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जिला ऊना की सोहलासिंगीधार पर स्थित चामुखा मंदिर के नजदीक घर की छत पर जंगल का राष्ट्रीय पक्षी मोर पंख फैलाए हुए मनमोहक दृश्य।
Abhishek Kumar Bhatia
जिला ऊना की सोहलासिंगीधार पर स्थित चामुखा मंदिर के नजदीक घर की छत पर जंगल का राष्ट्रीय पक्षी मोर पंख फैलाए हुए मनमोहक दृश्य।
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- भक्ति और श्रद्धा के संग गूंजा “नंद के आनंद भयो” बंगाणा, ऊना: उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के गुगा जाहरवीर मंदिर नायली चैरीटेवल ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर आज कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रकट उत्सव के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर नजर आया। कथा व्यास आचार्य प्रमोद ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य कथा है। इसका श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है और वह भवसागर से पार उतरने का मार्ग पाता है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं।जैसे ही मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा हुई, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने झूमकर भजन-कीर्तन किया और भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी। बाल गोपाल के सुंदर झांकी दर्शन ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर अमन शर्मा, बलराज शर्मा, अंकुश शर्मा, सतीश कुमार, फतेहचंद, रवि कुमार, राजेश केला, विपिन कुमार, पूजा, बाबूराम, सुमित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। ट्रस्ट सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सभी श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।1
- Post by Harish Chand4
- विकेट भौगोलिक परिस्थितियों से लबरेज हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के लोगों का जान को जोखिम में डालकर होने वाला सफर लगातार जारी है। यहां बात हो रही है विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक होला मोहल्ला मेले की जिसमें पड़ोसी राज्यों समेत देश के कई हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर लाए जा रहे हैं। हालांकि मेला शुरू होने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मौत के इस सफर को रोकने के लिए ना केवल कड़ी हिदायतें जारी की गई थी अपितु पड़ोसी राज्यों के प्रशासन से संपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को जागरूक करने का भी अभियान चलाया गया था। जिसके तहत उन्हें यह सख्त हिदायत जारी की गई थी कि मेले में आने वाले श्रद्धालु केवल मात्र यात्री वाहनों में ही सुरक्षित सफर करें। लेकिन मेले में पहुंच रहे अधिकतर श्रद्धालु ट्रैक्टर, ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों में ही सफर करते देखे जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला ऊना में आस्था के नाम पर मौत का यह सफर बदस्तूर जारी है लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हालांकि जोखिम भरे इस सफर में कई लोग पहले भी अपनी जिंदगी खो चुके हैं, जबकि कई लोग दिव्यांगता का शिकार हो चुके है। स्थानीय लोगों की माने तो प्रशासन को इस मामले पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अक्सर इस तरह से सफर करना जानलेवा साबित होता है वहीं एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा भी मानते है कि मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं का आना चिंता का विषय है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सफर जोखिम भरा रहता है। एएसपी ऊना ने कहा कि जिला की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगाया गया है लेकिन कुछ वाहन चोर रास्तों से आ रहे है। उन्होंने कहा कि जिला में प्रवेश करने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है बाइट -- सुरेंद्र शर्मा (एएसपी ऊना) FEED FILE --2
- हमीरपुर। हमीरपुर के डुढाणा गांव में एक व्यक्ति की शादी करवाकर उसे लाखों का चूना लगाया गया है। यह शादी अगस्त 2025 में हुई थी। शादी के उपरांत दुल्हन महज पांच दिन ही ससुराल में रही और छठे दिन बहाना बनाकर चली गई। उसके बाद दुल्हन लौटकर वापस नहीं आई। पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी पर पांच लाख से अधिक का खर्च हो चुका है। पुलिस के पास पहुंचकर परिवार ने खर्च हो चुके रुपए दिलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन्हें अब दुल्हन नहीं चाहिए, लेकिन जो पैसा शादी के लिए खर्च हुआ है उसे दिलवाया जाए। पीड़ित संजय कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 को उसकी शादी करवाई गई थी। लुधियाना मछीवाड़ा में शादी करवाई गई थी। उसके उपरांत महिला चार से पांच दिन इसके साथ रही और बाद में इसे छोड़कर चली गई। महिला ने कहा कि वह एक दो दिन में वापस लौट आएगी, लेकिन आज तक नहीं आई। जिस बिचौलिए को डेढ़ लाख रुपए दिया गया था, वह अब और लड़की से शादी करवाने की बात कह रहा है। बिचौलिए ने कहा कि मछीवाड़ा को चलो। आरोप लगाया कि पांच बार मछीवाड़ा गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छह बार मछीवाड़ा जाने पर भी 60 हजार रुपए खर्च हुआ है। मानवाधिकार महिला विंग की महासचिव पूनम देवी ने बताया कि इस पीड़ित परिवार का मामला इनके पास आया है। मामले को लेकर पुलिस को अवगत करवाया गया है। पुलिस विभाग से मांग है कि मामले की सही ढंग से जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।4
- Post by Dinesh Kumar1
- असेम्बली ऑफ़ एम पी जर्नलिस्ट ने पत्रकारों की समस्या पर की चर्चा1
- सुजानपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री किस मुख से सुजानपुर आएंगे किस मुख से होली मेले का आगाज करेंगे क्योंकि सुजानपुर की जनता उनका विरोध करने के लिए तैयार बैठी है यह बात सुजानपुर के पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही है राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सुजानपुर की जनता को ठगा है वर्ष 2023 में जब मुख्यमंत्री सुजानपुर आए होली मेले का आगाज किया मुरली मनोहर मंदिर में पूजा की उसे समय उन्होंने शायद झूठ बोलने की कसम वहां खाई क्योंकि उनके द्वारा जो भी घोषणाएं होली मेंले के आगाज पर की गई उनमें एक दो घोषणाओं को छोड़कर कोई भी घोषणा आज तक पूरी नहीं हुई है राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को आभास हो गया था कि अगर वह होली मेंले के आगाज पर सुजानपुर जाएंगे तो यहां की जनता उनका विरोध करेगी उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री ने होली मेले के बड़े मंच से सुजानपुर की जनता के साथ झूठे वादे किए एक नहीं दो नहीं पूरे छह वादे किए जिसमें सबसे बड़ा वायदा टोनी देवी में डिग्री कॉलेज खोलना दूसरा वायदा सुजानपुर सिविल अस्पताल को 50 से 100 बेड करना तीसरा वायदा सुजानपुर में जल शक्ति और विद्युत विभाग का डिवीजन खोलना चौथा वायदा सुजानपुर में बस अड्डे का निर्माण करना पांचवा वायदा सुजानपुर डिग्री कॉलेज में इंग्लिश और इकोनॉमिक्स की एमए कक्षाएं शुरू करना और इसके साथ-साथ सुजानपुर के राष्ट्रीय होली मेल को अंतरराष्ट्रीय मेले का दर्जा देना लेकिन अफसोस की बात है मात्र एक दो घोषणाओं को छोड़कर एक भी घोषणा मुख्यमंत्री की पूरी नहीं हुई उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मुख से निकली हुई बात पत्थर की लकीर होती थी लेकिन यहां मुख्यमंत्री के मुख से जो भी निकला वह सब झूठा निकला उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को ठगने के साथ-साथ सुजानपुर की जनता को ठगा चुनाव के समय उन्होंने कहा कि वह सुजानपुर के मुख्यमंत्री हैं और वही सुजानपुर के विधायक हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सुजानपुर की तरफ देखा तक नहीं उन्होंने तो सुजानपुर के विधायक को भी लावारिस बना दिया उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री के सिपहसालार सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव गाव गाव रहे लोगों को अपने मोबाइल नंबर देकर आए कि उन्हें कोई भी काम होगा तो हमसे संपर्क करें आज जनता उन लोगों को ढूंढ रही है क्योंकि सभी के नंबर बंद हो गए हैं राणा ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर करीब 55 कनाल भूमि टोनी देवी में डिग्री कॉलेज बनाने के लिए ट्रांसफर करवाई लेकिन मुख्यमंत्री एक कमरे में डिग्री कॉलेज खोलकर कॉलेज चलना चाहते थे। Box उन्होंने कहा कि आज सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र मैं विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है बमसन क्षेत्र के ऊहल में बनने वाले आईटीआई भवन का काम बंद है ठेकेदार सम्मान उठाकर चला गया सुजानपुर में टाउन हॉल का काम बंद है जल शक्ति विभाग के रेस्ट हाउस का कार्य बंद है खंड विकास अधिकारी कार्यालय का काम बंद है।1
- बंगाणा। जिला ऊना के गांव पंजाबर की बेटी नंदिनी ने संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल कर पूरे देश में प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से ऊना जिला ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में हर्ष और गर्व का माहौल है। नंदिनी के पिता संजय कुमार एक मेहनती किसान हैं, जबकि उनकी माताजी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली नंदिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय सरकारी स्कूलों में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीएससी फिजिक्स ऑनर्स तथा एमएससी की पढ़ाई पूरी की और कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास के बल पर UPSC की जियो साइंटिस्ट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। नंदिनी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनका कहना है कि यदि माता-पिता का मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद न होता तो यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतरता (कंसिस्टेंसी) अत्यंत आवश्यक हैं, और उन्होंने इन तीनों सिद्धांतों को जीवन में अपनाया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि संघर्ष और परिश्रम से हर सपना साकार किया जा सकता है। असफलताओं से घबराने की बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अंत में उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की— “जो नहीं करते मेहनत और संघर्ष, तो क्या मजा है जीने में, बड़े-बड़े तूफान भी रास्ता छोड़ देते हैं, जब संघर्ष की आग लगी हो सीने में।” नंदिनी की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिली है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।1