शाजापुर जिले के मक्सी नगर में गंभीर जल संकट को लेकर सोमवार को जनता का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की भारी किल्लत से परेशान नागरिकों की आवाज़ उठाते हुए, ब्लॉक कांग्रेस ने नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया और उसका घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सिर पर खाली मटके रखकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित प्रदर्शनकारी और महिलाएं नारेबाजी करते हुए सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुँच गईं। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़ महिलाओं ने परिषद के मुख्य द्वार पर ही अपने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के दावों की भी पोल खुलती नज़र आई, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस के जवान मुस्तैदी दिखाने के बजाय केवल 'झांकीबाजी' करते दिखे। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिससे काफी देर तक मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में, मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
शाजापुर जिले के मक्सी नगर में गंभीर जल संकट को लेकर सोमवार को जनता का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की भारी किल्लत से परेशान नागरिकों की आवाज़ उठाते हुए, ब्लॉक कांग्रेस ने नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया और उसका घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सिर पर खाली मटके रखकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित प्रदर्शनकारी और महिलाएं नारेबाजी करते हुए सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुँच गईं। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़ महिलाओं ने परिषद के मुख्य द्वार पर ही अपने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के दावों की भी पोल खुलती नज़र आई, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस के जवान मुस्तैदी दिखाने के बजाय केवल 'झांकीबाजी' करते दिखे। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिससे काफी देर तक मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में, मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
- साधना प्लस न्यूज़ के लिए गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारियों ने एक आवेदन देकर मांग की है कि सड़क के मध्य से दोनों ओर 20-20 फीट तक के अतिक्रमण को हटाया जाए। व्यापारियों ने अपने आवेदन में यह भी अनुरोध किया है कि शेष क्षेत्र के लिए उन्हें राहत प्रदान की जाए।1
- महाकाल मंदिर में कलेक्टर श्रद्वालुओं के साथ कतार में खड़े होकर दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में की गई दर्शन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- क्या आपको भी सामान के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज़्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं? अब दुकानदारों की मनमानी और लूट बिल्कुल नहीं चलेगी। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ऐसे अनुचित व्यवहार के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं, जो उपभोक्ताओं के कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हैं। यह समय है कि हर उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागृत हो और MRP से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ आवाज़ उठाए।1
- कालापीपल के खोकरा कला में कांग्रेस पार्टी ब्लॉक कमेटी ने एमपी वि.वि. कंपनी के कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अघोषित बिजली कटौती और बिजली विभाग द्वारा जनता को थमाए जा रहे भारी भरकम बिलों के विरोध में था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और जूनियर इंजीनियर को एक ज्ञापन सौंपा।2
- सुसनेर थाने में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान, यह तय किया गया कि ईद की मुख्य नमाज 28 मई को सुबह 8 बजे अदा की जाएगी।1
- सुसनेर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें एसडीओपी ने नगर परिषद के आला अधिकारियों को साफ-सफाई बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।1
- शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। बार-बार हो रही बिजली कटौती और भीषण गर्मी से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य आज जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने भारी संख्या में एकत्रित होकर सलसलाई स्थित विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब वे अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर 12:00 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं मिला। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीण कार्यालय के भीतर ही धरने पर बैठ गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। घेराव और हंगामे की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद कनिष्ठ यंत्री प्रवीण कुशवाह कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही अघोषित और मनमानी बिजली कटौती को तत्काल बंद करने तथा सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत मंडल और प्रशासन की होगी।1
- उज्जैन के डॉक्टर रवि सोलंकी ने लोगों से अपील की है कि वे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा में शामिल होकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दें।1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर में जैन समाज का आक्रोश रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई एक घटना के विरोध में फूट पड़ा। इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जैन समाज के सदस्यों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।1