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एक ही गांव में एक महीने में दो बार हुई चोरी पुलिस प्रशासन लापरवाह रियल न्यूज हरदोई सुरसा विकास खंड के मजरा खजुराहरा चोरों ने नकाब लगाकर रात में चार घरों को निशाना बनाया, चारों घरों से सामान चोरी कर कर ले गए धान की बोरियां तक नहीं छोड़ी पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी उसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा।

10 hrs ago
user_राम सागर
राम सागर
Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago
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एक ही गांव में एक महीने में दो बार हुई चोरी पुलिस प्रशासन लापरवाह रियल न्यूज हरदोई सुरसा विकास खंड के मजरा खजुराहरा चोरों ने नकाब लगाकर रात में चार घरों को निशाना बनाया, चारों घरों से सामान चोरी कर कर ले गए धान की बोरियां तक नहीं छोड़ी पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी उसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा।

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  • ✍️JAAGO NEWS ✍️ पिहानी। कस्बा पिहानी में शनिवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक मगरमच्छ सड़क पर टहलता दिखाई दिया। अचानक मोहल्ला छिपी टोला में संजय वैश्य के पलेसर के पास सड़क पर मगरमच्छ नजर आने से स्कूटी सवार और राहगीर जान बचाकर भाग खड़े हुए। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि बरसात के समय से ही कस्बे के एक तालाब में मगरमच्छ होने की चर्चा चल रही थी। मोहल्ले के कई लोगों ने कई बार तालाब में दो मगरमच्छ देखे जाने की बात भी कही थी, लेकिन वन विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।शनिवार रात अचानक एक मगरमच्छ तालाब से निकलकर सड़क पर आ गया और मोहल्ले में घूमता दिखाई दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने साहस दिखाते हुए मछली पकड़ने वाले जाल और रस्सियों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने मगरमच्छ को काबू में कर लिया।हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब में अभी एक और मगरमच्छ मौजूद है, jaago news ✍️🗞️
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    ✍️JAAGO NEWS ✍️ 
पिहानी। कस्बा पिहानी में शनिवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक मगरमच्छ सड़क पर टहलता दिखाई दिया। अचानक मोहल्ला छिपी टोला में संजय वैश्य के पलेसर के पास सड़क पर मगरमच्छ नजर आने से स्कूटी सवार और राहगीर जान बचाकर भाग खड़े हुए। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बताया जा रहा है कि बरसात के समय से ही कस्बे के एक तालाब में मगरमच्छ होने की चर्चा चल रही थी। मोहल्ले के कई लोगों ने कई बार तालाब में दो मगरमच्छ देखे जाने की बात भी कही थी, लेकिन वन विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।शनिवार रात अचानक एक मगरमच्छ तालाब से निकलकर सड़क पर आ गया और मोहल्ले में घूमता दिखाई दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने साहस दिखाते हुए मछली पकड़ने वाले जाल और रस्सियों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने मगरमच्छ को काबू में कर लिया।हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब में अभी एक और मगरमच्छ मौजूद है,
jaago news ✍️🗞️
    user_जागो न्यूज "उत्तर प्रदेश"
    जागो न्यूज "उत्तर प्रदेश"
    Lawyer Hardoi, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ ……………………………………… सुन्नी गांव, थाना बघौली, जनपद हरदोई में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में आज प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के दिव्य श्रृंगार दर्शन किए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही लगी रही और पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला। मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। क्षेत्र का यह प्राचीन धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ दूर-दराज से भी लोग दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
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    ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’
………………………………………
सुन्नी गांव, थाना बघौली, जनपद हरदोई में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में आज प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के दिव्य श्रृंगार दर्शन किए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही लगी रही और पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला।
मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। क्षेत्र का यह प्राचीन धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ दूर-दराज से भी लोग दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
    user_सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
    सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रियल न्यूज हरदोई सुरसा विकास खंड के मजरा खजुराहरा चोरों ने नकाब लगाकर रात में चार घरों को निशाना बनाया, चारों घरों से सामान चोरी कर कर ले गए धान की बोरियां तक नहीं छोड़ी पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी उसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा।
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    रियल न्यूज 
हरदोई सुरसा विकास खंड के मजरा खजुराहरा चोरों ने नकाब लगाकर रात में चार घरों को निशाना बनाया, चारों घरों से सामान चोरी कर कर ले गए धान की बोरियां तक नहीं छोड़ी पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी उसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा।
    user_राम सागर
    राम सागर
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण, प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। तहसील क्षेत्र में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सफीपुर क्षेत्र का सामने आया है, जहां सैकड़ों वर्षों से खाली पड़े खलिहान की बेशकीमती जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश जारी है। ग्रामीणों के अनुसार गिगियानी मोहल्ला निवासी एक दबंग व्यक्ति खेत के सामने स्थित खलिहान की जमीन पर निर्माण कराकर कब्जा करने में जुटा है। लोगों का कहना है कि उक्त खलिहान की जमीन लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में रही है, लेकिन अब उस पर तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल और एक सभासद की कथित मिलीभगत से यह कब्जे का खेल बदस्तूर जारी है। आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से भूमाफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और पीड़ित जन अंदर ही अंदर कुढ़ते और सरकार एवं सिस्टम को कोसते जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले तैनात रहे एसडीएम ने मामले की जानकारी मिलने पर उक्त खलिहान की जमीन पर हो रहे निर्माण को रुकवा दिया था, लेकिन अब दोबारा निर्माण शुरू होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तहसील में सरकारी संपत्तियों पर तेजी से बढ़ते कब्जे तहसील क्षेत्र में खलिहान, बंजर, चारागाह, तालाब, कुएं और यहां तक कि शत्रु संपत्तियों तक पर कब्जों की रफ्तार बढ़ने की चर्चा आम हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती न हुई तो सार्वजनिक उपयोग की अधिकांश जमीनें कब्जों की भेंट चढ़ जाएंगी। वैसे भी बहूत सी बेशकीमती जमीनों पर तहसील प्रशासन की मिलीभगत से अवैध कब्जे होने की जानकारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। कुछ ग्रामीण दबी जुबान यह भी कहते हैं कि जब से वर्तमान एसडीएम अंकित तिवारी ने कार्यभार संभाला है, तब से जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक सख्ती पहले जैसी नहीं दिखाई दे रही। लोगों ने हर मामले में इनकी संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाए हैँ। क्षेत्र में यह चर्चा भी सुनने को मिल रही है कि पहले तैनात रही महिला एसडीएम के समय कम से कम सार्वजनिक जमीनों पर कब्जों के मामलों में कार्रवाई का डर बना रहता था और मातहतों पर भी नियंत्रण दिखाई देता था। सीमांकन में साजिशन ढिलाई से बढ़ते विवाद शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। राजस्व मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत सीमांकन समय से कर दिया जाए तो अधिकांश भूमि विवाद स्वतः समाप्त हो सकते हैं। लेकिन दबंगो एवं भूमाफियायों के मामलों के अलावा लगभग सभी सीमांकन की प्रक्रियाएँ लंबित रहने से भूमाफियाओं के मनोबल बढ़ते हैं और जाहिर होता है कि ढीली कार्यवाही करते हुए दबंगों एवं भुमाफियाओं को जानबूझकर अवैध कब्जा करने या फिर जबरदस्ती कब्जा जमाए रखने का अवसर दिया जाता है। सुहागपुर, झोथपुर, आगमपुर और गिगियानी जैसे कई चर्चित मामलों में भी प्रशासन की भूमिका को लेकर लोगों ने लगातार सवाल उठाए हैं लेकिन किसी मामले में न लापरवाह राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध एसडीएम स्तर से कोई कार्यवाही की गई और एसडीएम ने स्वयं किसी मामले को गंभीरता से समझकर न्याय करने का प्रयास किया। खेवट से खतौनी तक खेल में सरकारी कार्मिक शामिल शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। तहसील क्षेत्र में जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। जानकारों का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कराने का काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार ऐसे गिरोहों में कुछ वर्तमान व सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में माहिर लोग और जमीन के दलाल शामिल रहते हैं। बताया जाता है कि खेवट से लेकर खतौनी तक में कूटरचना कर जमीन का मालिकाना मामला बदलने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आएंगे और कमजोर तबका पीड़ितों की पैतृक एवं अपने ख़ून पसीने की कमाई से खरीदी गईं जमींनें उन्हें वापस मिल जाएंगी। जागरूक जनों द्वारा उठाए जा रहे सवाल शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। सफीपुर के खलिहान की जमीन पर निर्माण आखिर किसके संरक्षण में हो रहा है? पहले रुकवाया गया निर्माण दोबारा कैसे शुरू हो गया? क्या खलिहान की जमीन का सीमांकन कराया गया है? यदि जमीन सार्वजनिक है तो कब्जा हटाने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों की वर्तमान स्थिति का सर्वे कब हुआ था? भूमाफियाओं के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाईयाँ की गई?सीमांकन के लंबित मामलों को निपटाने की क्या समय सीमा विधिक व्यवस्था की बजाय एसडीएम स्तर पर तय है? राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े की शिकायतों की जांच कौन कर रहा है? क्या तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों को बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा? क्या सफीपुर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी? एसडीएम शाहाबाद ने दिया आश्चर्यजनक जबाब शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। एसडीएम अंकित तिवारी ने बताया कि सफीपुर में खलिहान की जमीन पर कब्जे की शिकायत की जानकारी मिली तो तत्काल निर्माण कार्य रुकवा दिया। मामले की जांच राजस्व टीम से कराई जा रही है। यदि जांच में जमीन सरकारी या सार्वजनिक पाई जाती है और अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई कर कब्जा हटवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पेशकार उमेश तिवारी का जबाब शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। एसडीएम न्यायालय में तैनात पेशकार उमेश बाजपेयी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनका किसी भी प्रकार के भूमाफिया या जमीन विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। न्यायालय से जुड़े मामलों में जो भी कार्रवाई होती है, वह पूरी तरह नियमों के अनुसार और सक्षम अधिकारी के आदेश पर ही होती है।
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    खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण, प्रशासनिक  कार्यशैली पर उठे सवाल
शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। तहसील क्षेत्र में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
ताजा मामला सफीपुर क्षेत्र का सामने आया है, जहां सैकड़ों वर्षों से खाली पड़े खलिहान की बेशकीमती जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश जारी है।
ग्रामीणों के अनुसार गिगियानी मोहल्ला निवासी एक दबंग व्यक्ति खेत के सामने स्थित खलिहान की जमीन पर निर्माण कराकर कब्जा करने में जुटा है। लोगों का कहना है कि उक्त खलिहान की जमीन लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में रही है, लेकिन अब उस पर तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल और एक सभासद की कथित मिलीभगत से यह कब्जे का खेल बदस्तूर जारी है। आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से भूमाफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और पीड़ित जन अंदर ही अंदर कुढ़ते और सरकार एवं सिस्टम को कोसते जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इससे पहले तैनात रहे एसडीएम ने मामले की जानकारी मिलने पर उक्त खलिहान की जमीन पर हो रहे निर्माण को रुकवा दिया था, लेकिन अब दोबारा निर्माण शुरू होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तहसील में सरकारी संपत्तियों पर तेजी से बढ़ते कब्जे
तहसील क्षेत्र में खलिहान, बंजर, चारागाह, तालाब, कुएं और यहां तक कि शत्रु संपत्तियों तक पर कब्जों की रफ्तार बढ़ने की चर्चा आम हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती न हुई तो सार्वजनिक उपयोग की अधिकांश जमीनें कब्जों की भेंट चढ़ जाएंगी। वैसे भी बहूत सी बेशकीमती जमीनों पर तहसील प्रशासन की मिलीभगत से अवैध कब्जे होने की जानकारी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। कुछ ग्रामीण दबी जुबान यह भी कहते हैं कि जब से वर्तमान एसडीएम अंकित तिवारी ने कार्यभार संभाला है, तब से जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक सख्ती पहले जैसी नहीं दिखाई दे रही। लोगों ने हर मामले में इनकी संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाए हैँ।
क्षेत्र में यह चर्चा भी सुनने को मिल रही है कि पहले तैनात रही महिला एसडीएम के समय कम से कम सार्वजनिक जमीनों पर कब्जों के मामलों में कार्रवाई का डर बना रहता था और मातहतों पर भी नियंत्रण दिखाई देता था।
सीमांकन में साजिशन ढिलाई से बढ़ते विवाद
शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। राजस्व मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत सीमांकन समय से कर दिया जाए तो अधिकांश भूमि विवाद स्वतः समाप्त हो सकते हैं। लेकिन दबंगो एवं भूमाफियायों के मामलों के अलावा लगभग सभी सीमांकन की प्रक्रियाएँ लंबित रहने से भूमाफियाओं के मनोबल बढ़ते हैं और जाहिर होता है कि ढीली कार्यवाही करते हुए दबंगों एवं भुमाफियाओं को जानबूझकर अवैध कब्जा करने या फिर जबरदस्ती कब्जा जमाए रखने का अवसर दिया जाता है। सुहागपुर, झोथपुर, आगमपुर और गिगियानी जैसे कई चर्चित मामलों में भी प्रशासन की भूमिका को लेकर लोगों ने लगातार सवाल उठाए हैं लेकिन किसी मामले में न लापरवाह राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध एसडीएम स्तर से कोई कार्यवाही की गई और एसडीएम ने स्वयं किसी मामले को गंभीरता से समझकर न्याय करने का प्रयास किया।
खेवट से खतौनी तक खेल में सरकारी कार्मिक शामिल 
शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। तहसील क्षेत्र में जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। जानकारों का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कराने का काम करते हैं।
सूत्रों के अनुसार ऐसे गिरोहों में कुछ वर्तमान व सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में माहिर लोग और जमीन के दलाल शामिल रहते हैं। बताया जाता है कि खेवट से लेकर खतौनी तक में कूटरचना कर जमीन का मालिकाना मामला बदलने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आएंगे और कमजोर तबका पीड़ितों की पैतृक एवं अपने ख़ून पसीने की कमाई से खरीदी गईं जमींनें उन्हें वापस मिल जाएंगी।
जागरूक जनों द्वारा उठाए जा रहे सवाल
शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। सफीपुर के खलिहान की जमीन पर निर्माण आखिर किसके संरक्षण में हो रहा है?
पहले रुकवाया गया निर्माण दोबारा कैसे शुरू हो गया?
क्या खलिहान की जमीन का सीमांकन कराया गया है?
यदि जमीन सार्वजनिक है तो कब्जा हटाने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों की वर्तमान स्थिति का सर्वे कब हुआ था? भूमाफियाओं के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाईयाँ की गई?सीमांकन के लंबित मामलों को निपटाने की क्या समय सीमा विधिक व्यवस्था की बजाय एसडीएम स्तर पर तय है? राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े की शिकायतों की जांच कौन कर रहा है? क्या तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों को बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा? क्या सफीपुर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी?
एसडीएम शाहाबाद ने दिया आश्चर्यजनक जबाब 
शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। एसडीएम अंकित तिवारी ने बताया कि सफीपुर में खलिहान की जमीन पर कब्जे की शिकायत की जानकारी मिली तो तत्काल निर्माण कार्य रुकवा दिया। मामले की जांच राजस्व टीम से कराई जा रही है। यदि जांच में जमीन सरकारी या सार्वजनिक पाई जाती है और अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई कर कब्जा हटवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
पेशकार उमेश तिवारी का जबाब 
शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। एसडीएम न्यायालय में तैनात पेशकार उमेश बाजपेयी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनका किसी भी प्रकार के भूमाफिया या जमीन विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। न्यायालय से जुड़े मामलों में जो भी कार्रवाई होती है, वह पूरी तरह नियमों के अनुसार और सक्षम अधिकारी के आदेश पर ही होती है।
    user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
    OmdevDixit (Pappu Dixit)
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • संडीला बना मिर्जापुर,पूर्व विधायक राजकुमार अग्रवाल के पंप पर तांडव,रॉड से फोड़ा मैनेजर का सिर, 50 हजार पार,आधी रात रिलायंस पेट्रोल पंप पर गुंडों की खून की होली,वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप....... #HardoiCrime #SandilaGundaRaj #UPPolice #LawAndOrderUP #ReliancePetrolPump #CrimeNews #YogiAdityanath #HardoiPolice #SuheldevBhartiyaSamajParty #BreakingNewsHindi #Dabanggai
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    संडीला बना मिर्जापुर,पूर्व विधायक राजकुमार अग्रवाल के पंप पर तांडव,रॉड से फोड़ा मैनेजर का सिर, 50 हजार पार,आधी रात रिलायंस पेट्रोल पंप पर गुंडों की खून की होली,वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप.......
#HardoiCrime #SandilaGundaRaj #UPPolice #LawAndOrderUP #ReliancePetrolPump #CrimeNews #YogiAdityanath #HardoiPolice #SuheldevBhartiyaSamajParty #BreakingNewsHindi #Dabanggai
    user_Manoj Sahara
    Manoj Sahara
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सुबह-सुबह घना कोहरा | Nature Foggy Morning Video 🌫️#FoggyMorning #Kohra #MorningWeather आज सुबह जब बाहर देखा तो चारों तरफ घना कोहरा छाया हुआ था। प्रकृति का यह खूबसूरत नज़ारा कैमरे में कैद कर लिया। अगर आपको भी सुबह का यह शांत और ठंडा मौसम पसंद है तो वीडियो जरूर देखें। #FoggyMorning #Kohra #MorningWeather #NatureView #WinterMorning #VillageMorning #WeatherUpdate
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    सुबह-सुबह घना कोहरा | Nature Foggy Morning Video 🌫️#FoggyMorning #Kohra #MorningWeather
आज सुबह जब बाहर देखा तो चारों तरफ घना कोहरा छाया हुआ था।
प्रकृति का यह खूबसूरत नज़ारा कैमरे में कैद कर लिया।
अगर आपको भी सुबह का यह शांत और ठंडा मौसम पसंद है तो वीडियो जरूर देखें।
#FoggyMorning #Kohra #MorningWeather #NatureView #WinterMorning #VillageMorning #WeatherUpdate
    user_Shiva Gautam
    Shiva Gautam
    Engineer बिलग्राम, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    25 min ago
  • Breking news तेज हवाओं के चलते 2 घरों में लगी आग। लाखों का सामान जल के खाक माधोगंज ब्लॉक के शुक्लापुर भगत मे मजरा हरिचंदापुर में अज्ञात कारणों से लगी आग 2 घरों से हजारों का सामना जल का खाक हो गया
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    Breking news 
तेज हवाओं के चलते 2 घरों में लगी आग।        लाखों का सामान जल के खाक 
माधोगंज ब्लॉक के शुक्लापुर भगत मे मजरा हरिचंदापुर में अज्ञात कारणों से लगी आग 2 घरों से हजारों का सामना जल का खाक हो गया
    user_मोनू शुक्ला
    मोनू शुक्ला
    बिलग्राम, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • शाहाबाद/हरदोई। घरेलू गैस सिलेंडर लेते समय उसकी एक्सपायरी (री-टेस्टिंग) डेट अवश्य जांचें। कई उपभोक्ता बिना जांचे सिलेंडर ले लेते हैं, जबकि एक्सपायरी सिलेंडर का उपयोग सुरक्षा के लिहाज से खतरे का कारण बन सकता है। गैस सिलेंडर के ऊपरी हिस्से की लोहे की पट्टी पर A, B, C, D के साथ वर्ष लिखा होता है, जैसे B-28 या D-28। यही सिलेंडर की री-टेस्टिंग तिथि होती है। इन अक्षरों का मतलब तिमाही से होता है— A: जनवरी-मार्च B: अप्रैल-जून C: जुलाई-सितंबर D: अक्टूबर-दिसंबर उदाहरण के लिए यदि सिलेंडर पर D-28 लिखा है तो इसका अर्थ है कि उस सिलेंडर की री-टेस्टिंग अक्टूबर-दिसंबर 2028 तक होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उपभोक्ता को एक्सपायरी या संदिग्ध सिलेंडर मिले तो सील न खोलें और तुरंत डिलीवरी बॉय को वापस कर दें तथा दूसरा सिलेंडर देने की मांग करें। यदि गैस एजेंसी सिलेंडर बदलने में आनाकानी करे तो उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही संदेह होने पर सिलेंडर की पट्टी की फोटो भी सुरक्षित रखनी चाहिए ताकि शिकायत के समय साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सके। सुरक्षा की दृष्टि से उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि सिलेंडर लेते समय उसकी सील के साथ-साथ एक्सपायरी कोड भी अवश्य जांच लें।
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    शाहाबाद/हरदोई। घरेलू गैस सिलेंडर लेते समय उसकी एक्सपायरी (री-टेस्टिंग) डेट अवश्य जांचें। कई उपभोक्ता बिना जांचे सिलेंडर ले लेते हैं, जबकि एक्सपायरी सिलेंडर का उपयोग सुरक्षा के लिहाज से खतरे का कारण बन सकता है।
गैस सिलेंडर के ऊपरी हिस्से की लोहे की पट्टी पर A, B, C, D के साथ वर्ष लिखा होता है, जैसे B-28 या D-28। यही सिलेंडर की री-टेस्टिंग तिथि होती है।
इन अक्षरों का मतलब तिमाही से होता है—
A: जनवरी-मार्च
B: अप्रैल-जून
C: जुलाई-सितंबर
D: अक्टूबर-दिसंबर
उदाहरण के लिए यदि सिलेंडर पर D-28 लिखा है तो इसका अर्थ है कि उस सिलेंडर की री-टेस्टिंग अक्टूबर-दिसंबर 2028 तक होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उपभोक्ता को एक्सपायरी या संदिग्ध सिलेंडर मिले तो सील न खोलें और तुरंत डिलीवरी बॉय को वापस कर दें तथा दूसरा सिलेंडर देने की मांग करें।
यदि गैस एजेंसी सिलेंडर बदलने में आनाकानी करे तो उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही संदेह होने पर सिलेंडर की पट्टी की फोटो भी सुरक्षित रखनी चाहिए ताकि शिकायत के समय साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सके।
सुरक्षा की दृष्टि से उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि सिलेंडर लेते समय उसकी सील के साथ-साथ एक्सपायरी कोड भी अवश्य जांच लें।
    user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
    OmdevDixit (Pappu Dixit)
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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