जिला ऊना में आस्था के नाम पर हो रहा है मौत का सफर, प्रशासन के बड़े बड़े दावों की खुल रही पोल, मालवाहक वाहनों में होला मोहल्ला मेले के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु विकेट भौगोलिक परिस्थितियों से लबरेज हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के लोगों का जान को जोखिम में डालकर होने वाला सफर लगातार जारी है। यहां बात हो रही है विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक होला मोहल्ला मेले की जिसमें पड़ोसी राज्यों समेत देश के कई हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर लाए जा रहे हैं। हालांकि मेला शुरू होने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मौत के इस सफर को रोकने के लिए ना केवल कड़ी हिदायतें जारी की गई थी अपितु पड़ोसी राज्यों के प्रशासन से संपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को जागरूक करने का भी अभियान चलाया गया था। जिसके तहत उन्हें यह सख्त हिदायत जारी की गई थी कि मेले में आने वाले श्रद्धालु केवल मात्र यात्री वाहनों में ही सुरक्षित सफर करें। लेकिन मेले में पहुंच रहे अधिकतर श्रद्धालु ट्रैक्टर, ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों में ही सफर करते देखे जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला ऊना में आस्था के नाम पर मौत का यह सफर बदस्तूर जारी है लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हालांकि जोखिम भरे इस सफर में कई लोग पहले भी अपनी जिंदगी खो चुके हैं, जबकि कई लोग दिव्यांगता का शिकार हो चुके है। स्थानीय लोगों की माने तो प्रशासन को इस मामले पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अक्सर इस तरह से सफर करना जानलेवा साबित होता है वहीं एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा भी मानते है कि मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं का आना चिंता का विषय है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सफर जोखिम भरा रहता है। एएसपी ऊना ने कहा कि जिला की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगाया गया है लेकिन कुछ वाहन चोर रास्तों से आ रहे है। उन्होंने कहा कि जिला में प्रवेश करने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है बाइट -- सुरेंद्र शर्मा (एएसपी ऊना) FEED FILE --
जिला ऊना में आस्था के नाम पर हो रहा है मौत का सफर, प्रशासन के बड़े बड़े दावों की खुल रही पोल, मालवाहक वाहनों में होला मोहल्ला मेले के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु विकेट भौगोलिक परिस्थितियों से लबरेज हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के लोगों का जान को जोखिम में डालकर होने वाला सफर लगातार जारी है। यहां बात हो रही है विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक होला मोहल्ला मेले की जिसमें पड़ोसी राज्यों समेत देश के कई हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर लाए जा रहे हैं। हालांकि मेला शुरू होने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मौत के इस सफर को रोकने के लिए ना केवल कड़ी हिदायतें जारी की गई थी अपितु पड़ोसी राज्यों के प्रशासन से संपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को जागरूक करने का भी अभियान चलाया गया था। जिसके तहत उन्हें यह सख्त हिदायत जारी की गई थी कि मेले में आने वाले श्रद्धालु केवल मात्र यात्री वाहनों में ही सुरक्षित सफर करें। लेकिन मेले में पहुंच रहे अधिकतर श्रद्धालु ट्रैक्टर, ट्रकों
और अन्य मालवाहक वाहनों में ही सफर करते देखे जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला ऊना में आस्था के नाम पर मौत का यह सफर बदस्तूर जारी है लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हालांकि जोखिम भरे इस सफर में कई लोग पहले भी अपनी जिंदगी खो चुके हैं, जबकि कई लोग दिव्यांगता का शिकार हो चुके है। स्थानीय लोगों की माने तो प्रशासन को इस मामले पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अक्सर इस तरह से सफर करना जानलेवा साबित होता है वहीं एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा भी मानते है कि मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं का आना चिंता का विषय है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सफर जोखिम भरा रहता है। एएसपी ऊना ने कहा कि जिला की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगाया गया है लेकिन कुछ वाहन चोर रास्तों से आ रहे है। उन्होंने कहा कि जिला में प्रवेश करने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है बाइट -- सुरेंद्र शर्मा (एएसपी ऊना) FEED FILE --
- भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ने योगी को जी भरकर सुनाई खरी खरी1
- Post by Dinesh Kumar1
- सुजानपुर एक डॉक्टर के लिए उसका पेशेंट कितना जरूरी होता है डॉक्टर अपने कार्य के प्रति कितना वफादार है इस बात का उदाहरण सुजानपुर सिविल अस्पताल में तैनात खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार ने दिया है शनिवार को खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार जब सचिवालय परिसर में एक मीटिंग में भाग लेने के लिए आए थे इस दौरान जब मीटिंग संपन्न हुई और वह जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें वही रोक लिया और अपना स्वास्थ्य निरीक्षक करने की मांग की उक्त डाक्टर ने किसी भी रोगी को मना ना करते हुए वहीं पर ओपीडी लगा दी और करीब तीन लोगों का वहां स्वास्थ्य निरीक्षक किया बाकायदा उनसे बातचीत की उन्हें डायग्नोज किया और उसके बाद अपने स्वास्थ्य केंद्र चले गए बताते चले कि खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार सिविल हॉस्पिटल सुजानपुर में तैनात हैं और अपने कार्य के प्रति उनकी कई बातें लगातार चर्चा में रहती हैं पेशेंट के साथ मधुर व्यवहार और अपने कार्य के प्रति सच्ची ईमानदारी कई बार देखने को मिली है लेकिन इस बार उन्होंने सचिवालय परिसर में उनसे मिलने आए रोगियों का वहीं पर स्वास्थ्य निरीक्षक करके एक बार फिर बता दिया है कि वह अपने कार्य के प्रति कितने वफादार हैं। संबंधित विषय पर डॉ राजकुमार ने कहा कि मीटिंग के लिए सचिवालय परिसर में आए थे इस दौरान उन्हें कुछ लोगों ने रोक लिया उन्होंने उनका वही निरीक्षण करके दवाई लिखी है और कहा है कि उसके बाद कभी भी निरीक्षण के लिए सिविल हॉस्पिटल आ सकते हैं1
- Post by न्यूज रिपोर्टर1
- 📢 2 मार्च — धर्मपुर का निर्णायक संकल्प! जब रूमीत सिंह ठाकुर धर्मपुर की धरती पर कदम रखेंगे, तो यह केवल एक कार्यक्रम नहीं — यह धर्मपुर की जागी हुई चेतना का प्रदर्शन होगा! अब चुप बैठने का समय नहीं, अब अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का समय है! हम किसी के विरोध में नहीं — लेकिन अन्याय, बेरोजगारी, उपेक्षा और भेदभाव के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएँगे। 🚩 सड़क चाहिए — तो साफ शब्दों में मांग होगी 🚩 रोजगार चाहिए — तो स्पष्ट नीति की मांग होगी 🚩 शिक्षा और स्वास्थ्य चाहिए — तो जवाबदेही तय होगी 🚩 पारदर्शी शासन चाहिए — तो जनशक्ति खड़ी होगी अगर किसी नीति या कानून को लेकर जनता में सवाल हैं, तो हम उन्हें दबाएँगे नहीं — हम खुलकर, तथ्यों के साथ, संविधान के दायरे में अपनी बात रखेंगे। धर्मपुर अब जाग चुका है। अब निर्णय जनता करेगी। धर्मपुर विधानसभा अब विकास, स्वाभिमान और मजबूत नेतृत्व की ओर कदम बढ़ाएगा। जय भवानी! जय माँ जालपा! जय बाबा कमलाहिया! जय दादा परशुराम! आपका अपना ब्यास ठाकुर देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा उपाध्यक्ष, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश #धर्मपुर_संकल्प #जनशक्ति #विकास_का_निर्णय1
- जोगिंदर नगर में बाइक की चपेट में आई स्कूली छात्रा, प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर।1
- जिला ऊना की सोहलासिंगीधार पर स्थित चामुखा मंदिर के नजदीक घर की छत पर जंगल का राष्ट्रीय पक्षी मोर पंख फैलाए हुए मनमोहक दृश्य।1
- पूज्य गुरुदेव भगवान श्री श्री 1008 स्वामी श्री शम्भु चैतन्य ब्रह्मचारी परमहंस की जन्मस्थली सरगांव कानपुर नगर में कथा के षष्ठम दिवस मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा नगर भ्रमण के अन्तर्गत आचार्य रजनीश अग्निहोत्री जी महाराज ने गोवर्धन लीला का सुंदर प्रसंग सुनाया मो. 94502518381
- सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने और बड़े कढियार आयुर्वैदिक अस्पताल की उपेक्षा को लेकर एनसीपी अध्यक्ष एवं समाजसेवी रविन्द्र सिंह डोगरा ने पूर्व और वर्तमान सरकार के साथ-साथ उनके प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डोगरा ने पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि सुजानपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उनका कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नजर नहीं आता। उन्होंने आयुर्वेद विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विभाग के पास कोई ठोस विज़न नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज लोग पंचकर्म और आयुर्वेदिक उपचार के लिए केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों का रुख कर रहे हैं, जबकि कढियार अस्पताल जैसे पुराने और बड़े संस्थान को विकसित कर स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। रविन्द्र सिंह डोगरा ने साक्ष्यों सहित लिखित प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सुजानपुर वासियों की ओर से भेजा है। ज्ञापन में अस्पताल की सभी कमियों को दूर करने और इसे पुनः सशक्त बनाने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र की 11 पंचायतों—जंदडू, चारियां दी धार, पौंहंज, लगदेवी, ऊटपुर, ऊहल, भटेड़, स्पाहल, कक्कड़, पुरली और गवारडू—के लगभग 20 हजार लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में पुनः एसएमओ की पोस्ट बहाल की जाएगी।इसके साथ ही 2 एएमओ, 3 एनएम, 1 महिला मसाजर तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियमित तैनाती की भी मांग की गई है, ताकि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें और स्थानीय लोगों को आयुर्वेदिक उपचार का समुचित लाभ मिल सके।2