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केसीजी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं का दो दिवसीय कामबंद आंदोलन, खैरागढ़ के रावण भाटा में धरना प्रदर्शन , 27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रांतीय आह्वान पर केसीजी जिले में 26 और 27 फरवरी को दो दिवसीय कामबंद आंदोलन किया गया। जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इतवारी बाजार स्थित रावण भाटा में धरना, रैली और प्रदर्शन कर केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। आंदोलन के चलते जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका रहा, जिससे सेवाएं प्रभावित रहीं। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संयुक्त मंच की जिला अध्यक्ष लता तिवारी, खैरागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रामकली यादव, छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष जयश्री गंधर्व, जिला उपाध्यक्ष बदरूँ निशा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के 50 वर्ष पूर्ण होने और देश में ‘अमृत काल’ मनाए जाने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वर्ष 2 हजार 18 के बाद से मानदेय में वृद्धि नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 4 हजार 5 सौ रुपये तथा सहायिकाओं को 22 सौ 50 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के बीच अपर्याप्त बताया गया। संयुक्त मंच ने आरोप लगाया कि वर्ष 2 हजार 26, 27 के केंद्रीय एवं राज्य बजट में शासकीयकरण, न्यूनतम वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। मंच के अनुसार देशभर की लगभग 28 लाख और छत्तीसगढ़ की करीब एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं इससे प्रभावित हैं। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शिक्षाकर्मी और पंचायत कर्मियों की तर्ज पर शासकीय कर्मचारी घोषित करने, शासकीयकरण तक कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपये और सहायिकाओं को 22 हजार 100 रुपये प्रतिमाह वेतन देने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये वेतन वृद्धि लागू करने, सेवानिवृत्ति पर मासिक पेंशन एवं एकमुश्त ग्रेच्युटी की व्यवस्था, समूह बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति तथा पर्याप्त सवैतनिक अवकाश की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मंच का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में अवकाश लेने पर मानदेय कटौती की जाती है, जिससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संयुक्त मंच ने चेतावनी दी है कि यदि 8 मार्च तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 9 मार्च को प्रदेशभर की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं राजधानी रायपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगी और आंदोलन को व्यापक रूप देंगी। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकारें महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं तो जमीनी स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी

5 hrs ago
user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
5 hrs ago

केसीजी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं का दो दिवसीय कामबंद आंदोलन, खैरागढ़ के रावण भाटा में धरना प्रदर्शन , 27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रांतीय आह्वान पर केसीजी जिले में 26 और 27 फरवरी को दो दिवसीय कामबंद आंदोलन किया गया। जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इतवारी बाजार स्थित रावण भाटा में धरना, रैली और प्रदर्शन कर केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। आंदोलन के चलते जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका रहा, जिससे सेवाएं प्रभावित रहीं। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संयुक्त मंच की जिला अध्यक्ष लता तिवारी, खैरागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रामकली यादव, छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष जयश्री गंधर्व, जिला उपाध्यक्ष बदरूँ निशा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के 50 वर्ष पूर्ण होने और देश में ‘अमृत काल’ मनाए जाने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वर्ष 2 हजार 18 के बाद से मानदेय में वृद्धि नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 4 हजार 5 सौ रुपये तथा सहायिकाओं को 22 सौ 50 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के बीच अपर्याप्त बताया गया। संयुक्त मंच ने आरोप लगाया कि वर्ष 2 हजार 26, 27 के केंद्रीय एवं राज्य बजट में शासकीयकरण, न्यूनतम वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। मंच के अनुसार देशभर की लगभग 28 लाख और छत्तीसगढ़ की करीब एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं इससे प्रभावित हैं। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शिक्षाकर्मी और पंचायत कर्मियों की तर्ज पर शासकीय कर्मचारी घोषित करने, शासकीयकरण तक कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपये और सहायिकाओं को 22 हजार 100 रुपये प्रतिमाह वेतन देने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये वेतन वृद्धि लागू करने, सेवानिवृत्ति पर मासिक पेंशन एवं एकमुश्त ग्रेच्युटी की व्यवस्था, समूह बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति तथा पर्याप्त सवैतनिक अवकाश की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मंच का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में अवकाश लेने पर मानदेय कटौती की जाती है, जिससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संयुक्त मंच ने चेतावनी दी है कि यदि 8 मार्च तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 9 मार्च को प्रदेशभर की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं राजधानी रायपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगी और आंदोलन को व्यापक रूप देंगी। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकारें महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं तो जमीनी स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी

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  • 27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आयश सिंह (बोनी) के प्रथम साल्हेवारा आगमन पर भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में स्वागत का माहौल रहा। कार्यक्रम में बालकृष्ण जंघेल (युवा मोर्चा अध्यक्ष, मां नर्मदा मंडल), भानु प्रताप साहू (अध्यक्ष गंडई मंडल), ऋषभ सिंह (महामंत्री मंडल, भाजपा खैरागढ़), अनीश दादू (मंडल अध्यक्ष भाजयुमो खैरागढ़), कमलेश साहू, पवन कुमार, वेदांश सिंह एवं मोनू बहादुर सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व युवा मोर्चा मंडल साल्हेवारा के अध्यक्ष चमन राज वर्मा ने किया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू, जिला भाजपा सह-कोषाध्यक्ष ललित सोनी, महामंत्री महेंद्र यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष पारस ठाकरे, महिला मोर्चा की सकून यादव, सुनीता साहू, तारा, सतीश वर्मा, उमेश मरकाम, शुभम पटेल, पवार मरावी (जनपद सदस्य प्रतिनिधि), ओमप्रकाश, करण पटेल, कुणाल मरकाम, विष्णु ठाकुर, दशरथ पटेल (सरपंच) सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर एवं जयघोष के साथ जिला अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में आयश सिंह (बोनी) ने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर क्षेत्र के विकास और संगठन विस्तार के लिए कार्य करने का आह्वान किया। युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष चमन राज वर्मा ने कहा कि युवा मोर्चा संगठन के मार्गदर्शन में क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते हुए पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। कार्यक्रम उत्साह, जोश और संगठनात्मक एकता के माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सहभागिता देखने को मिली।
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    27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आयश सिंह (बोनी) के प्रथम साल्हेवारा आगमन पर भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में स्वागत का माहौल रहा।
कार्यक्रम में बालकृष्ण जंघेल (युवा मोर्चा अध्यक्ष, मां नर्मदा मंडल), भानु प्रताप साहू (अध्यक्ष गंडई मंडल), ऋषभ सिंह (महामंत्री मंडल, भाजपा खैरागढ़), अनीश दादू (मंडल अध्यक्ष भाजयुमो खैरागढ़), कमलेश साहू, पवन कुमार, वेदांश सिंह एवं मोनू बहादुर सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व युवा मोर्चा मंडल साल्हेवारा के अध्यक्ष चमन राज वर्मा ने किया।
इस दौरान मंडल अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू, जिला भाजपा सह-कोषाध्यक्ष ललित सोनी, महामंत्री महेंद्र यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष पारस ठाकरे, महिला मोर्चा की सकून यादव, सुनीता साहू, तारा, सतीश वर्मा, उमेश मरकाम, शुभम पटेल, पवार मरावी (जनपद सदस्य प्रतिनिधि), ओमप्रकाश, करण पटेल, कुणाल मरकाम, विष्णु ठाकुर, दशरथ पटेल (सरपंच) सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर एवं जयघोष के साथ जिला अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में आयश सिंह (बोनी) ने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर क्षेत्र के विकास और संगठन विस्तार के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष चमन राज वर्मा ने कहा कि युवा मोर्चा संगठन के मार्गदर्शन में क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते हुए पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम उत्साह, जोश और संगठनात्मक एकता के माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सहभागिता देखने को मिली।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • धमधा एस डी एम कार्यालय में शांति सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न, होली को लेकर धमधा में कड़े इंतजाम, डीजे व इवेंट पर पूर्ण प्रतिबंध धमधा / होली पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए धमधा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एसडीएम कार्यालय में आयोजित शांति सुरक्षा समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और ग्रामीण,कोतवाल और सरपंचों ने भाग लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता धमधा एस डी एम सोनल डेविड ने की। इस दौरान चित्रा वर्मा (एसडीओपी), रामनारायण ध्रुव (थाना प्रभारी) और रचना अग्रवाल (बीएमओ) मौजूद रहीं। बैठक में होली के दौरान किसी भी प्रकार के डीजे और सार्वजनिक इवेंट को अनुमति नहीं दी जाएगी। हुड़दंग या अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पुरी कर ली है। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि त्योहार की आड़ में अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं एसडीओपी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद या हुड़दंग की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें। बैठक में पवन शर्मा जिला पंचायत उपाध्यक्ष दुर्ग ,नगर पंचायत धमधा पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता, पार्षद, पत्रकार, कोटवार, पंच एवं ग्रामीण सरपंच उपस्थित रहे और सभी ने प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया।
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    धमधा एस डी एम कार्यालय में शांति सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न, होली को लेकर धमधा में कड़े इंतजाम, डीजे व इवेंट पर पूर्ण प्रतिबंध
धमधा / होली पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए धमधा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एसडीएम कार्यालय में आयोजित शांति सुरक्षा समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और ग्रामीण,कोतवाल और सरपंचों ने भाग लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक की अध्यक्षता धमधा एस डी एम सोनल डेविड ने की। इस दौरान चित्रा वर्मा (एसडीओपी), रामनारायण ध्रुव (थाना प्रभारी) और रचना अग्रवाल (बीएमओ) मौजूद रहीं।
बैठक में होली के दौरान किसी भी प्रकार के डीजे और सार्वजनिक इवेंट को अनुमति नहीं दी जाएगी।
हुड़दंग या अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई गई।
वहीं स्वास्थ्य विभाग भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पुरी कर ली है।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि त्योहार की आड़ में अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं एसडीओपी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद या हुड़दंग की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
बैठक में पवन शर्मा  जिला पंचायत उपाध्यक्ष दुर्ग ,नगर पंचायत धमधा पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता, पार्षद, पत्रकार, कोटवार, पंच एवं ग्रामीण सरपंच उपस्थित रहे और सभी ने प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया।
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • दुर्ग शहर के तथाकथित समाजसेवी ताराचंद रमेश कुमार जैन के ऊपर कुछ स्थानीय नागरिकों ने सरकारी नाले की जमीन पर अवैध कब्जा एवं निर्माण का आरोप लगाया शिकायत प्रशासन से भी की गई लगातार 2 साल से हो रही शिकायत के बावजूद समय-समय पर मौका देख कर अवैध निर्माण निरंतर जारी एक बार फिर स्थानीय नागरिकों ने संपूर्ण दस्तावेजों सहित प्रशासन से शिकायत की देखना यह होगा की शिकायत पर निष्पक्ष जांच होती है या नहीं ?
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    दुर्ग शहर के तथाकथित समाजसेवी  ताराचंद रमेश कुमार जैन के ऊपर कुछ स्थानीय नागरिकों ने सरकारी नाले की जमीन पर अवैध कब्जा एवं निर्माण का आरोप लगाया शिकायत प्रशासन से भी की गई लगातार 2 साल से हो रही शिकायत के बावजूद समय-समय पर मौका देख कर अवैध निर्माण निरंतर जारी एक बार फिर स्थानीय नागरिकों ने संपूर्ण दस्तावेजों सहित प्रशासन से शिकायत की देखना यह होगा की शिकायत पर निष्पक्ष जांच होती है या नहीं ?
    user_Sharad pansari
    Sharad pansari
    Media house दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • नहर से सिंचाई के लिये परेशान हो रहे सिंगोला के किसान: स्थानीय से लेकर जिले तक नहीं हुई सुनवाई लांजी। क्षेत्र में नहरों के रोटेशन के बाद भी किसानों को रबी की फसल के लिये सिंचाई हेतु पानी का नहीं मिल पाना चिंताजनक है, ऐसा खुद सिंगोला के किसानों का कहना है, उनके हिसाब से रबी की फसल के लिये परेशानी बेशुमार है और उस पर भी स्थानीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर तक आवेदन दिये जा चुके है लेकिन आज भी स्थिति जस की तस ही बनी हुई है, किसानो की खार पड़े-पड़े पीली हुई जा रही है परन्तु इसकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं है, छोटे से लेकर बड़े किसान जब 26 फरवरी को ग्राम में ही रायशुमारी के लिये एकजुट हुये तो मिडिया से चर्चा के दौरान उन्होने बताया कि जिस प्रकार रोटेशन के समय भी टेल क्षेत्र तक पानी नहीं मिल रहा है तो ऐसे में उनके वोट और चुने हुये नेता आखिर कब उनके काम आयेंगे, बहरहाल कुछ किसानों ने तो यह तक कहा कि सिर्फ सड़के और पुल-पुलिया ही विकास का आधार है तो क्या किसानों को सिंचाई के लिये जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता नहीं और यह विकास का कैसा आधार है जिसमें किसान ही परेशान है। - यह है रोटेशन प्रणाली कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट के अंतर्गत संचालित बाघ दांयी तट नहर (अंतर्राज्जीय) परियोजना जो कि महाराष्ट्र एवं म.प्र. का संयुक्त उपक्रम है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत रबी सिंचाई हेतु कार्यक्रम का निर्धारण किया गया है। रोटेशन प्रणाली के अनुसार वर्ष 2025-26 हेतु रबी कार्यकम अंतर्गत निम्नानुसार वितरक नहर में पानी दिया जाना प्रस्तावित है। जो की निम्नानुसार है 1. कुलपा कारंजा वितरक नहर क. 0 से 290 तक, कारंजा माइनर चैन क. 0 से 90 तक, सबमाइनर नं. 1 चैन क. 0 से 20 तक, सबमाइनर नं. 2 चैन क. 0 से 25 तक, कारंजा माइनर नं. 4 चैन क. 0 से 25, परसोडी माइनर चैन क. 0 से 32 तक, 2. सिंगोला वितरक नहर, सिंगोला वितरक नहर चैन क. 0 से 260 तक तक पानी दिया जाएगा। - यह प्रतिबंध भी है लागू यह विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्षानुसार रबी सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता मध्यप्रदेश राज्य को आबंटित जल भण्डारण (जो कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित किया जाता है) उपलब्ध करवाया जाता है। जो इस वर्ष आज दिनांक तक अप्राप्त है जिससे रबी कार्यक्रम में भविष्य में संशोधन किया जा सकता है। मुख्य नहर में विद्युत पम्प की अनुमति का निर्णय मध्यप्रदेश को आंवटित जल के आधार पर किया जावेगा। नहर का संचालन महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित अनुसार ही किया जावेगा। मुख्य नहर में किसी प्रकार का अडावा/अवरोध लगाना प्रतिबंधित है अडावा लगाये जाने पर संबंधित कृषक पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। प्रस्तावित रबी सिंचाई क्षेत्र के कृषकों से अपील की जाती है कि मुख्य नहर, वितरक नहर एवं माइनर के कोलाबे के समीप ही रबी धान फसल लगावे जिससे कि सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके। - यह है कहना है किसानों का सिंगोला के किसानों का कहना है कि पहले हिना कावरे और रमेश भटेरे के समय में रबी फसल को लेकर इतनी परेशानी नहीं होती थी जो कि अब हो रही है, जहां लांजी-आमगांव मुख्य मार्ग केे एक तरफ तो नहर झाड़ियों और मिट्टी से सफाई के अभाव में नाली जैसी हो गई है तो वहीं दूसरी तरफ नहर के पानी को विभाग द्वारा ही रोक दिये जाने की जानकारी किसानों के द्वारा दी गई, उसके बाद कुछ किसानों के द्वारा निजी तौर पर नहर के अड़ावे के पहले पंप की सहायता से नालियों के जरिये पानी सप्लाई की जा रही है, जो नालियां किसानों ने खुद के पैसो से जेसीबी की मदद से बनाई है। - अनसुलझी है किसानो की समस्या बहरहाल कुल मिलाकर देखा जाये तो किसानों की समस्या विगत कई दिनों के संघर्ष के बाद भी जस की तस बनी हुई है, चंद किसानो को रबी फसल के लिये पानी उपलब्ध हो रहा है तो वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बात के लिये प्रयास कर रहे है, किसानों ने यहां तक कह दिया कि नेता अधिकारियों की भाषा बोल रहे है, जबकि पुराने नेता उनकी फसल की सिंचाई के लिये दौड़ तक लगा देते थे और उनको आज जो परेशानी हो रही है पहले के नेताओं के कार्यकाल में नहीं हुई, बहरहाल नियम कायदे जो भी हो किसान परेशान जरूर है और उनमें रबी फसल की सिंचाई हेतु आक्रोश भी देखा जा सकता है।
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    नहर से सिंचाई के लिये परेशान हो रहे सिंगोला के किसान: स्थानीय से लेकर जिले तक नहीं हुई सुनवाई
लांजी। क्षेत्र में नहरों के रोटेशन के बाद भी किसानों को रबी की फसल के लिये सिंचाई हेतु पानी का नहीं मिल पाना चिंताजनक है, ऐसा खुद सिंगोला के किसानों का कहना है, उनके हिसाब से रबी की फसल के लिये परेशानी बेशुमार है और उस पर भी स्थानीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर तक आवेदन दिये जा चुके है लेकिन आज भी स्थिति जस की तस ही बनी हुई है, किसानो की खार पड़े-पड़े पीली हुई जा रही है परन्तु इसकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं है, छोटे से लेकर बड़े किसान जब 26 फरवरी को ग्राम में ही रायशुमारी के लिये एकजुट हुये तो मिडिया से चर्चा के दौरान उन्होने बताया कि जिस प्रकार रोटेशन के समय भी टेल क्षेत्र तक पानी नहीं मिल रहा है तो ऐसे में उनके वोट और चुने हुये नेता आखिर कब उनके काम आयेंगे, बहरहाल कुछ किसानों ने तो यह तक कहा कि सिर्फ सड़के और पुल-पुलिया ही विकास का आधार है तो क्या किसानों को सिंचाई के लिये जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता नहीं और यह विकास का कैसा आधार है जिसमें किसान ही परेशान है।
- यह है रोटेशन प्रणाली
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट के अंतर्गत संचालित बाघ दांयी तट नहर (अंतर्राज्जीय) परियोजना जो कि महाराष्ट्र एवं म.प्र. का संयुक्त उपक्रम है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत रबी सिंचाई हेतु कार्यक्रम का निर्धारण किया गया है। रोटेशन प्रणाली के अनुसार वर्ष 2025-26 हेतु रबी कार्यकम अंतर्गत निम्नानुसार वितरक नहर में पानी दिया जाना प्रस्तावित है। जो की निम्नानुसार है 1. कुलपा कारंजा वितरक नहर क. 0 से 290 तक, कारंजा माइनर चैन क. 0 से 90 तक, सबमाइनर नं. 1 चैन क. 0 से 20 तक, सबमाइनर नं. 2 चैन क. 0 से 25 तक, कारंजा माइनर नं. 4 चैन क. 0 से 25, परसोडी माइनर चैन क. 0 से 32 तक, 2.  सिंगोला वितरक नहर, सिंगोला वितरक नहर चैन क. 0 से 260 तक तक पानी दिया जाएगा।
- यह प्रतिबंध भी है लागू
यह विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्षानुसार रबी सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता मध्यप्रदेश राज्य को आबंटित जल भण्डारण (जो कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित किया जाता है) उपलब्ध करवाया जाता है। जो इस वर्ष आज दिनांक तक अप्राप्त है जिससे रबी कार्यक्रम में भविष्य में संशोधन किया जा सकता है। मुख्य नहर में विद्युत पम्प की अनुमति का निर्णय मध्यप्रदेश को आंवटित जल के आधार पर किया जावेगा। नहर का संचालन महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित अनुसार ही किया जावेगा। मुख्य नहर में किसी प्रकार का अडावा/अवरोध लगाना प्रतिबंधित है अडावा लगाये जाने पर संबंधित कृषक पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। प्रस्तावित रबी सिंचाई क्षेत्र के कृषकों से अपील की जाती है कि मुख्य नहर, वितरक नहर एवं माइनर के कोलाबे के समीप ही रबी धान फसल लगावे जिससे कि सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके।
- यह है कहना है किसानों का
सिंगोला के किसानों का कहना है कि पहले हिना कावरे और रमेश भटेरे के समय में रबी फसल को लेकर इतनी परेशानी नहीं होती थी जो कि अब हो रही है, जहां लांजी-आमगांव मुख्य मार्ग केे एक तरफ तो नहर झाड़ियों और मिट्टी से सफाई के अभाव में नाली जैसी हो गई है तो वहीं दूसरी तरफ नहर के पानी को विभाग द्वारा ही रोक दिये जाने की जानकारी किसानों के द्वारा दी गई, उसके बाद कुछ किसानों के द्वारा निजी तौर पर नहर के अड़ावे के पहले पंप की सहायता से नालियों के जरिये पानी सप्लाई की जा रही है, जो नालियां किसानों ने खुद के पैसो से जेसीबी की मदद से बनाई है।
-  अनसुलझी है किसानो की समस्या
बहरहाल कुल मिलाकर देखा जाये तो किसानों की समस्या विगत कई दिनों के संघर्ष के बाद भी जस की तस बनी हुई है, चंद किसानो को रबी फसल के लिये पानी उपलब्ध हो रहा है तो वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बात के लिये प्रयास कर रहे है, किसानों ने यहां तक कह दिया कि नेता अधिकारियों की भाषा बोल रहे है, जबकि पुराने नेता उनकी फसल की सिंचाई के लिये दौड़ तक लगा देते थे और उनको आज जो परेशानी हो रही है पहले के नेताओं के कार्यकाल में नहीं हुई, बहरहाल नियम कायदे जो भी हो किसान परेशान जरूर है और उनमें रबी फसल की सिंचाई हेतु आक्रोश भी देखा जा सकता है।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • देखिये हुआ एक बार फिर से बवाल मच गया ह्ड़कंप दुर्ग मे धर्म को लेकर फिर हुआ दो पक्छ मे हुड़दंग....
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    देखिये हुआ एक बार फिर से बवाल मच गया ह्ड़कंप दुर्ग मे धर्म को लेकर फिर हुआ दो पक्छ मे हुड़दंग....
    user_Dainik News🏪 Pradeep Singh
    Dainik News🏪 Pradeep Singh
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • #nowshowing #rajtalkiesraipur #bookmyshow
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    #nowshowing #rajtalkiesraipur #bookmyshow
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema रायपुर, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • Post by Rajend kushram
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    Post by Rajend kushram
    user_Rajend kushram
    Rajend kushram
    कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • , 27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रांतीय आह्वान पर केसीजी जिले में 26 और 27 फरवरी को दो दिवसीय कामबंद आंदोलन किया गया। जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इतवारी बाजार स्थित रावण भाटा में धरना, रैली और प्रदर्शन कर केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। आंदोलन के चलते जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका रहा, जिससे सेवाएं प्रभावित रहीं। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संयुक्त मंच की जिला अध्यक्ष लता तिवारी, खैरागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रामकली यादव, छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष जयश्री गंधर्व, जिला उपाध्यक्ष बदरूँ निशा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के 50 वर्ष पूर्ण होने और देश में ‘अमृत काल’ मनाए जाने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वर्ष 2 हजार 18 के बाद से मानदेय में वृद्धि नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 4 हजार 5 सौ रुपये तथा सहायिकाओं को 22 सौ 50 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के बीच अपर्याप्त बताया गया। संयुक्त मंच ने आरोप लगाया कि वर्ष 2 हजार 26, 27 के केंद्रीय एवं राज्य बजट में शासकीयकरण, न्यूनतम वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। मंच के अनुसार देशभर की लगभग 28 लाख और छत्तीसगढ़ की करीब एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं इससे प्रभावित हैं। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शिक्षाकर्मी और पंचायत कर्मियों की तर्ज पर शासकीय कर्मचारी घोषित करने, शासकीयकरण तक कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपये और सहायिकाओं को 22 हजार 100 रुपये प्रतिमाह वेतन देने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये वेतन वृद्धि लागू करने, सेवानिवृत्ति पर मासिक पेंशन एवं एकमुश्त ग्रेच्युटी की व्यवस्था, समूह बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति तथा पर्याप्त सवैतनिक अवकाश की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मंच का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में अवकाश लेने पर मानदेय कटौती की जाती है, जिससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संयुक्त मंच ने चेतावनी दी है कि यदि 8 मार्च तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 9 मार्च को प्रदेशभर की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं राजधानी रायपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगी और आंदोलन को व्यापक रूप देंगी। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकारें महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं तो जमीनी स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी
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27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार 
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रांतीय आह्वान पर केसीजी जिले में 26 और 27 फरवरी को दो दिवसीय कामबंद आंदोलन किया गया। जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इतवारी बाजार स्थित रावण भाटा में धरना, रैली और प्रदर्शन कर केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। आंदोलन के चलते जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका रहा, जिससे सेवाएं प्रभावित रहीं।
आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त मंच की जिला अध्यक्ष लता तिवारी, खैरागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रामकली यादव, छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष जयश्री गंधर्व, जिला उपाध्यक्ष बदरूँ निशा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के 50 वर्ष पूर्ण होने और देश में ‘अमृत काल’ मनाए जाने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वर्ष 2 हजार 18 के बाद से मानदेय में वृद्धि नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 4 हजार 5 सौ रुपये तथा सहायिकाओं को 22 सौ 50 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के बीच अपर्याप्त बताया गया।
संयुक्त मंच ने आरोप लगाया कि वर्ष 2 हजार 26, 27 के केंद्रीय एवं राज्य बजट में शासकीयकरण, न्यूनतम वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। मंच के अनुसार देशभर की लगभग 28 लाख और छत्तीसगढ़ की करीब एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं इससे प्रभावित हैं।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शिक्षाकर्मी और पंचायत कर्मियों की तर्ज पर शासकीय कर्मचारी घोषित करने, शासकीयकरण तक कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपये और सहायिकाओं को 22 हजार 100 रुपये प्रतिमाह वेतन देने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये वेतन वृद्धि लागू करने, सेवानिवृत्ति पर मासिक पेंशन एवं एकमुश्त ग्रेच्युटी की व्यवस्था, समूह बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति तथा पर्याप्त सवैतनिक अवकाश की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मंच का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में अवकाश लेने पर मानदेय कटौती की जाती है, जिससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संयुक्त मंच ने चेतावनी दी है कि यदि 8 मार्च  तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 9 मार्च को प्रदेशभर की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं राजधानी रायपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगी और आंदोलन को व्यापक रूप देंगी। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकारें महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं तो जमीनी स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
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