बख्तियारपुर में “सुप्रिया फिजियो क्लिनिक” की शुरुआत हो चुकी है, जहां आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के जरिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब हड्डी, जोड़ और नसों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बख्तियारपुर में “सुप्रिया फिजियो क्लिनिक” की शुरुआत हो चुकी है, जहां आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के जरिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस क्लिनिक में कमर दर्द, घुटना दर्द, कंधा दर्द, साइटिका, गठिया जैसी बीमारियों का प्रभावी इलाज उपलब्ध है। साथ ही लकवा और पैरालिसिस के मरीजों के लिए विशेष सुविधा दी जा रही है। फ्रैक्चर या ऑपरेशन के बाद जाम हुए हाथ-पैर को भी फिजियोथेरेपी के जरिए ठीक करने की व्यवस्था यहां मौजूद है। स्थानीय लोगों के लिए यह क्लिनिक एक बड़ी राहत साबित हो रहा है, जहां अब उन्हें बेहतर इलाज अपने ही इलाके में मिल रहा है।
बख्तियारपुर में “सुप्रिया फिजियो क्लिनिक” की शुरुआत हो चुकी है, जहां आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के जरिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब हड्डी, जोड़ और नसों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बख्तियारपुर में “सुप्रिया फिजियो क्लिनिक” की शुरुआत हो चुकी है, जहां आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के जरिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस क्लिनिक में कमर दर्द, घुटना दर्द, कंधा दर्द, साइटिका, गठिया जैसी बीमारियों का प्रभावी इलाज उपलब्ध है। साथ ही लकवा और पैरालिसिस के मरीजों के लिए विशेष सुविधा दी जा रही है। फ्रैक्चर या ऑपरेशन के बाद जाम हुए हाथ-पैर को भी फिजियोथेरेपी के जरिए ठीक करने की व्यवस्था यहां मौजूद है। स्थानीय लोगों के लिए यह क्लिनिक एक बड़ी राहत साबित हो रहा है, जहां अब उन्हें बेहतर इलाज अपने ही इलाके में मिल रहा है।
- बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब हड्डी, जोड़ और नसों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बख्तियारपुर में “सुप्रिया फिजियो क्लिनिक” की शुरुआत हो चुकी है, जहां आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के जरिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस क्लिनिक में कमर दर्द, घुटना दर्द, कंधा दर्द, साइटिका, गठिया जैसी बीमारियों का प्रभावी इलाज उपलब्ध है। साथ ही लकवा और पैरालिसिस के मरीजों के लिए विशेष सुविधा दी जा रही है। फ्रैक्चर या ऑपरेशन के बाद जाम हुए हाथ-पैर को भी फिजियोथेरेपी के जरिए ठीक करने की व्यवस्था यहां मौजूद है। स्थानीय लोगों के लिए यह क्लिनिक एक बड़ी राहत साबित हो रहा है, जहां अब उन्हें बेहतर इलाज अपने ही इलाके में मिल रहा है।1
- Post by JMBNEWS1
- पटना के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के लखनपुरा गांव के सामने नैया बाबा मंदिर से उतरकर गंगा चैनल पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा बनाया गया बांस का अस्थायी पुल चैती छठ के दौरान लोगों के लिए सहारा बन गया। चैती छठ पूजा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा की मुख्य धारा तक जाने के लिए इस पुल का उपयोग कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि यह बांस का पुल आपसी सहयोग से तैयार किया गया है, जिससे किसान खेतों तक जा सकें और लोग गंगा में स्नान कर सकें। छठ पर्व को लेकर अचानक भीड़ बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण सक्रिय हो गए और प्रशासन को भी सूचना दी गई, ताकि पुल पर सुरक्षित तरीके से लोगों का आवागमन हो सके। सूचना मिलने पर आयुष श्रीवास्तव, देवानंद शर्मा और उज्ज्वल कांत समेत पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आपदा मित्र टीम, मनरेगा टीम और सैकड़ों ग्रामीणों की मदद से लोगों को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से पुल पार कराया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस इलाके में गंगा चैनल के कारण खेतों तक पहुंचना कठिन हो गया है और स्थायी पुल नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है। किसानों के अनुसार कृषि कार्य के लिए आने-जाने का एकमात्र सहारा नाव या इसी तरह के अस्थायी पुल ही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों और स्थानीय लोगों को भविष्य में परेशानी न हो। वहीं कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने गंगा को नजदीक लाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।1
- अनंत सिंह के स्वागत में पंडारक मे उमड़ा जन सैलाब1
- बिहार समस्तीपुर आस्था का महापर्व चैती छठ की संध्या अर्घ संपन्न । जी हां मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का महापर्व, चैती छठ पूरे भक्ति भाव के साथ मनाया गया। जहां क्षेत्र के शिवसिंहपुर एवं मदुदाबाद, पंचायत सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भी व्रतियों ने परंपरा के अनुसार संध्या काल में डूबते सूर्य को अर्घ अर्पित किया। जिसे लेकर नदी, सरोवर और तालाबों के घाटों पर, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां हर ओर भक्ति का माहौल देखने को मिला। वहीं छठ व्रतियों ने पूरी विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की, और परिवार के प्रति छठ मईया से सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कई महिलाओं को छठ मईया के पारंपरिक गीत गाते हुए देखा गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।1
- Post by सुनो सच बिहार1
- नीतीश जी का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा या उपमुख्यमंत्री? अरे! ये कोई चर्चा का विषय है, नेता का बेटा नेता ही बनेगा। आपके बच्चों की क्या दशा है इसपर चर्चा कीजिए!!1
- बख्तियारपुर से शिक्षा के क्षेत्र में एक शानदार और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आ रही है… जहां JMT इंटरनेशनल स्कूल आज हजारों अभिभावकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। साल 2018 में शुरू हुआ यह स्कूल, आज कम समय में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है… और लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त यह विद्यालय नर्सरी से लेकर 10+2 तक के छात्रों को आधुनिक और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा दे रहा है… जहां पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर खास ध्यान दिया जाता है। अगर सुविधाओं की बात करें, तो यहां स्मार्ट क्लासरूम, हाई-टेक लैब, हर कोने में सीसीटीवी निगरानी, लिफ्ट की सुविधा और एक समृद्ध लाइब्रेरी… सब कुछ मौजूद है, जो इसे एक मॉडर्न स्कूल की पहचान देता है। चार मंजिला इस भव्य कैंपस का विस्तार भी तेजी से हो रहा है… पांचवें फ्लोर का निर्माण जारी है, जो आने वाले समय में और अधिक छात्रों को बेहतर सुविधा देगा। फिलहाल यहां 600 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि 1000 छात्रों की क्षमता के साथ यह स्कूल भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है। इस सफलता के पीछे है मजबूत नेतृत्व… जहां प्रिंसिपल जयशंकर झा, डायरेक्टर हरिश्वर प्रसाद सिंह और अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह की सोच और मेहनत लगातार इस संस्थान को आगे बढ़ा रही है।1