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मुख्यमंत्री ने महोबा में कुल 697.07 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्होंने क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
मुख्यमंत्री ने महोबा में कुल 697.07 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्होंने क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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- मुख्यमंत्री ने महोबा में कुल 697.07 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्होंने क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हमीरपुर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ₹636 करोड़ की 75 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने महोबा में ₹697 करोड़ की 88 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था, जिसके बाद वे 12 साल बाद गोरखगिरि पहुँचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन भी किए। हमीरपुर में अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में हर जिले में एक माफिया होता था, जो जमीनों पर कब्जा करता था, व्यापारियों और बेटियों के लिए संकट पैदा करता था, तथा पुलिस पर हमला करता था, जिससे बुंदेलखंड की छवि खराब होती थी। योगी ने दावा किया कि आज माफिया के लिए कोई जगह नहीं है; वे या तो जेल में हैं या "मिट्टी में मिल गए" हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता, और ऐसा दुस्साहस करने वाला "यमराज के घर" जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सपा ईद और मोहर्रम पर सड़कों पर उदंडता करवाती थी, जबकि कृष्ण जन्मोत्सव और कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थी। मुख्यमंत्री ने मौसम और जल संरक्षण पर भी बात की। उन्होंने बताया कि 21 जून हो जाने के बावजूद मानसून नहीं आया है, हालांकि उनके दौरे के कारण भगवान ने थोड़ी गर्मी कम करने के लिए बादल भेजे होंगे। योगी ने आगामी 3 सालों तक अलनीनो के कारण असमय और कम वर्षा की चेतावनी का जिक्र करते हुए जनता से पानी बचाने की अपील की। उन्होंने "हर घर नल योजना" का महत्व बताते हुए कहा कि नल खुले न रहें और पानी की चोरी न हो। उन्होंने पीने के पानी के संकट से बचने के लिए आवश्यकतानुसार ही जल का उपयोग करने पर जोर दिया।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाँदा पुलिस ने 'पहले सेहत, फिर ड्यूटी' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के तहत पुलिस लाइन में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। शिविर में मौजूद योगाचार्यों और विशेषज्ञों ने विभिन्न योग आसनों और प्राणायाम की विस्तृत जानकारी दी और सभी जवानों से उनका अभ्यास कराया। जवानों ने शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार लाने, तनावमुक्त जीवन जीने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न आसन किए। यह पहल केवल पुलिस लाइन तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि जिले के हर थाने में भी योग शिविर लगाए गए, जहाँ थाना प्रभारियों से लेकर सिपाहियों तक सभी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिसार निरीक्षक बेलास यादव सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इन शिविरों में उपस्थित रहे। बाँदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल का मानना है कि 'योग से जवान तंदुरुस्त होगा, तो अपराधी होंगे पस्त'। इस आयोजन के माध्यम से वर्दीधारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एक स्वस्थ और सेहतमंद पुलिस बल ही एक सुरक्षित समाज की गारंटी है।1
- बांदा शहर के कोतवाली नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजन गंभीर हालत में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिसके बाद परिजनों की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए फील्ड यूनिट, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें गठित की गई हैं और सभी पहलुओं पर गहन जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ने बताया है कि जल्द ही इस घटना का सफल अनावरण किया जाएगा।4
- जूनियर कन्या/उत्कृष्ट छात्रावास पलेरा में 'एक पेड़ मां के नाम' नामक अभियान के अंतर्गत एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करना था।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नौगांव स्थित राजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में रविवार सुबह 6 बजे एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ सभी ने योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह रहे।1
- राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दैनिक चढ़ावे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले दानपेटियों से प्रतिदिन ₹12 लाख तक निकलते थे, लेकिन अब यह राशि ₹1 लाख से भी कम हो गई है। श्रद्धालुओं ने इस कमी का कारण दान की कथित चोरी से हुई निराशा बताया है। उनका कहना है कि इस स्थिति के चलते उन्हें दुख हुआ है और अब वे ऑनलाइन माध्यम से दान करना बेहतर समझते हैं।1
- बाँदा शहर के इमामबाड़ों और अज़ाखानों में इन दिनों गम-ए-हुसैन का माहौल छाया हुआ है। शाम होते ही शहर में मजलिस, मातम और नौहाख्वानी का सिलसिला शुरू हो जाता है, जहाँ बड़ी तादाद में अकीदतमंद हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला को याद कर अश्कों का नज़राना पेश कर रहे हैं। पूर्वी कोठी में गाजीपुर से आए मौलाना सैय्यद हैदर करबलाई ने मिंबर से इमाम हुसैन की हक और इंसानियत के लिए दी गई कुर्बानी बयान की। अंजुमन अब्बासिया के शमसुल हसन रिजवी ने 'मरहबा, मरहबा ऐ हुसैन मरहबा' नौहा पढ़ा, जिसे सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। इसी तरह अनवरी बेगम कंपाउंड में झाँसी से आए मौलाना सैय्यद फरमान अली आब्दी ने मासूमीन के फज़ाइल और कर्बला के मसाएब पर रोशनी डाली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हुसैन वो दर हैं जहाँ मजहब की कोई कैद नहीं, और इमाम हुसैन ने जालिम के आगे सर नहीं झुकाया। यहाँ औन अब्बास और शमसुल हसन ने भी नौहाख्वानी की। क्योटरा रेलवे क्रासिंग पर मरहूम मिर्जा बाकर साहब दरोगा के इमामबाड़े में शमसुल हसन रिजवी ने मर्सियाख्वानी की, जिसे सुनकर अहलेबैत के फज़ाइल पर अकीदतमंदों ने वाहवाही की। इसके बाद औन अब्बास ने नौहा पढ़ा और मातमदारों ने सीनाजनी की। इस दौरान अली इमाम आब्दी, मिर्जा यावर हुसैन अधिवक्ता, अली अकबर, आगा अनसार, मजहर हुसैन, रजा मेंहदी, शोएब रिजवी, जफर रजा, शजरुल हसन, वसीम हैदर, शमीम हैदर, साजिद हुसैन, अहमद रजा, हैदर शिकोह अधिवक्ता समेत सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे वातावरण में कर्बला का पैगाम सब्र, कुर्बानी और इंसानियत का गूंज रहा है, और मजलिसों में उठने वाली 'या हुसैन' की सदा यह बता रही है कि हुसैनियत आज भी जिंदा है।1
- बिहार के भोजपुर जिले में भारत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, भारत भूषण तिवारी का कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था; वे समाज की सेवा करते थे और अपने गाँव के गरीबों की आवाज बनते थे। इसके साथ ही, वे गंगा नदी से संबंधित बाढ़ प्रभावित मुद्दों को भी उठाते थे। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि आखिर भारत का एनकाउंटर क्यों किया गया। क्या भारत ने पुलिस पर पिस्तौल लहराई थी या पिस्तौल तान दी थी, या फिर इस घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी, इस पर स्पष्टीकरण की माँग की जा रही है।1