कोटा में अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध दिवस के अवसर पर, मन आरोग्य न्यास और प्रेरणा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सूरजपोल गेट स्थित प्रेरणा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेरणा संस्थान के अध्यक्ष महेश हरितवाल ने की। जन स्वास्थ्य अभियान के प्रदेश सह-संयोजक और मन आरोग्य न्यास के समन्वयक विजय राघव ने अपने संबोधन में कहा कि बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा मादक पदार्थों के जाल में फंस रहे हैं, जो परिवारों और समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने इस बढ़ती प्रवृत्ति का कारण करियर की निराशा, मानसिक हताशा और नशे के आदी मित्रों की संगति को बताया। राघव ने चेतावनी दी कि शुरुआत में ली गई एक-दो खुराक धीरे-धीरे गंभीर लत में बदल जाती है, जिससे व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर पड़ता है, और पूरा परिवार व समाज इसकी चपेट में आ जाता है। प्रेरणा संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता कपिल नैयर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नशा छोड़ने की राह चुनौतीपूर्ण होते हुए भी असंभव नहीं है। उन्होंने इसके लिए दृढ़ संकल्प लेने, नशे को एक गंभीर समस्या स्वीकार करने और चिकित्सक व मनोचिकित्सक की सहायता लेने जैसे तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रेरणा संस्थान के अध्यक्ष महेश हरितवाल ने जोर दिया कि नशे के प्रचलन से समाज में अपराधों में वृद्धि होती है, अतः इसकी रोकथाम हर नागरिक का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर फैशन या शौक के रूप में होती है, जो भयानक लत बन जाती है, और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, संयम व सकारात्मक माहौल में सक्रिय रहना अत्यंत आवश्यक है। हरितवाल ने नशे के आदी व्यक्तियों को संकल्पबद्ध करने, उनका उत्साह बढ़ाने और उन्हें पुनर्वास की ओर अग्रसर करने पर बल दिया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' से जुड़ने और अपनी क्षमतानुसार देश को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रतिज्ञा ली। अभिनव हरितवाल, रामहेत सुमन, विजेंद्र नेगी, पिंटू मीणा, भोला सिंह, कुलदीप चौधरी और सुनील ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कोटा में अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध दिवस के अवसर पर, मन आरोग्य न्यास और प्रेरणा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सूरजपोल गेट स्थित प्रेरणा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेरणा संस्थान के अध्यक्ष महेश हरितवाल ने की। जन स्वास्थ्य अभियान के प्रदेश सह-संयोजक और मन आरोग्य न्यास के समन्वयक विजय राघव ने अपने संबोधन में कहा कि बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा मादक पदार्थों के जाल में फंस रहे हैं, जो परिवारों और समाज के लिए
एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने इस बढ़ती प्रवृत्ति का कारण करियर की निराशा, मानसिक हताशा और नशे के आदी मित्रों की संगति को बताया। राघव ने चेतावनी दी कि शुरुआत में ली गई एक-दो खुराक धीरे-धीरे गंभीर लत में बदल जाती है, जिससे व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर पड़ता है, और पूरा परिवार व समाज इसकी चपेट में आ जाता है। प्रेरणा संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता कपिल नैयर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नशा छोड़ने की राह चुनौतीपूर्ण होते हुए भी असंभव नहीं
है। उन्होंने इसके लिए दृढ़ संकल्प लेने, नशे को एक गंभीर समस्या स्वीकार करने और चिकित्सक व मनोचिकित्सक की सहायता लेने जैसे तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रेरणा संस्थान के अध्यक्ष महेश हरितवाल ने जोर दिया कि नशे के प्रचलन से समाज में अपराधों में वृद्धि होती है, अतः इसकी रोकथाम हर नागरिक का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर फैशन या शौक के रूप में होती है, जो भयानक लत बन जाती है, और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, संयम
व सकारात्मक माहौल में सक्रिय रहना अत्यंत आवश्यक है। हरितवाल ने नशे के आदी व्यक्तियों को संकल्पबद्ध करने, उनका उत्साह बढ़ाने और उन्हें पुनर्वास की ओर अग्रसर करने पर बल दिया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' से जुड़ने और अपनी क्षमतानुसार देश को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रतिज्ञा ली। अभिनव हरितवाल, रामहेत सुमन, विजेंद्र नेगी, पिंटू मीणा, भोला सिंह, कुलदीप चौधरी और सुनील ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- लोकसभा स्पीकर और कोटा-बून्दी सांसद ओम बिरला ने अपने संसदीय दौरे के दौरान एक पत्रकार वार्ता में क्षेत्र में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर चर्चा की जा चुकी है और वे स्वयं इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सांसद बिरला ने आश्वासन दिया कि इन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शीघ्र ही एक रोडमैप तैयार करवाया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कोटा-बून्दी में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही एक विस्तृत रोडमैप प्लान बनाया जाएगा।1
- एक संन्यासी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को वापस लौटने का आग्रह करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। संन्यासी का कहना है कि सब कुछ लुट चुका है और अब सभी की भलाई इसी में है कि मोदी को अपना राजा मान लिया जाए। इस बयान के साथ ही, संन्यासी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या वह एक बड़ी सच्चाई बयान कर रहे हैं, और लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट्स में बताने को कहा है।1
- बूंदी के केशवराय पाटन क्षेत्र के चडी गांव में सरपंच के पिता द्वारा गांव वालों को खुलेआम धमकाने का एक मामला सामने आया है। सरपंच के पिता ने ग्रामीणों से स्पष्ट कहा कि उनका कोई भी काम नहीं होगा, चाहे वे कलेक्टर से लेकर राष्ट्रपति तक भी क्यों न चले जाएं। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरपंच के पिता गांव वालों से काम न करने की बात कहते हुए धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- आबू रोड में मोहर्रम का एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें शानदार कौमी एकता का नज़ारा देखने को मिला। यह आयोजन शहर में भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करता हुआ संपन्न हुआ।1
- रामगंजमंडी शहर में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत में हो रही देरी से नाराज़ वार्ड नंबर 28 के निवासियों ने शनिवार को करीब दो घंटे तक सड़क पर धरना देकर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारी जल्द से जल्द सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए कई स्थानों पर सड़कों को खोदा गया था, लेकिन कार्य पूरा होने के बावजूद गड्ढों को नहीं भरा गया। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बरसात शुरू होने के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। शहर में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से 23 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है, जिसके चलते वार्ड नंबर 28 के अलावा आनंद विहार और पुलिस थाना चौराहा-गायत्री मंदिर मार्ग सहित कई अन्य इलाकों में भी सड़कें खोदने के बाद मरम्मत न होने से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद संबंधित जिम्मेदार विभाग ने इस समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके विरोध में उन्हें सड़क जाम कर प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने जल्द ही सड़कों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया।1
- राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (सेट-2026) के आयोजन की जिम्मेदारी इस वर्ष कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीटेट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सेट-2026 की पूर्व निर्धारित 6 सितंबर की तारीख को बदलकर अब 13 सितंबर 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष सेट-2026 में पहली बार जनसंचार एवं पत्रकारिता तथा संस्कृत (पारंपरिक) विषयों को शामिल किया गया है, जिसके साथ अब कोटा विश्वविद्यालय कुल 37 विषयों में यह परीक्षा आयोजित करेगा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि यह निर्णय यूजीसी-नेट के विषयों के अनुरूप लिया गया है, और विश्वविद्यालय को इन दोनों विषयों को शामिल करने के लिए कई आवेदन एवं मांग-पत्र प्राप्त हुए थे। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन विषयों को जोड़ा गया है, जिससे प्रदेशभर के अभ्यर्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर प्राप्त होंगे। परीक्षा के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे, जिसके लिए अभ्यर्थी कोटा विश्वविद्यालय की वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे। आवेदन शुल्क सामान्य एवं ओबीसी क्रीमीलेयर वर्ग के लिए 1500 रुपये, ओबीसी नॉन-क्रीमीलेयर एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 1200 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग वर्ग के लिए 750 रुपये निर्धारित किया गया है। सेट-2026 का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप ऑफलाइन (ओएमआर आधारित) पद्धति से होगा। परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होंगे, जिनमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रथम प्रश्नपत्र में शिक्षण एवं शोध अभिक्षमता, तार्किक क्षमता तथा सामान्य बौद्धिक दक्षता से संबंधित 50 प्रश्न होंगे, जबकि द्वितीय प्रश्नपत्र में अभ्यर्थी द्वारा चयनित विषय से संबंधित 100 प्रश्न शामिल होंगे। दोनों प्रश्नपत्रों के लिए कुल 300 अंक निर्धारित किए गए हैं और परीक्षा की अवधि तीन घंटे होगी। परीक्षा में किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन नहीं किया जाएगा और प्रत्येक सही उत्तर के लिए दो अंक प्रदान किए जाएंगे।1
- कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अयोध्या राम मंदिर में हुई करोड़ों रुपए नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। गुंजल ने स्पष्ट कहा कि यह देश की धार्मिक आस्था पर गहरी चोट है, जिसमें दोषियों को बेनकाब कर सजा दी जानी चाहिए। गुंजल ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और संस्थापक ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों को अपराध को ढंकने का प्रयास और दोषियों को बचाने की रणनीति बताया। उन्होंने तर्क दिया कि चंपत राय मंदिर प्रबंधन के सर्वेसर्वा थे और डॉ. अनिल मिश्रा चढ़ावे के हिसाब-किताब की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे, ऐसे में उनकी जानकारी या संलिप्तता के बिना करोड़ों की चोरी संभव नहीं। गुंजल ने आरोप लगाया कि "डबल इंजन की सरकार" चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत बड़े लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। पूर्व विधायक ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राम का नाम लेकर सत्ता में आई भाजपा अब राम मंदिर का चंदा चोरी कर रही है, जो लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केवल छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराना अन्याय है, क्योंकि "बिना मगरमच्छों के मछलियां अपराध कर सकती हैं क्या?" गुंजल के अनुसार, भाजपा का मकसद सिर्फ सत्ता और पैसा है, और "जो राम को लाए, हम उन्हें लाएंगे" कहने वाली भाजपा आज राम मंदिर चोरी पर चुप है। प्रहलाद गुंजल ने चेतावनी दी कि यह चोरी करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है और सनातन धर्म की बात करने वालों के लिए इससे शर्मनाक स्थिति नहीं हो सकती; समय आने पर जनता इन सबका जवाब देगी।1
- कोटा जिले के अंता थाना क्षेत्र के देवपुरा गांव में दहेज की मांग को लेकर एक पति ने अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके बाद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता को पहले अंता स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता प्रियंका के पिता मदनलाल बैरवा ने शनिवार दोपहर जानकारी दी कि उनके दामाद ने दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को क्रूरता से पीटा। परिवार का आरोप है कि प्रियंका को ससुराल में दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। शनिवार को हुई मारपीट इतनी भयंकर थी कि प्रियंका की हालत बिगड़ गई और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाना पड़ा। परिवार ने अंता थाना पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करने और दोषी पति सहित अन्य लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व मारपीट का मामला दर्ज करने की मांग की है।4