कोटा। शहर के कोटा हार्ट हॉस्पिटल में दो माह के एक शिशु को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ के चलते मां योजना के अंतर्गत भर्ती किया गया। परिजनों के अनुसार बच्चे को लगातार सांस फूलने की समस्या हो रही थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। अस्पताल में एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें बच्चे का दायां फेफड़ा पूर्ण रूप से सिकुड़ा हुआ पाया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों की टीम ने शिशु को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा और गहन निगरानी में उपचार शुरू किया। लगातार तीन दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा। इसके बाद उसे नेजल एच.एफ.ओ. (हाई फ्लो ऑक्सीजन) सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया। कुल 10 दिन तक शिशु को एनआईसीयू में भर्ती रखा गया, जिसमें 5 दिन वेंटिलेटर पर तथा 5 दिन बिना वेंटिलेटर के निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों के समुचित उपचार और देखरेख से बच्चे के फेफड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वर्तमान में बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दिए हुए 10 दिन हो चुके हैं और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। डॉक्टरों के अनुसार अब उसके दोनों फेफड़े सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मां योजना के अंतर्गत जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर स्थिति में कोटा। शहर के कोटा हार्ट हॉस्पिटल में दो माह के एक शिशु को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ के चलते मां योजना के अंतर्गत भर्ती किया गया। परिजनों के अनुसार बच्चे को लगातार सांस फूलने की समस्या हो रही थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। अस्पताल में एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें बच्चे का दायां फेफड़ा पूर्ण रूप से सिकुड़ा हुआ पाया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों की टीम ने शिशु को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा और गहन निगरानी में उपचार शुरू किया। लगातार तीन दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा। इसके बाद उसे नेजल एच.एफ.ओ. (हाई फ्लो ऑक्सीजन) सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया। कुल 10 दिन तक शिशु को एनआईसीयू में भर्ती रखा गया, जिसमें 5 दिन वेंटिलेटर पर तथा 5 दिन बिना वेंटिलेटर के निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों के समुचित उपचार और देखरेख से बच्चे के फेफड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वर्तमान में बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दिए हुए 10 दिन हो चुके हैं और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। डॉक्टरों के अनुसार अब उसके दोनों फेफड़े सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मां योजना के अंतर्गत जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर स्थिति में भी बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।
कोटा। शहर के कोटा हार्ट हॉस्पिटल में दो माह के एक शिशु को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ के चलते मां योजना के अंतर्गत भर्ती किया गया। परिजनों के अनुसार बच्चे को लगातार सांस फूलने की समस्या हो रही थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। अस्पताल में एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें बच्चे का दायां फेफड़ा पूर्ण रूप से सिकुड़ा हुआ पाया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों की टीम ने शिशु को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा और गहन निगरानी में उपचार शुरू किया। लगातार तीन दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा। इसके बाद उसे नेजल एच.एफ.ओ. (हाई फ्लो ऑक्सीजन) सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया। कुल 10 दिन तक शिशु को एनआईसीयू में भर्ती रखा गया, जिसमें 5 दिन वेंटिलेटर पर तथा 5 दिन बिना वेंटिलेटर के निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों के समुचित उपचार और देखरेख से बच्चे के फेफड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वर्तमान में बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दिए हुए 10 दिन हो चुके हैं और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। डॉक्टरों के अनुसार अब उसके दोनों फेफड़े सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मां योजना के अंतर्गत जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर स्थिति में कोटा। शहर के कोटा हार्ट हॉस्पिटल में दो माह के एक शिशु को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ के चलते मां योजना के अंतर्गत भर्ती किया गया। परिजनों के अनुसार बच्चे को लगातार सांस फूलने की समस्या हो रही थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। अस्पताल में एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें बच्चे का दायां फेफड़ा पूर्ण रूप से सिकुड़ा हुआ पाया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों की टीम ने शिशु को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा और गहन निगरानी में उपचार शुरू किया। लगातार तीन दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा। इसके बाद उसे नेजल एच.एफ.ओ. (हाई फ्लो ऑक्सीजन) सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया। कुल 10 दिन तक शिशु को एनआईसीयू में भर्ती रखा गया, जिसमें 5 दिन वेंटिलेटर पर तथा 5 दिन बिना वेंटिलेटर के निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों के समुचित उपचार और देखरेख से बच्चे के फेफड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वर्तमान में बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दिए हुए 10 दिन हो चुके हैं और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। डॉक्टरों के अनुसार अब उसके दोनों फेफड़े सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मां योजना के अंतर्गत जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर स्थिति में भी बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।
- Post by Kavita Jangid1
- कोटा ग्रामीण पुलिस द्वारा जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन रूट क्लियरेंस के तहत मोडक थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ की तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 304 किलो 530 ग्राम डोडा चूरा बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 46 लाख रुपए बताई जा रही है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे जारी प्रेस नोट में कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मोडक थाना पुलिस ने कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे स्थित हिरियाखेड़ी पुलिया के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सड़क किनारे दो संदिग्ध कारें खड़ी हैं और कुछ लोग घबराहट में वाहन के पास खड़े हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को घेर लिया। तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो कार से 17 कट्टों में भरा 304 किलो 530 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो और एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा कार को भी जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखर उर्फ सागर (27), संदीप गोदारा (19) और रामनिवास (35) के रूप में हुई है, जो जोधपुर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले 10 दिनों में तस्करों के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।1
- निजी ट्रेवल्स की हड़ताल से बस हुए झालावाड़ जिले के यात्री बड़ी संख्या में संचालन होता हे बसों का।1
- कोटा ग्रामीण पुलिस द्वारा जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन रूट क्लियरेंस के तहत मोडक थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ की तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 304 किलो 530 ग्राम डोडा चूरा बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 46 लाख रुपए बताई जा रही है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे जारी प्रेस नोट में कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मोडक थाना पुलिस ने कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे स्थित हिरियाखेड़ी पुलिया के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सड़क किनारे दो संदिग्ध कारें खड़ी हैं और कुछ लोग घबराहट में वाहन के पास खड़े हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को घेर लिया। तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो कार से 17 कट्टों में भरा 304 किलो 530 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो और एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा कार को भी जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखर उर्फ सागर (27), संदीप गोदारा (19) और रामनिवास (35) के रूप में हुई है, जो जोधपुर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले 10 दिनों में तस्करों के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।2
- हरनावदाशाहजी. सारथल कस्बे में स्थित आदिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर की सातवीं वर्षगांठ पर ध्वजारोहण महोत्सव विधिवत पूजा अर्चना के साथ आयोजित हुआ जिसमें दूर दराज क्षेत्र से जैन परिवार शामिल हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह जैन साध्वी कल्पद्रुमा महाराज साहब के मार्गदर्शन में सत्तरभेदी पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान विधिकारक राजेश भाई के नेतृत्व में विधिवत पूजन हुआ। उसके बाद गाजे बाजे से नगर में वरघोड़ा निकाला। बाद में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में कस्बे के अलावा छबडा, छीपाबड़ौद , हरनावदाशाहजी,अकलेरा,तारज, सारोला, ल्हास,आगर,बोलिया,बणी,जंग समेत मध्यप्रदेश से बडी संख्या में जैन परिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयोजन के लाभार्थियों का बहुमान किया।1
- कोटा। फागुन माह के पावन अवसर पर बाबा श्याम ग्यारस के शुभ पर्व पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान खाटू श्याम के मंदिर से भव्य निशान यात्रा का शुभारंभ श्रद्धालुओं के जयकारों और श्याम नाम की गूंज के साथ किया गया। निशान यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु हाथों में निशान ध्वज लेकर भक्ति भाव से झूमते नजर आए। यात्रा विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई शहर में आध्यात्मिक माहौल का निर्माण करती हुई गीता भवन पहुंचकर सम्पन्न होगी, जहां बाबा की भव्य आरती के साथ यात्रा का समापन किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने बताया कि फागुन माह में बाबा श्याम की आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। कार्यक्रम के तहत आज शाम 8:00 बजे के बाद बाबा श्याम के परम भक्तों द्वारा भव्य श्याम जागरण का आयोजन किया जाएगा। जागरण में देश-प्रदेश से आए भजन कलाकार बाबा के मधुर भजनों के माध्यम से पूरी रात श्याम नाम का गुणगान करेंगे। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें जलपान, प्रसाद वितरण और सुरक्षा प्रबंध शामिल हैं। फागुन के इस पावन पर्व पर कोटा शहर श्याम रंग में रंगा नजर आ रहा है और हर ओर “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारे गूंज रहे हैं।1
- कोटा के इन्द्र विहार इलाके में सात फरवरी की रात को तीन मंजिला बिल्डिंग ढ़हने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं गंभीर घायल अस्पताल में अब भी भर्ती है जिनका इलाज चल रहा है। हादसा मुरादाबादी रेस्टोरेंट में चल रहे काम की वजह से हुआ था। पुलिस ने मुरादाबादी रेस्टोरेंट के संचालक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।1
- रामगंजमंडी के सहरावदा ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर की गई। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ढाबादेह–सहरावदा मार्ग पर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य केंद्र के सामने करीब 20 वर्षों से अतिक्रमण किया हुआ था। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विवाद की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।1