सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग पूरनपुर/पीलीभीत।पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बनबसा बैराज से मंगलवार दोपहर बाद शारदा नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। पानी की तेज रफ्तार के साथ मंगलवार देर शाम शास्त्रीनगर और हजारा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। देखते ही देखते कई घरों के अंदर पानी पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने का असर हजारा- खजूरिया मार्ग पर भी दिखाई दिया। सिद्धनगर गांव के पास बने रपटा पुल के ऊपर करीब दो से तीन फीट पानी बहने लगा। पानी की तेज धार के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हो गया है और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।बाढ़ की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही पूरनपुर तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया। नायब तहसीलदार पूरनपुर शौरभ दीप ने भाजपा रामनगर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह और शास्त्रीनगर ग्राम प्रधान मनोज सिंह के साथ शास्त्रीनगर व हजारा गांव का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।नायब तहसीलदार ने बताया कि शास्त्रीनगर में करीब 300 और हजारा गांव में करीब 100 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष इन गांवों में पहले भी दो से तीन बार बाढ़ दस्तक दे चुकी है। मंगलवार शाम पानी तेजी से बढ़ा और रात करीब नौ से दस बजे तक बाढ़ का पानी पूरे गांव में फैल गया। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर पैदा हो गई है। घरों में पानी भरने के साथ ग्रामीणों को पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता भी सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो गांव से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान लेखपाल आशीष निषाद, श्याम मौर्य, रामेश्वर चौहान, प्रद्युम्न पांडेय, विजय सिंह, रामप्रवेश कनौजिया, मनोज सिंह, मुख्तियार सिंह, राकेश यादव, मंजीत सिंह, रामचंद्र समेत कई लोग मौजूद रहे।
सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग पूरनपुर/पीलीभीत।पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बनबसा बैराज से मंगलवार दोपहर बाद शारदा नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। पानी की तेज रफ्तार के साथ मंगलवार देर शाम शास्त्रीनगर और हजारा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। देखते ही देखते कई घरों के अंदर पानी पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों
में अफरा-तफरी मच गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने का असर हजारा- खजूरिया मार्ग पर भी दिखाई दिया। सिद्धनगर गांव के पास बने रपटा पुल के ऊपर करीब दो से तीन फीट पानी बहने लगा। पानी की तेज धार के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हो गया है और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।बाढ़ की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही पूरनपुर तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया। नायब तहसीलदार पूरनपुर शौरभ दीप ने भाजपा रामनगर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह और शास्त्रीनगर ग्राम प्रधान मनोज सिंह
के साथ शास्त्रीनगर व हजारा गांव का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।नायब तहसीलदार ने बताया कि शास्त्रीनगर में करीब 300 और हजारा गांव में करीब 100 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष इन गांवों में पहले भी दो से तीन बार बाढ़ दस्तक दे चुकी है। मंगलवार शाम पानी तेजी से बढ़ा और रात करीब नौ से दस बजे तक बाढ़
का पानी पूरे गांव में फैल गया। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर पैदा हो गई है। घरों में पानी भरने के साथ ग्रामीणों को पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता भी सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो गांव से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान लेखपाल आशीष निषाद, श्याम मौर्य, रामेश्वर चौहान, प्रद्युम्न पांडेय, विजय सिंह, रामप्रवेश कनौजिया, मनोज सिंह, मुख्तियार सिंह, राकेश यादव, मंजीत सिंह, रामचंद्र समेत कई लोग मौजूद रहे।
- खेत देखने गया युवक रातभर लापता, सुबह धान के खेत में मिला शव करेली थाना क्षेत्र के पिपरिया सिंगपुर गांव का मामला पीलीभीत ब्रेकिंग | खेत देखने गया युवक रातभर लापता, सुबह धान के खेत में मिला शव करेली थाना क्षेत्र के पिपरिया सिंगपुर गांव का मामला मृतक गुरुमीत मंगलवार शाम खेत देखने गया था देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने शुरू की तलाश सुबह धान के खेत में पड़ा मिला गुरुमीत का शव सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी4
- ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख को अपनी बदहाली की दास्तान सुनाई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्लॉक प्रमुख ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए एंकर इंट्रो (या रिपोर्टर की शुरुआत): "नमस्कार, मैं सरफराज अहमद, आप देख रहे हैं UP News TV 24। पीलीभीत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ भारी बारिश के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए विकासखंड मरौरी की ब्लॉक प्रमुख सभ्यता देवी वर्मा ने खुद प्रभावित गांवों का दौरा किया है।" (विजुअल/फुटेज के साथ वॉयस-ओवर) मुख्य बॉडी: "विकासखंड मरौरी की ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा ने हाल ही में ग्राम मैदना, देवपुरा और कल्याणपुर नौगमा समेत कई ग्रामीण इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से तबाह हुई फसलों का मुआयना किया और किसानों से सीधी बातचीत कर उनका दर्द जाना। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख को अपनी बदहाली की दास्तान सुनाई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्लॉक प्रमुख ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जिन किसानों की फसलें बारिश की भेंट चढ़ चुकी हैं, उनका जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाया जाए।" बाइट/कथन का अंश: "ब्लॉक प्रमुख सविता देवी वर्मा ने आश्वासन दिया कि अन्नदाताओं की हर समस्या को प्राथमिकता पर हल किया जाएगा। इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसानों के साथ खड़े हैं। दौरे के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।" समापन (Outro): "इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद रहे, जिनमें धर्मपाल, तेजराम, सोहनलाल, खूबचंद और शांति स्वरूप प्रमुख रूप से शामिल रहे। कैमरामैन के साथ, मैं सरफराज अहमद, UP News TV 24, पीलीभीत।"1
- आबादी के बीच गिरी 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन, हादसे के बाद भी जिम्मेदार बेखबर पूरनपुर/पीलीभीत।नगर के मोहल्ला ढका ज0 में नूरी मस्जिद के पास बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन अचानक आबादी के बीच जा गिरी। हाईटेंशन लाइन के जमीन पर गिरने से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की सूचना देने का प्रयास किया। लोगों का आरोप है कि सूचना के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी के बीच 11 हजार वोल्ट की लाइन गिरना बेहद गंभीर मामला है। यदि समय रहते लाइन को सुरक्षित नहीं किया गया तो किसी भी समय अनहोनी हो सकती है।लोगों के अनुसार, अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर यह कहे जाने की बात सामने आई है कि “हम क्या करें।” इस कथित प्रतिक्रिया को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामले में इस तरह की उदासीनता गंभीर चिंता का विषय है। बिजली की हाईटेंशन लाइन के खुले में पड़े रहने से बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की जान को खतरा बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग को ऐसे संवेदनशील स्थानों पर विद्युत लाइनों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत करानी चाहिए, ताकि जर्जर अथवा क्षतिग्रस्त लाइनें हादसे का कारण न बनें। उनका यह भी कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।मोहल्ले के नबाब हसन, फाजिल खां, शहजाद, असीतुल्ला, निसार अहमद, गौस मोहम्मद, जमील हसन और आरिफ समेत अन्य लोगों ने प्रशासन तथा विद्युत विभाग से तत्काल हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित तरीके से हटाने, क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति की जांच कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है। साथ ही लोगों ने मामले की जांच कर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।1
- बाढ़ की तैयारियों को लेकर डीएम ने की प्रेस वार्ता पीलीभीत। बाढ़ की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों और प्रशासन की ओर से किए जा रहे इंतजामों की जानकारी दी। अधिकारियों को सतर्क रहते हुए प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।1
- बरेली के भुता थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा प्रवीण में तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी श्मशान भूमि वाले चक रोड पर तेंदुए को खेतों की ओर जाते देखा गया। ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची वन टीम ने मौके से तेंदुए के पंजों के निशान लिए और कांबिंग की, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। ग्रामीणों में दहशत है। वन क्षेत्राधिकारी ऋषि ठाकुर ने बताया कि मौके पर जांच की गई है, गश्त बढ़ा दी गई है और जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।1
- सपा में शामिल होने के बाद भाजपा पर जमकर बरसे डॉ. रत्नेश गंगवार, UP UPDATE पर देखिए पूरी खबर #NEWS #पीलीभीत पीलीभीत की बीसलपुर विधानसभा में डॉ. रत्नेश गंगवार ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है जिसके बाद पीलीभीत में सियासी बदलाव देखने को मिल रहे हैं बीसलपुर विधानसभा से मजबूत दावेदारी पेश कर रहे डॉक्टर अखिलेश गंगवार भारतीय जनता पार्टी पर जमकर बरसे इस दौरान उनको सुनाने के लिए हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे।1
- 🚨 भोपाल में राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल! 🚨 भोपाल में राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल! उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह मार्च टीन शेड से शुरू होकर रोशनपुरा तक पहुंचा। मुख्य बिंदु: सियासी बदले की कार्रवाई: कांग्रेस नेताओं ने इस FIR को भाजपा की राजनीतिक साजिश करार दिया। मुकदमा वापसी की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा तुरंत वापस लिया जाए, साथ ही संबंधित भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी FIR दर्ज हो। सड़कों पर नारेबाजी: मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी आवाज उठाने का हक है। इस प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। 📌 इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं।1
- सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग सैलाब ने मचाई तबाही, घरों में घुसा शारदा का पानी चारे के संकट से जूझ रहे ग्रामीण, नाव की उठी मांग पूरनपुर/पीलीभीत।पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बनबसा बैराज से मंगलवार दोपहर बाद शारदा नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। पानी की तेज रफ्तार के साथ मंगलवार देर शाम शास्त्रीनगर और हजारा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। देखते ही देखते कई घरों के अंदर पानी पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने का असर हजारा- खजूरिया मार्ग पर भी दिखाई दिया। सिद्धनगर गांव के पास बने रपटा पुल के ऊपर करीब दो से तीन फीट पानी बहने लगा। पानी की तेज धार के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हो गया है और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।बाढ़ की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही पूरनपुर तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया। नायब तहसीलदार पूरनपुर शौरभ दीप ने भाजपा रामनगर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह और शास्त्रीनगर ग्राम प्रधान मनोज सिंह के साथ शास्त्रीनगर व हजारा गांव का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।नायब तहसीलदार ने बताया कि शास्त्रीनगर में करीब 300 और हजारा गांव में करीब 100 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष इन गांवों में पहले भी दो से तीन बार बाढ़ दस्तक दे चुकी है। मंगलवार शाम पानी तेजी से बढ़ा और रात करीब नौ से दस बजे तक बाढ़ का पानी पूरे गांव में फैल गया। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर पैदा हो गई है। घरों में पानी भरने के साथ ग्रामीणों को पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता भी सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो गांव से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान लेखपाल आशीष निषाद, श्याम मौर्य, रामेश्वर चौहान, प्रद्युम्न पांडेय, विजय सिंह, रामप्रवेश कनौजिया, मनोज सिंह, मुख्तियार सिंह, राकेश यादव, मंजीत सिंह, रामचंद्र समेत कई लोग मौजूद रहे।4