित परिवार का मामला इनके पास आया है। मामले को लेकर पुलिस को अवगत करवाया गया है। पुलिस विभाग से मांग है कि मामले की सही ढंग से जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • रिपोर्ट -28 फरवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज शेंशर से अगला पड़ाव जारी: सैंज घाटी की अधिष्ठात्री माता आशापुरी महामाई की देव-यात्रा अपने दूसरे पड़ाव की ओर बढ़ चुकी है। मनु मंदिर शेंशर में रात्रि विश्राम और मनु ऋषि व माता शतरूपा से मिलन के बाद, आज माता का भव्य रथ अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गया है। ​आज के मुख्य आकर्षण: ​ऋषि मिलन: आज माता के रथ का मिलन जगदामनी ऋषि के साथ होगा। घाटी में देव-मिलन के इस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है। ​भक्ति का माहौल: वाद्य यंत्रों की गूँज और पारंपरिक वेशभूषा में सजे देवलुओं के साथ यात्रा का कारवां बागी शियाड़ी की ओर बढ़ रहा है। ​कल का विशेष पड़ाव (काथल): ​कला संग्रह स्थल: कल माता का रथ 'काथल' पहुँचेगा, जो कला संग्रह का मुख्य स्थल है। ​परंपरा का निर्वहन: यहीं पर 12 वर्षों बाद उस महत्वपूर्ण देव-परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, जिसके लिए माता अपने मंदिर से निकली हैं। ​"12 साल का इंतज़ार और अटूट विश्वास... सैंज घाटी में देव संस्कृति का वैभव।"
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    रिपोर्ट -28 फरवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज 
शेंशर से अगला पड़ाव जारी: सैंज घाटी की अधिष्ठात्री माता आशापुरी महामाई की देव-यात्रा अपने दूसरे पड़ाव की ओर बढ़ चुकी है। मनु मंदिर शेंशर में रात्रि विश्राम और मनु ऋषि व माता शतरूपा से मिलन के बाद, आज माता का भव्य रथ अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गया है।
​आज के मुख्य आकर्षण:
​ऋषि मिलन: आज माता के रथ का मिलन जगदामनी ऋषि के साथ होगा। घाटी में देव-मिलन के इस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है।
​भक्ति का माहौल: वाद्य यंत्रों की गूँज और पारंपरिक वेशभूषा में सजे देवलुओं के साथ यात्रा का कारवां बागी शियाड़ी की ओर बढ़ रहा है।
​कल का विशेष पड़ाव (काथल):
​कला संग्रह स्थल: कल माता का रथ 'काथल' पहुँचेगा, जो कला संग्रह का मुख्य स्थल है।
​परंपरा का निर्वहन: यहीं पर 12 वर्षों बाद उस महत्वपूर्ण देव-परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, जिसके लिए माता अपने मंदिर से निकली हैं।
​"12 साल का इंतज़ार और अटूट विश्वास... सैंज घाटी में देव संस्कृति का वैभव।"
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter सैंज, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भक्ति और श्रद्धा के संग गूंजा “नंद के आनंद भयो” बंगाणा, ऊना: उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के गुगा जाहरवीर मंदिर नायली चैरीटेवल ट्रस्ट  के सौजन्य से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर आज कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रकट उत्सव के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर नजर आया। कथा व्यास आचार्य प्रमोद  ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य कथा है। इसका श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है और वह भवसागर से पार उतरने का मार्ग पाता है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं।जैसे ही मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा हुई, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने झूमकर भजन-कीर्तन किया और भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी। बाल गोपाल के सुंदर झांकी दर्शन ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर अमन शर्मा, बलराज शर्मा, अंकुश शर्मा, सतीश कुमार, फतेहचंद, रवि कुमार, राजेश केला, विपिन कुमार, पूजा, बाबूराम, सुमित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। ट्रस्ट सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सभी श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।
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    भक्ति और श्रद्धा के संग गूंजा “नंद के आनंद भयो”
बंगाणा, ऊना:   उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के गुगा जाहरवीर मंदिर नायली चैरीटेवल ट्रस्ट  के सौजन्य से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर आज कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रकट उत्सव के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर नजर आया।
कथा व्यास आचार्य प्रमोद  ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य कथा है। इसका श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है और वह भवसागर से पार उतरने का मार्ग पाता है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं।जैसे ही मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा हुई, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने झूमकर भजन-कीर्तन किया और भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी। बाल गोपाल के सुंदर झांकी दर्शन ने सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर अमन शर्मा, बलराज शर्मा, अंकुश शर्मा, सतीश कुमार, फतेहचंद, रवि कुमार, राजेश केला, विपिन कुमार, पूजा, बाबूराम, सुमित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ट्रस्ट सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सभी श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विकेट भौगोलिक परिस्थितियों से लबरेज हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के लोगों का जान को जोखिम में डालकर होने वाला सफर लगातार जारी है। यहां बात हो रही है विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक होला मोहल्ला मेले की जिसमें पड़ोसी राज्यों समेत देश के कई हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर लाए जा रहे हैं। हालांकि मेला शुरू होने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मौत के इस सफर को रोकने के लिए ना केवल कड़ी हिदायतें जारी की गई थी अपितु पड़ोसी राज्यों के प्रशासन से संपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को जागरूक करने का भी अभियान चलाया गया था। जिसके तहत उन्हें यह सख्त हिदायत जारी की गई थी कि मेले में आने वाले श्रद्धालु केवल मात्र यात्री वाहनों में ही सुरक्षित सफर करें। लेकिन मेले में पहुंच रहे अधिकतर श्रद्धालु ट्रैक्टर, ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों में ही सफर करते देखे जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला ऊना में आस्था के नाम पर मौत का यह सफर बदस्तूर जारी है लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हालांकि जोखिम भरे इस सफर में कई लोग पहले भी अपनी जिंदगी खो चुके हैं, जबकि कई लोग दिव्यांगता का शिकार हो चुके है। स्थानीय लोगों की माने तो प्रशासन को इस मामले पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अक्सर इस तरह से सफर करना जानलेवा साबित होता है वहीं एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा भी मानते है कि मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं का आना चिंता का विषय है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सफर जोखिम भरा रहता है। एएसपी ऊना ने कहा कि जिला की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगाया गया है लेकिन कुछ वाहन चोर रास्तों से आ रहे है। उन्होंने कहा कि जिला में प्रवेश करने वाले ऐसे वाहनों  के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है बाइट -- सुरेंद्र शर्मा (एएसपी ऊना) FEED FILE --
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    विकेट भौगोलिक परिस्थितियों से लबरेज हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के लोगों का जान को जोखिम में डालकर होने वाला सफर लगातार जारी है। यहां बात हो रही है विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक होला मोहल्ला मेले की जिसमें पड़ोसी राज्यों समेत देश के कई हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर लाए जा रहे हैं। हालांकि मेला शुरू होने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मौत के इस सफर को रोकने के लिए ना केवल कड़ी हिदायतें जारी की गई थी अपितु पड़ोसी राज्यों के प्रशासन से संपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को जागरूक करने का भी अभियान चलाया गया था। जिसके तहत उन्हें यह सख्त हिदायत जारी की गई थी कि मेले में आने वाले श्रद्धालु केवल मात्र यात्री वाहनों में ही सुरक्षित सफर करें। लेकिन मेले में पहुंच रहे अधिकतर श्रद्धालु ट्रैक्टर, ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों में ही सफर करते देखे जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला ऊना में आस्था के नाम पर मौत का यह सफर बदस्तूर जारी है लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हालांकि जोखिम भरे इस सफर में कई लोग पहले भी अपनी जिंदगी खो चुके हैं, जबकि कई लोग दिव्यांगता का शिकार हो चुके है। स्थानीय लोगों की माने तो प्रशासन को इस मामले पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अक्सर इस तरह से सफर करना जानलेवा साबित होता है
वहीं एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा भी मानते है कि मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं का आना चिंता का विषय है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सफर जोखिम भरा रहता है। एएसपी ऊना ने कहा कि जिला की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगाया गया है लेकिन कुछ वाहन चोर रास्तों से आ रहे है। उन्होंने कहा कि जिला में प्रवेश करने वाले ऐसे वाहनों  के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है
बाइट -- सुरेंद्र शर्मा (एएसपी ऊना)
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    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जोगिंदर नगर में 4 मार्च को मनाई जाएगी होली, बंद रहेगा बाजार।
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    जोगिंदर नगर में 4 मार्च को मनाई जाएगी होली, बंद रहेगा बाजार।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    Local News Reporter जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने और बड़े कढियार आयुर्वैदिक अस्पताल की उपेक्षा को लेकर एनसीपी अध्यक्ष एवं समाजसेवी रविन्द्र सिंह डोगरा ने पूर्व और वर्तमान सरकार के साथ-साथ उनके प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डोगरा ने पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि सुजानपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उनका कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नजर नहीं आता। उन्होंने आयुर्वेद विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विभाग के पास कोई ठोस विज़न नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज लोग पंचकर्म और आयुर्वेदिक उपचार के लिए केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों का रुख कर रहे हैं, जबकि कढियार अस्पताल जैसे पुराने और बड़े संस्थान को विकसित कर स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। रविन्द्र सिंह डोगरा ने साक्ष्यों सहित लिखित प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सुजानपुर वासियों की ओर से भेजा है। ज्ञापन में अस्पताल की सभी कमियों को दूर करने और इसे पुनः सशक्त बनाने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र की 11 पंचायतों—जंदडू, चारियां दी धार, पौंहंज, लगदेवी, ऊटपुर, ऊहल, भटेड़, स्पाहल, कक्कड़, पुरली और गवारडू—के लगभग 20 हजार लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में पुनः एसएमओ की पोस्ट बहाल की जाएगी।इसके साथ ही 2 एएमओ, 3 एनएम, 1 महिला मसाजर तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियमित तैनाती की भी मांग की गई है, ताकि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें और स्थानीय लोगों को आयुर्वेदिक उपचार का समुचित लाभ मिल सके।
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    सुजानपुर
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने और बड़े कढियार आयुर्वैदिक अस्पताल की उपेक्षा को लेकर एनसीपी अध्यक्ष एवं समाजसेवी रविन्द्र सिंह डोगरा ने पूर्व और वर्तमान सरकार के साथ-साथ उनके प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डोगरा ने पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि सुजानपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उनका कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नजर नहीं आता। उन्होंने आयुर्वेद विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विभाग के पास कोई ठोस विज़न नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज लोग पंचकर्म और आयुर्वेदिक उपचार के लिए केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों का रुख कर रहे हैं, जबकि कढियार अस्पताल जैसे पुराने और बड़े संस्थान को विकसित कर स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
रविन्द्र सिंह डोगरा ने साक्ष्यों सहित लिखित प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सुजानपुर वासियों की ओर से भेजा है। ज्ञापन में अस्पताल की सभी कमियों को दूर करने और इसे पुनः सशक्त बनाने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र की 11 पंचायतों—जंदडू, चारियां दी धार, पौंहंज, लगदेवी, ऊटपुर, ऊहल, भटेड़, स्पाहल, कक्कड़, पुरली और गवारडू—के लगभग 20 हजार लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में पुनः एसएमओ की पोस्ट बहाल की जाएगी।इसके साथ ही 2 एएमओ, 3 एनएम, 1 महिला मसाजर तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियमित तैनाती की भी मांग की गई है, ताकि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें और स्थानीय लोगों को आयुर्वेदिक उपचार का समुचित लाभ मिल सके।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बंगाणा। जिला ऊना के गांव पंजाबर की बेटी नंदिनी ने संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल कर पूरे देश में प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से ऊना जिला ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में हर्ष और गर्व का माहौल है। नंदिनी के पिता संजय कुमार एक मेहनती किसान हैं, जबकि उनकी माताजी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली नंदिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय सरकारी स्कूलों में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीएससी फिजिक्स ऑनर्स तथा एमएससी की पढ़ाई पूरी की और कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास के बल पर UPSC की जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। नंदिनी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनका कहना है कि यदि माता-पिता का मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद न होता तो यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतरता (कंसिस्टेंसी) अत्यंत आवश्यक हैं, और उन्होंने इन तीनों सिद्धांतों को जीवन में अपनाया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि संघर्ष और परिश्रम से हर सपना साकार किया जा सकता है। असफलताओं से घबराने की बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अंत में उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की— “जो नहीं करते मेहनत और संघर्ष, तो क्या मजा है जीने में, बड़े-बड़े तूफान भी रास्ता छोड़ देते हैं, जब संघर्ष की आग लगी हो सीने में।” नंदिनी की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिली है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
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    बंगाणा। जिला ऊना के गांव पंजाबर की बेटी नंदिनी ने संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल कर पूरे देश में प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से ऊना जिला ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में हर्ष और गर्व का माहौल है।
नंदिनी के पिता संजय कुमार एक मेहनती किसान हैं, जबकि उनकी माताजी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली नंदिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय सरकारी स्कूलों में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीएससी फिजिक्स ऑनर्स तथा एमएससी की पढ़ाई पूरी की और कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास के बल पर UPSC की जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया।
नंदिनी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनका कहना है कि यदि माता-पिता का मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद न होता तो यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतरता (कंसिस्टेंसी) अत्यंत आवश्यक हैं, और उन्होंने इन तीनों सिद्धांतों को जीवन में अपनाया।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि संघर्ष और परिश्रम से हर सपना साकार किया जा सकता है। असफलताओं से घबराने की बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
अंत में उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की—
“जो नहीं करते मेहनत और संघर्ष,
तो क्या मजा है जीने में,
बड़े-बड़े तूफान भी रास्ता छोड़ देते हैं,
जब संघर्ष की आग लगी हो सीने में।”
नंदिनी की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिली है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
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