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सरकारी धन की वाट लगा रहे अधिकारीगण, अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी की खुली पोल अधिकारियों की शह पर हो रही खुली लूट सरकारी धन की वाट लगा रहे अधिकारीगण, अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी की खुली पोल अधिकारियों की शह पर हो रही खुली लूट बिना मानक, बिना गुणवत्ता की सड़कें उड़ा रही धूल सीसी सड़क डालने के बाद नहीं होती तराई, न रोका जाता आवागमन इंटरलॉकिंग में घटिया सामग्री, सड़क पर फैली बालू-गिट्टी से हर पल खतरा #JalaunNews #UPPolice #RTIExpose #VIPSecurity #PoliceShortage #LawAndOrder #BreakingNews #Urai #GroundReport #PublicSafety #Accountability #HindiNews #CrimeNews #UPNews #SystemFailure #जालौन #उरई #भ्रष्टाचार #highlights उरई। नगर पालिका द्वारा शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के नाम पर चल रहे निर्माण कार्य में बड़ा खेल सामने आया है। एक तरफ योगी सरकार गली-गली, गांव-गांव, शहर-शहर सड़कों का जाल बिछाकर आम जनता के लिए रास्ता सुगम बनाने में करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रही है, वहीं कुछ दूषित मानसिकता के अधिकारी सरकार के धन की चपत लगाकर बंदरबांट कर रहे हैं। मामला इस वक्त निर्मित और निर्माणाधीन सड़कों एवं गलियों तथा नालियों के निर्माण में किए जा रहे घोटाले का है। घटिया निर्माण करके मानकों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी ऑफिस की कुर्सियों पर बैठकर मलाई छान रहे हैं। कोंच रोड सुहाग महल पर निर्मित पुल के उद्घाटन के बाद भी आज तक ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने वहां आसपास पड़ी शेष निर्माण सामग्री और धूल-कचरे को न उठवाया और न साफ करने की जहमत उठाई, जिससे हजारों लोगों को आवागमन के समय आंखों में महीन धूल से संक्रमण का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ सड़क पर दोपहिया वाहन अक्सर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं तथा लोग चोटिल हो रहे हैं। ऐसा ही एक कवरेज समाज कल्याण समाचार व उरई जालौन टाइम्स टीम ने धरातल पर जाकर स्टेशन रोड स्थित पंजाब बैंक के बगल वाली गली, वार्ड 23, मोहल्ला तुलसीनगर में किया। वहां देखा गया कि सीसी निर्माण में कम सीमेंट और खराब बालू से घटिया निर्माण किया गया है एवं शेष सड़क पर पहले से बनी सीसी सड़क को उखाड़ने के बाद इंटरलॉकिंग बिछा दी गई है, जबकि वहां बरसात के समय 12-15 इंच तक जलभराव की आम समस्या पहले से ही थी, जो नई सड़क बनने के बावजूद जस की तस बनी हुई है। उस गली में रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी कोचिंग व ट्यूशन पढ़ने देर-सवेर निकलते हैं, लेकिन जिम्मेदार ठेकेदार, संबंधित विभाग के जेई और ईओ/एक्सईएन ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए आज तक वहां पूरे रास्ते पड़े मलबे को नहीं हटाया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष और गुस्सा व्याप्त है। 📢 स्थानीय लोगों में आक्रोश निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ने गुणवत्ता से समझौता कर सिर्फ खानापूर्ति की है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ❗ बड़े सवाल❗ क्या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है घटिया निर्माण? क्या बिना गुणवत्ता जांच के ही हो गया भुगतान? हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन? मुहल्लेवालों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के बाद से आज तक न तो कोई देखभाल करने (पानी डालने) आया और न ही किसी ने मलबा हटवाया। इससे प्रतीत होता है कि सरकार के ‘सुंदर सड़क, सुंदर शहर’ के सपनों को कुछ अधिकारी और ठेकेदार पूरा होने से पहले ही पलीता लगा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि इंटरलॉकिंग में इस्तेमाल किए गए गुम्मों में सीमेंट की मात्रा बेहद कम है, जबकि बालू-डस्ट में मिट्टी की मात्रा अधिक मिलाई गई है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह निर्माण मानकों की खुली अनदेखी मानी जा रही है। शहर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली बर्बादी का मामला सामने आ रहा है। नगर पालिका के अधीन कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों में मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी से घटिया निर्माण कर जनता के पैसे पर खेल किया जा रहा है। 🚧 “मानक गायब, गुणवत्ता लापता” निर्माण कार्यों में न तो तय तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता की कोई जांच दिखाई देती है। कई स्थानों पर सीसी सड़क डालने के बाद जरूरी “तराई” (क्योरिंग) तक नहीं की जा रही, जिससे सड़क समय से पहले ही टूटने लगती है। इतना ही नहीं, निर्माण के दौरान आवागमन भी नहीं रोका जाता, जिससे ताज़ा सड़क पर ही भारी दबाव पड़ता है और उसकी मजबूती खत्म हो जाती है। 🚧 “सड़क नहीं, खतरे का मैदान” गली में जगह-जगह बालू और गिट्टी फैली हुई है, जिससे फिसलन बढ़ गई है। राहगीरों, खासकर बाइक सवारों के लिए यह रास्ता जानलेवा बन चुका है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। 🎒 स्कूली बच्चों की जान जोखिम में यह गली शहर की सबसे व्यस्त गलियों में से एक है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। ऐसे में लापरवाही भरा निर्माण कार्य बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ साबित हो रहा है। 💰 “अधिकारियों की शह पर लूट का खेल” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सब बिना अधिकारियों की जानकारी के संभव नहीं है। आरोप है कि जिम्मेदारों की शह पर ही ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और नियमों को ताक पर रखकर काम पूरा दिखाया जा रहा है। शहर में जल्द ही सिटी सेंटर के बगल वाली सड़क के नव-निर्माण की चर्चा भी जोर पकड़ रही है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों में संभावित घटिया निर्माण को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है।

2 hrs ago
user_Orai Jalaun Times
Orai Jalaun Times
Orai, Jalaun•
2 hrs ago

सरकारी धन की वाट लगा रहे अधिकारीगण, अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी की खुली पोल अधिकारियों की शह पर हो रही खुली लूट सरकारी धन की वाट लगा रहे अधिकारीगण, अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी की खुली पोल अधिकारियों की शह पर हो रही खुली लूट बिना मानक, बिना गुणवत्ता की सड़कें उड़ा रही धूल सीसी सड़क डालने के बाद नहीं होती तराई, न रोका जाता आवागमन इंटरलॉकिंग में घटिया सामग्री, सड़क पर फैली बालू-गिट्टी से हर पल खतरा #JalaunNews #UPPolice #RTIExpose #VIPSecurity #PoliceShortage #LawAndOrder #BreakingNews #Urai #GroundReport #PublicSafety #Accountability #HindiNews #CrimeNews #UPNews #SystemFailure #जालौन #उरई #भ्रष्टाचार #highlights उरई। नगर पालिका द्वारा शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के नाम पर चल रहे निर्माण कार्य में बड़ा खेल सामने आया है। एक तरफ योगी सरकार गली-गली, गांव-गांव, शहर-शहर सड़कों का जाल बिछाकर आम जनता के लिए रास्ता सुगम बनाने में करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रही है, वहीं कुछ दूषित मानसिकता के अधिकारी सरकार के धन की चपत लगाकर बंदरबांट कर रहे हैं। मामला इस वक्त निर्मित और निर्माणाधीन सड़कों एवं गलियों तथा नालियों के निर्माण में किए जा रहे घोटाले का है। घटिया निर्माण करके मानकों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी ऑफिस की कुर्सियों पर बैठकर मलाई छान रहे हैं। कोंच रोड सुहाग महल पर निर्मित पुल के उद्घाटन के बाद भी आज तक ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने वहां आसपास पड़ी शेष निर्माण सामग्री और धूल-कचरे को न उठवाया और न साफ करने की जहमत उठाई, जिससे हजारों लोगों को आवागमन के समय आंखों में महीन धूल से संक्रमण का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ सड़क पर दोपहिया वाहन अक्सर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं तथा लोग चोटिल हो रहे हैं। ऐसा ही एक कवरेज समाज कल्याण समाचार व उरई जालौन टाइम्स टीम ने धरातल पर जाकर स्टेशन रोड स्थित पंजाब बैंक के बगल वाली गली, वार्ड 23, मोहल्ला तुलसीनगर में किया। वहां देखा गया कि सीसी निर्माण में कम सीमेंट और खराब बालू से घटिया निर्माण किया गया है एवं शेष सड़क पर पहले से बनी सीसी सड़क को उखाड़ने के बाद इंटरलॉकिंग बिछा दी गई है, जबकि वहां बरसात के समय 12-15 इंच तक जलभराव की आम समस्या पहले से ही थी, जो नई सड़क बनने के बावजूद जस की तस बनी हुई है। उस गली में रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी कोचिंग व ट्यूशन पढ़ने देर-सवेर निकलते हैं, लेकिन जिम्मेदार ठेकेदार, संबंधित विभाग के जेई और ईओ/एक्सईएन ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए आज तक वहां पूरे रास्ते पड़े मलबे को नहीं हटाया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष और गुस्सा व्याप्त है। 📢 स्थानीय लोगों में आक्रोश निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ने गुणवत्ता से समझौता कर सिर्फ खानापूर्ति की है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ❗ बड़े सवाल❗ क्या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है घटिया निर्माण? क्या बिना गुणवत्ता जांच के ही हो गया भुगतान? हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन? मुहल्लेवालों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के बाद से आज तक न तो कोई देखभाल करने (पानी डालने) आया और न ही किसी ने मलबा हटवाया। इससे प्रतीत होता है कि सरकार के ‘सुंदर सड़क, सुंदर शहर’ के सपनों को कुछ अधिकारी और ठेकेदार पूरा होने से पहले ही पलीता लगा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि इंटरलॉकिंग में इस्तेमाल किए गए गुम्मों में सीमेंट की मात्रा बेहद कम है, जबकि बालू-डस्ट में मिट्टी की मात्रा अधिक मिलाई गई है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह निर्माण मानकों की खुली अनदेखी मानी जा रही है। शहर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली बर्बादी का मामला सामने आ रहा है। नगर पालिका के अधीन कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों में मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी से घटिया निर्माण कर जनता के पैसे पर खेल किया जा रहा है। 🚧 “मानक गायब, गुणवत्ता लापता” निर्माण कार्यों में न तो तय तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता की कोई जांच दिखाई देती है। कई स्थानों पर सीसी सड़क डालने के बाद जरूरी “तराई” (क्योरिंग) तक नहीं की जा रही, जिससे सड़क समय से पहले ही टूटने लगती है। इतना ही नहीं, निर्माण के दौरान आवागमन भी नहीं रोका जाता, जिससे ताज़ा सड़क पर ही भारी दबाव पड़ता है और उसकी मजबूती खत्म हो जाती है। 🚧 “सड़क नहीं, खतरे का मैदान” गली में जगह-जगह बालू और गिट्टी फैली हुई है, जिससे फिसलन बढ़ गई है। राहगीरों, खासकर बाइक सवारों के लिए यह रास्ता जानलेवा बन चुका है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। 🎒 स्कूली बच्चों की जान जोखिम में यह गली शहर की सबसे व्यस्त गलियों में से एक है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। ऐसे में लापरवाही भरा निर्माण कार्य बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ साबित हो रहा है। 💰 “अधिकारियों की शह पर लूट का खेल” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सब बिना अधिकारियों की जानकारी के संभव नहीं है। आरोप है कि जिम्मेदारों की शह पर ही ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और नियमों को ताक पर रखकर काम पूरा दिखाया जा रहा है। शहर में जल्द ही सिटी सेंटर के बगल वाली सड़क के नव-निर्माण की चर्चा भी जोर पकड़ रही है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों में संभावित घटिया निर्माण को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है।

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    सरकारी धन की वाट लगा रहे अधिकारीगण, अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी की खुली पोल
अधिकारियों की शह पर हो रही खुली लूट
बिना मानक, बिना गुणवत्ता की सड़कें उड़ा रही धूल
सीसी सड़क डालने के बाद नहीं होती तराई, न रोका जाता आवागमन
इंटरलॉकिंग में घटिया सामग्री, सड़क पर फैली बालू-गिट्टी से हर पल खतरा
#JalaunNews #UPPolice #RTIExpose #VIPSecurity
#PoliceShortage #LawAndOrder #BreakingNews
#Urai #GroundReport #PublicSafety #Accountability #HindiNews #CrimeNews
#UPNews #SystemFailure #जालौन #उरई #भ्रष्टाचार #highlights  
उरई। नगर पालिका द्वारा शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के नाम पर चल रहे निर्माण कार्य में बड़ा खेल सामने आया है। एक तरफ योगी सरकार गली-गली, गांव-गांव, शहर-शहर सड़कों का जाल बिछाकर आम जनता के लिए रास्ता सुगम बनाने में करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रही है, वहीं कुछ दूषित मानसिकता के अधिकारी सरकार के धन की चपत लगाकर बंदरबांट कर रहे हैं।
मामला इस वक्त निर्मित और निर्माणाधीन सड़कों एवं गलियों तथा नालियों के निर्माण में किए जा रहे घोटाले का है। घटिया निर्माण करके मानकों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी ऑफिस की कुर्सियों पर बैठकर मलाई छान रहे हैं।
कोंच रोड सुहाग महल पर निर्मित पुल के उद्घाटन के बाद भी आज तक ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने वहां आसपास पड़ी शेष निर्माण सामग्री और धूल-कचरे को न उठवाया और न साफ करने की जहमत उठाई, जिससे हजारों लोगों को आवागमन के समय आंखों में महीन धूल से संक्रमण का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ सड़क पर दोपहिया वाहन अक्सर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं तथा लोग चोटिल हो रहे हैं।
ऐसा ही एक कवरेज समाज कल्याण समाचार व उरई जालौन टाइम्स टीम ने धरातल पर जाकर स्टेशन रोड स्थित पंजाब बैंक के बगल वाली गली, वार्ड 23, मोहल्ला तुलसीनगर में किया। वहां देखा गया कि सीसी निर्माण में कम सीमेंट और खराब बालू से घटिया निर्माण किया गया है एवं शेष सड़क पर पहले से बनी सीसी सड़क को उखाड़ने के बाद इंटरलॉकिंग बिछा दी गई है, जबकि वहां बरसात के समय 12-15 इंच तक जलभराव की आम समस्या पहले से ही थी, जो नई सड़क बनने के बावजूद जस की तस बनी हुई है।
उस गली में रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी कोचिंग व ट्यूशन पढ़ने देर-सवेर निकलते हैं, लेकिन जिम्मेदार ठेकेदार, संबंधित विभाग के जेई और ईओ/एक्सईएन ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए आज तक वहां पूरे रास्ते पड़े मलबे को नहीं हटाया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष और गुस्सा व्याप्त है।
📢 स्थानीय लोगों में आक्रोश
निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ने गुणवत्ता से समझौता कर सिर्फ खानापूर्ति की है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
❗ बड़े सवाल❗ 
क्या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है घटिया निर्माण?
क्या बिना गुणवत्ता जांच के ही हो गया भुगतान?
हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?
मुहल्लेवालों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के बाद से आज तक न तो कोई देखभाल करने (पानी डालने) आया और न ही किसी ने मलबा हटवाया। इससे प्रतीत होता है कि सरकार के ‘सुंदर सड़क, सुंदर शहर’ के सपनों को कुछ अधिकारी और ठेकेदार पूरा होने से पहले ही पलीता लगा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि इंटरलॉकिंग में इस्तेमाल किए गए गुम्मों में सीमेंट की मात्रा बेहद कम है, जबकि बालू-डस्ट में मिट्टी की मात्रा अधिक मिलाई गई है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह निर्माण मानकों की खुली अनदेखी मानी जा रही है।
शहर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली बर्बादी का मामला सामने आ रहा है। नगर पालिका के अधीन कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों में मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी-ठेकेदार की जुगलबंदी से घटिया निर्माण कर जनता के पैसे पर खेल किया जा रहा है।
🚧 “मानक गायब, गुणवत्ता लापता”
निर्माण कार्यों में न तो तय तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता की कोई जांच दिखाई देती है। कई स्थानों पर सीसी सड़क डालने के बाद जरूरी “तराई” (क्योरिंग) तक नहीं की जा रही, जिससे सड़क समय से पहले ही टूटने लगती है। इतना ही नहीं, निर्माण के दौरान आवागमन भी नहीं रोका जाता, जिससे ताज़ा सड़क पर ही भारी दबाव पड़ता है और उसकी मजबूती खत्म हो जाती है।
🚧 “सड़क नहीं, खतरे का मैदान”
गली में जगह-जगह बालू और गिट्टी फैली हुई है, जिससे फिसलन बढ़ गई है। राहगीरों, खासकर बाइक सवारों के लिए यह रास्ता जानलेवा बन चुका है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
🎒 स्कूली बच्चों की जान जोखिम में
यह गली शहर की सबसे व्यस्त गलियों में से एक है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। ऐसे में लापरवाही भरा निर्माण कार्य बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ साबित हो रहा है।
💰 “अधिकारियों की शह पर लूट का खेल”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सब बिना अधिकारियों की जानकारी के संभव नहीं है। आरोप है कि जिम्मेदारों की शह पर ही ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और नियमों को ताक पर रखकर काम पूरा दिखाया जा रहा है।
शहर में जल्द ही सिटी सेंटर के बगल वाली सड़क के नव-निर्माण की चर्चा भी जोर पकड़ रही है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों में संभावित घटिया निर्माण को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है।
    user_Orai Jalaun Times
    Orai Jalaun Times
    Orai, Jalaun•
    2 hrs ago
  • उरई के अर्चना टाकीज मे धुरंन्दर मूवी का शाम 9:30 का शो हुआ कैंसिल धुरंदर मूवी का शो कैंसल करने पर अर्चना टॉकीज में हो रहा बवाल शो कैंसिल करने पर लोग मांग रहे पैसा, मालिक दें रहे 24 घंटे मे रिफंड का हवाला, जबकि बुक माय शो मे नहीं अ रहा कोई नोटिफिकेशन बुक माइ शो पर शो चल रहा, नहीं आ रहा कोई कैसिलेशन का ऑप्शन डायल हंड्रेड लोगों क़ो समझाने मे जुटी दूर दूर रहे आये युवा सिनेमा प्रेमी, सुबह भी कई लोगों ने करी थी अर्चना सिनेमा की शिकायत, अभद्रता और ईगो से करते है स्टॉफ के लोग बात चीत, खाद्य सामग्री भी दी जा रही रेट से मेंहगी और बिना प्रामाणिक,
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    उरई के अर्चना टाकीज मे धुरंन्दर मूवी का शाम 9:30 का शो हुआ कैंसिल 
धुरंदर मूवी का शो कैंसल करने पर अर्चना टॉकीज में हो रहा बवाल 
शो कैंसिल करने पर लोग मांग रहे पैसा, मालिक दें रहे 24 घंटे मे रिफंड का हवाला, जबकि बुक माय शो मे नहीं अ रहा कोई नोटिफिकेशन 
बुक माइ शो पर शो चल रहा, नहीं आ रहा कोई कैसिलेशन का ऑप्शन 
डायल हंड्रेड लोगों क़ो समझाने मे जुटी 
दूर दूर रहे आये युवा सिनेमा प्रेमी, 
सुबह भी कई लोगों ने करी थी अर्चना सिनेमा की शिकायत,
अभद्रता और ईगो से करते है स्टॉफ के लोग बात चीत,
खाद्य सामग्री भी दी जा रही रेट से मेंहगी और बिना प्रामाणिक,
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उरई, जालौन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद कालपी रोड स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता करते हुए दीपशिखा श्रीवास ने अपने फैसले को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर दिलाना है। उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी ही वह मंच है जहां महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों की आवाज को सही मायनों में सुना जाता है। दीपशिखा ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सबसे बड़ी चुनौती है, और सपा की नीतियां इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम करती हैं। उन्होंने पार्टी के पीडीए—यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक—फॉर्मूले को सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत पहल बताया। दीपशिखा श्रीवास ने बताया कि वह पहले आम आदमी पार्टी में बुंदेलखंड प्रभारी रह चुकी हैं और 2022 में उरई-जालौन सदर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर 2027 में प्रदेश में सरकार बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत, प्रदेश सचिव रश्मि पाल, महिला मंच की जिलाध्यक्ष कुसुम सक्सेना सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    उरई, जालौन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की।
इसके बाद कालपी रोड स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता करते हुए दीपशिखा श्रीवास ने अपने फैसले को लेकर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर दिलाना है। उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी ही वह मंच है जहां महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों की आवाज को सही मायनों में सुना जाता है।
दीपशिखा ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सबसे बड़ी चुनौती है, और सपा की नीतियां इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम करती हैं।
उन्होंने पार्टी के पीडीए—यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक—फॉर्मूले को सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत पहल बताया।
दीपशिखा श्रीवास ने बताया कि वह पहले आम आदमी पार्टी में बुंदेलखंड प्रभारी रह चुकी हैं और 2022 में उरई-जालौन सदर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
अब उनका लक्ष्य समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर 2027 में प्रदेश में सरकार बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।
इस मौके पर पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत, प्रदेश सचिव रश्मि पाल, महिला मंच की जिलाध्यक्ष कुसुम सक्सेना सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाये रखने हेतु जिला अस्पताल महिला व राजकीय मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण* *मरीजों से संवाद कर परखी व्यवस्थाएं, दवा उपलब्धता पर संतोष; मेडिकल कॉलेज में स्वच्छता सुधार के सख्त निर्देश* जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला अस्पताल (महिला) एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी तथा विभिन्न वार्डों का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकांश मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल से ही दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा उपचार संतोषजनक ढंग से मिल रहा है। जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, व्यवस्था एवं अनुशासन को और बेहतर बनाया जाए, ताकि मरीजों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके। विशेष रूप से राजकीय मेडिकल कॉलेज में साफ-सफाई की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करें।
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    *स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाये रखने हेतु जिला अस्पताल महिला व राजकीय मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण* 
*मरीजों से संवाद कर परखी व्यवस्थाएं, दवा उपलब्धता पर संतोष; मेडिकल कॉलेज में स्वच्छता सुधार के सख्त निर्देश* 
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला अस्पताल (महिला) एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी तथा विभिन्न वार्डों का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकांश मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल से ही दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा उपचार संतोषजनक ढंग से मिल रहा है। जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, व्यवस्था एवं अनुशासन को और बेहतर बनाया जाए, ताकि मरीजों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके। विशेष रूप से राजकीय मेडिकल कॉलेज में साफ-सफाई की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करें।
    user_रोहितसोनी पत्रकार
    रोहितसोनी पत्रकार
    Court reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • थाना रुरा पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में वांछित अभियुक्त रामविलास पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम भटौली थाना रुरा थाना जनपद कानपुर देहात को ग्राम तिगाई से गिरफ्तार किया।वहीं थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त पर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई।
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    थाना रुरा पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में वांछित अभियुक्त रामविलास पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम भटौली थाना रुरा थाना जनपद कानपुर देहात को ग्राम तिगाई से गिरफ्तार किया।वहीं थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त पर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Bheem rajawat 9628800458
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    Post by Bheem rajawat 9628800458
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Kantola Seeds available watsapp no 7268065004
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    Kantola Seeds available 
watsapp no 
7268065004
    user_User9634
    User9634
    Grain Shop Jalaun, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • रामपुरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ी लापरवाही रामपुरा (जालौन) में चल रहे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भारी अनियमितता सामने आई है। नवविवाहित जोड़ों को दिए गए मिठाई के डिब्बों में फफूंदी और खराब सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि विकास खंड के कर्मचारियों ने पूरे कार्यक्रम को केवल औपचारिकता में निपटा दिया। इतना ही नहीं, भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई, जिससे वर-वधू और उनके परिजनों में नाराजगी फैल गई। इस घटना से सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। 👉 फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
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    रामपुरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ी लापरवाही
रामपुरा (जालौन) में चल रहे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भारी अनियमितता सामने आई है। नवविवाहित जोड़ों को दिए गए मिठाई के डिब्बों में फफूंदी और खराब सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि विकास खंड के कर्मचारियों ने पूरे कार्यक्रम को केवल औपचारिकता में निपटा दिया। इतना ही नहीं, भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई, जिससे वर-वधू और उनके परिजनों में नाराजगी फैल गई।
इस घटना से सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
👉 फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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