*एटा में तिरपाल पर बिछा लाखों के जुआ का महासंग्राम वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️* एटा, उत्तर प्रदेश-जनपद एटा में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासनिक सतर्कता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दर्जनों लोग खुलेआम बड़े तिरपालों पर बैठकर जुआ खेलते नजर आ रहे हैं—पत्तों की गड्डियाँ बंट रही हैं, दाँव लगाए जा रहे हैं और खुलेआम नोटों की गिनती हो रही है। दृश्य यह संकेत देता है कि यह कोई छोटा-मोटा गुपचुप खेल नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर संचालित एक संगठित जुआ अड्डा हो सकता है। वीडियो में शामिल लोगों के हाव-भाव से स्पष्ट है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही का भय नजर नहीं आ रहा। *संरक्षण की आशंका?* सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे पोस्टों में यह दावा भी किया जा रहा है कि इस गतिविधि को कथित तौर पर प्रभावशाली संरक्षण प्राप्त है। हालांकि संबंधित थाना क्षेत्र का नाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग खुलकर बयान देने से बच रहे हैं। *प्रशासनिक निगरानी पर सवाल* यदि यह वीडियो हालिया और वास्तविक है, तो यह स्थानीय निगरानी तंत्र की कमजोरी या लापरवाही को उजागर करता है। खुले स्थान पर इस प्रकार की अवैध गतिविधि का संचालन प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। *अहम सवाल* क्या जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू करेगा? क्या संबंधित क्षेत्र की पहचान कर दोषियों पर कार्यवाही होगी? क्या संरक्षण की आशंका की निष्पक्ष जांच पड़ताल की जाएगी? *कार्यवाही की मांग* जनता की नजरें अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाकर कार्यवाही पर टिकी हैं। उत्तर प्रदेश के इस जनपद में कानून का शासन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अपेक्षा की जा रही है कि वायरल वीडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएँ। कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चुनौती का सामना किस प्रकार करता है। *एटा पुलिस और DM साहब—अब तो वीडियो आपके सामने है। कार्यवाही करिए, या फिर यह भी कह दीजिएगा कि "यह तो पुराना खेल है, चलने दीजिए"।*
*एटा में तिरपाल पर बिछा लाखों के जुआ का महासंग्राम वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️* एटा, उत्तर प्रदेश-जनपद एटा में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासनिक सतर्कता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दर्जनों लोग खुलेआम बड़े तिरपालों पर बैठकर जुआ खेलते नजर आ रहे हैं—पत्तों की गड्डियाँ बंट रही हैं, दाँव लगाए जा रहे हैं और खुलेआम नोटों की गिनती हो रही है। दृश्य यह संकेत देता है कि यह कोई छोटा-मोटा गुपचुप खेल नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर संचालित एक संगठित जुआ अड्डा हो सकता है। वीडियो में शामिल लोगों के हाव-भाव से स्पष्ट है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही का भय नजर नहीं आ रहा। *संरक्षण की आशंका?* सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे पोस्टों में यह दावा भी किया जा रहा है कि इस गतिविधि को कथित तौर पर प्रभावशाली संरक्षण प्राप्त है। हालांकि संबंधित थाना क्षेत्र का नाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग खुलकर बयान देने से बच रहे हैं। *प्रशासनिक निगरानी पर सवाल* यदि यह वीडियो हालिया और वास्तविक है, तो यह स्थानीय निगरानी तंत्र की कमजोरी या लापरवाही को उजागर करता है। खुले स्थान पर इस प्रकार की अवैध गतिविधि का संचालन प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। *अहम सवाल* क्या जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू करेगा? क्या संबंधित क्षेत्र की पहचान कर दोषियों पर कार्यवाही होगी? क्या संरक्षण की आशंका की निष्पक्ष जांच पड़ताल की जाएगी? *कार्यवाही की मांग* जनता की नजरें अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाकर कार्यवाही पर टिकी हैं। उत्तर प्रदेश के इस जनपद में कानून का शासन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अपेक्षा की जा रही है कि वायरल वीडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएँ। कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चुनौती का सामना किस प्रकार करता है। *एटा पुलिस और DM साहब—अब तो वीडियो आपके सामने है। कार्यवाही करिए, या फिर यह भी कह दीजिएगा कि "यह तो पुराना खेल है, चलने दीजिए"।*
- Post by Hari Singh Goutam1
- यह दो लड़के गांव लडावली के रहने वाले हैं कौन में लड़ाई कुछ बात के पीछे हुई है1
- हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र में पंत चौराहे के पास तेज रफ्तार डंपर ने एक युवक की जान ले ली। नगला शीशगढ़ निवासी 38 वर्षीय मनीष पुत्र राजकुमार की हादसे में मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मनीष साइन आनंद बल्लभ स्कूल के सामने सड़क पार कर रहा था। तभी अलीगढ़ की ओर से आ रहे डंपर ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर का पिछला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जीटी रोड निर्माण के चलते क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी हुई है। लगातार हो रहे हादसों के बीच डंपरों की ओवरस्पीडिंग पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
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- सिकंदराराऊ में शुक्रवार दोपहर जीटी रोड स्थित ईदगाह मोड़ पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अज्ञात मैक्स वाहन ने बाइक सवार गौरव को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस पहुंची, सीएचसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।1
- हाथरस। वाटर वर्क्स कॉलोनी से एक सूअर को कर जबरन गाड़ी में डालकर ले गई वीडियो आया सामने।1
- गला तब तक दबाओं,जबतक मर न जाएं लखनऊ विकास नगर सेक्टर 14 महिला उपभोक्ता द्वारा विद्युत उपकेंद्र विकास नगर लेसा पर विद्युत संबंधित सूचना दी गई, इस दौरान कर्मचारी ने उपभोक्ता का जमा बिल राशि विवरण और बिजली अकाउंट नंबर जानने की कोशिश की। इसपर उपभोक्ता द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई और फोन काट दिया गया। तत्पश्चात यहीं उपभोक्ता एक अन्य व्यक्ति के साथ उपकेंद्र में आकर कार्य कर रहे उपकेंद्र परिचालक अनूप कुमार से गाली गलौज करने लगे और उसे जान से मारने की धमकी देने लगी, सरकारी दस्तावेज जो उपकेंद्र में रखे थे उन्हें फाड़ने और आग लगाने की धमकी दी गई. महिला उपभोक्ता द्वारा अपने साथी से कहां इसका (कर्मचारी) गला तब तक दबाएं रखो जब तक यह मर न जाएं, बताइए किसी से बिजली बिल का भुगतान किया कि नहीं, जानना भी गुनाह है।1
- हाथरस के सासनी क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली खाद बनाने वाले एक गोदाम पर छापा मारा। जिलाधिकारी अतुल वत्स को मिली गोपनीय सूचना पर एसडीएम नीरज शर्मा, जिला कृषि अधिकारी और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। छापेमारी में सरकारी सब्सिडी वाली खाद की बोरियां, नामी कंपनियों के खाली पैकेट और भारी मात्रा में केमिकल बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि सरकारी खाद में केमिकल मिलाकर उसे ब्रांडेड बोरियों में पैक कर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। कार्रवाई से पहले एक ट्रक माल मौके से निकल चुका था। प्रशासन ने गोदाम को सील कर नमूने जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। डीएम ने सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सब्सिडी वाली खाद अवैध कारोबारियों तक कैसे पहुंची।1
- थाना कोतवाली नगर पुलिस ने एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार, कब्जे से 870 ग्राम नशीला पदार्थ (गांजा) बरामद। पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के आदेशानुसार अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी एवं तस्करी के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर के निकट पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान कार्यवाही करते हुए 01 अभियुक्त को बम्बा पटरी सडक के पास आशीर्वाद कालोनी के पास से गिरफ्तार किया गया है। जिसके कब्जे से 870 ग्राम नशीला पदार्थ (गांजा) बरामद हुआ है । अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं बरामदगी के सम्बन्ध में थाना कोतवाली नगर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है । *नाम व पता गिरफ्तार अभियुक्त*- पृथ्वीराज चौहान उर्फ नानू पुत्र कुलभूषण चौहान निवासी विद्यापति नगर थाना कोतवाली नगर जनपद हाथरस । *बरामदगी का विवरण*- 870 ग्राम नशीला पदार्थ (गांजा) । *पंजीकृत अभियोग* मु0अ0स0 65/2025 धारा 08/20 NDPS ACT थाना कोतवाली नगर जनपद हाथरस । *आपराधिक इतिहास अभियुक्त पृथ्वीराज चौहान उर्फ नानू उपरोक्त-* मु0अ0सं0 394/2025 धारा 115(2)/352/76 बीएनएस थाना कोतवाली नगर हाथरस जनपद हाथरस । *गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के नाम*– प्रभारी निरीक्षक सतेन्द्र सिंह राघव थाना कोतवाली नगर मय टीम जनपद हाथरस2