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चम्पावत:*लगभग 257 करोड़ की लागत से निर्माण किये जा रहें गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण* चम्पावत:*लगभग 257 करोड़ की लागत से निर्माण किये जा रहें गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण*
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चम्पावत:*लगभग 257 करोड़ की लागत से निर्माण किये जा रहें गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण* चम्पावत:*लगभग 257 करोड़ की लागत से निर्माण किये जा रहें गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण*
More news from Uttarakhand and nearby areas
- लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए* जनपद में विगत 2 दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में सभी (पर्वतीय एवं मैदानी) क्षेत्रों में वर्षा हो रही है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं जिसमें, जिला आपदा कंट्रोल रूम सहित सभी तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने के साथ ही सभी कार्यदायी संस्थाओं, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एनएच, सिंचाई, विद्युत, पेयजल को अपनी मशीनरी एवं मैनपावर के साथ संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी मार्ग के अवरुद्ध होने पर तत्काल खोला जा सके। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि राजस्व विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर क्षति का आकलन कर रही हैं। जहां कहीं भी मकानों को आंशिक क्षति या पशुहानि की सूचना है, वहां तहसीलदार के माध्यम से तत्काल राहत वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने अवगत कराया कि जनपद में वर्तमान में लगभग चार दर्जन के आसपास मार्ग अवरुद्ध हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें हैं। 4-5 स्टेट हाईवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग का गरमपानी वाला भाग बारिश के कारण बाधित है, जिसे खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं कार्य जारी है जो शीघ्र खुल जाएगी। जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलें। क्रोनिक लैंडस्लाइड जोन, नदी, नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचें। बरसाती नदियों का बहाव बहुत तेज होता है और अनहोनी की आशंका रहती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील है कि रील्स बनाने या फोटोग्राफी के लिए जोखिम भरे स्थानों पर न जाएं और मानसून काल तक ऐसी गतिविधियों से परहेज करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।1
- खेत देखने गया युवक रातभर लापता, सुबह धान के खेत में मिला शव करेली थाना क्षेत्र के पिपरिया सिंगपुर गांव का मामला पीलीभीत ब्रेकिंग | खेत देखने गया युवक रातभर लापता, सुबह धान के खेत में मिला शव करेली थाना क्षेत्र के पिपरिया सिंगपुर गांव का मामला मृतक गुरुमीत मंगलवार शाम खेत देखने गया था देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने शुरू की तलाश सुबह धान के खेत में पड़ा मिला गुरुमीत का शव सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी4
- जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे नदी पार कर रहे ग्रामीण. नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे रामगंगा नदी पार करने को मजबूर बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर बसे कई गांवों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2018 की आपदा में बहा झूला पुल अब तक नहीं बन पाया, भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल और ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। पूर्व विधायक ललित फर्शवाण ने बताया की 2018में बहे झूला आज ताकि नहीं बनने से भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले सात वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने जल्द पुल बनाने की मांग की है, जिससे वर्षों से झेल रहे हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और स्थायी आवागमन की सुविधा मिल सके..1
- उत्तराखंड के हल्द्वानी में भारी बारिश के बीच बिंदुखत्ता निवासी राम सिंह कोरंगा ने मंगलवार को काठगोदाम पुल से उफनती गौला नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद से वह लापता हैं और SDRF की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं. - इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले जब एक राहगीर ने उनसे बारिश में भीगने की वजह पूछी, तो वह दर्द छिपाकर प्यार से मुस्कुरा दिए थे, जिसने अब हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। नदी के विकराल वेग को देखते हुए किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है, वहीं लापता राम सिंह के परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरा इलाका उनके सुरक्षित होने की प्रार्थना कर रहा है... #Uttarakhand #Kathgodam1
- #पीलीभीत ब्लॉक अमरिया, ग्राम पंचायत भरतपुर कॉलोनी में 35 साल से बदहाल PWD का रास्ता! बारिश होते ही सड़क पर कीचड़ और जलभराव से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की दो टूक—“अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए!” सड़क निर्माण जल्द कराने की मांग तेज। #network24 #यातायातव्यवस्था #PilibhitNews #Pilibhit #Amariy #pilibhit_news #Bharatpur #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #सड़कसमस्या #जलभराव #बारिश #वायरलखबर #ग्रामीणोंकीआवाज #TheNetwork241
- बैडमिंटन प्रतियोगिता में पिथौरागढ़ का शानदार प्रदर्शन, खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान बैडमिंटन प्रतियोगिता में पिथौरागढ़ का शानदार प्रदर्शन, खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान1
- मौसम के ऑरेंज अलर्ट को लेकर आयुक्त कुमाऊँ मंडल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को दिए सतर्कता के निर्देश लगातार हो रही बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा कुमाऊँ मंडल में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किये जाने के दृष्टिगत आयुक्त कुमाऊँ मंडल व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों (नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर) को एहतियातन पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि, सभी जनपदों में जिला आपदा कंट्रोल रूम, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहें। कुमाऊँ आयुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एनएच, सिंचाई, विद्युत, पेयजल निगम, ब्रिडकुल, ग्रामीण निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा जाए और जेसीबी एवं पर्याप्त मैनपावर संवेदनशील स्थलों पर तैनात की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों, नालों, गधेरों के किनारे एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए। आयुक्त ने आम जनता से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों को पार करने का जोखिम न उठाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।1
- सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग पूरनपुर/पीलीभीत।पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बनबसा बैराज से मंगलवार दोपहर बाद शारदा नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। पानी की तेज रफ्तार के साथ मंगलवार देर शाम शास्त्रीनगर और हजारा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। देखते ही देखते कई घरों के अंदर पानी पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने का असर हजारा- खजूरिया मार्ग पर भी दिखाई दिया। सिद्धनगर गांव के पास बने रपटा पुल के ऊपर करीब दो से तीन फीट पानी बहने लगा। पानी की तेज धार के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हो गया है और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।बाढ़ की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही पूरनपुर तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया। नायब तहसीलदार पूरनपुर शौरभ दीप ने भाजपा रामनगर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह और शास्त्रीनगर ग्राम प्रधान मनोज सिंह के साथ शास्त्रीनगर व हजारा गांव का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।नायब तहसीलदार ने बताया कि शास्त्रीनगर में करीब 300 और हजारा गांव में करीब 100 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष इन गांवों में पहले भी दो से तीन बार बाढ़ दस्तक दे चुकी है। मंगलवार शाम पानी तेजी से बढ़ा और रात करीब नौ से दस बजे तक बाढ़ का पानी पूरे गांव में फैल गया। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर पैदा हो गई है। घरों में पानी भरने के साथ ग्रामीणों को पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता भी सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो गांव से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान लेखपाल आशीष निषाद, श्याम मौर्य, रामेश्वर चौहान, प्रद्युम्न पांडेय, विजय सिंह, रामप्रवेश कनौजिया, मनोज सिंह, मुख्तियार सिंह, राकेश यादव, मंजीत सिंह, रामचंद्र समेत कई लोग मौजूद रहे।4
- किच्छा में बड़ा हादसा! कार नहर में पलटी 😱 स्कूटी क्षतिग्रस्त | पुलिस मौके पर 🚨 किच्छा में बड़ा हादसा! कार नहर में पलटी 😱 स्कूटी क्षतिग्रस्त | पुलिस मौके पर 🚨1