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बांदा शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। यहाँ रहने वाले लोग पिछले 15 दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं।
Surash Sahu
बांदा शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। यहाँ रहने वाले लोग पिछले 15 दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं।
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- बांदा में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बांदा शहर के बाबूलाल चौराहे से महेश्वरी देवी मंदिर तक विरोध मार्च निकाला गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव की रिहाई की मांग उठाई और सरकार के खिलाफ विरोधी नारे लगाए।1
- बांदा में पुलिस कप्तान के आदेश पर बिसंडा पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक शोषण करने के मामले में रेप का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, इस मामले में आरोपी की अरेस्टिंग न होने से परेशान पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) से गुहार लगाई है। पीड़िता ने वर्तमान विवेचक श्याम बहादुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मामले में ढीला रवैया दिखा रहे हैं और आरोपी के घर चाय-पानी कर रहे हैं। विवेचक की इस कार्यशैली से नाराज पीड़िता ने एसपी से जांच अधिकारी बदलने और जिले के किसी दूसरे पुलिस अधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की है।4
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- उत्तर प्रदेश के बांदा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है" जैसे नारे भी लगाए। छात्रों के इस प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था और हालिया विवादों की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई। इसके बाद छात्रों ने प्रशासन को अपना ज्ञापन सौंपकर इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।1
- 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जनता का गुस्सा देखने को मिलेगा। महताब खान के संदर्भ में दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन में लोगों का आक्रोश और आंदोलन सामने आने की बात कही गई है।1
- "जब तक किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा" और "किसान अन्न का दाता है, फिर भी पीटा जाता है" जैसे गगनभेदी नारों के साथ उत्तर प्रदेश के बांदा में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली, फसलों के उचित मूल्य और किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी आवाज उठाई और ठोस कदम उठाने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि अन्न पैदा करने वाला देश का किसान यदि सुरक्षित और सम्मानित नहीं होगा, तो इसका सीधा असर देश की खाद्य व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता से विचार करने की अपील की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर किसान हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- बांदा के पंडित जे एन डिग्री कॉलेज मैदान में छात्रों ने दिल्ली में हुए लाठी चार्ज के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें धमकी दी। छात्रों ने पुलिस पर गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, सामने आए एक वीडियो में भी पुलिस छात्रों को धमकाती हुई नजर आ रही है।3
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आंदोलित छात्र बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन पहुँच गए हैं। संसद भवन पहुँचने से पहले पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद आंदोलित छात्रों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और संसद भवन तक पहुँच गए।1