फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव पिथनापुर के मजरा कोटियापुर में शुक्रवार देर रात आयोजित एक नामकरण संस्कार समारोह अचानक मातम में बदल गया। जश्न और डीजे की धुन के बीच हुई कथित हर्ष फायरिंग में दो युवकों को गोली लग गई, जिससे वे घायल हो गए। इस घटना के बाद समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई और पूरे गांव में सनसनी के साथ दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राममूर्ति के यहां पुत्र जन्म के उपलक्ष्य में यह नामकरण संस्कार आयोजित किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि समारोह के दौरान राजीव नामक एक युवक ने कथित तौर पर अवैध तमंचे से हर्ष फायरिंग कर दी। इसी फायरिंग में टेंट व्यवसायी वीरेंद्र (35), जो कल्लू प्रसाद के पुत्र हैं, अपने साथी मुकेश (25), जो बड़े लल्ला के पुत्र हैं, के साथ भोजन कर रहे थे। फायरिंग के दौरान एक गोली वीरेंद्र के हाथ में लगी, और उसी गोली से मुकेश भी घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और महिलाएं व बच्चे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही अमृतपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायल युवकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात तक डीजे के तेज शोर, नशे के माहौल और अवैध तमंचों के खुले इस्तेमाल ने इस गंभीर घटना को जन्म दिया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है, और फायरिंग करने वाले आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद खुशी के आयोजनों में हर्ष फायरिंग का यह सिलसिला आखिर कब तक जारी रहेगा।
फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव पिथनापुर के मजरा कोटियापुर में शुक्रवार देर रात आयोजित एक नामकरण संस्कार समारोह अचानक मातम में बदल गया। जश्न और डीजे की धुन के बीच हुई कथित हर्ष फायरिंग में दो युवकों को गोली लग गई, जिससे वे घायल हो गए। इस घटना के बाद समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई और पूरे गांव में सनसनी के साथ दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राममूर्ति के यहां पुत्र जन्म के उपलक्ष्य में यह नामकरण संस्कार आयोजित किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि समारोह के दौरान राजीव नामक एक युवक ने कथित तौर पर अवैध तमंचे से हर्ष फायरिंग कर दी। इसी फायरिंग में टेंट व्यवसायी वीरेंद्र (35), जो कल्लू प्रसाद के पुत्र हैं, अपने साथी मुकेश (25), जो बड़े लल्ला के पुत्र हैं, के साथ भोजन कर रहे थे। फायरिंग के दौरान एक गोली वीरेंद्र के हाथ में लगी, और उसी गोली
से मुकेश भी घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और महिलाएं व बच्चे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही अमृतपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायल युवकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात तक डीजे के तेज शोर, नशे के माहौल और अवैध तमंचों के खुले इस्तेमाल ने इस गंभीर घटना को जन्म दिया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है, और फायरिंग करने वाले आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद खुशी के आयोजनों में हर्ष फायरिंग का यह सिलसिला आखिर कब तक जारी रहेगा।
- शनिवार सुबह फर्रुखाबाद के राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय हड़कंप मच गया, जब डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया सुबह ठीक 7:55 बजे औचक निरीक्षण पर पहुँच गए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस निरीक्षण ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉ. कटारिया ने अस्पताल पहुँचते ही महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम और पूरे अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए, यह रेखांकित करते हुए कि मरीजों को साफ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण देना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले, जिस पर डॉ. कटारिया ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दो से तीन कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए और स्पष्ट चेतावनी दी कि समय पर उपस्थिति और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त, डिप्टी सीएमओ ने संस्थागत प्रसव कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रसव से जुड़े भुगतान मामलों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने और उसके बाद आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान पूरे करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र लाभार्थियों के अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जाने पर जोर दिया, स्वास्थ्य कर्मियों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए ताकि जरूरतमंद परिवारों तक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुँच सके। उन्होंने अस्पताल में भर्ती प्रसूता महिलाओं से भी बातचीत की और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली, चिकित्सा स्टाफ को प्रसूताओं की देखभाल, स्वच्छता और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न होने देने के निर्देश दिए। इस दौरान राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. परमीत राजपूत भी मौजूद रहे। औचक निरीक्षण के बाद पूरे दिन अस्पताल परिसर में कर्मचारियों के बीच चर्चा और सतर्कता का माहौल बना रहा।4
- फर्रुखाबाद में ताजिया रखे जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इस विरोध के तहत, एक संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ताजिया नहीं हटाए गए, तो वे सड़क जाम करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ भी आयोजित करेंगे। संगठन ने इस मामले पर आगे की गतिविधियों पर नज़र रखने का संकेत दिया है।1
- शनिवार को कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के गांव राजा रिजोला निवासी 40 वर्षीय उषा देवी की फर्रुखाबाद के कायमगंज में एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। उषा देवी अपने पुत्र अखिलेश के साथ बाइक से कायमगंज दवा लेने आ रही थीं, तभी कम्पिल क्षेत्र के पास खराब और ऊबड़-खाबड़ सड़क पर अचानक बाइक असंतुलित होकर उछल गई। इससे पीछे बैठी उषा देवी सड़क पर गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कायमगंज ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में खराब सड़क और तेज रफ्तार को इस हादसे का संभावित कारण बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति के कारण आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।1
- फर्रुखाबाद में पुलिस की टीम ने अवैध शराब बरामद की है।1
- आज जिलाधिकारी डॉ. अंकुरलधर द्वारा जनता वार्तालाप का आयोजन किया गया। इस दौरान संपूर्ण दिवस की जांच भी की गई। यह कार्यक्रम 20 जून, 226 को संपन्न हुआ।1
- ई-पंजीकरण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हुए अधिवक्ताओं, स्टांप विक्रेताओं और दस्तावेज लेखकों ने एकजुट होकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा है। उन्होंने इस व्यवस्था को 'काला कानून' बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। यह विरोध प्रदर्शन तहसील परिसर में हुआ, जहाँ अधिवक्ताओं ने नई रजिस्ट्री व्यवस्था में बदलाव के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ई-पंजीकरण प्रणाली उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर रही है और इससे हजारों लोगों के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि विधिक ज्ञान के अभाव के कारण नई व्यवस्था में त्रुटियां बढ़ेंगी, जिससे लोगों को परेशानी होगी। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ई-पंजीकरण आदेश को निरस्त नहीं किया गया, तो वे एक व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- एक एनसीसी शिविर में कैडेट्स को यातायात नियमों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।1
- फर्रुखाबाद में एक गली विवाद को लेकर एक विवाहिता से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1