शादी करवाकर व्यक्ति को लगाया लाखों का चूना, एसपी हमीरपुर से मिला पीड़ित परिवार हमीरपुर। हमीरपुर के डुढाणा गांव में एक व्यक्ति की शादी करवाकर उसे लाखों का चूना लगाया गया है। यह शादी अगस्त 2025 में हुई थी। शादी के उपरांत दुल्हन महज पांच दिन ही ससुराल में रही और छठे दिन बहाना बनाकर चली गई। उसके बाद दुल्हन लौटकर वापस नहीं आई। पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी पर पांच लाख से अधिक का खर्च हो चुका है। पुलिस के पास पहुंचकर परिवार ने खर्च हो चुके रुपए दिलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन्हें अब दुल्हन नहीं चाहिए, लेकिन जो पैसा शादी के लिए खर्च हुआ है उसे दिलवाया जाए। पीड़ित संजय कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 को उसकी शादी करवाई गई थी। लुधियाना मछीवाड़ा में शादी करवाई गई थी। उसके उपरांत महिला चार से पांच दिन इसके साथ रही और बाद में इसे छोड़कर चली गई। महिला ने कहा कि वह एक दो दिन में वापस लौट आएगी, लेकिन आज तक नहीं आई। जिस बिचौलिए को डेढ़ लाख रुपए दिया गया था, वह अब और लड़की से शादी करवाने की बात कह रहा है। बिचौलिए ने कहा कि मछीवाड़ा को चलो। आरोप लगाया कि पांच बार मछीवाड़ा गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छह बार मछीवाड़ा जाने पर भी 60 हजार रुपए खर्च हुआ है। मानवाधिकार महिला विंग की महासचिव पूनम देवी ने बताया कि इस पीड़ित परिवार का मामला इनके पास आया है। मामले को लेकर पुलिस को अवगत करवाया गया है। पुलिस विभाग से मांग है कि मामले की सही ढंग से जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
शादी करवाकर व्यक्ति को लगाया लाखों का चूना, एसपी हमीरपुर से मिला पीड़ित परिवार हमीरपुर। हमीरपुर के डुढाणा गांव में एक व्यक्ति की शादी करवाकर उसे लाखों का चूना लगाया गया है। यह शादी अगस्त 2025 में हुई थी। शादी के उपरांत दुल्हन महज पांच दिन ही ससुराल में रही और छठे दिन बहाना बनाकर चली गई। उसके बाद दुल्हन लौटकर वापस नहीं आई। पीड़ित परिवार का कहना है
कि शादी पर पांच लाख से अधिक का खर्च हो चुका है। पुलिस के पास पहुंचकर परिवार ने खर्च हो चुके रुपए दिलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन्हें अब दुल्हन नहीं चाहिए, लेकिन जो पैसा शादी के लिए खर्च हुआ है उसे दिलवाया जाए। पीड़ित संजय कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 को उसकी शादी करवाई गई थी। लुधियाना मछीवाड़ा में शादी करवाई गई
थी। उसके उपरांत महिला चार से पांच दिन इसके साथ रही और बाद में इसे छोड़कर चली गई। महिला ने कहा कि वह एक दो दिन में वापस लौट आएगी, लेकिन आज तक नहीं आई। जिस बिचौलिए को डेढ़ लाख रुपए दिया गया था, वह अब और लड़की से शादी करवाने की बात कह रहा है। बिचौलिए ने कहा कि मछीवाड़ा को चलो। आरोप लगाया कि पांच बार
मछीवाड़ा गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छह बार मछीवाड़ा जाने पर भी 60 हजार रुपए खर्च हुआ है। मानवाधिकार महिला विंग की महासचिव पूनम देवी ने बताया कि इस पीड़ित परिवार का मामला इनके पास आया है। मामले को लेकर पुलिस को अवगत करवाया गया है। पुलिस विभाग से मांग है कि मामले की सही ढंग से जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
- सुजानपुर एक डॉक्टर के लिए उसका पेशेंट कितना जरूरी होता है डॉक्टर अपने कार्य के प्रति कितना वफादार है इस बात का उदाहरण सुजानपुर सिविल अस्पताल में तैनात खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार ने दिया है शनिवार को खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार जब सचिवालय परिसर में एक मीटिंग में भाग लेने के लिए आए थे इस दौरान जब मीटिंग संपन्न हुई और वह जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें वही रोक लिया और अपना स्वास्थ्य निरीक्षक करने की मांग की उक्त डाक्टर ने किसी भी रोगी को मना ना करते हुए वहीं पर ओपीडी लगा दी और करीब तीन लोगों का वहां स्वास्थ्य निरीक्षक किया बाकायदा उनसे बातचीत की उन्हें डायग्नोज किया और उसके बाद अपने स्वास्थ्य केंद्र चले गए बताते चले कि खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार सिविल हॉस्पिटल सुजानपुर में तैनात हैं और अपने कार्य के प्रति उनकी कई बातें लगातार चर्चा में रहती हैं पेशेंट के साथ मधुर व्यवहार और अपने कार्य के प्रति सच्ची ईमानदारी कई बार देखने को मिली है लेकिन इस बार उन्होंने सचिवालय परिसर में उनसे मिलने आए रोगियों का वहीं पर स्वास्थ्य निरीक्षक करके एक बार फिर बता दिया है कि वह अपने कार्य के प्रति कितने वफादार हैं। संबंधित विषय पर डॉ राजकुमार ने कहा कि मीटिंग के लिए सचिवालय परिसर में आए थे इस दौरान उन्हें कुछ लोगों ने रोक लिया उन्होंने उनका वही निरीक्षण करके दवाई लिखी है और कहा है कि उसके बाद कभी भी निरीक्षण के लिए सिविल हॉस्पिटल आ सकते हैं1
- बंगाणा। जिला ऊना के गांव पंजाबर की बेटी नंदिनी ने संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल कर पूरे देश में प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से ऊना जिला ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में हर्ष और गर्व का माहौल है। नंदिनी के पिता संजय कुमार एक मेहनती किसान हैं, जबकि उनकी माताजी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली नंदिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय सरकारी स्कूलों में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीएससी फिजिक्स ऑनर्स तथा एमएससी की पढ़ाई पूरी की और कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास के बल पर UPSC की जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। नंदिनी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनका कहना है कि यदि माता-पिता का मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद न होता तो यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतरता (कंसिस्टेंसी) अत्यंत आवश्यक हैं, और उन्होंने इन तीनों सिद्धांतों को जीवन में अपनाया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि संघर्ष और परिश्रम से हर सपना साकार किया जा सकता है। असफलताओं से घबराने की बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अंत में उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की— “जो नहीं करते मेहनत और संघर्ष, तो क्या मजा है जीने में, बड़े-बड़े तूफान भी रास्ता छोड़ देते हैं, जब संघर्ष की आग लगी हो सीने में।” नंदिनी की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिली है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।1
- असेम्बली ऑफ़ एम पी जर्नलिस्ट ने पत्रकारों की समस्या पर की चर्चा1
- Post by न्यूज रिपोर्टर1
- जोगिंदर नगर में बाइक की चपेट में आई स्कूली छात्रा, प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर।1
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- जिला ऊना की सोहलासिंगीधार पर स्थित चामुखा मंदिर के नजदीक घर की छत पर जंगल का राष्ट्रीय पक्षी मोर पंख फैलाए हुए मनमोहक दृश्य।1
- सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने और बड़े कढियार आयुर्वैदिक अस्पताल की उपेक्षा को लेकर एनसीपी अध्यक्ष एवं समाजसेवी रविन्द्र सिंह डोगरा ने पूर्व और वर्तमान सरकार के साथ-साथ उनके प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डोगरा ने पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि सुजानपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उनका कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नजर नहीं आता। उन्होंने आयुर्वेद विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विभाग के पास कोई ठोस विज़न नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज लोग पंचकर्म और आयुर्वेदिक उपचार के लिए केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों का रुख कर रहे हैं, जबकि कढियार अस्पताल जैसे पुराने और बड़े संस्थान को विकसित कर स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। रविन्द्र सिंह डोगरा ने साक्ष्यों सहित लिखित प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सुजानपुर वासियों की ओर से भेजा है। ज्ञापन में अस्पताल की सभी कमियों को दूर करने और इसे पुनः सशक्त बनाने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र की 11 पंचायतों—जंदडू, चारियां दी धार, पौंहंज, लगदेवी, ऊटपुर, ऊहल, भटेड़, स्पाहल, कक्कड़, पुरली और गवारडू—के लगभग 20 हजार लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में पुनः एसएमओ की पोस्ट बहाल की जाएगी।इसके साथ ही 2 एएमओ, 3 एनएम, 1 महिला मसाजर तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियमित तैनाती की भी मांग की गई है, ताकि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें और स्थानीय लोगों को आयुर्वेदिक उपचार का समुचित लाभ मिल सके।2
- भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ने योगी को जी भरकर सुनाई खरी खरी1