शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। बार-बार हो रही बिजली कटौती और भीषण गर्मी से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य आज जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने भारी संख्या में एकत्रित होकर सलसलाई स्थित विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब वे अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर 12:00 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं मिला। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीण कार्यालय के भीतर ही धरने पर बैठ गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। घेराव और हंगामे की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद कनिष्ठ यंत्री प्रवीण कुशवाह कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही अघोषित और मनमानी बिजली कटौती को तत्काल बंद करने तथा सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत मंडल और प्रशासन की होगी।
शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। बार-बार हो रही बिजली कटौती और भीषण गर्मी से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य आज जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने भारी संख्या में एकत्रित होकर सलसलाई स्थित विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब वे अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर 12:00 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं मिला। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीण कार्यालय के भीतर ही धरने पर बैठ गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। घेराव और हंगामे की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद कनिष्ठ यंत्री प्रवीण कुशवाह कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही अघोषित और मनमानी बिजली कटौती को तत्काल बंद करने तथा सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत मंडल और प्रशासन की होगी।
- शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। बार-बार हो रही बिजली कटौती और भीषण गर्मी से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य आज जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने भारी संख्या में एकत्रित होकर सलसलाई स्थित विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब वे अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर 12:00 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं मिला। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीण कार्यालय के भीतर ही धरने पर बैठ गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। घेराव और हंगामे की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद कनिष्ठ यंत्री प्रवीण कुशवाह कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही अघोषित और मनमानी बिजली कटौती को तत्काल बंद करने तथा सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत मंडल और प्रशासन की होगी।1
- देवास शहर में शादी के नाम पर ठगी का एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है, जहाँ क्लब ग्राउंड पर 42 से ज़्यादा दूल्हे अपनी बारातें लेकर पहुँचे, लेकिन देर रात तक एक भी दुल्हन मौके पर नहीं आई। इस घटना के बाद सभी दूल्हों में भारी गुस्सा देखा गया। बताया जा रहा है कि विदिशा निवासी एक युवक ने कई लोगों से संपर्क कर शादी कराने का दावा किया था। उसने वादा किया था कि इंदौर के एक अनाथ आश्रम से लड़कियाँ लाकर सभी की शादी करवाई जाएगी। इस दावे के बदले आरोपी ने दूल्हों और उनके परिवारों से हजारों से लेकर लाखों रुपए तक की ठगी की। तय तारीख पर, सभी दूल्हे सेहरा बांधकर और अपने रिश्तेदारों के साथ क्लब ग्राउंड पहुँचे। मंडप सजाया गया और बारातें तैयार थीं, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी दुल्हनों का कोई अता-पता नहीं चला। धीरे-धीरे लोगों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद मौके पर ज़ोरदार हंगामा हुआ। पीड़ितों ने आरोपी पर शादी के नाम पर लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई और पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें एक साथ इतने सारे दूल्हों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है। इस घटना को लेकर कहा गया, “बारात तैयार थी, सेहरे सज चुके थे… लेकिन देवास में 42 दूल्हों की जिंदगी का सबसे बड़ा सपना उस वक्त टूट गया, जब शादी कराने का दावा करने वाला शख्स दुल्हनों समेत गायब हो गया।”1
- मोहन बड़ोदिया में मंगलवार को बस स्टैंड, नलखेड़ा रोड और मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसकी तैयारी में राजस्व विभाग ने अपने अमले के साथ चिन्हांकन की कार्रवाई पूरी कर ली है। इस दौरान तहसीलदार श्रीमती दिव्या जैन, नायब तहसीलदार मुकेश गुप्ता, जनपद सीईओ अमृतराज सिसोदिया, ग्राम पंचायत सचिव अर्जुन सिंह चौहान और मोहन बड़ोदिया थाने से एसआई जीबी चौबे अपने पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से लगाए गए टीन शेड और ठेला व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण की पहचान की गई, जिससे आवागमन बाधित हो रहा था। राजस्व विभाग और कोटवार ने मौके पर सड़क से 52 फीट की जगह को मापकर देखा, जिसमें बस स्टैंड पर भारी मात्रा में अतिक्रमण पाया गया। तहसीलदार ने अतिक्रमणकारियों को मंगलवार से पहले अवैध टीन शेड हटाने के निर्देश दिए, ताकि यातायात में बाधा न आए। ठेला और गुमटी व्यवसायियों को मोहन बड़ोदिया के नवीन बस स्टैंड पर अपने ठेले और गुमटियां लगाने को कहा गया है। तहसीलदार ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक रोड किनारे से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो मंगलवार सुबह राजस्व विभाग जेसीबी, पुलिस प्रशासन और अपने अमले के साथ मौजूद रहेगा और अवैध अतिक्रमण हटाने की सख्त कार्रवाई करेगा।1
- शाजापुर के आदर्श नवीन नगर में रविवार, 24 मई को अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन का 120वाँ स्थापना दिवस जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 57 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयाँ वितरित की गईं। यह आयोजन लोगों के प्राचीन चिकित्सा पद्धति 'आयुर्वेद' की ओर पुनः लौटने के उद्देश्य को साकार करता है, ताकि वे भागदौड़ भरी जिंदगी में निरोगी काया प्राप्त कर सकें। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की शाजापुर जिला शाखा, नवांकुर संस्था जन अभियान परिषद और कंचन वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि अवधेश शेशा और कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. आर.बी. सिंह बिसेन (पूर्व आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी) ने माँ सरस्वती एवं भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान डॉ. जगदीश भावसार और महेश सौराष्ट्रीय विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। चिकित्सा शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. विजय कुमार पाठक, डॉ. वी.डी. शर्मा, डॉ. सुरेश सिंदल और डॉ. संजय चांदना ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। कुल 57 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आयुर्वेदिक औषधियाँ दी गईं, साथ ही शुगर एवं ब्लड प्रेशर की निःशुल्क जाँच भी की गई। उपस्थित नागरिकों ने आयुर्वेद के प्रति गहरी रुचि दिखाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आर.बी. सिंह बिसेन ने जोर देकर कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह एक पूर्ण और संतुलित प्राचीन भारतीय जीवनशैली है, जिसके सिद्धांतों का पालन कर एक बेहतर एवं निरोग जीवन की ओर अग्रसर हुआ जा सकता है।2
- मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की दतिया जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक उनाव रोड दतिया स्थित होटल प्राक्षी में सम्पन्न हुई। यह बैठक मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ भोपाल के प्रांतीय अध्यक्ष माननीय श्री शलभ भदौरिया के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी, जिसमें प्रांतीय अधिवेशन के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक श्री मनोज गोस्वामी और जिला अध्यक्ष नितेन्द्र गोस्वामी ने प्रांतीय अध्यक्ष की सहमति के बाद दतिया में होने वाले प्रांतीय अधिवेशन की रूपरेखा तय करने सहित संगठन हित के विभिन्न बिंदुओं पर पत्रकार साथियों के साथ विचार-विमर्श किया। निर्णय लिया गया कि प्रांतीय अधिवेशन अक्टूबर माह में दतिया में आयोजित किया जाएगा। बैठक में दतिया में पिछले दिनों कुछ वरिष्ठ पत्रकार साथियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार पर भी गंभीर चर्चा की गई। इस घटना के विरोध में पत्रकारों के हक और सम्मान के लिए सदैव तैयार रहने वाले, तथा पत्रकार हितों की मांगों को पूरी ताकत से पूरा करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित वरिष्ठ नेतृत्व, सम्माननीय प्रांतीय अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया 'दद्दाजी' के दिशा-निर्देश पर पुलिस अधीक्षक दतिया को एक ज्ञापन दिया गया था। बैठक में बताया गया कि इस ज्ञापन का भरपूर असर हुआ और सभी दोषियों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रांतीय संयोजक मनोज गोस्वामी ने बैठक को संबोधित करते हुए पत्रकारों पर हो रहे हमलों और सोशल मीडिया हमलों पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए संघ हमेशा संघर्षरत रहेगा। श्री गोस्वामी ने मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के हित में सदैव खड़े रहते हैं। उन्होंने शलभ भदौरिया की नेतृत्व क्षमता और पत्रकारों के प्रति समर्पण भावना को सराहनीय बताया, यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में संघ और भी मजबूत होगा तथा पत्रकारों के हित में प्रभावी रूप से काम करेगा क्योंकि उन्होंने पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और कई आंदोलन भी किए हैं। इस बैठक में जिलाध्यक्ष नितेन्द्र गोस्वामी, महासचिव अखिलेश दांतरे, कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र गोस्वामी, सचिव चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, आनंद बटौलिया, राममिलन यादव, राहुल शर्मा, दिनेश रजक, रोहित गुप्ता, सुरेन्द्र शर्मा, नोमेड्य उपाध्याय, धीरज कुचिया, भाण्डेर बिपुल शर्मा, अमित राजावत, राहुल त्रिपाठी, नरेश तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, रुपेश सैन, विकास सैन, अमर राव दिनकर, कमलेश साहू, मोहन स्वरुप श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र पण्डा, अशोक कुमार दुबे, शायर अली, सुरेश बघेल, रविदीप लिटौरिया, अनवर खान, पंकज मोर, दिनेश कुशवाह, सुनील सिंह, सनत प्रोहित, बसंत त्रिपाठी, दिनेश रजक, सफीक काजी, शैलेन्द्र सिंह सेंगर सहित कई पत्रकार साथी उपस्थित रहे।1
- महाकाल मंदिर में कलेक्टर श्रद्वालुओं के साथ कतार में खड़े होकर दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में की गई दर्शन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- इंदौर शहर की मानवता नगर और सर्वसंपन्न नगर कॉलोनी से जुड़े दस्तावेज़ और रिपोर्ट कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इनमेें स्वीकृत नक्शे और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर, प्लॉट नंबरों से संबंधित विवाद, और रहवासियों की चिंताओं जैसे मुख्य मुद्दे शामिल हैं। इन घटनाक्रमों के बीच, इंदौर शहर में भूमाफियाओं के कथित आतंक और नियम विरुद्ध भवन निर्माण की बात भी सामने आ रही है। विशेष रिपोर्टों और उपलब्ध दस्तावेज़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि स्वीकृत लेआउट बनाम वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है, जिससे विशेष रूप से प्लॉट 120 और 120A–D को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इस पूरी स्थिति ने रहवासियों के बीच गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं, और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह पूरी जानकारी उपलब्ध दस्तावेज़ों, शिकायतों और रिपोर्टों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि सामने आए तथ्यों को प्रस्तुत करना है।1
- शाजापुर के जिला अस्पताल के शौचालय में बुजुर्गों का शव मिला है। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1