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यह सिर्फ कहने की बात नहीं है कि जल ही जीवन है, क्योंकि पानी की एक-एक बूंद में हमारा भविष्य बदलने की शक्ति है। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जल कितना आवश्यक है। इसके अलावा, एक छोटी सी कहानी के माध्यम से भी पानी के इस महत्वपूर्ण योगदान को समझाया गया है।
@kesu_ji77250
यह सिर्फ कहने की बात नहीं है कि जल ही जीवन है, क्योंकि पानी की एक-एक बूंद में हमारा भविष्य बदलने की शक्ति है। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जल कितना आवश्यक है। इसके अलावा, एक छोटी सी कहानी के माध्यम से भी पानी के इस महत्वपूर्ण योगदान को समझाया गया है।
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- यह सिर्फ कहने की बात नहीं है कि जल ही जीवन है, क्योंकि पानी की एक-एक बूंद में हमारा भविष्य बदलने की शक्ति है। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जल कितना आवश्यक है। इसके अलावा, एक छोटी सी कहानी के माध्यम से भी पानी के इस महत्वपूर्ण योगदान को समझाया गया है।1
- मध्य प्रदेश के बेतूल स्थित सतलोक आश्रम में कबीर साहेब जी का प्रकट दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह विशेष आयोजन जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में संपन्न हो रहा है।1
- पलारी विकासखंड के चित्रोत्पला महानदी के तटवर्ती वन क्षेत्रों में बढ़ते पर्यावरणीय प्रदूषण को देखते हुए, वन प्रबंधन समिति धमनी ने पिकनिक मनाने और घूमने आने वाले लोगों से वन क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने की भावपूर्ण अपील की है। समिति ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे जंगल में प्लास्टिक पाउच, पन्नी, कांच की बोतलें, ग्लास और अन्य अपघटित न होने वाली सामग्री न छोड़ें, और न ही शराब की बोतलों को फोड़ें। वन प्रबंधन समिति द्वारा रोहासी, खैरी और अहमदपुर वन क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान, बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें, प्लास्टिक पाउच, डिस्पोजेबल ग्लास और अन्य कचरा बिखरा हुआ पाया गया है। समिति का मानना है कि यह स्थिति पर्यावरण संरक्षण के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि जंगलों की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और ये क्षेत्र पर्यावरण को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समिति ने यह भी बताया कि जंगल में फोड़ी गई कांच की बोतलों के कारण वन्यजीवों और गौवंश को गंभीर चोटें पहुंच रही हैं। हाल ही में एक घटना में, एक गाय के पैर में टूटी हुई बीयर की बोतल का कांच धंस जाने से वह तेज धूप में चलने में असमर्थ हो गई थी, जिसे सूचना मिलने पर निकाला गया। इसी तरह, चीतल सहित अन्य वन्यजीव भी इन कांच के टुकड़ों से घायल हो रहे हैं। वन प्रबंधन समिति धमनी, महिला कमांडो दल और ग्राम पंचायत धमनी समय-समय पर श्रमदान के माध्यम से वन क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाते हैं। समिति ने लोगों से दोबारा अपील की है कि यदि वे वन क्षेत्र में घूमने या पिकनिक मनाने आते हैं, तो अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, बोतल, पन्नी, शीशी और अन्य कचरे को एक बोरी में इकट्ठा करके निर्धारित स्थान पर रखें या अपने साथ वापस ले जाएं। समिति ने जोर दिया है कि प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए वन भ्रमण का आनंद लेने के साथ-साथ उसकी स्वच्छता और संरक्षण का दायित्व निभाना भी हम सभी का नैतिक कर्तव्य है, ताकि वन क्षेत्र स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बना रह सके।1
- Available for Sale Locality : पलारी एसडीएम कार्यालय मेन रोड बीआरसी भवन के बगल कॉलेज रोड पलारी में 9 डिसमिल जमीन उपलब्ध Area (dimensions) : 9 डेसिमल जगह Property Type : Agricultural / Farm Land Property Condition : New में रोड से लगा हुआ प्लांट टोटल 18 लख रुपए1
- सारंगढ़ क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से किसान गहरी चिंता में हैं। इस स्थिति के बावजूद, जिन किसानों ने सूखा बुवाई का विकल्प चुना है, उन्होंने अपनी बुवाई का काम शुरू कर दिया है। किसानों की चिंता का मुख्य कारण यह है कि पूरा मानसून अब तक आ जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है, जिससे वे भविष्य को लेकर परेशान हैं। हालांकि, बदलता मौसम कुछ हद तक बारिश की उम्मीदें जगा रहा है, पर साथ ही यह किसानों की चिंता को और भी बढ़ा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के करतला विकासखंड में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से 22 और 23 जून 2026 को विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण और सक्रिय कार्यकर्ताओं की मासिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य कार्यकर्ताओं को असाक्षर व्यक्तियों की पहचान, सर्वेक्षण, ऑनलाइन प्रविष्टि, अध्यापन व्यवस्था और स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका से अवगत कराना था। 22 जून को बरपाली, तुमान और करतला जोन में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में उल्लास परीक्षा, सर्वेक्षण प्रक्रिया, कक्षा संचालन के तरीके, परीक्षा में पात्रता के नियम तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को मिलने वाले बोनस अंक और प्रमाण-पत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को साक्षरता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षण स्थल पर 50 से 70 ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सत्रों में ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रभारी सुरेश निर्मलकर, विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन, बरपाली जोन की बीआरपी अनीता पोया, करतला जोन की बीआरपी आशा जांगड़े और तुमान जोन की बीआरपी दीपिका निर्मलकर की प्रमुख उपस्थिति रही। वहीं, 23 जून को सोहागपुर जोन में हुई मासिक बैठक सह प्रशिक्षण में असाक्षरों के चिन्हांकन, ऑनलाइन सर्वे की प्रक्रिया, अध्यापन व्यवस्था, स्वयंसेवी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन ने बताया कि विकासखंड को चार जोनों में बांटा गया है और प्रत्येक जोन से सर्वाधिक असाक्षरों का सर्वेक्षण करने वाले तीन-तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। संकुल समन्वयक संजय चौहान ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने और उनकी अलग सूची तैयार करने पर विशेष बल दिया, जबकि क्षेत्रीय समन्वयक प्रतिमा एक्का ने बैठक के सफल आयोजन के लिए सोहागपुर जोन की बीआरपी अनीता यादव को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सोहागपुर जोन के समिति पदाधिकारियों समेत 70 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया।1
- रायपुर के पं. हरिशंकर शुक्ल स्मृति महाविद्यालय में रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित एल्यूमिनी मीट पूर्व विद्यार्थियों के लिए एक भावुक मिलन साबित हुआ, जहाँ उन्होंने अपने कॉलेज जीवन की अनमोल यादों को फिर से जिया। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व छात्रों के चेहरों पर उत्साह, अपनापन और हल्की भावुकता साफ झलक रही थी। परिसर में हँसी, ठिठोली और आत्मीयता का ऐसा माहौल बन गया, मानो समय फिर पीछे लौट आया हो; कोई दोस्त की बढ़ी हुई तोंद पर ठहाके लगा रहा था, तो कोई बदले हुए व्यक्तित्व पर पुराने किस्से छेड़ रहा था, जिससे वर्षों की दूरियाँ कुछ ही पलों में सिमट गईं। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसके बाद पूर्व विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मनोरंजक गतिविधियों से माहौल को जीवंत बना दिया। टीम गेम्स, मिमिक्री और दोस्तों के साथ बिताए गए पुराने पल सभी के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते रहे। इस अवसर पर कई पूर्व छात्र अपने शिक्षकों की सीख और कॉलेज के स्वर्णिम दिनों को याद कर भावुक भी हो उठे, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया था। महाविद्यालय के चेयरमैन श्री सुशील शुक्ला ने पूर्व विद्यार्थियों को किसी भी शैक्षणिक संस्था की सबसे बड़ी धरोहर बताया और उनकी उपलब्धियों को महाविद्यालय का गौरव व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत कहा। प्राचार्य डॉ. श्रीमती ममता शर्मा ने एल्यूमिनी मीट को पीढ़ियों को जोड़ने वाला भावनात्मक सेतु बताया, जो नए और पुराने विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत कर जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। यह पुनर्मिलन कॉलेज, समय, दोस्ती, गुरुजनों के स्नेह और कॉलेज की यादों के कभी पुराना न होने के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसे हर पूर्व विद्यार्थी जीवनभर अपनी स्मृतियों में संजोकर रखेगा। कार्यक्रम में चेयरमैन श्री सुशील शुक्ला, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. संजय अवस्थी, राकेश मनचंदा, डॉ. राजेश जंघेल, डॉ. पदमा बोहरे, डॉ. बलजीत कौर, डॉ. पुष्पेश पांडे, डॉ. निधि जी, समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में भूतपूर्व विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।1
- जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना भारतमाला सड़क पर डोंगरी-कोरबी मार्ग में सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच हुई, जब एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जिसके बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोग भारतमाला सड़क पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं और इसे "मौत का रास्ता" बता रहे हैं। बलौदा थाना पुलिस को सूचना मिलने पर वे तत्काल मौके पर पहुंचे और शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस इस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है और दुर्घटना के सही कारणों की गहन जांच की जा रही है।1