दौसा के बसवा उपखंड अंतर्गत कोलाना पशु स्वास्थ्य केंद्र का भवन सरकारी निर्माण कार्यों की पोल खोल रहा है। करीब 12 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2019 में बना यह सरकारी भवन महज पांच साल में ही पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इमारत की छत से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है, सरिये बाहर दिखाई देने लगे हैं और दीवारों में आर-पार दिखने वाली बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे यहाँ कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के समय ही घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें की गई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद लीं और भुगतान कर दिया। इस भ्रष्टाचार का खामियाजा अब पशुपालकों और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। परिसर में बना पानी का टैंक भी पूरी तरह लीक है, जिससे पानी एक-दो दिन में ही बिना उपयोग के खाली हो जाता है और कर्मचारियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। शिलालेख के अनुसार, 10 मार्च 2019 को शुरू होकर 9 जनवरी 2020 को पूरा हुए इस निर्माण कार्य के लिए ₹10.89 लाख का कार्यादेश जारी हुआ था। सबसे गंभीर बात यह है कि जिस ठेकेदार ने कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर यह घटिया पशु चिकित्सालय भवन बनाया, उसी को विभाग ने दोबारा यहीं पर आयुर्वेद अस्पताल के भवन का भी टेंडर दे दिया। यह नया भवन भी बनकर तैयार है, लेकिन निर्माण के समय इसका भी कोई निरीक्षण नहीं किया गया। अब जनता सवाल उठा रही है कि 12 लाख निगलने वाले इस सिस्टम में ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर हमेशा की तरह पूरा मामला फाइलों में ही दफन कर दिया जाएगा।
दौसा के बसवा उपखंड अंतर्गत कोलाना पशु स्वास्थ्य केंद्र का भवन सरकारी निर्माण कार्यों की पोल खोल रहा है। करीब 12 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2019 में बना यह सरकारी भवन महज पांच साल में ही पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इमारत की छत से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है, सरिये बाहर दिखाई देने लगे हैं और दीवारों में आर-पार दिखने वाली बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे यहाँ कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के समय ही
घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें की गई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद लीं और भुगतान कर दिया। इस भ्रष्टाचार का खामियाजा अब पशुपालकों और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। परिसर में बना पानी का टैंक भी पूरी तरह लीक है, जिससे पानी एक-दो दिन में ही बिना उपयोग के खाली हो जाता है और कर्मचारियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। शिलालेख के अनुसार, 10 मार्च 2019 को शुरू होकर 9 जनवरी 2020 को पूरा हुए इस निर्माण कार्य के लिए ₹10.89 लाख का
कार्यादेश जारी हुआ था। सबसे गंभीर बात यह है कि जिस ठेकेदार ने कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर यह घटिया पशु चिकित्सालय भवन बनाया, उसी को विभाग ने दोबारा यहीं पर आयुर्वेद अस्पताल के भवन का भी टेंडर दे दिया। यह नया भवन भी बनकर तैयार है, लेकिन निर्माण के समय इसका भी कोई निरीक्षण नहीं किया गया। अब जनता सवाल उठा रही है कि 12 लाख निगलने वाले इस सिस्टम में ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर हमेशा की तरह पूरा मामला फाइलों में ही दफन कर दिया जाएगा।
- राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ में श्री जगन्नाथ जी मेले के पावन अवसर पर एक भव्य 'लोक संगीत संध्या' का आयोजन किया गया। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर के तत्वावधान में पंचायती पुस्तकालय, कला संगम एवं नगर पालिका राजगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और ख्यातिप्राप्त लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध रखा और समृद्ध लोक संस्कृति की अनूठी छटा बिखेरी। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीवाईएसपी देशराज कुलदीप, कार्यक्रम अध्यक्ष महंत प्रकाशदास जी महाराज तथा संस्था अध्यक्ष एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद जोधपुर के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुरमनाथ और उनकी टीम ने भावपूर्ण गणेश वंदना से संध्या की शुरुआत की। अजमेर से आईं लोक कलाकार राधा ने भवाई, घूमर और चरी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही लूटी, जबकि सुरमनाथ ने लोक गायन और कालबेलिया नृत्य से समां बांध दिया। वहीं, अलवर के प्रसिद्ध भपंग वादक महमूद खां और यूसुफ ने अपनी विश्वप्रसिद्ध जुगलबंदी से पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजा दिया। कार्यक्रम के स्वागत संबोधन में एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा ने पंचायती पुस्तकालय सभागार को भविष्य में सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस दौरान सभी अतिथियों और कलाकारों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। खेम सिंह आर्य और अशोक पालीवाल द्वारा प्रभावी रूप से संचालित इस कार्यक्रम में कला संगम अध्यक्ष दीनदयाल बंसल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। दर्शकों से खचाखच भरा यह सभागार राजगढ़ में लोक कला और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक यादगार आयोजन साबित हुआ।2
- Post by शालिम खान1
- जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में कानोता के हीरावाला गांव स्थित ग्रीन सिटी कॉलोनी की सड़क सालों से इसी तरह बदहाल पड़ी हुई है। इतने सालों बाद भी इस मार्ग की कोई सुध नहीं ली गई है और यह जस की तस पड़ी है। अब लोग निराश होकर यही सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस सड़क की हालत कब तक सुधरेगी।1
- करौली जिले के खेड़ा जमालपुर अंतर्गत शक्ति केंद्र कांचरोली में रविवार को भाजपा शक्ति केंद्र की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता शक्ति केंद्र संयोजक मनोज तिवारी ने की। बैठक में मुख्य वक्ता रमेश पाठक ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति से अवगत कराया। इस दौरान संगठन की मजबूती और बूथ समितियों के सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के सहवक्ता मंडल महामंत्री विकास व्यास और कोषाध्यक्ष राजवीर गुर्जर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय डिजिटल प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल शिक्षक मंच की जानकारी देते हुए बताया कि सरल अनुप्रयोग के माध्यम से बूथ अध्यक्षों और समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण कराया गया है। इस मंच के जरिए कार्यकर्ता घर बैठे ही पार्टी का इतिहास, संगठन, प्रशिक्षण, विचार और नीतियां आसानी से समझ सकेंगे। बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा नियमित संपर्क और संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही, बैठक में 'मन की बात' को लेकर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर बूथ अध्यक्ष पृथ्वी सिंह नाटाणी, बूथ अध्यक्ष हिमांशु तिवारी, बूथ अध्यक्ष अतर सिंह बेनीवाल, मंडल मंत्री शोभा तिवारी और साहब सिंह बेनीवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा में पूर्व मंत्री जगमाल सिंह यादव के बेटे चंद्रशेखर यादव ने भाजपा से इस्तीफा देकर आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया है। चंद्रशेखर यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा और स्थानीय विधायक बाबा बालकनाथ को आड़े हाथ लिया और क्षेत्र की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने भाजपा पर अलवर तिजारा में बाहरी लोगों को बढ़ावा देने, भ्रष्टाचार फैलाने, बेरोजगारी और क्षेत्र की ढहती हुई कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। यादव ने कहा कि विधायक जनता से पूरी तरह कटे हुए हैं और उन्होंने दलालों की फौज तैयार कर ली है। दलितों पर पुलिस अत्याचार का मुद्दा उठाने के साथ ही चंद्रशेखर यादव ने विधायक बाबा बालक नाथ के तीन रिश्तेदारों के नाम लेकर उन पर तिजारा में सीधे तौर पर दलाली करने का आरोप लगाया है।1
- दौसा जिले के लालसोट थाना परिसर में रविवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद सीपा की अध्यक्षता में सीएलजी सदस्यों और शहर रक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, यातायात व्यवस्था में सुधार करने, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने, साइबर अपराधों पर लगाम लगाने, नशामुक्ति और पुलिस-जन सहयोग बढ़ाने को लेकर गंभीर चर्चा की गई। बैठक के दौरान उपस्थित सीएलजी सदस्यों ने क्षेत्र की कई स्थानीय समस्याओं को पुलिस प्रशासन के सामने रखा। सदस्यों ने मुख्य बस स्टैंड पर आए दिन लगने वाले जाम, देर रात तक होने वाली अवैध शराब की बिक्री, मेड़ा भेरूजी क्षेत्र में चल रही संदिग्ध व अवैध गतिविधियों, सीसीटीवी कैमरे लगवाने की जरूरत, किरायेदारों के सत्यापन, ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन, रोड लाइट दुरुस्त करने और जमात चौराहे पर होने वाली भीड़ जैसी प्रमुख समस्याएं उठाईं। इन सभी सुझावों और समस्याओं को सुनने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद सीपा ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपने आस-पास होने वाले किसी भी अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देकर सहयोग करें।2
- जयपुर के बस्सी क्षेत्र में बांसखोह कस्बा स्थित बांसखोह फाटक पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहाँ जयपुर से दौसा की तरफ आ रहे एक ऑटो रिक्शा को बचाने के प्रयास में रोडवेज बस के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। बस के ब्रेक लगाते ही पीछे से आ रहे एक ट्रेलर ने भी ब्रेक लगाए, लेकिन वह सीधे बस के पिछले हिस्से से जा टकराया। दुर्घटना के दौरान ट्रेलर चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने वाहन को वहां खड़े एक डंपर से टकरा दिया, जिससे ये तीनों वाहन आपस में भिड़ गए। शाम करीब 5 बजे हुई इस दुर्घटना में गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और रोडवेज बस में सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जिसमें बांसखोह चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार और सीताराम शामिल थे। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया और टोल प्लाजा की क्रेन को बुलाकर ट्रेलर को रास्ते से हटवाया। इसके बाद रोडवेज बस भी मौके से सुरक्षित रवाना हो गई।1