पटियाला के गांव खेड़की में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक माँ ने अपनी ही 21 महीने की मासूम बेटी के पेट में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना में बेटी का खून देखकर दादा बिलख उठा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची के पिता के बयान के आधार पर उसकी माँ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। राम नगर पुलिस पोस्ट इंचार्ज और केस के जांच अधिकारी पवित्र सिंह के अनुसार, मृतका बच्ची परनीत कौर के पिता हरप्रीत सिंह निवासी गांव खेड़की ने बताया कि उनकी शादी साल 2023 में लवप्रीत कौर निवासी गांव बड़वा, थानेसर, जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से हुई थी, जिनसे उन्हें परनीत कौर नाम की करीब 21 महीने की बेटी थी। हरप्रीत ने पुलिस को यह भी बताया कि उनकी पत्नी लवप्रीत कौर डिप्रेशन में रहती थी और उसका इलाज पटियाला से चल रहा था। हाल ही में ससुराल वालों ने उसकी दवा चंडीगढ़ पीजीआई से ली थी। वारदात के दिन लवप्रीत के भाई खुशप्रीत सिंह, उसे और बेटी को छोड़ने आए थे और रात में उनके साथ ही रुके थे।
पटियाला के गांव खेड़की में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक माँ ने अपनी ही 21 महीने की मासूम बेटी के पेट में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना में बेटी का खून देखकर दादा बिलख उठा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची के पिता के बयान के आधार पर उसकी माँ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। राम नगर पुलिस पोस्ट इंचार्ज और केस के जांच अधिकारी पवित्र सिंह के अनुसार, मृतका बच्ची परनीत कौर के पिता हरप्रीत सिंह निवासी गांव खेड़की ने बताया कि उनकी शादी साल 2023 में लवप्रीत कौर निवासी गांव बड़वा, थानेसर, जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से हुई थी, जिनसे उन्हें परनीत कौर नाम की करीब 21 महीने की बेटी थी। हरप्रीत ने पुलिस को यह भी बताया कि उनकी पत्नी लवप्रीत कौर डिप्रेशन में रहती थी और उसका इलाज पटियाला से चल रहा था। हाल ही में ससुराल वालों ने उसकी दवा चंडीगढ़ पीजीआई से ली थी। वारदात के दिन लवप्रीत के भाई खुशप्रीत सिंह, उसे और बेटी को छोड़ने आए थे और रात में उनके साथ ही रुके थे।
- पटियाला के गांव खेड़की में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक माँ ने अपनी ही 21 महीने की मासूम बेटी के पेट में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना में बेटी का खून देखकर दादा बिलख उठा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची के पिता के बयान के आधार पर उसकी माँ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। राम नगर पुलिस पोस्ट इंचार्ज और केस के जांच अधिकारी पवित्र सिंह के अनुसार, मृतका बच्ची परनीत कौर के पिता हरप्रीत सिंह निवासी गांव खेड़की ने बताया कि उनकी शादी साल 2023 में लवप्रीत कौर निवासी गांव बड़वा, थानेसर, जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से हुई थी, जिनसे उन्हें परनीत कौर नाम की करीब 21 महीने की बेटी थी। हरप्रीत ने पुलिस को यह भी बताया कि उनकी पत्नी लवप्रीत कौर डिप्रेशन में रहती थी और उसका इलाज पटियाला से चल रहा था। हाल ही में ससुराल वालों ने उसकी दवा चंडीगढ़ पीजीआई से ली थी। वारदात के दिन लवप्रीत के भाई खुशप्रीत सिंह, उसे और बेटी को छोड़ने आए थे और रात में उनके साथ ही रुके थे।1
- गिरिडीह जिले के पपरवाटांड़ में स्थानीय खिलाड़ियों ने सरकार से एक खेल मैदान का निर्माण कराने की मांग उठाई है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल मैदान के अभाव के चलते उन्हें क्रिकेट खेलने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- देवघर जिला के मारगोमुण्डा थाना परिसर में रविवार को ईद उल अजहा पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी शशि कपूर ने की, जिसमें प्रखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक के दौरान, उपस्थित सभी सदस्यों ने ईद उल अजहा के पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस चर्चा का मुख्य बिंदु यह था कि पर्व को आपसी शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। अंत में, सभी से त्योहार को भाईचारे और शांति के साथ मनाने की अपील की गई।1
- गिरिडीह के डुमरी प्रखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल झरना गांव आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी पेयजल सुविधा से वंचित है। गांव में न तो कोई चापाकल चालू है और न ही नल-जल योजना का लाभ पहुँचा है, जिसके कारण ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए रोज तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्ते से जंगल के बीच स्थित लगभग 10 फीट गहरी डांडी से पानी लाना पड़ता है। सिर पर पानी ढोकर घर पहुँचना उनकी रोज़ की मजबूरी बन गई है, और यदि रात में पानी खत्म हो जाए, तो जंगल के डर से डांडी जाना और भी मुश्किल हो जाता है। इस भीषण जल संकट का असर ग्रामीणों के सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है; शादी-विवाह के मौकों पर टैंकर मंगवाने पड़ते हैं, और टैंकर न मिलने पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी की किल्लत के कारण गांव में रिश्ते तक नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि लोग रिश्तेदारी देखने आते हैं, लेकिन हालात देखकर वापस लौट जाते हैं। ग्रामीण अर्जुन मांझी ने बताया कि महिलाओं को नहाने और पानी भरने के लिए जंगल जाना पड़ता है, जिससे उन्हें डर लगता है। पंचायत समिति सदस्य सत्यनारायण महतो ने इस समस्या के समाधान के लिए विभाग को कई बार सूचित करने का दावा किया है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। उन्होंने सुझाव दिया है कि डांडी से ही पानी की आपूर्ति कर ग्रामीणों को राहत दी जा सकती है। वहीं, ग्रामीण रामु मुर्मू ने सरकार से जल्द से जल्द पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHD) के जेई जयप्रकाश यादव के अनुसार, पाँच साल पहले गांव में बोरिंग कराई गई थी, लेकिन 300 फीट पर भी पानी नहीं निकला, जिसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। हालांकि, गांव को मैया सम्मान योजना, आवास और पेंशन जैसी अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन पेयजल की समस्या अभी भी सबसे बड़ी बनी हुई है।4
- करमाटांड़ थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक हाल ही में संपन्न हुई। इस बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।1
- परिवहन सचिव राजीव रंजन ने आज बोकारो परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें खुद कार्यालय खोजने में काफी समय लगा, जिसे उन्होंने खेद का विषय बताया। सचिव ने इस पर चिंता व्यक्त की कि यदि उन्हें ही कार्यालय ढूंढने में इतनी परेशानी हुई, तो आम जनता कैसे वहां पहुंच पाती होगी। उन्होंने बोकारो परिवहन कार्यालय की मौजूदा स्थिति को बेहद खराब करार दिया। राजीव रंजन ने कहा कि परिवहन सचिव बनने के बाद उन्होंने जिस तरह के परिवहन कार्यालय की परिकल्पना की थी, बोकारो कार्यालय उस पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने बोकारो डीसी को पूरे मामले की जानकारी दी और जल्द से जल्द इस परिवहन कार्यालय को ऐसी जगह स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, जो आम जनता की पहुंच में हो, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- दैनिक भास्कर के पत्रकार सुभाष बर्णवाल की दिवंगत पत्नी नीलम बर्णवाल का बीते 17 मई को विद्युत स्पर्शघात से निधन हो गया था। मृतका नीलम बर्णवाल पतंजलि योग समिति चंद्रपुरा की योगा शिक्षक थीं और गायत्री परिवार से भी जुड़ी हुई थीं। चंद्रपुरा के पत्रकारों ने चंद्रपुरा हिंदी साहित्य परिषद में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता दैनिक जागरण के पत्रकार महावीर महतो ने की, जबकि हिंदुस्तान के पत्रकार शैलेश सुमन ने इसका संचालन किया। उपस्थित पत्रकारों ने स्व. नीलम बर्णवाल के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर एक मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर पत्रकार अरविंद शर्मा, राकेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, राजू सिंह, भाष्कर कुमार, मनमीत कुमार, सतेन्द्र गिरी, चुरामन ठाकुर सहित कई अन्य पत्रकार शामिल हुए।1
- तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में गठित नई सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सरकारी प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी लाने के उद्देश्य से भ्रष्टाचार-विरोधी विभाग को मजबूत किया गया है। इसके तहत एक साहसी नई प्रोत्साहन योजना की आधिकारिक घोषणा की गई है, जिसके तहत रिश्वत की शिकायत करने वालों को नकद इनाम दिया जाएगा। इस नई नीति के अंतर्गत, यदि किसी भी सरकारी विभाग में लोगों से रिश्वत मांगी जाती है, भले ही वह राशि 1000 रुपये जितनी कम हो, तो उन्हें सबूतों के साथ बेझिझक शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट घोषणा की है कि जो लोग रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराएंगे, उन्हें 100,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, थलपति विजय की TVK सरकार ने एक समर्पित 24-घंटे की टोल-फ्री हेल्पलाइन, 1800 425 1555, भी शुरू की है। इस फैसले का मकसद सरकारी कार्यालयों से भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करने में जनता को सक्रिय रूप से शामिल करना है, और यह वर्तमान में पूरे देश में गरमागरम बहस का विषय बन गया है। दरअसल, TVK सरकार अपने चुनावी अभियान के दौरान किए गए हर एक वादे को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। अभियान के दौरान ही यह घोषणा की गई थी कि यदि वे सत्ता में आते हैं, तो वे आधार कार्ड की तरह ही एक तमिलनाडु नागरिकता कार्ड जारी करेंगे। इस कार्ड में हर परिवार के बारे में विस्तृत जानकारी होगी। इस कार्ड के माध्यम से लोग जन्म से ही एक वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित तरीके से सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सीधे अपने दरवाजे पर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें विशेष अधिकारों के लिए आवेदन करने या रिश्वत देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।1